India Progress Charge: रेटिंग एजेंसी मूडीज का अनुमान, 6.6 फीसदी रहेगी भारत की विकास दर
Moody’s ने संभावना जताई है कि वित्त वर्ष 2023-24 में अर्थव्यवस्था में 8 फीसदी की तेजी की दर से ग्रोथ हो सकती है।
By Sandeep Chourey
Publish Date: Wed, 15 Might 2024 11:15:49 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 15 Might 2024 11:15:49 AM (IST)
HighLights
- दुनिया के सभी देशों की नजर भारत के विकास पर है।
- चालू वित्त वर्ष में भारत की इकोनॉमी ग्रोथ 6.6 फीसदी की तेजी से आगे बढ़ सकती है।
- क्रेडिट डिमांड में तेजी और NBFC सेक्टर में तेजी आने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी आ सकती है।
पीटीआई, नई दिल्ली। दुनियाभर के बड़े देशों में अर्थव्यवस्था में गिरावट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चालू वित्त वर्ष शानदार होगा। यही कारण है कि दुनिया के सभी देशों की नजर भारत के विकास पर है। इस बीच इकोनॉमी ग्रोथ पर नजर रखने वाली ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की इकोनॉमी ग्रोथ 6.6 फीसदी की तेजी से आगे बढ़ सकती है। Moody’s की ओर से कहा गया है कि क्रेडिट डिमांड में तेजी और NBFC सेक्टर में तेजी आने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी आ सकती है।
भारतीय इकोनॉमी की ग्रोथ
Moody’s रेटिंग्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष के आखिर में देश की अर्थव्यवस्था 6.6 फीसदी और आगामी वित्त वर्ष में देश की इकोनॉमी 6.2 प्रतिशत से आगे बढ़ेगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि NBFC और क्रेडिट ग्रोथ के कारण अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। Moody’s ने संभावना जताई है कि वित्त वर्ष 2023-24 में अर्थव्यवस्था में 8 फीसदी की तेजी की दर से ग्रोथ हो सकती है। Moody’s ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को लेकर कहा कि व्यक्तिगत और कारोबारी लोन की बढ़ती मांग को पूरा करने में एनबीएफसी की भूमिका महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
IMF और World Financial institution ने दी ये प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद जताते हुए इसकी तारीफ की थी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने बीते वित्त वर्ष में ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। इसके अलावा विश्व बैंक ने संभावना जताई है कि बीते वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की विकास दर 7.5 फीसदी हो सकती है।


