बिलासपुर रेलवे में तितलियों की है अनोखी दुनिया

तितली चौक भले ही रेलवे वर्कशाप के किसी कर्मचारी द्वारा कबाड़ को जोड़कर तितली की आकृति बना देने और इस चौक पर रख देने के बाद पड़ा है, लेकिन इस स्थान पर आरंभ से पीले रंग की खास तिललियों की दुनिया भी रही है।

By Manoj Kumar Tiwari

Publish Date: Mon, 13 Might 2024 12:41:28 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 13 Might 2024 12:57:03 PM (IST)

फाइल फोटो

HighLights

  1. सड़कों पर राहगीरों को करती हैं रोमांचित
  2. तितली चौक के नाम यह स्थान है प्रसिद्ध
  3. बटर फ्लाई जोन, खुशियों का अहसास

तितलियों का संसार। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर का इतिहास 100 साल पुराना है। राष्ट्रीय स्तर पर इस जोन की प्रसिद्धि है। सबसे खास बात यह कि इस रेलवे कालोनी में तितलियों की एक अनोखी दुनिया है। जो यात्रियों को रोमांचित करने के साथ अन्य राहगीरों को रंगीन मखमली अहसास भी कराती है।

जोनल स्टेशन से जीएम कार्यालय जाने वाले मार्ग पर तितली चौक है। यह कोई आम चौक नहीं है। इस जगह की बात ही निराली है। यहां कोई पल भर भी ठहर जाए तो उसका मन प्रफुल्लित हो उठता है। यूं कहें कि इस शानदार खूबसूरत तितलियों के बीच रंगीन दुनिया नजर आने लगती है। हरे-भरे पेड़-पौधे, बड़े-बड़े वृक्ष और पानी।

पर्यावरण की दृष्टि से यह स्थान तितलियों का संसार है। रेलवे के 75 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी पीवी राजू का कहना है कि बिलासपुर में उन्हें रहते 50 साल से अधिक हो गए। तितली चौक भले ही रेलवे वर्कशाप के किसी कर्मचारी द्वारा कबाड़ को जोड़कर तितली की आकृति बना देने और इस चौक पर रख देने के बाद पड़ा है, लेकिन इस स्थान पर आरंभ से पीले रंग की खास तिललियों की दुनिया भी रही है। हमेशा बड़ी संख्या में उड़ते नजर आते हैं। मन को बहुत सुकून देता है। तापमान की दृष्टि से भी यह स्थान अलग है। शहर व रेलवे कालोनी के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस का अंतर बना रहता है। ठंडक व नमी महसूस होने के साथ यह प्रदूषण मुक्त स्थान है। इसलिए तितलियों का पसंदीदा स्थान माना जाता है।

तितलियों की विशेष होस्ट ट्री: डा. अजय

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के फारेस्ट्री विभाग में तितलियों पर शोध कर रहे विशेषज्ञ डा.अजय सिंह का कहना है कि तितलियां हमेशा विशेष पर्यावरणीय स्थान पर ही रहती हैं। आसपास वातावरण अनुकूल होने पर अपना रहवास चुनती हैं। रेलवे कालोनी के उस स्थान पर हमने विजिट किया है, यहां उनका होस्ट ट्री है। यह काफी पुराना भी हो सकता है। जो भी यह एक सुखद और अच्छा संकेत हैं। तितलियां हर पेड़ पौधों पर अपने अंडे नहीं देतीं। परागण के लिए खास पौधों या वृक्ष के पत्तों को चुनती हैं।

बटर फ्लाई जोन, खुशियों का अहसास

जिला शिक्षा विभाग के एमआइएस प्रशासक अखिलेश मेहता रेलवे कालोनी में विगत 35 वर्षों से प्रतिदिन मार्निंग वाक पर निकलते हैं। तितलियों के झुंड को देख इनका मन खुशी से भर जाता है। वे कहते हैं कि हर दिन एक नई खुशियों का अहसास कराते हैं। तितलियों का पर्यावरण में होना शुभ सूचक है। रेलवे को तितलियां भी इसे बटर फ्लाई जोन के रूप में देखती है। तभी तो सब इसे देखने भी पहुंचते हैं।

  • ABOUT THE AUTHOR
    Author

    वर्ष 2010 में गुरु घासीदास विश्‍वविद्यालय, बिलासपुर से ग्रेजुएशन किया है। तत्पश्चात शिक्षा एवं कार्य को आगे बढ़ते हुए मैं दैनिक प्रजापति, इवनिंग टाइम्स एवं लोकस्वर में पत्रकारिता करियर की शुरुआत की 2012—13 मैंन

PM Modi Varanasi Go to Stay: PM मोदी BHU गेस्ट हाउस पहुंचे, विश्वनाथ कोरीडोर तक करेंगे रोड शो

LIVE BLOG

Up to date: Mon, 13 Could 2024 05:14:54 PM (IST)

Revealed: Mon, 13 Could 2024 05:13:29 PM (IST)

PM Modi Varanasi Visit Live: PM मोदी BHU गेस्ट हाउस पहुंचे, विश्वनाथ कोरीडोर तक करेंगे रोड शो
PM Modi UP Varanasi Roadshow: पीएम मोदी का रोड शो शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में रोड शो करने के लिए पहुंच गए हैं। पीएम मोदी का रोड शो 5 घंटे तक चलेगा। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इस रोड शो में 10 लाख लोगों लाने की तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी मंगलवार की सुबह 11 बजे वाराणसी से अपना नामांकन करेंगे।

PM narendra modi stay varanasi go to pm modi street present in uttar pradesh varanasi nominations will probably be announce for lok sabha chunav varanasi seat information in hindi

13 Could 2024

13 Could 20245 : 14 : 54 PM

पीएम मोदी ने वाराणसी में शुरू किया रोड शो, कल करेंगे नामांकन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रोड शो से पहले वाराणसी में पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी वाराणसी से मौजूदा सांसद और उम्मीदवार हैं। वह कल लोकसभा इलेक्शन के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। 

Preeti known as Manisha Koirala a powerhouse of expertise | प्रीति ने मनीषा कोइराला को बताया टैलेंट का पावर हाउस: डेब्यू फिल्म को याद कर कहा- आप मेरे लिए हमेशा हीरो रहेंगी

44 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ में एक्ट्रेस मनीषा कोइराला के अभिनय की खूब तारीफ हो रही है। एक्ट्रेस ने मल्लिकाजान की भूमिका में जान डाल दी है। हर कोई मनीषा कोइराला के किरदार की तारीफ कर रहा है। प्रीति जिंटा ने भी मनीषा कोइराला के काम की तारीफ करते हुए उन्हें टैलेंट का पॉवर हाउस बताया।

मनीषा कोइराला ने हाल ही में इंस्टाग्राम अपनी कुछ तस्वीरों शेयर की। जिस पर प्रीति जिंटा ने लिखा है- मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। आज मैंने आपका शो ‘हीरामंडी’ देखकर खत्म किया है। मैं आपसे यह कहना चाहती हूं कि आप टैलेंट की पॉवर हाउस हैं।

प्रीति जिंटा ने शाहरुख खान और मनीषा कोइराला के साथ फिल्म ‘दिल से’ डेब्यू किया था। इस फिल्म की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए मनीषा कोइराला के बारे में प्रीति लिखती हैं- आपने मुझे कभी महसूस ही नहीं होने दिया कि आप सुपरस्टार हैं और मैं न्यूकमर हूं। आप जितनी बेहतरीन कलाकार हैं,उससे भी ज्यादा बेहतरीन इंसान हैं। आपने जिस प्यार और उदारता से मुझे गले लगाकर मेरा स्वागत किया था वह क्षण आज भी मेरी यादों में एकदम ताजा है। आप मेरे लिए हमेशा हीरो रहेंगी।

वहीं, मनीषा कोइराला ने पोस्ट में लिखा है- मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी कि कैंसर और 50 साल की होने के बाद मेरी जिंदगी इस तरह से दूसरे पड़ाव पर पहुंच जाएगी और हीरामंडी करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। ओटीटी के आने से जिस तरह से बदलाव आया है,उस बदलते युग का हिस्सा बनकर खुद को भाग्यशाली समझती हूं।

Pet Journey Tips: यात्रा के दौरान साथ में ले जा रहे हैं पालतू पशु तो जानें क्या है रेलवे और एयरलाइन की गाइडलाइन

ट्रेन में सफर से पहले पालतू पशु का वैक्सीनेशन करना भी अनिवार्य है। आप बगैर वैक्सीन लगवाए डॉग या बिल्ली को साथ नहीं ले सकते हैं।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Mon, 13 Might 2024 09:06:06 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 13 Might 2024 11:10:07 AM (IST)

यह आवेदन आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से दे सकते हैं।

HighLights

  1. कुत्ते-बिल्ली को सिर्फ फर्स्ट-AC में 2 बर्थ या 4 बर्थ वाले कूप में ही लेकर जा सकते हैं।
  2. यात्रा से पहले ही अपनी बर्थ बुक करना होगी।
  3. स्टेशन के चीफ रिजर्वेशन अधिकारी को एक आवेदन भी देना होगा, जिसमें पालतू जानवर के ले जाने के बारे में उल्लेख करना होगा।

बिजनेस डेस्क, इंदौर। कई लोगों को पालतू पशुओं के बहुत प्रेम रहता है और उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह प्यार करते हैं। ऐसे में यदि किसी कारणवश जब उन्हें बाहर जाना पड़ता है तो वे घर में पालतू पशुओं को अकेला नहीं छोड़ सकते हैं और उन्हें ट्रेन या फ्लाइट में साथ ले जाना पड़ता है। इस परिस्थिति में आपको Pet Journey Tips के बारे में जरूर जानकारी होना चाहिए। यात्रा के दौरान यदि आप कुत्ते और बिल्ली या अन्य पालतू पशुओं को साथ ले जाते हैं तो इन नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।

naidunia_image

ट्रेन से यात्रा के दौरान Pet Tips

  • यदि आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं तो कुत्ते-बिल्ली को सिर्फ फर्स्ट-AC में 2 बर्थ या 4 बर्थ वाले कूप में ही लेकर जा सकते हैं।
  • आपको यात्रा से पहले ही अपनी बर्थ बुक करना होगी। साथ ही स्टेशन के चीफ रिजर्वेशन अधिकारी को एक आवेदन भी देना होगा, जिसमें पालतू जानवर के ले जाने के बारे में उल्लेख करना होगा।
  • यह आवेदन आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से दे सकते हैं।
  • ट्रेन में सफर से पहले पालतू पशु का वैक्सीनेशन करना भी अनिवार्य है। आप बगैर वैक्सीन लगवाए डॉग या बिल्ली को साथ नहीं ले सकते हैं। यात्रा के दौरान आपको वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट देना पड़ सकता है।
  • ट्रेन में एक PNR नंबर पर आप सिर्फ एक ही पालतू पशु को साथ ले जा सकते हैं।
  • यात्रा से 2 घंटे पहले आपको रेलवे स्टेशन पर पहुंचना चाहिए, ताकि पर्याप्त जांच हो सके। इस दौरान स्टेशन ऑफिसर को सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स दिखाना होगा।
  • फ्लाइट में इन गाइडलाइन का करें पालन

    • एयर इंडिया की फ्लाइट में आप अपने पालतू पशु को ले जा सकते हैं, लेकिन इसकी पहले से अनुमति होगी।
    • यदि आप इंटरनेशनल फ्लाइट में सफर कर रहे हैं तो फ्लाइट कमांडर से अनुमति लेनी होगी। जिस देश की यात्रा पर जा रहे हैं, वहां से भी आपको एयरपोर्ट अथॉरिटी से अनुमति लेना जरूरी है।
    • पालतू जानवर पूरी तरह से वैक्सीनेटेड होना चाहिए और पालतू जानवर का वजन 5 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
    • ABOUT THE AUTHOR
      Author

      कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्

    Delhi LIVE: स्वाति मालीवाल का आरोप- अरविंद केजरीवाल के कहने पर पीएम ने सीएम आवास पर की मारपीट – Delhi LIVE: Swati Maliwal’s allegation

    खुद स्वाति मालीवाल की तरफ से पीसीआर कॉल की गईं। पुलिस मौके पर पहुंची भी, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई।

    By Arvind Dubey

    Publish Date: Mon, 13 Could 2024 12:31:00 PM (IST)

    Up to date Date: Mon, 13 Could 2024 12:46:45 PM (IST)

    Delhi LIVE: स्वाति मालीवाल का आरोप- अरविंद केजरीवाल के कहने पर पीएम ने सीएम आवास पर की मारपीट

    एजेंसी, नई दिल्ली (AAP Rajya Sabha MP Swati Maliwal)। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की खबर है। जानकारी के मुताबिक, यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री आवास पर हुआ। घटना की जानकारी देने के लिए सीएम आवास से दिल्ली पुलिस को कॉल भी किए गए। पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि अब तक आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं दी गई है। मारपीट का आरोप केजरीवाल के पीए विभव पर लगा है। पार्टी की ओर से अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है।

    खुद स्वाति मालीवाल की तरफ से पीसीआर कॉल की गई। पुलिस मौके पर पहुंची भी, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई।

    LIVE Updates: सीएम हाउस में स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट

    मामला सुबह 10 बजे का है। स्वाति मालीवाल ने पुलिस को फोन कर बताया कि केजरीवाल के कहने पर उनका पीए विभल मारपीट कर रहा है।

    इसके बाद स्वाति मालीवाल सीएम हाउस से पैदल सिविल लाइन्स थाना पहुंचीं और मौखिक शिकायत दर्ज करवाई। इसके साथ ही पुलिस ने पुष्टि कर दी है कि सुबह जो दो कॉल आए थे, वो स्वाति मालीवाल के ही थे।

    • ABOUT THE AUTHOR
      Author

      करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

    Afghanistan Flood: अफगानिस्तान में बाढ़ ने मचाई तबाही, 200 से ज्यादा की मौत, कई घर पानी में बहे

    Afghanistan Flood: बगलान के प्राकृतिक आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख हेदायतुल्ला ने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। बारिश के बीच बचाव अभियान जारी है।

    By Kushagra Valuskar

    Publish Date: Sat, 11 Might 2024 07:47:55 PM (IST)

    Up to date Date: Sat, 11 Might 2024 07:47:55 PM (IST)

    Afghanistan Flood: अफगानिस्तान में बाढ़ ने मचाई तबाही, 200 से ज्यादा की मौत, कई घर पानी में बहे
    Afghanistan Flood

    HighLights

    1. अफगानिस्तान में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई।
    2. बाढ़ के चपेट में आने से 200 से अधिक लोगों की मौत।
    3. कई घर पानी में बह गए।

    एजेंसी, काबुल। Afghanistan Flood: अफगानिस्तान में अचानक आई बाढ़ के कारण 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई। एएफपी के अनुसार, शुक्रवार को भारी बारिश के कारण आई विनाशकारी बाढ़ ने बगलान प्रांत में हजारों घरों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। करीब 1500 घर या क्षतिग्रस्त हो गए हैं या पूरी तरह से नष्ट हो गई। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अधिकारी ने अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों का हवाला देते हुए पुष्टि की है।

    कीचड़ और मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

    अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई। जिससे लोग तैयार नहीं हो सके। बगलान के प्राकृतिक आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख हेदायतुल्ला ने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। बारिश के बीच बचाव अभियान जारी है। कीचड़ और मलबे के नीचे दबे पीड़ितों की तलाश की जा रही है।

    ये इलाके सबसे अधिक प्रभावित

    हाल की बाढ़ ने अफगानिस्तान में प्राकृतिक आपदाओं की संख्या को बढ़ा दिया है। अप्रैल के मध्य से दस प्रांतों में करीब 100 मौतें हुई हैं। अधिकारियों ने पूर्वोत्तर बदख्शां और मध्य घोर प्रांतों में भारी नुकसान की पुष्टि की है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने बचाव और राहत कार्यों के लिए समन्वित प्रयासों का आग्रह करते हुए प्रभावित लोगों के लिए समर्थन का आश्वासन दिया है।

    बता दें जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक जोखिम वाले देशों में से एक अफगानिस्तान गरीब और खाद्य असुरक्षा से जूझ रहा है। जिससे कमजोर आबादी पर प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में न्यूनतम योगदान के बावजूद अफगानिस्तान को जलवायु संबंधी आपदाओं के गंभीर परिणाम का सामना करना पड़ता है।

    • ABOUT THE AUTHOR
      Author

      माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह

    Climate Updates: कई राज्यों में भीषण गर्मी का अलर्ट, जानें 10 राज्यों में कैसा रहेगा मौसम, जहां आज जारी है मतदान

    आज दिल्ली और एनसीआर में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

    By Sandeep Chourey

    Publish Date: Mon, 13 Could 2024 08:35:16 AM (IST)

    Up to date Date: Mon, 13 Could 2024 08:36:42 AM (IST)

    Weather Updates: कई राज्यों में भीषण गर्मी का अलर्ट, जानें 10 राज्यों में कैसा रहेगा मौसम, जहां आज जारी है मतदान
    मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर तेज आंधी और ओलावृष्टि हो सकती है।

    HighLights

    1. आज तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर मतदान हो रहा है।
    2. मौसम विभाग के मुताबिक, आज तेलंगाना, बिहार, दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
    3. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश तक होने के आसार बन रहे हैं।

    डिजिटल डेस्क, इंदौर। लोकसभा चुनाव 2024 के चौथे चरण के लिए आज देश के 10 राज्यों में 96 सीटों पर मतदान हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी के कारण लोग परेशान हो सकती है, हालांकि इस बीच भी सुबह-सुबह मतदान के प्रति लोगों को उत्साह बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ स्थानों पर भीषण गर्मी और बारिश देखने को मिल सकती है।

    इन राज्यों में हो रहा मतदान

    गौरतलब है कि आज तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर मतदान हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज तेलंगाना, बिहार, दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश तक होने के आसार बन रहे हैं। मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर तेज आंधी और ओलावृष्टि हो सकती है।

    naidunia_image

    जानें दिल्ली और यूपी के मौसम का हाल

    मौसम विभाग के मुताबिक, आज दिल्ली और एनसीआर में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक रहने के आसार हैं। झारखंड में हल्की बारिश के आसार हैं। पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट पर भी बादल और बारिश हो सकती है। महाराष्ट्र की बात की जाए तो औरंगाबाद में बारिश के आसार हैं।

    • ABOUT THE AUTHOR
      Author

      कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्

    comic Asit Sen start anniversary, Know fascinating details about comic | स्लो डायलॉग बोलकर हंसाने वाले कॉमेडियन असित सेन की कहानी: नौकर की स्टाइल कॉपी कर फिल्मों में स्टार बने, घरवालों से झूठ बोलकर सीखी थी एक्टिंग

    32 मिनट पहले

    • कॉपी लिंक

    ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों में एक्टिंग और कॉमेडी के लिए मशहूर असित सेन की आज 107वीं बर्थ एनिवर्सरी है। असित सेन अपनी अलग पहचान रखते थे। बेहद धीमी और स्लो आवाज से डायलॉग डिलीवरी करना उनकी खासियत थी। ‘बीस साल बाद’ की अपनी भूमिका में इसी स्टाइल की वजह से वे सुपरहिट हो गए।

    असित सेन ने करीब 250 बांग्ला और हिंदी फिल्मों में काम किया। असित सेन के फिल्मों में आने का किस्सा भी दिलचस्प है। जब वे बंबई पहुंचे तो उन्हें मशहूर फिल्मकार बिमल रॉय के साथ बतौर कैमरामैन काम करना था। दरअसल, असित सेन को फोटोग्राफी का बहुत शौक था।

    उनका उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में एक फोटो स्टूडियो भी था। फोटोग्राफी के सिलसिले में वह साल 1949-50 में कोलकाता चले गए। वहां उन्होंने न्यू थिएटर जॉइन किया। वहां एक ड्रामा में एक्टिंग के दौरान बिमल रॉय से उनकी मुलाकात हुई।

    इनकी कॉमिक टाइमिंग और बोलने के अंदाज को देखते हुए बिमल रॉय ने इन्हें फिल्म ‘सुजाता’ में प्रोफेसर का रोल दिया। इसके बाद असित बेहतरीन कॉमेडियन के तौर पर पहचाने जाने लगे।

    1968 में आई फिल्म 'दो दुनी चार' में किशोर कुमार के साथ असित सेन।

    1968 में आई फिल्म ‘दो दुनी चार’ में किशोर कुमार के साथ असित सेन।

    बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर नजर डालते हैं असित सेन की जिंदगी के दिलचस्प किस्सों पर…

    परिवार से बोला झूठ, फिल्मों में काम करने गए कलकत्ता

    असित सेन का जन्म 13 मई 1917 को गोरखपुर के बंगाली परिवार में हुआ था। रोजगार के सिलसिले में उनका परिवार पश्चिम बंगाल के जिला बर्दवान से आकर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बसा था। असित सेन के पिता कभी रेडियो और ग्रामोफोन की दुकान तो कभी बिजली के सामान की दुकान चलाते थे।

    असित सेन को दुकान पर बैठना तो पसंद नहीं था, लेकिन उन्हें फोटोग्राफी का बेहद शौक था तो कई समारोह में जाकर फोटो खींचने का काम भी करते थे। असित जब 10वीं पास हुए तो मां चाहती थीं कि उनकी शादी करवा दी जाए, लेकिन असित कुछ और ही चाहते थे।

    वे कलकत्ता के न्यू थिएटर्स में जाकर डायरेक्टर नितिन बोस से फिल्ममेकिंग सीखना चाहते थे। असित को समझ नहीं आ रहा था कि कलकत्ता कैसे जाएं। तभी एक शादी के सिलसिले में उनका वहां जाना हुआ। कलकत्ता जाकर असित ने परिवार वालों के सामने ये बहाना बनाया कि उन्हें कलकत्ता में रहकर बी. कॉम की पढ़ाई करनी है।

    फोटोग्राफी दोबारा खींच लाई गोरखपुर

    कलकत्ता आकर असित ने थिएटर में भी हाथ आजमाया और कुछ नाटकों में भी काम किया। धीरे-धीरे उन्हें अपने काम के लिए तारीफ मिलने लगी, लेकिन तभी असित को वापस गोरखपुर जाना पड़ा।

    दरअसल गोरखपुर के पुलिस कमिश्नर साहब से असित के पिता की अच्छी पहचान थी। उनका गोरखपुर से तबादला हो गया तो शहर में बड़ा विदाई समारोह रखा गया।

    इस समारोह में फोटोग्राफी की जिम्मेदारी असित सेन को देकर उन्हें कलकत्ता से वापस गोरखपुर बुलाया गया। सबको असित की खींची तस्वीरें बेहद पसंद आईं।

    असित सेन भी अपनी तारीफ से इतना खुश हो गए कि उन्होंने 1932 में गोरखपुर में सेन फोटो स्टूडियो खोल लिया। उनका फोटो स्टूडियो अच्छा चल रहा था, लेकिन तभी वर्ल्ड वॉर 2 छिड़ गया। उस दौर में इंडिया में फोटोग्राफी का सारा सामान विदेश से आता था। वॉर की वजह से ऐसा हो नहीं पाया और सेन का फोटो स्टूडियो संकट में आ गया।

    मां-दादी का हुआ निधन, असित सेन ने छोड़ दी नौकरी

    फोटो स्टूडियो बंद होने की कगार पर पहुंचा तो असित सेन को रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी। इस सिलसिले में वो बंबई जा पहुंचे जहां उन्हें एक फिल्म कंपनी में स्टिल फोटोग्राफी का काम मिल गया। नए काम में असित रम गए, लेकिन तभी घर से तार मिला कि मां बीमार हैं, घर आ जाओ।

    असित तुरंत गोरखपुर गए। खबर मिली थी मां की बीमारी की, लेकिन उनसे पहले असित की दादी चल बसीं। दादी के निधन के कुछ समय बाद असित की मां का भी निधन हो गया। तीन महीने के अंदर ही घर में हुई दो मौतों से असित टूट गए। न उनसे गोरखपुर में रहा जा रहा था और न ही वे बंबई जाकर दोबारा काम करने की हिम्मत जुटा पा रहे थे।

    बिमल रॉय का असिस्टेंट बन शुरू किया फिल्मी करियर

    एक दिन असित ने दिल पक्का किया और सब कुछ पीछे छोड़कर फिर से कलकत्ता पहुंच गए। कलकत्ता जाकर असित सेन के साथ क्या हुआ, ये उन्होंने खुद 1960 में दिए एक इंटरव्यू में बताया था, ‘वहां जाकर मेरी मुलाकात अपने दोस्त कृष्णकांत से हुई जो फिल्म ‘बनफूल’ में कानन बाला के साथ काम कर रहा था। कृष्णकांत ने मेरी मुलाकात एक्ट्रेस सुमित्रा देवी और उनके पति देव मुखर्जी से करवाई।

    दोनों से ये जान-पहचान आगे मेरे बहुत काम आई। उनकी बदौलत ही मेरी मुलाकात फिल्ममेकर बिमल रॉय से हुई जो कि तब तक अपनी पहली बंगाली फिल्म ‘उदयेर पाथे’ बना चुके थे और अब हिंदी में बनाने की तैयारी कर रहे थे।

    उन्हें एक ऐसे असिस्टेंट की तलाश थी जो कि हिंदी में माहिर हो तो उन्होंने मुझे रख लिया। मुझसे पहले वो असिस्टेंट रख चुके थे तो मैं तीसरा असिस्टेंट था, लेकिन धीरे-धीरे अपने काम की बदौलत मैं उनका पहला असिस्टेंट बन गया। इसके साथ मैं कुछ फिल्मों में छोटे-मोटे काम भी करने लगा।

    मेरी सबसे पहली फिल्म ‘हमराही’ थी जिसमें बहुत ही छोटा सा रोल प्ले किया। 1945 से 1949 तक असित सेन न्यू थियेटर्स से ही जुड़े रहे। 50 की शुरुआत में ही बिमल रॉय ने बंबई जाने का फैसला किया और असित सेन को भी अपनी टीम का हिस्सा बनाकर ले गए।’

    बिमल रॉय 50 के दशक के दिग्गज फिल्ममेकर थे। उन्होंने मधुमती, बंदिनी, सुजाता, देवदास, दो बीघा जमीन जैसी फिल्में बनाईं।

    बिमल रॉय 50 के दशक के दिग्गज फिल्ममेकर थे। उन्होंने मधुमती, बंदिनी, सुजाता, देवदास, दो बीघा जमीन जैसी फिल्में बनाईं।

    बिमल रॉय ने बना दिया डायरेक्टर

    1956 तक असित सेन बिमल दा के असिस्टेंट बने रहे। 1953 में आई ‘दो बीघा जमीन’ में बतौर प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव और 1953 में रिलीज हुई ‘परिणीता’, 1954 में ‘बिराज बहू’ और 1955 में आई फिल्म ‘देवदास’ में उन्हें बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर क्रेडिट दिया गया। 1956 में बिमल दा ने असित सेन को अपनी ही फिल्म कम्पनी बिमल रॉय प्रोडक्शंस के बैनर में फिल्म ‘परिवार’ के डायरेक्शन का मौका दिया।

    इसके तुरंत बाद ही 1957 में असित सेन ने फिल्म ‘अपराधी कौन?’ डायरेक्ट की। इन दो फिल्मों को डायरेक्ट करने के बाद असित फिर से अभिनय की ओर मुड़ना चाहते थे।

    डायलॉग बोलने की अनोखी स्टाइल ने बनाया फेमस

    उन्होंने फिल्म छोटा भाई साइन कर ली। इस फिल्म में असित को बुद्धू नौकर के किरदार में कॉमेडी करनी थी। उन्हें कुछ नहीं सूझ रहा था कि क्या किया जाए। तभी उन्हें ख्याल आया कि बचपन में उनके घर में एक नौकर एकदम स्लो टेम्पो में बोलता था- ‘का हो बाबू.. का करत हव…’ असित सेन ने उसी स्टाइल को कॉपी कर लिया। ये ट्रिक काम कर गई और असित सेन के पास कॉमेडी रोल्स की लाइन लग गई।

    बेहद कम स्पीड में डायलॉग बोलने वाले स्टाइल की वजह से डायरेक्टर उनसे हर फिल्म में इसी तरह से डायलॉग बोलने की मांग करने लगे। खुद बिमल रॉय ने असित की डायलॉग डिलिवरी से प्रभावित होकर उन्हें फिल्म सुजाता में रोल दिया। असित सेन को एक ही तरह की स्टाइल में टाइप्ड होने का डर सताने लगा, लेकिन 1961 में आई फिल्म ‘बीस साल बाद’ ने उन्हें इसी स्टाइल की वजह से बुलंदियों पर पहुंचा दिया।

    इस फिल्म में उन्होंने गोपीचंद जासूस का किरदार निभाया था। गोपीचंद जासूस वाला उनका यह किरदार इतना पॉपुलर हुआ कि इसकी बार-बार नकल की गई। और तो और 1982 में अभिनेता राजेंद्र कुमार के भाई फिल्ममेकर नरेश कुमार ने एक फिल्म ‘गोपीचंद जासूस’ ही बना दी।

    असित सेन ने तकरीबन 250 फिल्मों में काम किया है।

    असित सेन ने तकरीबन 250 फिल्मों में काम किया है।

    250 फिल्मों में किया काम

    इसके बाद 1963 में ‘चांद और सूरज’, 1965 में ‘भूत बंगला’, 1967 में ‘नौनिहाल’, 1968 में ‘ब्रह्मचारी’, ‘1969’ में यकीन और ‘आराधना’, ‘प्यार का मौसम’, 1970 में ‘पूरब और पश्चिम’, ‘दुश्मन’, ‘मझली दीदी’, ‘बुड्ढा मिल गया’, 1971 में ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘आनंद’, ‘दूर का राही’, ‘अमर प्रेम’ ,1972 में ‘बॉम्बे टू गोवा’, ‘बालिका वधू’, 1976 में ‘बजरंग बली’ समेत 250 फिल्मों में साइड किरदार निभाए।

    पत्नी की मौत का लगा सदमा, चल बसे असित सेन

    असित सेन की शादी मुकुल से हुई थी जो कि कलकत्ता की रहने वाली थीं। दोनों के तीन बच्चे हुए। दो बेटे अभिजीत और सुजीत सेन और एक बेटी रूपा। अभिजीत सेन दुलाल गुहा जैसे नामी निर्देशक के असिस्टेंट रहे और फिर बांग्ला फिल्मों में काम कर रहे हैं।

    सुजीत सेन कैमरामैन हैं। 1993 में असित की पत्नी मुकुल सेन काफी बीमार पड़ गई थीं जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। पत्नी की मौत से असित इतना टूट गए कि कुछ महीने बाद 18 सितंबर 1993 को वह भी इस दुनिया से चल बसे।

    खबरें और भी हैं…