Earnings Tax Discover: कई लोगों को मिल रहा इनकम टैक्स का नोटिस, टेंशन न लेकर ये काम करें
यदि करदाता को आयकर विभाग की ओर से धारा 142(1) के तहत नोटिस दिया जाता है तो आयकर विभाग का आदेश देता है कि जल्द से जल्द रिटर्न फाइल करें।
By Sandeep Chourey
Publish Date: Thu, 09 Might 2024 09:25:29 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 09 Might 2024 09:25:29 AM (IST)
HighLights
- सबसे पहले आपको यह चेक करना चाहिए कि किन कारणों से आपको नोटिस दिया गया है।
- यदि विभाग की ओर से इनकम टैक्स एक्ट की धारा 143(1) के तहत नोटिस दिया जाता है तो परेशान न हो।
- धारा 143(1) को टैक्स की भाषा में ‘लेटर ऑफ इंटीमेशन’ कहा जाता है।
बिजनेस डेस्क, इंदौर। इन दिनों कई लोगों को आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिल रहे हैं। दरअसल अभी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR Submitting) करने का समय चल रहा है और ऐसे समय टैक्स से बचने के लिए कई कोशिश करते हैं, लेकिन इसके बावजूद Earnings Tax Division की ओर से नोटिस मिल जाता है। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल आता है कि ऐसी परिस्थिति में सबसे पहले क्या करना चाहिए। क्या उन्हें इनकम टैक्स विभाग की ओर से मिले नोटिस का जवाब देना चाहिए या फिर रिटर्न फाइल करना चाहिए। इस बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं टैक्स सलाहकार अभिषेक मलतारे।
पहले नोटिस का कारण जानें
यदि आपको भी इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस मिला है तो सबसे पहले आपको यह चेक करना चाहिए कि किन कारणों से आपको नोटिस दिया गया है। दरअसल जब कोई टैक्सपेयर नोटिस का जवाब या फिर गलती को सुधारने के लिए रिटर्न फाइल नहीं करता है, तब विभाग की ओर से जांच के दायरे में आ जाता है। यदि विभाग की ओर से इनकम टैक्स एक्ट की धारा 143(1) के तहत नोटिस दिया जाता है तो परेशान न हो।
टैक्स सलाहकार अभिषेक मलतारे के मुताबिक, धारा 143(1) को टैक्स की भाषा में ‘लेटर ऑफ इंटीमेशन’ कहा जाता है। यदि कोई करदाता रिटर्न फाइल के दौरान ब्याज से जुड़ी कोई जानकारी नहीं देता है तो आयकर विभाग की ओर से इन धारा के तहत नोटिस दिया जाता है। इस धारा के तहत आयकर विभाग आदेश देता है कि ITR में जो गलती की है, उसमें तत्काल सुधार कर लें।
धारा 142(1) के तहत नोटिस मिले तो क्या करें
इसके अलावा यदि करदाता को आयकर विभाग की ओर से धारा 142(1) के तहत नोटिस दिया जाता है तो आयकर विभाग का आदेश देता है कि जल्द से जल्द रिटर्न फाइल करें। इस धारा के तहत नोटिस तब जारी किया जाता है, जब आयकर विभाग को बाकी जानकारी जैसे कैपिटल गेन, ब्याज से होने वाली इनकम आदि के बारे में जानकारी नहीं प्राप्त होती है।
जानें क्या है CBDC की गाइडलाइन
टैक्सपेयर सही तरह से अपना ITR दाखिल कर सके, इसके लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDC) की ओर से गाइडलाइन भी जारी की है। इस आईटीआर दाखिल करने संबंधित नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। यह गाइडलाइन हर साल जारी की जाती है। इस साल ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 जून 2024 है।


