पंजाब नेशनल बैंक में है अकाउंट तो तुरंत कर लें ये काम, वरना एक महीने में बंद हो जाएगा खाता

पीएनबी ने नोटिस में कहा कि जोखिम को रोकने के लिए ऐसे खातों को बंद करने का निर्णय लिया है। तीन साल की गणना 30 अप्रैल 2024 तक की जाएगी।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Tue, 07 Could 2024 07:16:50 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 07 Could 2024 07:16:50 PM (IST)

पीएनबी ने ग्राहकों को किया अलर्ट।

HighLights

  1. पीएनबी ने ग्राहकों के लिए जारी किया अलर्ट।
  2. ऐसे खाते एक महीने में बंद कर दिए जाएंगे।
  3. सभी खातों की गणना 30 अप्रैल के आधार पर की जाएगी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Punjab Nationwide Financial institution: अगर आपका खाता पंजाब नेशनल बैंक में है तो यह खबर आपके काम की है। बैंक ने कहा कि अगर ग्राहकों के अकाउंट में पिछले तीन साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। साथ ही खाते में राशि नहीं है तो ऐसे खातों को महीनेभर में बंद कर दिया जाएगा। पीएनबी ने नोटिस में कहा कि जोखिम को रोकने के लिए ऐसे खातों को बंद करने का निर्णय लिया है। तीन साल की गणना 30 अप्रैल 2024 तक की जाएगी।

इन खातों पर नहीं होगा असर

पीएनबी ने कहा कि डीमैट अकाउंट से जुड़े खाते, सक्रिय स्थायी अनुदेश वाले लॉकर, 25 साल से कम आयु के ग्राहक, नाबालिगों के खाते, सुकन्या समृद्धि, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा स्कीम, पीएमएसबीवाई, एपीवाई और डीबीटी के लिए खोले गए खाते बंद नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा न्यायालय, आयकर विभाग या अन्य वैधानिक प्राधिकरण के आदेश पर फ्रीज किए गए अकाउंट बंद नहीं होंगे।

एनआरआई कस्टमर को यूपीआई की सुविधा

प्राइवेट सेक्टर का ICICI बैंक एनआरआई ग्राहकों को भारत में यूपीआई पेमेंट की सुविधा दे रहा है। यूजर्स इंटरनेशनल मोबाइल नंबर से क्यूआर कोड को स्कैन करके, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबर के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।

इस सुविधा के साथ एनआरआई कस्टमर्स देश में एनआरई और एनआरओ बैंक खाते में रजिस्टर्ड नंबर से बिल, व्यापार और ई-कॉमर्स के लिए भी पेमेंट कर सकते हैं। यह सर्विस बैंक ने अपने मोबाइल बैंकिंग एप पर उपलब्ध कराई है। बता दें पहले एनआरआई को यूपीआई के लिए अपने बैंक के साथ भारतीय मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करवाना पड़ता था।

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    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह

PM Modi MP Go to Evaluation: न घोषणाओं पर रार…न शहजादे पर वार… पीएम मोदी ने इस बार संविधान के तीर से विपक्ष को किया छलनी

भीषण गर्मी के बावजूद दोनों ही स्थानों पर पीएम मोदी को सुनने पहुंची भारी भीड़ ने क्षेत्र के भाजपा नेताओं में नया जोश भी भर दिया।

By Jitendra Vyas

Publish Date: Wed, 08 Could 2024 04:12:00 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 08 Could 2024 04:12:58 AM (IST)

PM Modi MP Visit Analysis: न घोषणाओं पर रार...न शहजादे पर वार... पीएम मोदी ने इस बार संविधान के तीर से विपक्ष को किया छलनी
मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा।

HighLights

  1. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मालवा-निमाड़ की तीनों लोकसभा सीटों को साधने धार और खरगोन पहुंचे।
  2. प्रत्याशियों के चेहरे भी सभास्थल पर मौजूद विशाल जनसमुदाय को देखकर खिले-खिले थे।
  3. कांग्रेस पर संविधान निर्माता बाबा साहेब की अनदेखी का आरोप लगाया।

PM Modi MP Go to Evaluation: डा. जितेंद्र व्यास, नईदुनिया, धार। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में मध्य प्रदेश की जिन आठ सीटों के लिए 13 मई को मतदान होना है वे सभी मालवा-निमाड़ क्षेत्र की ही हैं। यूं तो मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद से ही भाजपा अपनी स्थिति बेहद मजबूत होने का दावा करती रही है लेकिन आदिवासी अंचल में प्रचंड लहर के बाद भी धार लोकसभा क्षेत्र की आठ में पांच सीटों पर भाजपा को पराजय का सामना करना पड़ा था। यही स्थिति खरगोन संसदीय क्षेत्र की भी रही।

तमाम अनुकूल परिस्थितियों के बाद भी भाजपा ने लोकसभा चुनाव में कोई कसर नहीं रखते हुए धार, खरगोन और रतलाम संसदीय क्षेत्रों पर पूरा जोर लगाया। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मालवा-निमाड़ की इन तीनों लोकसभा सीटों को साधने धार और खरगोन पहुंचे।

भीषण गर्मी के बावजूद दोनों ही स्थानों पर पीएम मोदी को सुनने पहुंची भारी भीड़ ने क्षेत्र के भाजपा नेताओं में नया जोश भी भर दिया। अब तक फीके कहे जा रहे इस चुनाव में क्षेत्र में हुई पहली बड़ी सभा के मंच पर मौजूद इन लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशियों के चेहरे भी सभास्थल पर मौजूद विशाल जनसमुदाय को देखकर खिले-खिले थे।

धार पीजी कालेज मैदान पर बनाए गए सभास्थल तक पहुंचने के लिए आधा से एक किमी दूर लोगों के वाहन पार्क करवाए जा रहे थे। चिलचिलाती धूप में पैदल सभास्थल पहुंचे लोगों का जोश गर्मी कम नहीं कर पाई। हाथों में मोदी के कटआउट, केसरिया अंगवस्त्र और मोदी जैकेट पहने युवाओं के साथ ही आदिवासी संस्कृति के अनुरूप तैयार होकर महिलाओं के जत्थे सभास्थल तक पहुंच रहे थे।

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जैसे-जैसे पीएम मोदी के सभास्थल पर पहुंचने का समय नजदीक आ रहा था मंच पर मौजूद वरिष्ठ भाजपा नेताओं की हड़बड़ाहट मिली सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही थी। प्रधानमंत्री के पहुंचने के कुछ देर पहले मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का भी भीड़ ने मोहन जी…जय श्रीराम के नारों से स्वागत किया।

ठीक सवा 12 बजे पीएम मोदी ने मंच पर पहुंचकर लोगों का अपनी चिर-परिचित शैली में अभिवादन किया। न स्वागत की अधिक औचपारिकताएं और न ही लंबे भाषण। मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री निर्मला भूरिया ने मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया। उन्होंने कुछ ही मिनटों में अपनी बात कही और मंच पीएम मोदी के हवाले कर दिया।

पिछली चुनावी सभाओं में प्रधानमंत्री ने अपने संबोधनों में कांग्रेस नेताओं पर तीखे हमले किए। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का जिक्र उनके भाषण में अवश्य होता था। लेकिन धार की सभा इस बार कुछ अलग थी। सभा में न विकास के वादों की फेहरिस्त थी न पिछले कार्यकाल में किए गए कार्यों का जिक्र। विपक्ष पर हमले के लिए मोदी ने अपने तरकश से इस बार संविधान का तीर निकालकर करारा प्रहार किया। महू में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली से अपनी बात शुरू करते हुए कांग्रेस पर संविधान निर्माता बाबा साहेब की अनदेखी का आरोप लगाया।

एक दिन पूर्व राहुल गांधी ने आरक्षण और संविधान को लेकर प्रधानमंत्री पर जोबट और खरगोन की सभाओं में तीखा हमला बोला था। प्रधानमंत्री ने बगैर राहुल का नाम लिए उन हमलों का अपने अंदाज में जवाब दिया। कांग्रेस द्वारा 400 सीटें मिलने पर संविधान बदलने की बात को कांग्रेस की कपोल कल्पना बताते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बीते कार्यकाल में ही उनके पास 400 सीटें थी लेकिन उस शक्ति का उपयोग धारा 370 हटाने जैसे कार्यों के लिए किया गया है।

करीब 39 मिनट के संबोधन के बीच कई बार जनसमुदाय की जोरदार नारेबेजी की वजह से मोदी को अपनी बात कहते-कहते रुकना पड़ा और लोगों से अपने स्थान पर बैठने का आग्रह करना पड़ा। मंच से दिए गए उद्बोधन से परे भाजपा नेता और लोकसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी इस बात से ही प्रसन्न थे कि अब तक बेहद फीके नजर आ रहे चुनाव में पहली बार इतना जोश और ऊर्जा नजर आई। अब तक जनसंपर्क में मु्ट्ठी भर भीड़ नहीं जुटने से परेशान नेता इस बात से खासे खुश थे कि ये जनसमुदाय अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर माहौल बनाने का कार्य तो करेगा ही।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014