Arvind Kejriwal Information: आज खत्म हो रही केजरीवाल की रिमांड, राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी ईडी

दिल्ली शराब नीति कांड में अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और तब वे ईडी दफ्तर के लॉकअप में हैं।

By Arvind Dubey

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 10:12 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 10:12 AM (IST)

Arvind Kejriwal News: आज खत्म हो रही केजरीवाल की रिमांड, राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी ईडी
अरविंद केजरीवाल का कहना है कि ईडी द्वारा गिरफ्तारी उनके अधिकारों का हनन है।

HighLights

  1. दिल्ली शराब नीति कांड में हुई है अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी
  2. केजरीवाल की गिरफ्तारी पर देश में हो रही जबरदस्त राजनीति
  3. आगे की पूछताछ के लिए और रिमांड की मांग कर सकती है ईडी

एजेंसी, नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े नेता अरविंद केजरीवाल को सोमवार को एक बार फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। पिछली सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल की रिमांड 1 अप्रैल तक बढ़ा दी थी, जो आज खत्म हो रही है।

अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को ईडी ने गिरफ्तार किया था। 22 मार्च को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां 28 मार्च तक कस्टडी में भेज दिया गया था। 28 मार्च को हुई सुनवाई में कोर्ट ने रिमांड 1 अप्रैल तक बढ़ा दी थी।

पिछली सुनवाई में खुद केजरीवाल ने अपनी बात कोर्ट के सामने रखी थी। पत्नी सुनीता केजरीवाल ने दावा किया था कि केजरीवाल बड़ा खुलासा करेंगे, हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। केजरीवाल ने वो ही बातें कहीं, जो उनके वकील कह चुके हैं।

naidunia_image

(रामलीला मैदान में भाजपा पर भड़की सुनीता केजरीवाल, ‘आपके अरविंद शेर हैं, ज्यादा दिन जेल में नहीं रहेंगे’…पूरी खबर पढ़ने के लिए फोटो पर क्लिक करें)

हाई कोर्ट में भी बुधवार को अहम सुनवाई

इस बीच, केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख भी किया है। उनका तर्क है कि जांच एजेंसी ने उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर 2 अप्रैल तक जवाब मांगा था। सुनवाई 3 अप्रैल को फिर शुरू होगी।

  • ABOUT THE AUTHOR

    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Farah Khan Fortunate Allure (SRK); Speaks About Shah Rukh Khan And Tees Maar Khan Film | शाहरुख होते तो ‘तीस मार खान’ हिट होती: फराह ने किंग खान को अपना लकी मैस्कट बताया, बोलीं- वो फिल्म में होता तो जरूर चलती

14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

साल 2010 में रिलीज हुई फराह खान की फिल्म ‘तीस मार खान’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई थी। अब एक इंटरव्यू में फराह ने अक्षय कुमार स्टारर इस फिल्म पर बात की। उन्होंने कहा कि अगर इस फिल्म में शाहरुख खान होते तो यह फिल्म जरूर चलती।

यूट्यूबर फैसल शेख को दिए एक इंटरव्यू में फिल्म पर बात करते हुए फराह ने कहा, ‘मेरे को भी तभी यह बहुत फनी लगी थी। मेरी किस्मत शायद शाहरुख के साथ ही लिखी हुई है। अगर शाहरुख इस फिल्म में होता तो यह जरूर चलती। अभी जाकर बहुत लोग बोलते हैं कि यह बहुत ही फनी पिक्चर है।’

फिल्म 'तीस मार खान' में फराह ने पहली बार अक्षय और कटरीना को डायरेक्ट किया था।

फिल्म ‘तीस मार खान’ में फराह ने पहली बार अक्षय और कटरीना को डायरेक्ट किया था।

फिल्म से कटरीना का डांसर अवतार सामने आया: फराह
फराह ने आगे कहा, ‘फिल्म के गाने ‘शीला की जवानी’ से कटरीना का जो डांसर अवतार निकला, वो यादगार रहा। पर बहुत जूते पड़े थे मुझे इस फिल्म के बाद.. अभी तो मैं हंस रही हूं पर दुआ करती हूं कि वो दर्द किसी को ना मिले। और ऊपर से पूरी इंडस्ट्री में लोगों ने जश्न मनाया था कि इसकी फिल्म फ्लॉप हो गई।’

फिल्म में कटरीना पर फिल्माया गया गाना 'शीला की जवानी' सुपरहिट हुआ था।

फिल्म में कटरीना पर फिल्माया गया गाना ‘शीला की जवानी’ सुपरहिट हुआ था।

शाहरुख के लिए इंतजार करती हूं: फराह
इंटरव्यू में फराह ने शाहरुख को अपना लकी मैस्कट भी बताया। उन्होंने कहा, ‘अभी भी मुझे लगता है कि मैं कोई फिल्म बनाऊंगी तो शाहरुख के साथ ही बनाऊंगी। फिर चाहे कितना भी वक्त लग जाए, मैं इंतजार करती हूं क्योंकि शाहरुख मेरे लिए मेरा लकी मैस्कट है।’

साल 2004 में रिलीज हुई 'मैं हूं ना' बतौर डायरेक्टर फराह की पहली फिल्म थी। इसकी स्क्रिप्ट भी उन्होंने ही लिखी थी।

साल 2004 में रिलीज हुई ‘मैं हूं ना’ बतौर डायरेक्टर फराह की पहली फिल्म थी। इसकी स्क्रिप्ट भी उन्होंने ही लिखी थी।

दिसंबर 2010 में रिलीज हुई तीस मार खान में अक्षय कुमार के अलावा कटरीना कैफ और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार नजर आए थे। 45 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने तकरीबन 100 करोड़ रुपए की कमाई की थी।

‘तीस मार खान’ के अलावा फराह ने अपने करियर में तीन फिल्में ‘मैं हूं ना’, ‘ओम शांति ओम’ और ‘हैप्पी न्यू ईयर’ डायरेक्ट की हैं। इन तीनों फिल्मों में उन्होंने शाहरुख खान के साथ ही काम किया है।

Bhind Crime Information: लोस चुनाव में खपाने आई 3900 क्वार्टर जब्त किए

Bhind Crime Information:लोकसभा चुनाव में खपाने के लिए अवैध शराब की खेप को रौन और मेहगांव पुलिस ने अलग-अलग जगह कार्रवाई कर जब्त किया है। रौन पुलिस ने 3500 क्वार्टर और मेहगांव ने 400 क्वार्टर शराब पकड़ी है।

By anil tomar

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 10:15 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 10:15 AM (IST)

Bhind Crime News: लोस चुनाव में खपाने आई 3900 क्वार्टर जब्त किए

HighLights

  1. रौन पुलिस ने मेहरा खुर्द से 70 पेटी और मेहगांव पुलिस ने आठ पेटी देसी शराब की जब्त की
  2. पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है

Bhind Crime Information: भिंड.नईदुनिया प्रतिनिधि। लोकसभा चुनाव में खपाने के लिए अवैध शराब की खेप को रौन और मेहगांव पुलिस ने अलग-अलग जगह कार्रवाई कर जब्त किया है। रौन पुलिस ने 3500 क्वार्टर और मेहगांव ने 400 क्वार्टर शराब पकड़ी है। जब्त शराब की कीमत 3.20 लाख रुपये है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

लोकसभा चुनाव के चलते एसपी डा. असित यादव और एएसपी संजीव पाठक के निर्देश पर जिलेभर में अवैध शराब और हथियार पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। रौन थाना टीआइ शक्तिसिंह यादव ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि मेहरा खुर्द गांव के बाहर एक ट्यूवबैल पर बड़ी मात्रा में शराब की पेटी को रखा गया है। उक्त शराब चुनाव के दौरान मतदाताओं को वितरित की जाएगी। सूचना पर टीआइ यादव एसआइ रविंद्र तोमर, एएसआइ बलवीरसिंह, हवलदार अरविंद प्रताप तोमर, शैलेंद्रसिंह, अजय चौहान, सुनील तोमर आदि लोगों के साथ रात करीब 11.30 बजे मेहरा खुर्द में उक्त ट्यूवबैल पर पहुंचे। पुलिस को देखकर एक युवक वहां से भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम दलवीरसिंह चौहान पुत्र प्रकाश सिंह चौहान निवासी मेहरा खुर्द बताया। पुलिस ने ट्यूवबैल पर बने कमरे को चेक किया तो वहां प्लास्टिक की पन्नी के पीछे शराब की पेटी मिली। पुलिस ने शराब की पेटी को बाहर निकालकर गिना तो 70 पेटी थी। इसमें देशी और मसाला शराब रखी थी। टीआइ यादव के मुताबिक पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उक्त शराब की पेटी को उसके रिश्तेदार अंकुर चौहान निवासी रहावली उवारी थाना लहार ने यहां रखवाया है। फिल्हाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है, कि वह शराब कहां से लेकर आया है।

चोरी की बाइक सहित आठ पेटी जब्त की

मेहगांव थाना टीआइ आशुतोष शर्मा ने बताया कि सूचना मिली कि एक युवक बाइक से अवैध तरीके से शराब लेकर कहीं जा रहा है। टीआइ शर्मा ने फोर्स के साथ अजनौधा मोड़ पर चेकिंग लगा दी। इसी दौरान बाइक सवार कोमलसिंह पुत्र हरविलास जाटव निवासी बरहद हाल गल्ला मंडी के पीछे मेहगांव को रोककर तलाशी ली तो दो बाेरी में देसी शराब के 400 क्वार्टर रखे थे। पुलिस ने युवक से बाइक के दस्तावेज मांगे तो उसने बताया कि चोरी की है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं देहात थाना पुलिस ने आइटीआइ रोड से बड़ी मात्रा में शराब जब्त की है। हालांकि पुलिस इसका खुलासा सोमवार को करेगी।

  • ABOUT THE AUTHOR

    2000 से पत्रकारिता में हूं। दैनिक जागरण झांसी, नवभारत में रिपोर्टर के रूप में काम किया है। दैनिक भास्कर भीलवाड़ा, अजमेर में रिपोर्टर रहा। 2007 से 2013 तक दैनिक भास्कर के मुरैना कार्यालय में ब्यूरो चीफ के रूप मे

Lok Sabha Elections 2024: इंदौर की गेर में शामिल होकर गैरों को अपना बनाने का संदेश दे गए मुख्यमंत्री मोहन यादव

कैलाश विजयवर्गीय और गौड़ एक मंच पर नजर आए। मुख्यमंत्री की इंदौर यात्रा ने कांग्रेस नेताओं की नींद जरूर उड़ा दी है।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 08:11 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 09:48 AM (IST)

Lok Sabha Elections 2024: इंदौर की गेर में शामिल होकर गैरों को अपना बनाने का संदेश दे गए मुख्यमंत्री मोहन यादव
गेर के मंच पर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के साथ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक मधु वर्मा, गोलू शुक्ला और अन्य। फोटो- नईदुनिया

HighLights

  1. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शनिवार को इंदौर की रंगारंग परंपरा गेर में शामिल होकर इंदौर के साथ मालवा-निमाड़ की आधा दर्जन से ज्यादा लोकसभा सीटों पर गैरों को अपना बनाने का संदेश दे गए।
  2. कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को वे पूर्व में भी अपना अग्रज बता चुके हैं।
  3. इंदौर की गेर में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री आदिवासी क्षेत्रों में होने वाले भगोरिया मेलों में भी शामिल हो चुके हैं।

Lok Sabha Elections 2024: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शनिवार को इंदौर की रंगारंग परंपरा गेर में शामिल होकर इंदौर के साथ मालवा-निमाड़ की आधा दर्जन से ज्यादा लोकसभा सीटों पर गैरों को अपना बनाने का संदेश दे गए। वे करीब दो घंटे इंदौर में रहे। इस दौरान उन्होंने सभी नेताओं से जमकर मुलाकात की। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को वे पूर्व में भी अपना अग्रज बता चुके हैं। यही भाव शनिवार को गेर में भी देखने को मिला। यादव कमलेश खंडेलवाल की गेर में भी शामिल हुए और हिंद रक्षक की फाग यात्रा में भी। आमजन को लग रहा था कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी के चलते सुरक्षा व्यवस्था उनके रंग में भंग डालेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। मुख्यमंत्री की मौजूदगी के बावजूद आम इंदौरी ने जमकर रंगारंग गेर का लुत्फ उठाया।

मुख्यमंत्री के रंगपंचमी के दिन इंदौर में होने के कई मायने निकाले जा रहे थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि वे कुछ ही मिनट इंदौर में ठहरेंगे और फिर यहां से उज्जैन रवाना हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मुख्यमंत्री दो घंटे से ज्यादा समय तक इंदौरी बनकर गेर में शामिल रहे। चुनावी मौसम में राजनीति से दूर रहकर उन्होंने इंदौरियों का अभिवादन स्वीकारा और यह बताने की कोशिश की कि इंदौर और उज्जैन के बीच बहुत ज्यादा दूरी नहीं है। हालांकि इसके पहले भी वे कई मंचों पर यह बात कह चुके हैं।

naidunia_image

भगोरिया मेलों में भी शामिल हुए थे

इंदौर की गेर में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री आदिवासी क्षेत्रों में होने वाले भगोरिया मेलों में भी शामिल हो चुके हैं। वे वहां भी उसी अंदाज में दिखे जिस अंदाज में शनिवार को इंदौर में थे। मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों को पसंद भी आ रहा है। आदिवासी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री का भगोरिया में शामिल होना नई बात नहीं है।

डा. मोहन यादव से पहले भी कई मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री इन मेलों में शामिल होते रहे हैं, लेकिन रंगपंचमी की गेर में किसी मुख्यमंत्री के शामिल होने का यह पहला अवसर था। आचार संहिता के चलते मुख्यमंत्री ने किसी भी मंच से पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील नहीं की, लेकिन आंखों की आंखों में इशारा जरूर कर गए। अब इस इशारे को जनता कितना समझती है और मानती है, यह तो 4 जून को आने वाले परिणाम के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल इतना जरूर है कि मुख्यमंत्री की इंदौर यात्रा ने कांग्रेस नेताओं की नींद जरूर उड़ा दी है। मुख्यमंत्री की यात्रा कांग्रेस के लिए दुबले पर दो आसाढ़ वाली कहावत को चरितार्थ करती नजर आ रही है।

  • ABOUT THE AUTHOR

    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव

Ranbir was overwhelmed by his father solely as soon as. | सिर्फ एक बार रणबीर को पड़ी थी पिता से मार: एक्टर बोले- पापा बहुत धार्मिक थे, मंदिर में चप्पल पहन कर जाने से गुस्सा गए थे

29 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रणबीर कपूर ने उस घटना को याद किया है जब उन्हें पिता ऋषि कपूर से मार पड़ी थी। रणबीर ने बताया कि वो एक बार RK स्टूडियो के मंदिर में चप्पल पहन कर चले गए थे। इस बार से ऋषि कपूर बेहद नाराज हो गए थे और उन्होंने रणबीर की पिटाई कर दी थी।

यह पहला और आखिरी मौका था, जब रणबीर को पिता से मार पड़ी थी। रणबीर ने बताया ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि पिता ऋषि कपूर बहुत धार्मिक इंसान थे।

यह सारी बातें रणबीर ने द कपिल शर्मा शो के हालिया एपिसोड में कही हैं।

सिर्फ एक बार ऋषि कपूर से पड़ी थी रणबीर को मार

रणबीर ने कहा- मुझे एक ही बार जोर की पड़ी थी। आरके स्टूडियो में दिवाली पूजा थी। पापा बहुत धार्मिक थे। मैं शायद आठ या नौ साल का था, बिना चप्पल उतारे मंदिर में चला गया था। यह देख पापा ने पिटाई की थी। रणबीर ने बताया कि यह पहला और आखिरी मौका था, जब उन्हें ऋषि कपूर से मार पड़ी थी।

रणबीर ने मजाकिया ढंग में यह भी कहा कि मां नीतू भी उन्हें मारती थीं। कई बार तो उन्होंने हैंगर का भी इस्तेमाल किया था।

41 साल के रणबीर ने 2020 में पिता ऋषि कपूर को कैंसर के कारण खो दिया था। कुछ समय पहले पीटीआई को दिए इंटरव्यू में रणबीर ने कहा था कि ऋषि कपूर का यूं चले जाना उनके लिए बहुत बड़ा लॉस है। उन्होंने कहा था- किसी व्यक्ति के जीवन में सबसे कठिन पल वह होता था, जब आप माता-पिता में से किसी एक को खो देते हैं।

रणबीर के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें आखिरी बार फिल्म एनिमल में देखा था। फिल्म में उन्हें काम को दर्शकों ने बहुत पसंद किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी हिट रही थी।

वहीं, रणबीर इन दिनों नितेश तिवारी की रामायण को लेकर चर्चा में हैं। खबरें हैं कि इस फिल्म में उन्हें भगवान राम के किरदार में देखा जाएगा। मां सीता के रोल में साई पल्लवी को चुना गया है, जबकि केजीएफ स्टार यश कथित तौर पर रावण के रोल के लिए चुने गए हैं।

Barwani Information: 20 फीट ऊंची बल्ली पर चढ़कर युवाओं की टोली ने उतारी गुड़ की पोटली, 100 साल पुरानी अनोखी परंपरा का किया निर्वाह

आयोजन में गोट (सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया। इसमें प्रत्येक घर से अनाज एकत्रित कर भोजन बनाया गया और उसका वितरण किया गया

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 08:43 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 09:17 AM (IST)

Barwani News: 20 फीट ऊंची बल्ली पर चढ़कर युवाओं की टोली ने उतारी गुड़ की पोटली, 100 साल पुरानी अनोखी परंपरा का किया निर्वाह
20 फीट ऊंची बल्ली पर चढ़कर गुड़ तोड़ने का प्रयास करता हुआ युवक और आसपास लगी महिलाओं की भीड़।

HighLights

  1. बड़वानी जिले के मंडवाड़ा के मुंडियापुरा में हुआ आयोजन
  2. इस परंपरा के तहत बीस फीट की एक मोटी बल्ली जमीन में गाढ़ दी जाती है
  3. सबसे ऊपरी छोर पर कपड़े में गुड़ बांध दिया जाता है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंडवाड़ा/बड़वानी । मंडवाड़ा के समीप स्थित ग्राम मुंड‍ियापुरा में बरसों पुरानी परंपरा का निर्वाह किया गया। पुरानी पीढ़ी की इस परंपरा को नई पीढ़ी के युवाओं ने जीवंत रखते हुए पूरा किया। रंगपंचमी के उपलक्ष्य में यहां पर गुड़ तोड़ने की परंपरा का निर्वाह करते हुए युवाओं की टोली ने करीब 20 फीट की बल्ली पर चढ़कर गुड़ तोड़ा।

वहीं ग्रामीणों ने गोट (सामूहिक भोज) का भी आयोजन किया। गांव के बुजुर्गों के मार्गदर्शन में चली आ रही बरसों पुरानी परंपरा को नई पीढ़ी के युवाओं व ग्रामीणों के द्वारा निर्वाह किया।

naidunia_image

गांव के बीच प्रमुख मार्ग पर ऊंचाई पर गुड़ रखा गया जिसे युवाओं ने तोड़ा। जनपद सदस्य राधेश्याम बर्डे ने बताया कि यह परंपरा बरसों पुरानी है। जिसका निर्वहन किया गया है।

बल्ली पर चढ़ते युवाओं पर बरसाते हैं पानी

मुंडियापुरा गांव के क्षत्रिय भिलाला समाज एकजुट होकर यह विशेष पर्व मनाते हैं। यहां पर आदिवासी समाज के करीब 450 घर है। युवाओं पर लकड़ी से वार और पानी की बौछार की गई।

ऐसे निभाते हैं परंपरा

इस परंपरा के तहत बीस फीट की एक मोटी बल्ली जमीन में गाढ़ दी जाती है और उसके सबसे ऊपरी छोर पर कपड़े में गुड़ बांध दिया जाता है। इस पोटली को लेने युवा बल्ली पर सात बार चढ़ते हैं तो उनके ऊपर पानी सोंटा और गुलाल बरसाया जाता है। साथ ही महिलाएं हरी लड़कियों से वार करती है और पानी की बौछार भी की जाती है। इस पोटली को कुल सात बार उतारा जाता है और इस पोटली में बंधे गुड़ की प्रसादी वितरित की जाती है। गुड़ तोड़ने की होड़ लग जाती है। फिसलन के बीच युवाओं ने गुड़ तोड़ा।

प्रत्येक घर से अनाज लेकर की गोट

आयोजन में गोट (सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया। इसमें प्रत्येक घर से अनाज एकत्रित कर भोजन बनाया गया और उसका वितरण किया गया। साथ ही दोपहर बाद पुराने छात्रवास में मटकी भी फोड़ी गई। इस दौरान आयोजन में ग्रामीण सहित महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रही।

  • ABOUT THE AUTHOR

    प्रिंट मीडिया में कार्य का 33 वर्ष का अनुभव। डिजिटल मीडिया में पिछले 9 वर्ष से कार्यरत। पूर्व में नवभारत इंदौर और दैनिक जागरण इंदौर में खेल संपादक और नईदुनिया इंदौर में संपादकीय विभाग में अहम जिम्‍मेदारियों का

Gasoline Cylinder Value: सस्ती हुई रसोई गैस, 1 अप्रैल से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर पर घटे 30.50 रुपए

1 अप्रैल से दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1764.50 तय की गई है। राष्ट्रीय राजधानी में 5 किलो वाले FTL सिलेंडर 7.50 रुपये सस्ता हुआ है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 08:27 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 08:32 AM (IST)

एजेंसी, नई दिल्ली। सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस के दामों की समीक्षा करती हैं। ताजा खबर यह है कि 1 अप्रैल को हुई समीक्षा में 19 किलो वाले कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम 30 रुपए 50 पैसे घटाए गए हैं। 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 5 किलो वाला सिलेंडर भी सस्ता हुआ है।

1 अप्रैल से दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1764.50 तय की गई है। राष्ट्रीय राजधानी में 5 किलो वाले FTL सिलेंडर 7.50 रुपये सस्ता हुआ है।

  • ABOUT THE AUTHOR

    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Gwalior Information: सिलेंडर फटने से झुलसे अवधेश ने भी दम तोड़ा

Gwalior Information: सिलेंडर फटने से झुलसे अवधेश प्रजापति ने रविवार को दम तोड़ दिया। उसकी पत्नी गुड्डी देवी उर्फ रामबेटी की बीती रात ही सांसें थम गई थी। पत्नी की मौत की खबर के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

By anil tomar

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 08:45 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 08:45 AM (IST)

Gwalior News: सिलेंडर फटने से झुलसे अवधेश ने भी दम तोड़ा

HighLights

  1. पत्नी की रात में थम गई थी सांसें, बच्चे जिंदगी-मौत से लड़ रहे
  2. दपंती की मौत के बाद प्रशासन ने एंबुलेंस से शव गांव भिजवाए

Gwalior Information: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिलेंडर फटने से झुलसे अवधेश प्रजापति ने रविवार को दम तोड़ दिया। उसकी पत्नी गुड्डी देवी उर्फ रामबेटी की बीती रात ही सांसें थम गई थी। पत्नी की मौत की खबर के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। रात को अवधेश को सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी और आखिर वह जिंदगी की जंग हार गया। दंपती की मौत हो चुकी है और तीनों बच्चे जिंदगी-मौत से लड़ रहे हैं। इनकी भी हालत गंभीर बनी हुई है। अग्निकांड की दिल दहला देने वाली घटना से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्वालियर में जहां वह रहते थे, वहां आसपास के लोग भी गमगीन थे। दपंती की मौत के बाद प्रशासन ने एंबुलेंस से शव गांव भिजवाए और 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अंतिम संस्कार के लिए मुहैया करवाई गई।

सिंधिया नगर में रहने वाले अवधेश प्रजापति के घर में सिलेंडर लीक होने के बाद आग लगी और परिवार बचने के लिए घर से बाहर भाग पाता, इससे पहले ही सिलेंडर फट गया। पूरा परिवार गंभीर रूप से झुलस गया था। अवधेश की पत्नी गुड्डी देवी उर्फ रामबेटी की रात को मौत हो गई थी। उनका 90 प्रतिशत से अधिक शरीर जल चुका था। वहीं अवधेश का शरीर भी 65 से 70 प्रतिशत जल चुका था। पत्नी की मौत होने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। आक्सीजन सपोर्ट पर भी रखा गया, लेकिन शरीर में संक्रमण फैल चुका था, जिससे अवधेश की रविवार को मौत हो गई। अवधेश के तीनों बच्चे रोशनी, कुसुमा और यश की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इनका इलाज जारी है।

यह लोग मूल रूप से भिंड के मडेयन गांव के रहने वाले थे। यहां रहकर अवधेश टिक्की का ठेला लगाता था। इनकी मौत के बाद दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया। सीएसपी हिना खान, एसडीएम विनोद सिंह भी यहां पहुंचे। शवों को भिजवाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। दोनों के शव गांव भिजवाए गए। अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता भी दी। तीनों बच्चों के इलाज के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार डाक्टरों के संपर्क में हैं।

  • ABOUT THE AUTHOR

    2000 से पत्रकारिता में हूं। दैनिक जागरण झांसी, नवभारत में रिपोर्टर के रूप में काम किया है। दैनिक भास्कर भीलवाड़ा, अजमेर में रिपोर्टर रहा। 2007 से 2013 तक दैनिक भास्कर के मुरैना कार्यालय में ब्यूरो चीफ के रूप मे

Salman Khan didn’t depart Karan Johar’s movie the bull | सलमान खान ने नहीं छोड़ी करण जौहर की फिल्म: फिल्म द बुल छोड़ने की खबर अफवाह, अगले साल फरवरी में शुरू करेंगे शूटिंग

34 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

1998 में रिलीज हुई करण जौहर की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म कुछ कुछ होता है में सलमान खान का एक्सटेंडेड कैमियो था। अब इस फिल्म के 25 साल बाद करण जौहर ने अपने प्रोडक्शन की फिल्म द बुल में सलमान खान की कास्टिंग की है। पिछले कई दिनों से फिल्मी गलियारों में चर्चा थी की डेट्स फाइनल न होने पर सलमान खान ने फिल्म छोड़ दी है, हालांकि अब प्रोडक्शन के सूत्रों की मानें तो ये खबर सरासर अफवाह है।

बीते साल टाइगर 3 के प्रमोशन के दौरान सलमान खान ने कन्फर्म किया था कि वो करण जौहर की फिल्म द बुल का हिस्सा हैं। दिसंबर 2023 में वो फिल्म के मुहुर्त का भी हिस्सा थे। हालांकि बीते कुछ दिनों से खबर है कि बार-बार शूटिंग डेट्स बदलने से परेशान होकर सलमान ने फिल्म करने से इनकार कर दिया है।

इसी बीच अब बॉक्स ऑफिस इंडिया ने फिल्म से जुड़े एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि सलमान अब भी करण की फिल्म द बुल का हिस्सा हैं। उनके द्वारा फिल्म छोड़ने की खबर अफवाह है। फिल्म द बुल की तैयारी शुरू हो चुकी है और सलमान अगले साल फरवरी से फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगे।

फिल्म द बुल में ब्रिगेडियर बनेंगे सलमान

फिल्म द बुल में सलमान में सलमान खान ब्रिगेडियर फारुख बुलसारा के रोल में नजर आएंगे, जो साल 1988 में मालदीव में हुए ऑपरेशन केकटस के लीड थे। फारुख बुसलारा पैरमिलिट्री ऑफिसर थे, जिन पर फिल्म बनेगी। फिल्म की शूटिंग फरवरी 2025 से शुरू होगी। इस फिल्म को विष्णु वर्धन डायरेक्ट करने वाले हैं।

बताते चलें कि इन दिनों सलमान खान साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन की अनटाइटल फिल्म का हिस्सा हैं। इस फिल्म को जय हो डायरेक्ट कर चुके ए.आर. मुरुगाडोस डायरेक्ट कर रहे हैं।

Gwalior Information: नाबालिग नातिन ने ही की थी हत्या, अब दादा के चरित्र पर उठाई अंगुली

माधोगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुढ़ा-गुढ़ी का नाका स्थित कृष्णा कालोनी में रहने वाले होमगार्ड सैनिक रामस्वरूप राठौर की हत्या कर दी गई थी। उनकी लाश घर के अंदर संदूक में मिली थी।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 06:46 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 08:19 AM (IST)

Gwalior News: नाबालिग नातिन ने ही की थी हत्या, अब दादा के चरित्र पर उठाई अंगुली

HighLights

  1. रिटायर्ड होमगार्ड सैनिक रामस्वरूप राठौर की हत्या का मामला
  2. नाबालिग नातिन ने अपने प्रेमी को फंसाने के लिए उसका नाम लिया
  3. फिलहाल पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर उसे क्लीन चिट दे दी है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। रिटायर्ड होमगार्ड सैनिक रामस्वरूप राठौर की हत्या उसकी नाबालिग नातिन ने ही की थी। अपने प्रेमी को फंसाने के लिए उसने उसका नाम लिया, लेकिन फिलहाल पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर उसे क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में नया मोड़ सामने आया है, अब नातिन ने अपने दादा के चरित्र पर अंगुली उठाई है। हालांकि पुलिस ने इसे लेकर चुप्पी साध ली है।

माधोगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुढ़ा-गुढ़ी का नाका स्थित कृष्णा काॅलोनी में रहने वाले होमगार्ड सैनिक रामस्वरूप राठौर की हत्या कर दी गई थी। उनकी लाश घर के अंदर संदूक में मिली थी। उनकी नाबालिग नातिन ने हत्या करना स्वीकार किया था, फिर उसने अपने प्रेमी चंद्रभान राठौर का नाम बताया। चंद्रभान के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया, लेकिन पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्य खंगाले तो चंद्रभान की भूमिका इसमें सामने नहीं आई। पुलिस ने जब नातिन से पूछताछ की तब उसने बताया कि चंद्रभान से वह बात करती थी, लेकिन दादा इसमें रोड़ा थे। इसलिए उन्हें मार डाला। उसने अपने दादा के चरित्र पर भी अंगुली उठाई है। इसे लेकर पुलिस तफ्तीश कर रही है।

15 गोलियां सूजी के हलवे में मिलाई, फिर धक्का देकर संदूक में गिराया और गला घोंट दिया

इस पूरे हत्याकांड का ताना-बाना नातिन ने ही बुना था। वह मेडिकल स्टोर से नींद की 15 गोलियां खरीदकर लाई। यह सारी गोलियां उसने सूजी के हलवे में मिला दी। यह हलवा खाने के बाद रामस्वरूप की आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा। वह लड़खड़ाने लगे। तभी नातिन ने दादा को पकड़ा और उनका हाथ कंधे पर रखवाया। उन्हें सहारा देकर संदूक तक ले गई। संदूक पहले से खुला हुआ था। संदूक के अंदर धक्का देकर गिरा दिया। वह बेहोश हो गया। फिर उसका गला घोंटकर मार डाला। रजाई ओढ़ा दी और संदूक बंद कर दिया।

  • ABOUT THE AUTHOR

    प्रिंट मीडिया में कार्य का 33 वर्ष का अनुभव। डिजिटल मीडिया में पिछले 9 वर्ष से कार्यरत। पूर्व में नवभारत इंदौर और दैनिक जागरण इंदौर में खेल संपादक और नईदुनिया इंदौर में संपादकीय विभाग में अहम जिम्‍मेदारियों का