Khargone Information: मां से मिलने की चाह में 35 किमी दूर नानी के गांव के लिए पैदल निकल पड़ी तीन बेटियां

ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों ने स्वजनों की जानकारी लेकर तीनों बच्चियों को घर पहुंचाया।

By Prashant Pandey

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 03:10 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 03:25 PM (IST)

Khargone News: मां से मिलने की चाह में 35 किमी दूर नानी के गांव के लिए पैदल निकल पड़ी तीन बेटियां
रंगपंचमी पर बस नहीं मिली तो पैदल ही सड़क पर निकल पड़ी।

HighLights

  1. मां पंचमी के एक दिन पहले उनकी मां नानी के घर चली गई थी।
  2. तीनों बच्चियों को फाटे पर बैठा देख ग्राम रक्षा समिति के लोगों ने उनसे बात की।
  3. बच्चियों उनकी मां शारदाबाई एवं नानी के सुपुर्द किया गया।

Khargone Information: खरगोन, गोगावां। ग्राम सहेजला की तीन बालिका आपनी मां शारदा बाई से मिलने की चाह लिए 35 किमी दूर ग्राम रूपखेड़ा के लिए पैदल ही निकल पड़ी। घटना शनिवार रंग पंचमी की है। जानकारी अनुसार सहैजला निवासी राध्या की तीनों बटियां छह वर्षीय ऋतु पुत्री राध्या, सात वर्षीय राशि पुत्र राध्या और पांच वर्षीय कविता पुत्री राध्या रंगपंचमी के दिन बसें बंद होने के कारण पैदल ही अपनी मां शारदा बाई से मिलने के लिए रुपखेड़ा के लिए निकल पड़ी।

मां पंचमी के एक दिन पहले नानी के घर चली गई थीं

जब वे घुघ्रीयाखेड़ी फाटे पर पहुंची तो तीनों बच्चियों को फाटे पर बैठा देख ग्राम रक्षा समिति के मधु तिवारी, भारत सिंह निवासी नागझिरी ने उनके स्वजनों की जानकारी प्राप्त की। जिसमें बच्चियों ने मां का माईका, नानी का घर रुपखेड़ा में होना बताया। उन्होंने बताया कि मां पंचमी के एक दिन पहले उनकी मां नानी के घर चली गई थी। उससे मिलने की चाह में तीनों बेटियां गांव के बस स्टैंड पहुंची, लेकिन बसें बंद होने के कारण पैदल ही नानी के घर जाने का निर्णय लिया।

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रंगपंचमी पर बसें नहीं चलने से घुघरियाखेंड़ी तक पैदल आ गई

इधर बच्चियों की जानकारी पुलिस को दी गई। घटना में पुलिस टीआइ दिनेश सिंह सोलंकी ने बताया कि रंगपंचमी पर बसे नहीं चलने से तीन बच्चियां ग्राम सेहजला (मछलगांव) से पैदल चलकर घुघरियाखेड़ी तक आ गई थीं। गांव वालों से सूचना मिलने पर प्रधान आरक्षक दिनेश मंडलोई, महिला आरक्षक शिवि बघेल को लेकर तत्काल ग्राम घुघ्रीयाखेडी पहुंचाया गया।

महिला आरक्षक ने बच्चों से पूछताछ कर बच्चियों से उनके स्वजनों की जानकारी ली। बच्चियों उनकी मां शारदाबाई एवं नानी के सुपुर्द किया गया। ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों और सरपंच बालम बाल्के एवं अन्य लोगों के समक्ष बच्चियों को स्वजनों को सौंपा गया।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014

तिहाड़ जेल: किस नंबर की कोठरी में रहेंगे अरविंद केजरीवाल, जानिए तिहाड़ जेल में मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन, के कविता का पता

आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं में शामिल रहे मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के साथ ही तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी के. कविता भी अभी तिहाड़ जेल में है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 02:38 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 02:38 PM (IST)

तिहाड़ जेल: किस नंबर की कोठरी में रहेंगे अरविंद केजरीवाल, जानिए तिहाड़ जेल में मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन, के कविता का पता
अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में स्पेशल डाइट के साथ ही पढ़ने के लिए गीता और रामायण की मांग की है।

एजेंसी, नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति कांड में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ जेल भेजा रहा है। सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई में प्रवर्तन निदेशालय ने और रिमांड न मांगते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

सवाल यही है कि अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ जेल की किस कोठरी में रखा जाएगा? बता दें, आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं में शामिल रहे मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के साथ ही तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी के. कविता भी अभी तिहाड़ जेल में है।

तिहाड़ जेल में केजरीवाल के करीबी

  • मनीष सिसोदिया: जेल नंबर 1
  • संजय सिंह: जेल नंबर 2
  • सत्येंद्र जैन: जेल नंबर 7
  • के. कविता: जेल नंबर 6
  • विजय नायर: जेल नंबर 4
  • AAP बोली- राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी

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    केजरीवाल को 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर AAP नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, अब तो साफ देखने को मिल रहा है कि कैसे भाजपा PMLA कानून और अपनी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। ऐसे बयान पर किसी पॉकेटमार की गिरफ्तारी नहीं हो पाएगी, जिस पर एक मौजूदा मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी हुई है। जब तक ED ये नहीं कहेगी कि केस बंद हो जाए या बेल में आपत्ति नहीं है, तब तक यही सिलसिला चलेगा।

    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर भाजपा नेता बांसुरी स्वराज ने कहा, ED के सारी के सारी तथ्य देखने के बाद और दलीलें सुनने के बाद कोर्ट को ये लगा कि ये बेल का मामला नहीं है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेल खारिज करने की आवश्यकता है… बार-बार आम आदमी पार्टी के नेताओं की बेल खारिज हो रही है क्योंकि जो भी जांच एजेंसियां तथ्य रख रही हैं उसमें इस देश के न्यायालयों का ये मानना है कि प्रथम दृष्टया प्रमाण की स्थापना हो गई है।

    भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, कल ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल के समर्थन में तमाम राजनीतिक दलों ने उनका समर्थन किया। इसके लिए भावनात्मक आधारों का भी प्रयोग करने का प्रयास किया गया। आज कोर्ट का निर्णय तथ्यों के आधार पर है। आज दिल्ली के CM को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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      करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

    Salman khan gave recommendation to Randeep Hooda | सलमान ने दी थी रणदीप हुड्डा को सलाह: एक्टर बोले- वो मुझे ज्यादा फिल्में करने और ज्यादा पैसे कमाने को कहते थे

    19 मिनट पहले

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    रणदीप हुड्डा इन दिनों अपनी फिल्म ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ की सक्सेस का जश्न मना रहे हैं। इसी बीच उन्होंने एक इंटरव्यू में सलमान खान के साथ अपनी दोस्ती के बारे में बात की। उन्होंने कहा- सलमान ने मुझे एक बार बहुत कीमती एडवाइस दी थी। वो हमेशा मुझे ज्यादा पैसा कमाने और ज्यादा काम करने की सलाह देते रहे हैं। सलमान मुझसे कहते थे कि अगर मैंने अभी काम करके पैसे नहीं कमाए, तो मुझे फ्यूचर में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    रणदीप बताते हैं कि उन्होंने सभी सलाह में से बहुत कम का ही पालन किया है। रणदीप ने कहा कि सलमान उनसे बहुत दिलचस्पी के साथ दिल की बातें किया करते हैं।

    बता दें, रणदीप ने सलमान के साथ सुल्तान, किक और राधे जैसी फिल्मों में काम किया है।

    रणदीप ने शूटिंग के दौरान का किस्सा शेयर किया

    रणदीप हुड्डा ने कहा कि स्वात्रंत्य वीर सावरकर की शूटिंग के वक्त उन्हें ऐसा फील होता था कि सावरकर उनके आस-पास हैं। रणदीप ने कहा कि जब वे खुद को शीशे के सामने देखते थे तो लगता था कि सावरकर खुद सामने आ गए हैं। रणदीप ने कहा कि उन्होंने खुद को अंडमान के उस जेल में बंद कराया था, जहां सावरकर बंद थे।

    र​​​​​​णदीप ने आगे कहा कि उन्हें कुछ देर तो कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन फिर उनका दम घुटने लगा। वो थोड़े समय बाद ही उस कालकोठरी से बाहर निकल गए।

    सलमान खान के साथ रणदीप हुड्डा।

    सलमान खान के साथ रणदीप हुड्डा।

    ऐसा लगता था वहां कोई है

    रणदीप हुड्डा इन दिनों अपनी फिल्म स्वात्रंत्य वीर सावरकर की वजह से सुर्खियों में हैं। रणदीप हुड्डा ने रणवीर अल्हाबादिया के साथ इंटरव्यू में कहा- रात में वहां अलग ही टाइप का सन्नाटा होता था। ऐसा लगता था कि वहां कोई है।

    रणदीप की यह पहली डायरेक्टोरियल फिल्म है

    इस फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर रणदीप हुड्डा ही हैं। यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि अपनी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म में उन्होंने कमाल का काम किया है।

    कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था- रणदीप

    हालिया इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया है कि इस फिल्म के लिए उन्हें बहुत सारी फिजिकल और फाइनेंशियल चुनौतियों को पार करना पड़ा था। पैसे की कमी की वजह से फिल्म को बंद करने की नौबत आ गई थी। तब उन्होंने वीर सावरकर की बायोपिक के फंडिंग के लिए मुंबई स्थित अपने पिता की प्रॉपर्टीज को बेच दिया था।

    वहीं, इस फिल्म के लिए उन्होंने बहुत ज्यादा वजन भी कम किया था। वीर सावरकर के रोल को प्ले करने के लिए वो दिन भर सिर्फ बादाम के मक्खन और नट्स पर सर्वाइव करते थे।

    Bihar Lok Sabha Chunav: पिछली बार बिहार में RJD का स्ट्राइक रेट शून्य था, इस बार चुनौती और भी बड़ी

    पिछले चुनाव में राजद का वोट प्रतिशत 15.68 फीसदी था। राजद सहयोगी कांग्रेस ने 9 सीटों पर उम्‍मीदवार उतारे थे।

    By Navodit Saktawat

    Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 02:40 PM (IST)

    Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 02:45 PM (IST)

    Bihar Lok Sabha Chunav: पिछली बार बिहार में RJD का स्ट्राइक रेट शून्य था, इस बार चुनौती और भी बड़ी
    पिछले चुनाव में राजद का वोट प्रतिशत 15.68 फीसदी था। राजद सहयोगी कांग्रेस ने 9 सीटों पर उम्‍मीदवार उतारे थे।

    HighLights

    1. इस बार राजद के सामने उस अपमान की भी भरपाई का समय है।
    2. लालू व तेजस्‍वी की राजद के लिए आगे की राह मुश्किल है।
    3. आरा सीट उसने भाकपा को दी थी, शेष 19 सीटों पर खुद चुनाव लड़ा था।

    सुनील राज, पटना। इस बार का लोकसभा चुनाव कई अर्थों में विशेष होगा। एक तरफ एनडीए पिछले चुनाव के परिणाम को दोहराने की उम्‍मीद कर रहा है तो दूसरी ओर विपक्षी महागठबंधन को भी पिछले चुनाव की करारी हार की भरपाई की आस है। 2019 में जब मोदी लहर थी तब कांग्रेस ने किसी तरह एक सीट जीतकर आत्‍म सम्‍मान तो बचा लिया था लेकिन राजद तो यहां पूरी तरह शून्‍य साबित हो गया था।

    इस बार राजद के सामने उस अपमान की भी भरपाई का समय है। लालू व तेजस्‍वी की राजद के लिए आगे की राह मुश्किल है। इसका कारण स्‍ट्राइक रेट माना जा सकता है। 2019 में राजद ने सहयोगियों से बंटवारे में 20 सीटें ली थीं। आरा सीट उसने भाकपा को दी थी, शेष 19 सीटों पर खुद चुनाव लड़ा था।

    राजद ने गोपालगंज, सिवान, महाराजगंज, सारण, पाटलिपुत्र, बक्सर, जहानाबाद, नवादा, जमुई के साथ ही मधेपुरा, अररिया, झंझारपुर, दरभंगा, शिवहर, सीतामढ़ी, हाजीपुर, वैशाली के अलावा बेगूसराय और बांका में प्रत्याशी उतारे थे।

    पिछले चुनाव में राजद का वोट प्रतिशत 15.68 फीसदी था। राजद सहयोगी कांग्रेस ने 9 सीटों पर उम्‍मीदवार उतारे थे। कांग्रेस का वोट प्रतिशत 7.7 फीसदी था। रालोसपा ने पांच सीटों पर उम्‍मीदवार उतारे थे। वोट प्रतिशत 3.66 था। एक और अन्‍य सहयोगी दल हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा ने 3 सीटों पर प्रत्‍याशी दिए और पार्टी को 2.39 फीसदी वोट प्राप्‍त हुए।

    विकासशील इंसान पार्टी भी इस समय चुनाव में राजद के ही साथ थी। उसे तीन सीटें हासिल हुईं और सभी सीटें हारीं। दूसरी तरफ, एनडीए गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था, वहां उसे 23.6 फीसदी वोट मिले थे। सहयोगी दल जदूय को 21 एवं लोजपा को 7 फीसदी वोट मिले थे।

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    2019 के चुनाव में कमजोर था गठबंधन का प्रदर्शन

    इस बार राजद का दावा है कि महागठबंधन की सरकार के कार्यों का प्रभाव इस बार के चुनाव में देखने को मिलेगा। दावा है कि पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ेगा एवं अधिक सीटों पर जीत मिलेगी।

    हालांकि हकीकत की बात करें तो राजद यहां 26 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। उसके सामने भाजपा व जदयू के 22 उम्‍मीदवार होंगे। जहां तक पिछले चुनाव की बात है, लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत में भी महागठबंधन का प्रदर्शन एनडीए की तुलना में कमजोर ही रहा था।

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      वर्तमान में नईदुनिया डॉट कॉम में शिफ्ट प्रभारी हैं। पत्रकारिता में विभिन्‍न मीडिया संस्‍थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में कार्य करने का 21 वर्षों का दीर्घ अनुभव। वर्ष 2002 से प्रिंट व डिजिटल में कई बड़े दायित्‍वों

    UP Lok Sabha Polls: अमेठी और रायबरेली में वेट एंड वॉच का दांव, रोचक मुकाबले से पहले कार्यकर्ता भी कंफ्यूज

    अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीटों को लेकर माना जा रहा है कि गांधी परिवार ही उम्मीदवारों के नाम तय करेगा।

    By Arvind Dubey

    Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 11:09 AM (IST)

    Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 11:09 AM (IST)

    UP Lok Sabha Polls: अमेठी और रायबरेली में वेट एंड वॉच का दांव, रोचक मुकाबले से पहले कार्यकर्ता भी कंफ्यूज
    गांधी परिवार से जुड़े होने के कारण अमेठी और रायबरेली की चर्चा पूरे देश में होती है।

    HighLights

    1. अमेठी से सिर्फ स्मृति ईरानी का नाम तय
    2. कांग्रेस ने दोनों सीटों पर नहीं खेले पत्ते
    3. रायबरेली में भाजपा भी कर रही इंतजार

    ब्यूरो, अमेठी/रायबरेली। राजनीति में ऐसा भी होता है कि पार्टियां एक दूसरे के दांव का इंतजार करती है। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तर प्रदेश की अमेठी और रायबरेली सीटों पर तो ऐसा ही है। इन चर्चित सीटों अब तक किसी पार्टी या गठबंधन ने उम्मीदवारों का एलान नहीं किया है।

    रायबरेली में रोचक मुकाबला, नजर गांधी परिवार पर

    देश की वीआईपी सीटों में शामिल रायबरेली में इस बार सोनिया गांधी नजर नहीं आएंगी। सोनिया गांधी राजस्थान से चुनकर राज्यसभा जा चुकी हैं। सवाल यही है कि अब कांग्रेस से यहां किसे प्रत्याशी बनाया जाएगा?

    राहुल गांधी के साथ ही प्रियंका वाड्रा का नाम चर्चा में है, लेकिन कांग्रेस घोषणा नहीं कर रही है। भाजपा इसी बात का इंतजार कर रही है। वैसे उत्तर प्रदेश में इस बार कांग्रेस और सपा का गठबंधन होने से रायबरेली की लड़ाई रोमांचक मानी जा रही है।

    अब तक दोनों ही दलों में किसी के भी उम्मीदवार की घोषणा न होने से स्थानीय कार्यकर्ताओं से लेकर जनता तक में असमंजस है।

    भाजपा राजनीतिक गुणा भाग को देखते हुए किसी मजबूत स्थानीय उम्मीदवार को टिकट दे सकती है, बशर्ते गांधी परिवार के किसी सदस्य के मैदान में आने पर भी प्रत्याशी जीतने का माद्दा रखता हो। इसके लिए पुराने से लेकर नए नेताओं को भी परखा जा रहा है।

    अमेठी में स्मृति ईरानी के सामने क्या एक बार फिर राहुल गांधी

    अमेठी में भाजपा ने एक बार फिर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस खेमे से इंतजार है कि क्या राहुल गांधी एक बार फिर हिम्मत जुटा पाएंगे या किसी और को मौका दिया जाएगा।

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    सच्चाई यही है कि दशकों तक गांधी-नेहरू परिवार का गढ़ रही अमेठी में इस बार कांग्रेस अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पा रही है। 2019 में स्मृति से मिली राहुल गांधी को हार के बाद कांग्रेस अमेठी में दिनोंदिन कमजोर होती गई और भाजपा मजबूत। पिछले तीन चुनावों से बसपा की भी अमेठी हालत पतली होती जा रही है।

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      करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

    Shivpuri Information: महिला ने माधव चौक पर दिया धरना, पुलिस पर असुनवाई का आरोप

    Shivpuri Information:देहात थानांतर्गत ग्राम रायश्री निवासी एक महिला फूलवती पत्नी बलवीर जाटव उम्र 32 साल ने तीन बच्चों को साथ लेकर पुलिस पर असुनवाई का आरोप लगाते हुए शहर के ह्दय स्थल माधव चौक चौराहे पर धरना दे दिया।

    By anil tomar

    Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 02:03 PM (IST)

    Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 02:03 PM (IST)

    Shivpuri News: महिला ने माधव चौक पर दिया धरना, पुलिस पर असुनवाई का आरोप

    Shivpuri Information: शिवपुरी. नईदुनिया प्रतिनिधि। देहात थानांतर्गत ग्राम रायश्री निवासी एक महिला फूलवती पत्नी बलवीर जाटव उम्र 32 साल ने तीन बच्चों को साथ लेकर पुलिस पर असुनवाई का आरोप लगाते हुए शहर के ह्दय स्थल माधव चौक चौराहे पर धरना दे दिया। महिला द्वारा दिए गए अघोषित धरने से माधव चौक चौराहे पर जाम की स्थिती बन गई और सैंकड़ों लोगों का जमावड़ा लग गया।

    महिला का कहना था कि उसका पति उसे छोड़ कर भाग गया है और पांच साल से लौट कर नहीं आया है। बकौल पीड़िता वह अपने स्वजनों के साथ मिलकर उसे प्रताड़ित करवा रहा है, ताकि वह घर से भाग जाए और वो किसी और महिला से शादी कर सके। महिला का आरोप है कि पुलिस उसकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि महिला ने मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें मारपीट का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।

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      2000 से पत्रकारिता में हूं। दैनिक जागरण झांसी, नवभारत में रिपोर्टर के रूप में काम किया है। दैनिक भास्कर भीलवाड़ा, अजमेर में रिपोर्टर रहा। 2007 से 2013 तक दैनिक भास्कर के मुरैना कार्यालय में ब्यूरो चीफ के रूप मे

    India China Border Dispute: चीन ने फिर जारी की लिस्ट, अरुणाचल प्रदेश के 30 स्थानों के नाम बदले

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

    By Arvind Dubey

    Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 11:09 AM (IST)

    Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 11:09 AM (IST)

    India China Border Dispute: चीन ने फिर जारी की लिस्ट, अरुणाचल प्रदेश के 30 स्थानों के नाम बदले

    पीटीआई, बीजिंग (Arunachal Pradesh Information)। चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 30 स्थानों को अपना बताते हुए एक और लिस्ट जारी की है। चीन ने इन स्थानों का नामकरण किया है।

    चीन द्वारा जारी की गई यह चौथी ऐसी लिस्ट है। भारत सरकार चीन की हर लिस्ट को खारिज कर चुकी है और अरुणाचल प्रदेश की हर इंच जमीन को भारत का अभिन्न अंग बताया है।

    चीनी नागरिक मामलों के मंत्रालय ने यह चौथी सूची जारी की है। सरकारी ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण तिब्बत के हिस्से के रूप में चीन ने इन स्थानों का नामकरण किया है।

    अरुणाचल प्रदेश में लगातार हरकत कर रहा चीन

    चीनी नागरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी यह चौथी ऐसी सूची है। छह स्थानों के नाम बदलने वाली पहली सूची 2017 में जारी की थी। वहीं 2021 में जारी लिस्ट में 15 स्थानों के नाम बदल गए। 2023 में 11 स्थानों के नामों के साथ एक और सूची जारी की गई थी।

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      करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

    Field Workplace Assortment Replace; Godzilla X Kong Aadujeevitham | Swatantrya Veer Savarkar | Madgaon Specific | ‘गॉडजिला X कॉन्ग’ ने फर्स्ट वीकेंड कमाए 39 करोड़: चार दिनों में ‘आदुजीवितम’ ने किया 30.77 करोड़ का बिजनेस

    16 मिनट पहले

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    हॉलीवुड फिल्म ‘गॉडजिला X कॉन्ग: द न्यू एम्पायर’ ने देश में फर्स्ट वीकेंड पर 39 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है। रविवार को इस फिल्म ने 13 करोड़ 50 लाख रुपए का बिजनेस किया। इसने इंग्लिश में 5.75 करोड़, हिंदी में 4 करोड़, तेलुगु में 1.25 करोड़ और तमिल में 2.5 करोड़ रुपए कमाए।

    इससे पहले इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर 13 करोड़ 25 लाख रुपए और दूसरे दिन शनिवार को इसने 12 करोड़ 25 लाख रुपए कमाए थे।

    ग्लाेबली 950 करोड़ का बिजनेस किया
    वहीं वैरायटी रिपोर्ट की मानें तो $135 मिलियन (1125 करोड़ ) के बजट में बनी ‘गॉडजिला X कॉन्ग: द न्यू एम्पायर’ ने अब तक ग्लोबली $114 मिलियन (950 करोड़) रुपए कमा लिए हैं।

    चार दिन में ‘आदुजीवितम’ ने कमाए 30.77 करोड़
    इसके अलावा गुरुवार को रिलीज हुई पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म ‘आदुजीवितम: द गोट लाइफ’ ने चार दिनों में देश में 30 करोड़ 77 लाख रुपए कमा लिए हैं।

    रविवार को इस फिल्म के मलयालम वर्जन ने 8 करोड़ 30 लाख, तमिल वर्जन ने 63 लाख और तेलुगु वर्जन 24 लाख रुपए का कलेक्शन किया। वहीं वर्ल्डवाइड इस फिल्म ने अब तक 70 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर लिया है।

    दूसरे वीकेंड ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ ने कमाए 4.36 करोड़
    इन फिल्मों के बीच पिछले शुक्रवार रिलीज हुई फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ ने अपने दूसरे वीकेंड पर 4 करोड़ 36 लाख रुपए कमाए। रविवार को फिल्म ने 1 करोड़ 75 लाख रुपए का बिजनेस किया और अब इसका टोटल इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 15 करोड़ 73 लाख रुपए हो चुका है। वहीं वर्ल्डवाइड फिल्म ने अब तक 21 करोड़ रुपए कमा लिए हैं।

    दूसरे वीकेंड ‘मडगांव एक्सप्रेस’ ने कमाए 4.17 करोड़
    पिछले हफ्ते ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के साथ ही रिलीज हुई कुणाल खेमू की फिल्म ‘मडगांव एक्सप्रेस’ ने अपने दूसरे हफ्ते में 4 करोड़ 17 लाख रुपए कमाए। रविवार को इसने 1 करोड़ 57 लाख रुपए का बिजनेस किया। फिल्म ने देशभर में 17 करोड़ 75 लाख रुपए कमा लिए हैं।

    Sagar Information: खेत में रखे अनाज को कार से कर रहे थे पार, पुल‍िस ने आरोप‍ितों को दबोचा

    पुलिस अधीक्षक ने पुलिस स्टाफ की त्वरित कार्रवाई पर नकद इनाम देने की घोषणा की है।

    By Lalit Katariya

    Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 01:40 PM (IST)

    Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 01:42 PM (IST)

    Sagar News: खेत में रखे अनाज को कार से कर रहे थे पार, पुल‍िस ने आरोप‍ितों को दबोचा
    सागर। पुलिस ने इसी वाहन को चोरी के अनाज सहित पकड़ा।

    HighLights

    1. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने की तत्काल की कार्रवाई
    2. 13 बोरी चना एवं सरसों को कार से बरामद क‍िया है
    3. प्रयुक्त वाहन व अनाज को जब्त कर बहेरिा थाने में रखा

    Sagar Information:सागर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। पुलिस से शनिवार की रात करीब चार बजे गुडा कटिंग फोर लाइन पर गश्त के दौरान सूचना मिलने पर एक वाहन को चोरी गए अनाज के सहित जब्त किया।

    जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि पिपरिया करकट निवासी संजय नायक के खेत में बने मकान का ताला तोड़कर उसमें रखा सात बोरी चना, छह बोरी सरसो कुल 13 बोरी चना एवं सरसों कीमती 33 हजार रुपये चार-पांच व्यक्ति वैन से चोरी कर भाग गए हैं।

    सूचना मिलने पर थाना बहेरिया पुलिस एवं हाइवे पेट्रोलिंग ड्यूटी में तैनात पुलिस बल ने गुडा कटिंग के पास घेराबंदी करके कार एमपी 09 वी 3974 को रोका। वाहन रोकते ही कुछ व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। मौके पर कार के अंदर चोरी किया गया अनाज रखा था। चोर अजाम खान से पूछताछ की गई। आरोपित आजम ने बताया कि अभी फसल कटाई का काम चल रहा है। लोग अपनी फसल खेतो में या वहीं पर बने कमरों में रखते हैं। मैंने अपनी कार पिता असर खां के नाम पर है एमपी 09 वी 3974 से अपने दोस्तो के साथ अनाज चोरी की घटना को अंजाम दिया था।

    चोरी की घटना के संबंध में संजय नायक के द्वारा प्रकरण दर्ज कराया गया। पुलिस ने चोरी की घटना में प्रयुक्त वाहन व अनाज को जब्त कर बहेरिा थाने में रखा। वहीं आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया। इस कार्रवाई में बहेरिया थाना निरीक्षक भरत सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रधान आरक्षक सहयोग कुमार, एफआरवी में ड्यूटीरत आरक्षक सतेन्द सिंह, हाइवे पेट्रोलिंग में ड्यूटीरत प्रधान आरक्षक सतीष कटारे, हेमराज, ड्राइवर चालक आरक्षक वीरेन्द्र का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस स्टाफ की त्वरित कार्रवाई पर नकद इनाम देने की घोषणा की है।

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    Loksabha Election Flashback: नेपाल, बांग्‍लादेश में जन्‍मे नेताओं को धनबाद की जनता ने चुना था सांसद

    देश में लोकसभा चुनाव की शुरुआत 1951 से हुई थी। जहां तक धनबाद की बात है, इस संसदीय क्षेत्र को उस समय मानभूम उत्‍तरी के नाम से जाना जाता था।

    By Navodit Saktawat

    Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 12:20 PM (IST)

    Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 01:28 PM (IST)

    Loksabha Election Flashback: नेपाल, बांग्‍लादेश में जन्‍मे नेताओं को धनबाद की जनता ने चुना था सांसद
    उस समय धनबाद लोकसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल की सीमा से लगा था। इसलिए इसे मानभूम कहते थे।

    HighLights

    1. देश में लोकसभा चुनाव की शुरुआत 1951 से हुई थी।
    2. बांग्‍लादेश व नेपाल में जन्‍मे लोगों को भी धनबाद की जनता ने चुनकर सांसद बनाया।
    3. इस संसदीय क्षेत्र को उस समय मानभूम उत्‍तरी के नाम से जाना जाता था।

    राकेश कुमार महतो। देश में अब लोकसभा चुनाव का माहौल बन गया है। इस दौर में राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्‍यारोप का क्रम भी शुरू हो ही जाता है। बाहरी और भीतरी का कार्ड तो ऐसे में खेला ही जाता है। जब भी उम्‍मीदवार कोई चुनावी भाषण करने जाते हैं तो इसी बात का मुद्दा बनाने की कोशिश करते हैं। यह बात अलग है कि वोटर्स को इससे फर्क नहीं पड़ता। देश में लोकसभा चुनाव की शुरुआत 1951 से हुई थी। जहां तक धनबाद की बात है, इस संसदीय क्षेत्र को उस समय मानभूम उत्‍तरी के नाम से जाना जाता था। तब देश में कांग्रेस की धाक थी। इस संसदीय क्षेत्र में तब से अभी तक ऐसे प्रत्‍याशी जीते हैं जो धनबाद से या राज्‍य के बाहर जन्‍मे थे। बांग्‍लादेश व नेपाल में जन्‍मे लोगों को भी धनबाद की जनता ने चुनकर सांसद बनाया। आजादी के बाद ये लोग यहीं बस गए।

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    बांग्‍लादेश के पीसी बोस थे पहले सांसद

    प्रभातचंद्र बोस या पीसी बोस कांग्रेस के दिग्‍गज नेता थे। वे बांग्‍लादेश के जेसोर जिले के थे। उस समय धनबाद लोकसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल की सीमा से लगा था। इसलिए इसे मानभूम कहते थे। पहले आम चुनाव में उन्‍हें 92 हजार 752 वोट मिले। उन्‍होंने विरोधी प्रत्‍याशी को 9543 वोटों से हराया।

    जनक्रांति दल की रानी ललिता

    1967 के चुनाव में जनक्रांति दल की प्रत्‍याशी रानी ललिता राज लक्ष्‍मी ने कांग्रेस उम्‍मीदवार एपी शर्मा को हराया। रानी ललिता नेपाल में जन्‍मी थीं। राजशाही ( वर्तमान बांग्लादेश) में जन्मे मासस के एके राय इस संसदीय सीट से तीन बार जीते।

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      वर्तमान में नईदुनिया डॉट कॉम में शिफ्ट प्रभारी हैं। पत्रकारिता में विभिन्‍न मीडिया संस्‍थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में कार्य करने का 21 वर्षों का दीर्घ अनुभव। वर्ष 2002 से प्रिंट व डिजिटल में कई बड़े दायित्‍वों