काम की खबर: पीएफ खाते से कब और कितना पैसा निकाल सकते हैं, जानिए क्या है निकासी का नियम
ईपीएफ सदस्य खुद के लिए या अपने परिवार के किसी सदस्य के इलाज के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक निकासी कर सकते हैं। पहले इसकी अधिकतम लिमिट 50 हजार रुपये थी।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Sat, 20 Apr 2024 05:51 PM (IST)
Up to date Date: Sat, 20 Apr 2024 05:51 PM (IST)
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। EPF Withdrawal Guidelines: जरूरत के समय कर्मचारी अपने EPF खाते में जमा राशि की आंशिक निकासी कर सकते हैं। यह आंशिक निकासी टैक्स मुक्त होती है। बशर्ते ईपीएफ में कम से कम पांच वर्ष तक योगदान किया हो। अगर पांच साल से पहले पैसा निकालते हैं तो 10% टीडीएस चुकाना होगा। ईपीएफ सदस्य खुद के लिए या अपने परिवार के किसी सदस्य के इलाज के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक निकासी कर सकते हैं। पहले इसकी अधिकतम लिमिट 50 हजार रुपये थी। यह बदलाव 10 अप्रैल से लागू हो गया है। इस सुविधा के लिए योगदान की अवधि की बाध्यता नहीं है। इसे एक से अधिक बार भी निकाला जा सकता है।
इन कामों के लिए भी ईपीएफ से निकाल सकते हैं पैसा-
घर की खरीद
अगर तीन साल पीएफ में योगदान किया है तो घर या जमीन खरीदारी या मकान निर्माण के लिए अपने पीएफ फंड का 90 फीसदी तक निकाल सकते हैं। इस सुविधा का इस्तेमाल सिर्फ एक बार किया जा सकता है।
फ्लैट रेनोवेशन
अगर पांच साल की पीएफ में किसी कर्मचारी ने कंट्रीब्यूट किया है तो घर के रेनोवेशन के लिए मंथली सैलरी का 12 गुना तक निकाल सकते हैं। इसका इस्तेमाल दो बार किया जा सकता है।
लोन रिपेमेंट
कम से कम दस साल पीएफ में योगदान किया है तो होम लोन के रिपेमेंट के लिए 36 महीने की सैलरी की निकासी कर सकते हैं। इस सुविधा का इस्तेमाल सेवाकाल में एक बार कर सकते हैं।
कब पीएफ का पूरा पैसा निकाल सकते हैं?
पीएफ फंड की पूरी निकासी रिटायरमेंट के बाद की जा सकती है। नौकरी खोने के एक महीने बाद ईपीएफ बैलेंस का 75% हिस्सा निकाल सकते हैं। इसके बाद अगले दो महीने बेरोजगार रहने पर 25% हिस्से को निकाल सकते हैं।

