Indore Well being Advisory: लू के प्रकोप से बचाव के लिए दोपहर में बाहर निकलने से बचें
लू (तापघात) के लक्षण दिखाई देते ही निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। बचाव के उपाय करें।
By Vinay Yadav
Publish Date: Thu, 18 Apr 2024 01:03 PM (IST)
Up to date Date: Thu, 18 Apr 2024 01:03 PM (IST)

Indore Well being Advisory: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर जिले में बढ़ते हुए तापमान को देखते हुये लू (तापघात) के प्रकोप से बचाव हेतु एडवायजरी जारी की गई है। लू (तापघात) से बचाव हेतु नागरिकों से अपील की गई है कि लू (तापघात) के प्रकोप से बचाव एवं उपचार के लिए जारी एडवायजरी में दिए गए सुझावों का पालन करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. बीएस सैत्या ने नागरिकों से कहा है कि लू (तापघात) के लक्षण दिखाई देते ही निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। बचाव के उपाय करें। उन्होंने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में लू लगने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। वृद्ध, बच्चे, खिलाड़ी, धूप में काम करने वाले श्रमिक सर्वाधिक खतरे में रहते हैं। पसीना न आना, गर्म-लाल एवं शुष्क त्वचा, मतली, सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, उल्टियां होना, बेहोश हो जाना एवं पुतलियां छोटी हो जाना लू (तापघात) के प्रमुख लक्षण एवं संकेत हैं।

लू से बचाव के लिए यह करें
डा. सैत्या ने कहा है कि गर्मी व लू से बचाव के लिए खूब पानी पिएं व खाली पेट न रहें, शराब व कैफिन के सेवन से बचें, ठंडे पानी से नहाएं, सर ढंके व हल्के रंग के ढीले व पूरी बांह के कपड़े पहने, बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़े, दिन में दोपहर 12 से शाम 04 के मध्य बाहर जाने से बचें, धूप में नंगे पांव न चलें, बहुत अधिक भारी कार्य न करें।
बाहर निकलना आवश्यक हो तो छतरी व धूप के चश्मे का उपयोग करें, धूप में निकलने से पहले कम से कम दो गिलास पानी अवश्य पिएं। बुखार व लू लगने पर निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। ओआरएस का घोल, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, फलों का रस इत्यादि का सेवन लाभदायक होता है।

