Ujjain Information: महाअष्टमी पर सुख समृद्धि के लिए उज्जैन में होगी नगर पूजा, देवी को मदिरा का लगेगा भोग
धर्मधानी उज्जैन में नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के समय से चली आ रही है। शारदीय नवरात्र में शासन की ओर से नगर पूजा की जाती है।
By Paras Pandey
Publish Date: Mon, 15 Apr 2024 08:17 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 15 Apr 2024 08:17 PM (IST)

HighLights
- चौबीस खंभा माता मंदिर में सुबह 8 बजे देवी को मदिरा का भोग लगेगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर मंगलवार को नगर की सुख समृद्धि के लिए निरंजनी अखाड़े के साधु संतों द्वारा नगर पूजा की जाएगी। सुबह 8 बजे चौबीस खंभा माता मंदिर स्थित माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजन की शुरुआत होगी। इसके बाद साधु संत नगर के चालीस से अधिक देवी व भैरव मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होंगे। 28 किलोमीटर लंबे नगर पूजा मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जाएगी।
धर्मधानी उज्जैन में नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के समय से चली आ रही है। शारदीय नवरात्र में शासन की ओर से नगर पूजा की जाती है। कलेक्टर माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर नगर पूजा की शुरुआत करते हैं। चैत्र मास में निरंजनी अखाड़े की ओर से नगर पूजा की जाती है। इस बार पूजा व यात्रा की अगुवाई निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पूरी माताजी करेंगी।

नगर पूजा में शामिल होने के लिए देशभर से निरंजनी अखाड़े के साधु संतों का उज्जैन पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। वसूली पटेल तोलाराम ने बताया उज्जैन वासियों की सुख समृद्धि के लिए बीते कई वर्षों से निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी महाराज द्वारा इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। इस बार भी मंगलवार सुबह 8 बजे चौबीस खंभा माता मंदिर से नगर पूजा की शुरुआत होगी। इसके बाद बैंड बाजों के साथ साधु संत व कोटवारों का दल नगर पूजा के लिए रवाना होगा।
28 किलोमीटर मार्ग में मदिरा की धारा लगाई जाएगी। चालीस से अधिक देवी और भैरव मंदिरों में नए ध्वज और चोला चढ़ाया जाएगा। रात 8 बजे अंकपात मार्ग स्थित हांडी फोड़ भैरव पर यात्रा का समापन होगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता डॉ. गोविंद सोलंकी ने बताया कि यात्रा के पश्चात बड़नगर रोड स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में भव्य कन्या पूजन के साथ भक्तों का भंडारा आयोजित होगा। शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में दोपहर 12 बजे शासकीय पूजा होगी।

