Chaitra Navratri 2024 : मैहर की मां शारदा के दर्शन की लालसा से आए दूर दूर से आ रहे भक्‍त

Chaitra Navratri 2024 : कोई बिहार से, तो कोई उत्तर प्रदेश से और कोई मध्य प्रदेश के अंतिम छोर से दर्शन की लालसा से आया।

By Shyam Mishra

Publish Date: Mon, 15 Apr 2024 08:49 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 15 Apr 2024 09:05 AM (IST)

Chaitra Navratri 2024 : मैहर की मां शारदा के दर्शन की लालसा से आए दूर दूर से आ रहे भक्‍त

HighLights

  1. नवरात्रि के अस्सी हजार दर्शनार्थियों ने किए दर्शन।
  2. टोलियों में माता के जयकारे लगाते आगे बढ़ते रहे।
  3. दाहिने हाथ की वरमुद्रा से सभी को वर प्रदान करती हैं।

Chaitra Navratri 2024 : नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर। सुबह से ही रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, मन्दिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। सतना रोड,कटनी रोड, रीवा रोड की तरफ से मैहर मन्दिर की ओर बढ़ते हुए बरबस ही ऐसे श्रद्धालु आपका ध्यान खींच लेंगे, जो बैग टांगे पैदल बढ़ते चले जा रहे हैं। दो-दो की संख्या में, तीन-तीन लोग, टोलियों में माता के जयकारे लगाते आगे बढ़ते रहे। कोई बिहार से, तो कोई उत्तर प्रदेश से और कोई मध्य प्रदेश के अंतिम छोर से दर्शन की लालसा से आया। पैदल चलते श्रद्धालुओं में बस माता के जयकारे की धुन है। मां दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है। भयानक स्वरूप वाली अवश्य हैं परंतु दुःख, भय को हरने वाली बहुत सरल हृदया हैं।

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त्रिनेत्रधारिणी माँ कालरात्रि की उपासना आज

मां दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है। उनका शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। सिर के बाल बिखरे हुए गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। इनके तीन नेत्र हैं जो ब्रम्हाण्ड के सद्श गोल है। इनसे विद्युत के समान चमकीली किरणें निःसृत होती रहती हैं। इनकी नासिका के श्वास प्रश्वास से अग्नि की भयंकर ज्वालाएं निकलती रहती हैं। इनका वाहन गर्दभ (गधा) है। ऊपर उते हुए दाहिने हाथ की वरमुद्रा से सभी को वर प्रदान करती हैं। दाहिनी तरफ का नीचे वाला हाथ अभय मुद्रा में है। बायें तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा तथा नीचे वाले हाथ में खड्ग (कटार) है।

मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक

पं. मोहनलाल द्विवेदी ने बताया कि मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है। लेकिन यह सदैव शुभ फल ही देने वाली है। इसी कारण इनका नाम शुभंकरी भी है। अतः इनके भक्तों को किसी प्रकार भी भयभीत अथवा आतंकित होने की आवश्यकता नहीं है। दुर्गा पूजा के सातवें दिन मां कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन सहस्त्रार चक्र में स्थित रहता है। उसके लिए ब्रम्हाण्ड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगते हैं। इस चक्र में स्थित साधक का मन पूर्णतः माँ कालरात्रि के स्वरूप में अवस्थित रहता है। इनके साक्षात्कार से मिलने वाले पुण्य का यह भागी हो जाता है। उसके समस्त पापों विघ्नों का नाश हो जाता है। उसे अक्षय, पुण्य लोकों की प्राप्ति होती है।

माँ कालरात्रि दुष्टों का विनाष करने वाली है

दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं। ये ग्रह बाधाओं को भी दूर करने वाली है। इनके उपासक को अग्नि-भय जल-भय, शत्रु – भय, रात्रि भय आदि कभी नहीं होते। इनकी कृपा से वह सर्वथा भय मुक्त हो जाता है। माँ कालरात्रि के स्वरूप विग्रह को अपने हृदय में अवस्थित करके मनुष्य को एक निष्ठ भाव से उनकी उपासना करनी चाहिए। यम, नियम, संयम, का उसे पूर्ण पालन करना चाहिए। मन्‌वचन, एवं काया की पवित्रता रखनी चाहिए। यह शुभकरी देवी है। इनकी उपासना से होने वाले शुभों की गणना नहीं की जा सकती। हमें निरंतर इनका स्मरण ध्यान और पूजा करना चाहिए।

पूजन विधान

पं. द्विवेदी ने बताया कि सर्वप्रथम मां कालरात्रि की प्रतिमा/चित्र, स्थापित कर चौकी पर लाल वस्त्र बिछा कर कालरात्रि यंत्र रखे। अखण्ड दीप अवश्य जलता रहे। हांथ में पुष्प लेकर माता का ध्यान करें- कराल रूपा कांलाब्जा समानाकृति विग्रहा।

कालरात्रि शुभं दधाद देवी चण्डाट्टहासिनी ।।

हांथ में लिये पुष्प मां कालरात्रि के चरणों में अर्पित कर माता एवं यंत्र का पंचोपचार पूजन कर नैवेद्य अर्पित करें। लीं क्रीं हुं मंत्र की सात माला जप करे। अपनी मनोकामना हेतु माँ से विनय कर माँ की पूर्ण श्रृद्धा भाव से आरती करें। माँ कालरात्रि भयानक स्वरूप वाली अवश्य हैं परंतु दुःख, भय को हरने वाली बहुत सरल हृदया हैं।

My movie did not get theatres due to ‘Animal’- Siddharth | ‘एनिमल’ के कारण मेरी फिल्म को थिएटर्स नहीं मिले- सिद्धार्थ: ‘चिट्ठा’ की आलोचना करने वालों को दिया जवाब, कहा- लोगों को ‘एनिमल’ डिस्टर्बिंग नहीं लगी

1 घंटे पहले

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फिल्म ‘रंग दे बसंती’ से अपनी पहचान बनाने वाले एक्टर सिद्धार्थ ने रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘एनिमल’ पर कटाक्ष किया है। एक इवेंट के दौरान सिद्धार्थ ने कहा कि बहुत से लोगों को उनकी फिल्म ‘चिट्ठा’ से परेशानी हुई। लोगों का कहना था कि ‘चिट्ठा’ परेशान कर देने वाली फिल्म है। दरअसल, फिल्म ‘चिट्ठा’ बाल यौन शोषण पर आधारित फिल्म है। इस पर सिद्धार्थ का कहना है कि लोगों को ‘मिरुगम’ (एनिमल का तमिल वर्जन) देखने में परेशानी नहीं हुई। लेकिन ये जागरुकता पर बनाई गई फिल्म लोगों को परेशान करने वाली लगती है।

सिद्धार्थ ने कहा- मुझसे किसी महिला ने नहीं कहा कि उन्हें ‘चिट्ठा’ देखने में कोई परेशानी हुई। वहीं कई पुरुषों ने ये कहा कि उन्हें ‘चिट्ठा’ देखने में दिक्कत है। लेकिन उन्हें ‘मिरुगम’ (एनिमल) देखने में कोई समस्या नहीं है। पुरुषों के लिए चिट्ठा डिस्टर्बिंग थी। सिद्धार्थ ने कहा- मेरी फिल्म डिस्टर्बिंग नहीं है, यह एक शर्मनाक अपराध है। जो जल्द ही बदलेगा।

‘चिट्ठा’ को नहीं मिल रहे थे थिएटर- सिद्धार्थ

सिद्धार्थ ने आगे कहा- ‘चिट्ठा’ और ‘मिरुगम’ तेलुगू में एक साथ रिलीज होने वाली थी। लेकिन, कई लोगों ने पूछा कि सिद्धार्थ की फिल्म देखने कौन आएगा? मैंने उनसे कहा कि अगर मैंने एक अच्छी फिल्म बनाई, तो लोग इसे देखने आएंगे। यह 28 सितंबर को रिलीज होनी थी। लेकिन मुझे थिएटर नहीं मिले, एशियन फिल्म्स के सुनील गारू ने फिल्म की क्षमता देखी और मेरा साथ दिया।

बता दें, सिद्धार्थ और अदिति राव हैदरी ने शादी कर ली है। दोनों ने तेलंगाना के श्री रंगानायक स्वामी मंदिर में शादी रचाई है। ग्रेट आंध्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धार्थ और अदिति राव हैदरी ने तेलंगाना के श्रीरंगापुरम जिले के रंगानायक स्वामी मंदिर में गुपचुप तरीके से शादी की है। दोनों पिछले कई साल से एक दूसरे को डेट कर रहे थे।

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Climate Replace: इन राज्यों में अगले 2 दिनों में बारिश का अलर्ट, जानें आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब में 15 अप्रैल को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इधर राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Mon, 15 Apr 2024 07:37 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 15 Apr 2024 07:37 AM (IST)

Weather Update: इन राज्यों में अगले 2 दिनों में बारिश का अलर्ट, जानें आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम
उत्तराखंड के मौसम की बात करें तो 15 अप्रैल को अधिकांश स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है।

HighLights

  1. 15 अप्रैल को अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
  2. इस दौरान कुछ स्थानों पर बिजली गिर सकती है।
  3. हिमाचल प्रदेश में 15 अप्रैल को अधिकांश स्थानों पर और 16 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों के लिए तटीय क्षेत्रों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 48 घंटों के लिए उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। IMD के मुताबिक, पूर्वोत्तर राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण, अरब सागर से बढ़ी हुई नमी के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसके 15 अप्रैल को उत्तर पश्चिम भारत में प्रवेश करने की उम्मीद है। इस कारण मौसम में बड़ा बदलाव हो सकता है। इसके अलावा 18 अप्रैल, 2024 से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर पश्चिम भारत में मौसम प्रभावित हो सकता है।

जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अप्रैल को अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बिजली गिर सकती है। हिमाचल प्रदेश में 15 अप्रैल को अधिकांश स्थानों पर और 16 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के मौसम की बात करें तो 15 अप्रैल को अधिकांश स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है।

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पंजाब में चलेंगी तेज हवाएं

मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब में 15 अप्रैल को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इधर राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।

इन राज्यों में लू की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों के दौरान तटीय ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, माहे, कोंकण, गोवा और सहित विभिन्न क्षेत्रों में गर्म और आर्द्र मौसम की उम्मीद है। इन स्थानों पर लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

Gwalior Information: लोगों का पैसा हड़पकर छिपा था आरोपित, क्राइम ब्रांच ने पकड़ा, कोर्ट से जारी हुए थे 15 वारंट

मूल रूप से भिंड के ऊमरी के रहने वाले कुलदीप शर्मा ने ग्वालियर में कई लोगों से रुपये लिए, इसके बाद उन्हें चेक थमाता गया।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Mon, 15 Apr 2024 07:43 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 15 Apr 2024 07:48 AM (IST)

Gwalior News:  लोगों का पैसा हड़पकर छिपा था आरोपित, क्राइम ब्रांच ने पकड़ा, कोर्ट से जारी हुए थे 15 वारंट

HighLights

  1. अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों की 18 लाख रुपये से ज्यादा रकम हड़पी
  2. फरार हुए आरोपित कुलदीप शर्मा को क्राइम ब्रांच की टीम ने इटावा के जसवंतनगर से पकड़ा है
  3. आरोपितलाेगों का पैसा हड़पने के बाद जसवंतनगर में ही छिपा हुआ था

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों की 18 लाख रुपये से ज्यादा रकम हड़पकर फरार हुए आरोपित कुलदीप शर्मा को क्राइम ब्रांच की टीम ने इटावा के जसवंतनगर से पकड़ा है। वह लाेगों का पैसा हड़पने के बाद जसवंतनगर में ही छिपा हुआ था। क्राइम ब्रांच को उसकी लोकेशन मिली तो उसे यहां से पुलिस ने पकड़ लिया है। पकड़े गए आरोपित के 15 वारंट कोर्ट से जारी हुए थे। इसके बाद भी वह हाजिर नहीं हुआ।

मूल रूप से भिंड के ऊमरी के रहने वाले कुलदीप शर्मा ने ग्वालियर में कई लोगों से रुपये लिए, इसके बाद उन्हें चेक थमाता गया। जब रुपये नहीं लौटाए तो लोगों ने बैंक में चेक लगाए। चेक बाउंस होने के बाद लोगों ने कोर्ट का सहारा लिया। कुलदीप ग्वालियर में थाटीपुर स्थित गौतम नगर में रह रहा था।

जैसे ही उसके वारंट जारी होना शुरू हुए तो वह भाग गया। वह इटावा में छिपकर रह रहा था। क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय पवार और उनकी टीम को सूचना मिली तो उसकी घेराबंदी के लिए टीमें लगाई। टीम ने घेराबंदी कर आरोपित को रविवार को पकड़ लिया। कुलदीप के 12 वारंट मुरार अैर 3 वारंट थाटीपुर थाने के थे। वह इससे पहले 2021 में झांसी, 2022 में गोवर्धन और 2023 में मुरैना में पकड़ा जा चुका है। उसे तीनों जिलों में चेक बाउंस के मामले में ही पकड़ा गया था। एक मामले में उसे छह माह कारावास की सजा भी हो चुकी है।

Manav Kaul shared the story of ‘Gangajal’ | मानव कौल ने शेयर किया ‘गंगाजल’ का किस्सा: बोले- सेट पर रोने लगी थीं प्रियंका चोपड़ा, 2 घंटे तक रुकी रही शूटिंग

38 मिनट पहले

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जॉली एलएलबी 2, तुम्हारी सुलू और बदला जैसी फिल्मों में काम कर चुके मानव कौल ने फिल्म ‘गंगाजल’ से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान प्रियंका चोपड़ा रोने लगी थीं। दरअसल, फिल्म के एक फाइट सीन की प्रैक्टिस चल रही थी। सीन के दौरान गलती से प्रियंका का पैर मानव को लग जाता है। मानव कहते हैं कि एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान ऐसा होना आम बात है। इसके बाद प्रियंका मानव से पूछती हैं कि वो ठीक हैं और इसी के साथ रोना शुरू कर देती हैं।

मानव बताते हैं कि इसके बाद प्रियंका बहुत देर तक रोती रहीं। इस वजह से शूटिंग को 2 घंटे के लिए रोकना पड़ा था।

प्रियंका ने इस फिल्म में एसपी आभा माथुर का रोल निभाया था। फिल्म ‘जय गंगाजल’ साल 2016 में रिलीज हुई थी। इसका डायरेक्शन प्रकाश झा ने किया था। प्रियंका और मानव के अलावा अंकुश बाली, अरुण कुमार, निनाद कामत, जगत सिहं जैसे एक्टर्स ने फिल्म में काम किया था।

19 दिसम्बर 1976 को बारामुला, कश्मीर में जन्मे एक्टर, नाटककार, स्टेज डायरेक्टर और फिल्म डायरेक्टर मानव कौल एक बेहतरीन लेखक भी हैं। मानव ने एक्टर बनने के लिए मुंबई में बहुत स्ट्रगल किया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उन दिनों पैसों की तंगी थी। वो अपने रुममेट्स के साथ देर रात तक जागते थे। ताकि सुबह लेट उठ सकें और नाश्ते की जगह सीधा दोपहर का खाना खाएं। इससे पैसे बच जाते थे।

इसके अलावा भी उन्हें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा था। बता दें, मानव हाल ही में ‘सी ए टॉपर त्रिभुवन मिश्रा’ और ‘द फेम गेम’ सीरीज में नजर आए हैं।

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Indore Information: झाड़ियों में लावारिस मिला था बच्‍चा, अब USA का परिवार लेगा गोद

जनवरी 2023 में पीथमपुर के पास झाड़ियों में मिले बच्‍चे को यूएसए का परिवार गोद लेगा। साथ ही वहां उसका इलाज भी करवाया जाएगा।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Mon, 15 Apr 2024 06:00 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 15 Apr 2024 06:00 AM (IST)

Indore News: झाड़ियों में लावारिस मिला था बच्‍चा, अब USA का परिवार लेगा गोद
बच्‍चे को गोद लेगा यूएसए का परिवार

HighLights

  1. झाड़ियों में मिला था नवजात
  2. श्वानों ने कर दिया था लहूलुहान
  3. अब यूएसए का परिवार बच्‍चे को गोद लेगा

Indore Information संजय रजक, इंदौर। लावारिस हाल में झाड़ियों में मिले नवजात बच्चे की डेढ़ साल बाद किस्मत बदलने जा रही है। बच्चा अब अमेरिका में रहेगा। अमेरिका के एक दंपत्ति नौनिहाल को इसी माह गोद लेकर अपने साथ विदेश ले जाएंगे। बता दे कि जब बच्चे को झाड़ियों में फेंका गया था, जिसके बाद श्वानों ने मिलकर उसे लहूलुहान कर दिया था। इस दौरान बच्चे के प्राइवेट पार्ट में भी चोट आई थी।

जानकारी के अनुसार जनवरी 2023 में पीथमपुर के पास झाड़ियों में नवजात लावारिस हाल में मिला था। नवजात को श्वानों ने लहूलुहान कर दिया था, इस दौरान उसके प्राइवेट पार्ट सहित पूरे शरीर पर घाव बन गए थे। एमटीएच अस्पताल में इलाज के बाद संजीवनी सेवा संगम केंद्र में बच्चे को आश्रय मिला।

केंद्र अधीक्षक आशा सिंह ने बताया कि बच्चा वर्तमान में डेढ़ साल का हो चुका है। कुछ समय पहले अमेरिका के एक दंपत्ति ने इस बच्चे को गोद लेने के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद सभी तरह की प्रक्रिया कारा के माध्यम से पूरी हो चुकी है। जल्द ही बच्चे को लेने दंपत्ति इंदौर आएंगे। केयर टेकर द्वारा बच्चे का ख्याल रखा जा रहा है। शुरुआत के छह माह तक बच्चे ने स्वास्थ्य संबंधित काफी संघर्ष किया। जिसके बाद अब पूरी तरह से स्वस्थ है।

यूएसए में होगा इलाज

जानकारी के अनुसार जब बच्चा झाड़ियों में मिला था, तब श्वान द्वारा बच्चे के प्राइवेट पार्ट काे नुकसान पहुंचाया गया था। उम्र बढ़ने के साथ ही 13-14 साल की उम्र के बच्चे का इलाज भी हो सकेगा। इसके बाद बच्चा पूरी तरह से नॉर्मल हो जाएगा।

अब तक 2 हजार बच्चों को दिया गोद

संजीवनी सेवा संगम केंद्र अधीक्षक आशा सिंह ने बताया कि संस्था की शुरुआत झाबुआ की महारानी लक्ष्मी देवी झाबुआ ने 1981 में की थी। तब से लेकर आज तक करीब 2 हजार से अधिक बच्चों को गोद दिया गया है। वर्तमान में संस्था में 6 बच्चे है।

बच्चे को गोद लेने के लिए यूएसए का एक परिवार 22 या 23 अप्रैल को इंदौर आ रहे है। बच्चे के प्राइवेट पार्ट का इलाज भी यूएसए में होगा। -आरएन बुधोलिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग

Hasrat Jaipuri Delivery Anniversary – Attention-grabbing Info (Zindagi Ek Safar Hai Suhana) | मां ने घर से निकाला, फुटपाथ पर सोना पड़ा: भांजे अनु मलिक ने हसरत जयपुरी से कहा था- बूढ़े हो गए, गाने नहीं लिख सकते

2 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

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दुनिया बनाने वाले, जिंदगी एक सफर है सुहाना और सुन साहिबा सुन जैसे कई सुपरहिट गाने लिखने वाले गीतकार हसरत जयपुरी की आज बर्थ एनिवर्सरी है। - Dainik Bhaskar

दुनिया बनाने वाले, जिंदगी एक सफर है सुहाना और सुन साहिबा सुन जैसे कई सुपरहिट गाने लिखने वाले गीतकार हसरत जयपुरी की आज बर्थ एनिवर्सरी है।

दुनिया बनाने वाले, तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे, बदन पे सितारे लपेटे हुए, ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर, जैसे कई गाने लिखने वाले गीतकार हसरत जयपुरी की आज 102वीं बर्थ एनिवर्सरी है। 15 अप्रैल 1922 को राजस्थान के जयपुर में जन्मे हसरत जयपुरी का असली नाम इकबाल हुसैन था।

हसरत जयपुरी बचपन से शेरो-शायरी करते थे। मां को यह सब पसंद नहीं था, इसलिए उन्होंने हसरत को घर से निकाल दिया। हसरत फेमस म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक के मामा थे। एक बार अनु मलिक ने बातों-बातों में कह दिया था कि मामा अब तुम बूढ़े हो गए हो, गाना नहीं लिख सकते।

हसरत को यह बात लग गई। उन्होंने कुछ ही दिन बाद फिल्म राम तेरी गंगा मैली का फेमस गाना ‘सुन साहिबा सुन’ लिख दिया।

हसरत जयपुरी की बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी लाइफ से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें ..

मां ने घर से निकाल दिया था
हसरत जयपुरी के पिता नाजिम हुसैन फौज में थे। उनकी मां का नाम फिरदौसी बेगम था। हसरत जयपुरी बचपन से ही शायराना मिजाज वाले व्यक्ति थे। उनके नाना फिदा हुसैन अपने जमाने के जाने-माने शायर हुआ करते थे। हसरत को शेरो-शायरी का शौक मां से ही विरासत में मिला था।

हालांकि इनकी मां शायर नहीं थीं। हसरत की मां को उनका शायरी करना जरा भी पसंद नहीं था। हसरत ने मां की बात नहीं सुनी। मां ने हुक्म दिया कि तुम्हें अगर शायरी ही करना है, तो मेरे घर से बाहर निकल जाओ।

बिना खाना खाए कई दिनों तक फुटपाथ पर सोना पड़ा
साल 1940 में हसरत बॉम्बे (मुंबई) आ गए। मायानगरी में पहुंचने के बाद हसरत के जीवन का असली संघर्ष शुरू हुआ। ना ही उनके पास पैसे थे और ना ही उनकी कोई जान पहचान थी। कई दिनों तक बिना खाना खाए ही फुटपाथ पर सोना पड़ा।

इसी बीच उन्हें एहसास हुआ कि जिंदगी चलाने के लिए कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा। काफी संघर्ष के बाद बस कंडक्टर की नौकरी मिली। इसके लिए उन्हें 11 रुपए प्रति महीने मिलते थे। उन्होंने 8 साल तक यह नौकरी की।

मुशायरे में पृथ्वीराज कपूर की नजर पड़ी तो जिंदगी बदल गई
कंडक्टर की नौकरी करते-करते अपने शौक को पूरा करने के लिए हसरत मुशायरे में जाने लगे। एक दिन मुशायरे के दौरान पृथ्वीराज कपूर की नजर हसरत जयपुरी पर पड़ी। उन दिनों पृथ्वीराज के बेटे और एक्टर राजकपूर फिल्म बरसात की तैयारी कर रहे थे। पुराने म्यूजिक डायरेक्टर और गीतकार बहुत तकलीफ देते थे, इसलिए राजकपूर अपना एक अलग ग्रुप बनाना चाह रहे थे।

पृथ्वीराज कपूर ने हसरत जयपुरी की मुलाकात राजकपूर से कराई और बरसात में पहला गाना ‘जिया बेकरार है छाई बहार है’ लिखने का मौका दिया। इस फिल्म के बाद राज कपूर ने उन्हें अपने यहां 300 रुपए महीने पर रख लिया, लेकिन हसरत जयपुरी को राज कपूर की फिल्मों के अलावा दूसरों की फिल्मों के गीत लिखने की भी पूरी छूट थी।

हसरत जयपुरी (बाएं) के करियर को संवारने में राज कपूर (दाएं) और उनके पिता पृथ्वीराज कपूर का बहुत बड़ा हाथ है। हसरत जयपुरी को इंडस्ट्री में लाने का क्रेडिट इन्हीं दोनों को जाता है।

हसरत जयपुरी (बाएं) के करियर को संवारने में राज कपूर (दाएं) और उनके पिता पृथ्वीराज कपूर का बहुत बड़ा हाथ है। हसरत जयपुरी को इंडस्ट्री में लाने का क्रेडिट इन्हीं दोनों को जाता है।

हसरत, शंकर- जयकिशन और शैलेंद्र की बन गई जोड़ी
बरसात के बाद हसरत जयपुरी ने राज कपूर की कई फिल्मों के गीत लिखे। पहली फिल्म के बाद ही हसरत की जोड़ी म्यूजिक डायरेक्टर शंकर-जयकिशन और गीतकार शैलेंद्र के साथ बन गई थी। इनकी टीम ने कई फिल्मों के गीत को कालजयी बना दिए। 1971 में जयकिशन के निधन के बाद तीनों की जोड़ी टूट गई। हसरत जयपुरी, जयकिशन के बहुत करीब थे।

प्रेमिका के लिए लिखी पहली चिट्ठी से बना अमर गीत
फिल्म संगम का गीत ‘ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर’ से जुड़ा एक मजेदार किस्सा हसरत जयपुरी ने खुद ही एक इंटरव्यू के दौरान सुनाया था। हसरत जयपुरी ने कहा था, ‘मुझे पड़ोस की राधा नाम की लड़की से प्यार हो गया था।

इश्क का मजहब और जात-पात से कोई ताल्लुक नहीं। यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि एक मुस्लिम लड़के को केवल एक मुस्लिम लड़की से ही प्यार हो। मेरा प्यार खामोश था। मैंने उसके लिए एक कविता लिखी थी। राज कपूर को वह काफी पसंद आई और उन्होंने उसे अपनी फिल्म संगम में शामिल कर लिया।’

फिल्म संगम का गाना 'ये मेरा प्रेम पत्र' राजेंद्र कुमार और वैजयंती माला पर फिल्माया गया था। इस गाने को हसरत जयपुरी ने लिखा था और इसे आवाज मोहम्मद रफी ने दी थी।

फिल्म संगम का गाना ‘ये मेरा प्रेम पत्र’ राजेंद्र कुमार और वैजयंती माला पर फिल्माया गया था। इस गाने को हसरत जयपुरी ने लिखा था और इसे आवाज मोहम्मद रफी ने दी थी।

हसरत जयपुरी के मिजाज में रोमांस था
हसरत जयपुरी की बेटी किश्वर जयपुरी को भी लिखने का शौक था। वो भी शेरो शायरी लिखा करती थीं, लेकिन किश्वर जयपुरी को शेरो-शायरी लिखने से हसरत जयपुरी ने मना कर दिया। इस बात का खुलासा किश्वर जयपुरी ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था।

किश्वर ने कहा था, ‘डैडी कहते थे कि शायर बनने के लिए बार-बार मोहब्बत करनी पड़ेगी। वो तुमसे नहीं हो पाएगी। डैडी के मिजाज में रोमांस था, लेकिन ऐसा भी नहीं था कि अपनी बीवी और बच्चों को भूल जाएं। किसी का जलवा देखा और बस लिख दिया। रोमानियत को लोग हवस के नजरिए से देखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। यह गलत बात है।’

बेटे के जन्म पर लिखा गाना- चश्मे बद्दूर
फिल्म ‘ससुराल’ के लिए जब हसरत जयपुरी से गीत लिखने के लिए कहा गया तो उन्हें समझ में नहीं आया कि क्या लिखा जाए। इस फिल्म में राजेन्द्र कुमार के अपोजिट साउथ की एक्ट्रेस बी सरोजा देवी ने काम किया था। साउथ की एक्ट्रेस को हसरत खूबसूरत नहीं मानते थे, इसलिए वो गीत नहीं लिख पा रहे थे।

शादी के 7 साल के बाद बेटे का जन्म हुआ। बच्चे को देखते ही हसरत साहब के मुंह से एक बोल निकल गया। वो बोल कुछ ऐसा था- तेरी प्यारी-प्यारी सूरत को किसी की नजर ना लगे, चश्मे बद्दूर। वहां उस वक्त म्यूजिक डायरेक्टर जयकिशन भी मौजूद थे। उन्होंने तुरंत कहा, ‘मुखड़ा मिल गया, अब इसी पर गीत लिख दो।’

1961 की फिल्म ससुराल का गाना 'तेरी प्यारी-प्यारी सूरत को किसी की नजर ना लगे' राजेंद्र कुमार और बी.सरोजा देवी पर फिल्माया गया था। हसरत जयपुरी के लिखे इसे गाने को मोहम्मद रफी ने ही अपनी आवाज दी थी।

1961 की फिल्म ससुराल का गाना ‘तेरी प्यारी-प्यारी सूरत को किसी की नजर ना लगे’ राजेंद्र कुमार और बी.सरोजा देवी पर फिल्माया गया था। हसरत जयपुरी के लिखे इसे गाने को मोहम्मद रफी ने ही अपनी आवाज दी थी।

जब जयकिशन ने अपनी प्रेमिका के लिए एक गाना लिखने को कहा
म्यूजिक डायरेक्टर जोड़ी शंकर-जयकिशन में से जयकिशन को उन दिनों एक लड़की पल्लवी से प्यार हो गया। जयकिशन, पल्लवी से शादी करना चाह रहे थे, लेकिन पल्लवी के घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। वह बहुत ही अमीर खानदान की बेटी थीं। उस वक्त शंकर-जयकिशन का इंडस्ट्री में बड़ा नाम नहीं था।

वे स्ट्रगल के दौर से गुजर रहे थे। जयकिशन ने हसरत जयपुरी से कहा, ‘एक ऐसा गाना लिखो कि पल्लवी गाना सुने और दौड़ती हुई मेरे पास चली आए।’ हसरत ने लिखा- यहां कोई नहीं मेरा तेरे सिवा, कहती है झूमती गाती हवा तुम सब छोड़कर आ जाओ। यह गीत फिल्म ‘दिल एक मंदिर’ का था। इस गीत को जब पल्लवी ने सुना, तो सब कुछ छोड़कर जय किशन के पास आ गईं।

लव मैरिज के खिलाफ थे हसरत जयपुरी
हसरत जयपुरी ने फिल्मों में कई रोमांटिक गीत लिखे, उन्हें प्रिंस ऑफ रोमांस कहा जाता है। हालांकि असल जिंदगी में वो लव मैरिज के खिलाफ थे। उन्होंने 35 साल की उम्र में अपनी मां की पसंद की लड़की से शादी की। उनके दो बेटे अख्तर हसरत जयपुरी, आसिफ हसरत जयपुरी और एक बेटी किश्वर जयपुरी हैं।

जयपुरी ने अपनी पत्नी की सलाह पर अपनी कमाई को रियल एस्टेट में निवेश किया। इन संपत्तियों से हुई कमाई की बदौलत उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत थी। शायद इसीलिए वे गीतकार के रूप में अपना समय समर्पित कर सके।

बच्चों और पत्नी के साथ हसरत जयपुरी।

बच्चों और पत्नी के साथ हसरत जयपुरी।

अनु मलिक ने हसरत को कहा- अब बूढ़े हो गए हो गीत नहीं लिख पाओगे
हसरत जयपुरी की बहन बिलकिस की शादी म्यूजिक डायरेक्टर सरदार मलिक से हुई थी। सरदार मलिक अनु मलिक के पिता थे। 80 के दशक में हसरत जयपुरी के फिल्मों में गीत कम हो गए थे। उन दिनों अनु मलिक फिल्मों में धीरे-धीरे हिट हो रहे थे।

एक दिन अनु मलिक हसरत जयपुरी के घर पहुंच गए और कहा, ‘मामा कुछ गीत लिख कर दो, मैं अपनी फिल्म में लेना चाहता हूं।’ हसरत ने कई गीत लिखे, लेकिन अनु मलिक को कोई भी गीत पसंद नहीं आया। हसरत ने और भी गीत लिखकर दिए, लेकिन अनु मलिक के हिसाब से वो ठीक नहीं थे। काफी वक्त गुजर गया और जब बात नहीं बनी तब अनु मलिक ने हसरत जयपुरी से कहा, ‘मामू अब तुम बूढ़े हो गए हो, अब तुमसे लिखा नहीं जा रहा है। अब तुम गाने नहीं लिख पाओगे।’

भांजे अनु मलिक के साथ हसरत जयपुरी। यह तस्वीर उन दिनों की है, जब अनु ने इंडस्ट्री में कदम रखा ही था।

भांजे अनु मलिक के साथ हसरत जयपुरी। यह तस्वीर उन दिनों की है, जब अनु ने इंडस्ट्री में कदम रखा ही था।

अनु मलिक की बात दिल पर लग गई
अनु मलिक की कही बात हसरत जयपुरी के दिल पर लग गई। उन दिनों राज कपूर राम तेरी गंगा मैली बना रहे थे। उस फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर रवींद्र जैन थे। हसरत जयपुरी ने रवींद्र जैन से कहा, ‘एक गीत लिखने की इजाजत दिला दीजिए। मैं किसी को दिखाना चाहता हूं कि क्या लिख सकता हूं?’

रवींद्र जैन ने इस बात का जिक्र राज कपूर से किया। राज कपूर ने हसरत जयपुरी को एक गीत लिखने की इजाजत दे दी। राज कपूर ने फिल्म के गाने की सिचुएशन समझाई और हसरत जयपुरी ने ‘सुन साहिबा सुन’ लिखा। लता मंगेशकर का गाया यह गीत फिल्म की जान बन गया। इस तरह उन्होंने अनु मलिक को दिखा दिया कि वे अब भी बेहतरीन गाने लिख सकते हैं।

300 से अधिक फिल्मों के लिए 2000 गाने लिखे
हसरत जयपुरी ने लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया। उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों के लिए लगभग 2000 गीत लिखे। 17 सितम्बर 1999 को उनका लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया, लेकिन उनके कालजयी गीतों ने उन्हें अमर कर दिया। उनका लिखा गीत ‘तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे’ वाकई इतनी आसानी से उन्हें भूलने नहीं देगा।

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