Indore Information: झाड़ियों में लावारिस मिला था बच्चा, अब USA का परिवार लेगा गोद
जनवरी 2023 में पीथमपुर के पास झाड़ियों में मिले बच्चे को यूएसए का परिवार गोद लेगा। साथ ही वहां उसका इलाज भी करवाया जाएगा।
By Bharat Mandhanya
Publish Date: Mon, 15 Apr 2024 06:00 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 15 Apr 2024 06:00 AM (IST)

HighLights
- झाड़ियों में मिला था नवजात
- श्वानों ने कर दिया था लहूलुहान
- अब यूएसए का परिवार बच्चे को गोद लेगा
Indore Information संजय रजक, इंदौर। लावारिस हाल में झाड़ियों में मिले नवजात बच्चे की डेढ़ साल बाद किस्मत बदलने जा रही है। बच्चा अब अमेरिका में रहेगा। अमेरिका के एक दंपत्ति नौनिहाल को इसी माह गोद लेकर अपने साथ विदेश ले जाएंगे। बता दे कि जब बच्चे को झाड़ियों में फेंका गया था, जिसके बाद श्वानों ने मिलकर उसे लहूलुहान कर दिया था। इस दौरान बच्चे के प्राइवेट पार्ट में भी चोट आई थी।
जानकारी के अनुसार जनवरी 2023 में पीथमपुर के पास झाड़ियों में नवजात लावारिस हाल में मिला था। नवजात को श्वानों ने लहूलुहान कर दिया था, इस दौरान उसके प्राइवेट पार्ट सहित पूरे शरीर पर घाव बन गए थे। एमटीएच अस्पताल में इलाज के बाद संजीवनी सेवा संगम केंद्र में बच्चे को आश्रय मिला।
केंद्र अधीक्षक आशा सिंह ने बताया कि बच्चा वर्तमान में डेढ़ साल का हो चुका है। कुछ समय पहले अमेरिका के एक दंपत्ति ने इस बच्चे को गोद लेने के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद सभी तरह की प्रक्रिया कारा के माध्यम से पूरी हो चुकी है। जल्द ही बच्चे को लेने दंपत्ति इंदौर आएंगे। केयर टेकर द्वारा बच्चे का ख्याल रखा जा रहा है। शुरुआत के छह माह तक बच्चे ने स्वास्थ्य संबंधित काफी संघर्ष किया। जिसके बाद अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
यूएसए में होगा इलाज
जानकारी के अनुसार जब बच्चा झाड़ियों में मिला था, तब श्वान द्वारा बच्चे के प्राइवेट पार्ट काे नुकसान पहुंचाया गया था। उम्र बढ़ने के साथ ही 13-14 साल की उम्र के बच्चे का इलाज भी हो सकेगा। इसके बाद बच्चा पूरी तरह से नॉर्मल हो जाएगा।
अब तक 2 हजार बच्चों को दिया गोद
संजीवनी सेवा संगम केंद्र अधीक्षक आशा सिंह ने बताया कि संस्था की शुरुआत झाबुआ की महारानी लक्ष्मी देवी झाबुआ ने 1981 में की थी। तब से लेकर आज तक करीब 2 हजार से अधिक बच्चों को गोद दिया गया है। वर्तमान में संस्था में 6 बच्चे है।
बच्चे को गोद लेने के लिए यूएसए का एक परिवार 22 या 23 अप्रैल को इंदौर आ रहे है। बच्चे के प्राइवेट पार्ट का इलाज भी यूएसए में होगा। -आरएन बुधोलिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग

