Sagar Information: दुष्कर्म के मामले में आरोपित का बदला डीएनए, एसपी ने दिए जांच के आदेश

पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के बाद लिए गए ब्लैड सैंपल और डीएनए को बदलकर दूसरे आरोपित का डीएनए एफएसएल में जमा करा दिया।

By Nai Dunia Information Community

Publish Date: Solar, 14 Apr 2024 07:13 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 14 Apr 2024 11:16 PM (IST)

Sagar News: दुष्कर्म के मामले में आरोपित का बदला डीएनए, एसपी ने दिए जांच के आदेश

Sagar Information: नवदुनिया प्रतिनिधि, सागर। मोतीनगर पुलिस द्वारा दुष्कर्म के आरोपित का डीएनए बदलने का मामला सामने आया है। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित का डीएनए दुष्कर्म के दूसरे आरोपित के डीएनए से बदल दिया गया। जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने नगर पुलिस अधीक्षक यश बिजौरिया को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

पिछले दिनों दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के बाद लिए गए ब्लैड सैंपल और डीएनए को बदलकर दूसरे आरोपित का डीएनए एफएसएल में जमा करा दिया। इसका जानकारी तब लगी जब थाने में रखे दूसरे डीएनए को जमा कराने के लिए निकाला गया तो वह एफएसएल में जमा हो चुके उसी केस का सैम्पल निकला। इसके बाद थाने में हड़कंप मच गया।

बताया जा रहा है कि पिछले साल धर्माश्री स्थित एक राजनीतिक परिवार की होटल में हुए लड़की से दुष्कर्म के मामले का केस है, जिसके आरोपित का डीएनए बदला गया है। इसकी जानकारी लगने के बाद पुलिस अधिकारी एफएसएल भी गए, लेकिन वहां के डायरेक्टर डीएनए बदलने से मना कर दिया।

मामले में पुलिस ने थाने में पदस्थ चार पुलिस कर्मियों प्रधान आरक्षक प्रमोद बागरी, प्रधान आरक्षक सुनील ठाकुर, आरक्षक मंजीत घोषी, आरक्षक विनय को इसका दोषी मानते हुए जांच के आदेश सीएसपी को दिए हैं। अब यह संदेह जताया जा रहा है कि कहीं मामले में किसी पक्ष को लाभ या हानि पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझ कर तो डीएनए नहीं बदला गया। जिस मामले में डीएनए बदला गया, उसकी विवेचना थाने के उप निरीक्षक लखन डाबर कर रहे हैं।

डीएनए की यह है प्रक्रिया

दरअसल पूरा मामला पिछले दिनों दुराचार के पुराने दो मामलों में गिरफ्तार हुए आरोपितों का है। दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने निकित यादव और अभिषेक कोरी को अलग-अलग गिरफ्तार किया। दोनों मामले अलग-अलग हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपितों को पुलिस ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराकर उनका ब्लैड सेम्पल और डीएनए लिया। दोनों सेम्पलों को प्रिजर्व करवाकर उसे थाने के फ्रिज में सुरक्षित रखवा दिया गया।

इसके बाद अलग-अलग सेम्पलों का ड्राफ्ट तैयार कर उसे एफएसएल में जमा करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान एक आरोपित के डीएनए सेम्पल दूसरे आरोपित के मामले में जमा करवा दिया गया। इसकी जानकारी जब दूसरे डीएनए को जमा करवाने के दौरान लगी। जिसके बाद थाने में हड़कंप मच गया।

एफएसएल भेजा में भेजे गए डीएनएए प्रोफाइल में अभिषेक कोरी की जगह निकित यादव नाम नाम हो जाएगा। अपराधियों के प्रिजर्व कराए गए सेम्पलों में अपराध क्रमांक, धारा और आरोपित का नाम लिखा रहता है, लेकिन थाना मुंशी, विवेचक और जमा करने गए पुलिस कर्मी ने इसे देखा ही नहीं।

मामले की जांच की जा रही

मोतीनगर थाने में दुष्कर्म के मामले में आरोपित का डीएनए बदलने के मामले की जांच कराई जा रही है। अगर यह जानबूझ कर किया गया है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।- अभिषेक तिवारी, पुलिस अधीक्षक सागर