टावर-61 के बार-रेस्त्रां को बार लाइसेंस नवीनीकरण न करवाने के कारण आबकारी विभाग ने 31 मार्च को बंद कर दिया था।
By Hemraj Yadav
Publish Date: Mon, 15 Apr 2024 02:05 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 15 Apr 2024 02:05 AM (IST)
Hearth in Indore: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एबी रोड पर सी-21 मॉल के सामने टावर-61 में आग की शुरुआत जिस बार-रेस्त्रां से शुरू हुई, वह सेवानिवृत्त डीएसपी जेजी चौकसे के बेटे अर्पित का था। बार लाइसेंस नवीनीकरण न करवाने के कारण आबकारी विभाग ने 31 मार्च को बंद करवा दिया था। इसके बाद भी कर्मचारी रेस्त्रां में खाना बनाते थे। रविवार को खाना बनाते वक्त गैस सिलिंडर में आग लगी और इमारत की दो मंजिलों को चपेट में ले लिया।
आग लगने के बाद घटना स्थल पर भारी भीड़ लग गई, जिसे बाद में पुलिस ने भगाया। – नईदुनिया
इस इमारत के मालिक सतपालसिंह भाटिया उर्फ पिंका (सिल्वर स्प्रिंग) हैं। पहले उनका भतीजा मचान रूफटाप बार एंड रेस्त्रां संचालित करता था। उसे बाद में जेजी चौकसे का बेटा अर्पित चलाने लगा। बार शुल्क जमा न करने पर 31 मार्च को रेस्त्रां बंद करवा दिया गया। इसके बाद भी रेस्त्रां खुला रहता था। बताते हैं कि रविवार दोपहर में दो कर्मचारी खाना बना रहे थे। अचानक सिलिंडर में आग लग गई और दोनों कर्मचारी नीचे आ गए।
फर्नीचर के कारण आग हो गई बेकाबू
फर्नीचर और ज्वलनशील सामग्री होने के कारण पूरे रेस्त्रां को चपेट में ले लिया। आग नीचे आ गई और एसबीआइ के क्रेडिट कार्ड कार्यालय को भी चपेट में ले लिया। सामने ही सी-21 मॉल है। धुआं देखकर मॉल के गार्ड और कर्मचारियों ने पाइप लगाए, लेकिन पांचवीं मंजिल तक पानी नहीं जा सका। आफिस और रेस्त्रां में फर्नीचर होने के कारण आग बेकाबू हो चुकी थी। फायरकर्मी पहुंचे लेकिन आग पर नियंत्रण नहीं हुआ।
क्रेडिट कार्ड के कार्यालय से भागी कर्मचारी
सेवानिवृत्त डीएसपी जेजी चौकसे के मुताबिक, आग की शुरुआत चौथी मंजिल स्थित क्रेडिट कार्ड के आफिस से हुई। उस वक्त वहां कुछ लड़के-लड़कियां मौजूद थीं। अंशुल, हर्ष, विकास नामक युवक ने आग बुझाने का प्रयास भी किया और फायर ब्रिगेड को खबर दी। फायरकर्मी समय पर नहीं आए और पांचवीं मंजिल (छत) पर स्थित रेस्त्रां भी जलकर खाक हो गया। चौकसे के मुताबिक, 31 मार्च को लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के कारण रेस्त्रां की चाबी इमारत के मालिक पिंका को दे दी थी। आबकारी और पुलिस को भी सूचना दी है।
धमाके से कांच फूटे, सिलिंडर और बोतलें फूटी
रेस्त्रां से बार-बार धमाकों की आवाज आ रही थीं। आशंका है कि रेस्त्रां में गैस सिलिंडर और शराब की बोतलें फूट रही थी। चौथी और पांचवीं मंजिल पर कांच लगे है। गर्मी के कारण कांच फूट कर गिर रहे थे। एसपी (फायर) शशिकांत कनकने के मुताबिक, दोनों मंजिलों पर पानी डालने में दिक्कतें आ रही थी। दमकलकर्मियों की एक टीम को पास की इमारत (सफायर हाइट्स) पर चढ़ना पड़ा। फायर ब्रिगेड से करीब 50 कर्मचारियों को लगाया गया। एसडीइआरएफ और नगर निगम की टीम भी मौके पर बुलाना पड़ी। रविवार होने के कारण इमारत के सभी आफिस बंद थे। इमारत में बैंक, ज्वेलरी शाप, कालेज आफिस है।
सब्बल से फोड़ी पानी की टंकियां
प्रत्यदर्शी नीरज के मुताबिक, करीब साढ़े चार बजे बहन निशा का फोन आया था। निशा इसी इमारत में एक शोरूम में काम करती है। नीरज का मॉल में स्टोर है। वह स्टोर बंद कर आए और टावर-61 के बायें तरफ सफायर ट्विंस की छत पर पुल बनाकर रेस्त्रां में आग बुझाने पहुंचे। नीरज के मुताबिक, उस वक्त रेस्त्रां खुला था। पानी डाला और सब्बल से पानी की टंकियां फोड़ी लेकिन आग बढ़ती गई।
रोते हुए इमारत से बाहर आए रहवासी
टावर-61 की दायीं और सफायर हाइट्स और बायीं तरफ सफायर ट्विंस के नाम से इमारत है। आग बढ़ने पर रहवासियों ने फ्लैट खाली कर दिया। पेंट हाउस में रहने वाले लोग रोते हुए बाहर आए। रहवासी विद्या बाई के मुताबिक, घर में धुआं भरने लगा था। बच्चे बाहर निकले तो आग की लपटें नजर आई। इसके बाद जल्दी-जल्दी सभी घरवालों को बाहर निकाला।
एबी रोड़ जाम, आइबस लेन से निकाले वाहन
घटना के बाद एबी रोड़ पर जाम लग गया। डीसीपी ट्रैफिक अरविंद तिवारी मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड के लिए वाहनों की आवाजाही रोक कर आइबस लेन से ट्रैफिक निकाला। इमारत में आग बुझाने के लिए 200 फीट दूर स्थित मॉल से पानी के पाइप लगाए लेकिन इमारत के अग्निशमन यंत्रों ने काम नहीं किया।
वीडियो और रील बनाने पहुंचे
आगजनी की गंभीर घटना में भी वीडियो और रील बनाने वालों का हुजूम आ गया। बीआरटीएस और बसलेन में सैकड़ों लोग जमा हो गए। स्थिति संभालने के लिए एमआइजी, विजय नगर थाने का पुलिस बल लगाना पड़ा। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने लोगों को धक्का देकर हटाया।
नीचे से बुझाते ही ऊपर से उठती थी लपटें
आग बुझाने में जुटे दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करना पड़ी। चौथी मंजिल की लपटें बुझाते ही पांचवीं मंजिल से आग नजर आने लगती थी। जैसे ही दमकलकर्मी पाना डालना बंद करते पुन: लपटें उठने लगती थी। आखिरी में एयरपोर्ट से फायर फाइटर वाहन की मांग करनी पड़ी।





