Bilaspur Climate Replace: मौसम मनभावन, मनोरम दृश्य कर रहा मोहित

प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में नमी का आना जारी है। 13 अप्रैल को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अंधड़ चलने व वज्रपात होने की संभावना है।

By Manoj Kumar Tiwari

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 06:03 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 06:03 AM (IST)

Bilaspur Weather Update: मौसम मनभावन, मनोरम दृश्य कर रहा मोहित

HighLights

  1. प्रकृति की अनुपम छटा के बीच चारों ओर हरियाली
  2. नवरात्र तक ऐसा ही बना रह सकता है अभी मौसम
  3. नमी है किंतु गर्मी भी आएगी

नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर। मौसम अभी मनभावन बना हुआ है। हिंदू नववर्ष के साथ प्रकृति में चारों ओर हरियाली बिखरी हुई है। रंग-बिरंग फूल और वर्षा जल के साथ पहाड़ों का मनोरम दृश्य इन दिनों सभी को मोहित कर रहा है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो नवरात्र तक अभी मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। 18 अप्रैल से प्रचंड गर्मी का क्रम प्रारंभ होगा।

मौसम वेधशाला के मौसम विज्ञानी डा.एचपी चंद्रा के मुताबिक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर ओडिशा के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में नमी का आगमन लगातार जारी है। 13 अप्रैल को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की भी संभावना। अधिकतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः दक्षिण छग रह सकता है। हालांकि बिलासपुर में भी हल्के बादल नजर आएंगे। मौसम में उतार चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। तापमान में वृद्धि भी संभावत है। एक दिन पहले गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था वहीं आज इसमें मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। इधर रात में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जिस तरह से मौसम अभी बना हुआ है इसमें कोई खास परिवर्तन की संभावना नहीं है।

नमी है किंतु गर्मी भी आएगी

मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान की मानें तो भले ही वातावरण में अभी नमी है, लेकिन कुछ दिनों बाद प्रचंड गर्मी भी पड़ेगी। राहत की बात यह है कि 17 अप्रैल तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के भीतर रह सकता है। 18 से 20 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में जबरदस्त वृद्धि हो सकती है। तापमान 45 डिग्री से उपर जा सकता है। इसके बाद मौसम फिर यू टर्न ले सकता है। 21 से 26 अप्रैल के बीच आसमान में हल्के बादल और वर्षा का अनुमान है।

पूर्वानुमान अधिकतम न्यूनतम

बिलासपुर13 अप्रैल 31 21, 14 अप्रैल 33 21

पेंड्रारोड 13 अप्रैल 32 17, 14 अप्रैल 32 17

अंबिकापुर13 अप्रैल 35 21, 14 अप्रैल 35 22

Marathi Movie Director Dadasaheb Torne Battle Story | Shree Pundalik | भारत की पहली फिल्म बनाने वाले दादासाहेब तोर्णे: ​​​​​​​विदेशियों की मदद ली तो नहीं दिया गया क्रेडिट, बंटवारे में दोस्त ने दिया धोखा तो हार्टअटैक आया

6 मिनट पहले

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भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 1913 में रिलीज हुई फिल्म राजा हरिश्चंद्र को देश की पहली फिल्म कहा जाता है, जिसे दादासाहेब फाल्के ने बनाया था। दादासाहेब फाल्के को फिल्मों का जनक (फादर ऑफ इंडियन सिनेमा) कहा गया, हालांकि इसके एक साल पहले 1912 में बनी एक फिल्म पहले ही ये इतिहास रच चुकी थी। उस फिल्म को बनाया था दादासाहेब तोर्णे ने। फिल्म पहले बनी जरूर, लेकिन इतिहास में इसे न पहली फिल्म माना गया, न बनाने वाले दादासाहेब तोर्णे को फिल्मों का जनक। वजह सिर्फ इतनी रही कि उन्होंने अपनी फिल्म में विदेशियों की मदद ली थी। उन्हें क्रेडिट दिलाने की पहल पहली फिल्म आने के 100 साल बाद शुरू की गई, लेकिन नतीजा उनके पक्ष में नहीं रहा। पहली फिल्म बनाने के साथ-साथ दादासाहेब तोर्णे भारत के पहले एडिटर, डायरेक्टर, एग्जीबिटर और मूवी कैमरा कंपनी के मालिक भी हैं। उनकी मदद से ही भारत में फिल्में बनाने वालों को बढ़ावा मिला था।

आज अनसुनी दास्तान में पढ़िए दादासाहेब तोर्णे के इतिहास रचने के बावजूद इतिहास से गायब रहने की कहानी-

कम उम्र में उठा पिता का साया, रिश्तेदारों ने नहीं दिया आसरा

13 अप्रैल 1890 को दादासाहेब तोर्णे का जन्म आज से ठीक 134 साल पहले मुंबई के करीब बसे मालवान गांव में हुआ था। महज 3 साल के थे, जब अचानक उनके पिता का निधन हो गया। पिता की मौत के बाद रिश्तेदारों ने उन्हें, उनकी मां और दादा जी को घर से निकाल दिया। न रहने का ठिकाना था, न कमाई का कोई जरिया। ऐसे में उनका परिवार दर-दर ठोकरें खाता रहा।

भुखमरी की हालात में उनका पूरा परिवार काम की तलाश करते हुए बॉम्बे (अब मुंबई) आ पहुंचा। 10 साल के दादासाहेब तोर्णे को मुंबई की ग्रीव्स कॉटन ग्रीन इलेक्ट्रिक कंपनी में काम मिल गया, जहां वो मशीनें सुधारने का काम करने लगे।

विदेशी फिल्में देखकर आया भारत में फिल्म बनाने का विचार

मशीनों का काम करते हुए दादासाहेब तोर्णे को मशीनों में रुचि जागी और उन्होंने बारीकी से काम सीखना शुरू कर दिया। काम से फुरसत पाकर दादासाहेब तोर्णे अकसर श्रीपद थिएटर कंपनी के नाटक देखने जाया करते थे। ऐसे में उनकी थिएटर वालों से अच्छी जान पहचान हो गई। श्रीपद थिएटर कंपनी में उन दिनों कभी-कभी विदेश से लाई गईं फिल्में दिखाई जाती थीं।

साल 1910 के आसपास की बात है, एक दिन दादासाहेब तोर्णे विदेशी फिल्म देखने पहुंचे थे। उन्होंने फिल्म देखी और इस गहन चिंतन में पड़ गए कि आखिर इसे कैसे बनाया गया होगा। पहले ही मशीनों की गहरी परख रखने वाले 21-22 साल के दादासाहेब तोर्णे ने खुद ही अपनी फिल्म बनाने का फैसला कर लिया।

पैसों की जरूरत पड़ी तो दोस्त ने की मदद, विदेश से मंगवाया कैमरा-रील

दादासाहेब तोर्णे एक इलेक्ट्रिक कंपनी में मामूली काम करते थे, जिससे मिलने वाली मामूली तनख्वाह उनका फिल्म बनाने का सपना पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। जब आर्थिक मदद की जरूरत पड़ी, तो दादासाहेब तोर्णे ने अपने दोस्त मिस्टर नाना साहेब चित्रे से मदद मांगी, जो थिएटर कंपनी के फायनेंसर भी थे। नाना साहेब चित्रे विदेश से फिल्में मंगवाते थे और भारत में दिखाते थे। उन्हें दादासाहेब तोर्णे का आइडिया पसंद आया और वो पैसे देने के लिए राजी हो गए।

1000 रुपए के खर्च में भारत पहुंचा पहला कैमरा और रील

दादासाहेब तोर्णे ने पैसों का बंदोबस्त होते ही लंदन की एक कंपनी से कैमरा, रील समेत फिल्म बनाने का हर जरूरी इक्विपमेंट खरीद लिया, जिसमें करीब 1000 रुपए का खर्चा आया। कंपनी ने कैमरे के साथ एक ऑपरेटर भी भेजा था, जिसने दादासाहेब तोर्णे को वीडियो कैमरा चलाना सिखाया। दादासाहेब तोर्णे भारत के पहले शख्स थे, जिन्हें कैमरा हैंडल करने की तकनीक आती थी।

इसके बाद उन्होंने नाना साहेब चित्रे और दोस्त रामराव कृतिकर के साथ मिलकर माइथोलॉजिकल प्ले श्री पुंडलीक लिखा, ये प्ले माइथोलॉजिकल कैरेक्टर पुंडलीक पर आधारित था।

कलाकारों की फीस के लिए उधार लिए पैसे

स्क्रिप्ट तैयार होने के बाद दादासाहेब तोर्णे ने थिएटर ग्रुप के कलाकारों को फीस देकर फिल्म के लिए शूटिंग करने के लिए राजी कर लिया। फिल्म की मशीनरी खरीदने में उन्होंने सारे पैसे खर्च कर दिए थे, ऐसे में उन्होंने कलाकारों की फीस के साथ-साथ ठहरने और खाने की व्यवस्था करवाने के लिए कुछ करीबियों से पैसे उधार लिए थे।

मुंबई के ग्रांट रोड के थिएटर में हुई थी पहली फिल्म की शूटिंग

शूटिंग के लिए उन्होंने मुंबई के ग्रांट रोड स्थित एक थिएटर को चुना। शूटिंग के समय कोई गड़बड़ न हो, इसलिए उन्होंने विदेश से जॉनसन नाम के कैमरामैन को बुलाया था, जिसने रिकॉर्डिंग में दादासाहेब तोर्णे की मदद की थी। कैमरा एक ही जगह सेट कर 22 मिनट के पूरे प्ले की रिकॉर्डिंग की गई। ये वो दौर था जब तकनीकों की कमी के चलते क्लोज-अप शॉट, पैन और टिल्ट शॉट का विकल्प नहीं हुआ करता था।

जब दादासाहेब तोर्णे ने वो रिकॉर्डिंग देखी तो एक ही कैमरा एंगल से शूट हुई फिल्म उन्हें पसंद नहीं आई। उन्होंने कैमरामैन जॉनसन से सलाह-मशवरा कर अलग-अलग एंगल से फिल्म शूट करने का फैसला किया। वो एक एगंल से एक रील में फिल्म शूट करते थे फिर एंगल बदलकर दूसरी जगह नई रील का इस्तेमाल करते थे। जब शूटिंग पूरी हुई तो उन्होंने सारी रील्स को सीक्वेंस में लगाकर फिल्म को पूरा किया।

शूटिंग के बाद प्रोसेस होने के लिए लंदन भेजी गई थी फिल्म की रील

श्री पुंडलीक फिल्म शूट होने के बाद दादासाहेब तोर्णे ने 1500 फीट लंबी रील प्रोसेस होने के लिए लंदन भेजी, क्योंकि उस दौर में भारत में रील प्रोसेस करने की कोई कंपनी ही नहीं थी।

भारत के पहले प्रमोटर हैं दादासाहेब तोर्णे, अखबार में छपा था फिल्म का प्रमोशनल ऐड

फिल्म श्री पुंडलीक 22 मिनट की फीचर फिल्म थी। जो भारत में बनी पहली फिल्म है। फिल्म को जब मुंबई के कोरोनेशन सिनेमा में दिखाया गया, तो देखने वालों की भीड़ लगने लगी। इस फिल्म की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए दादासाहेब तोर्णे ने कोरोनेशन सिनेमा की मदद से 1912 में टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार में फिल्म श्री पुंडलिक का एक प्रमोशनल ऐड छपवाया था।

उस इश्तिहार में लिखा गया था- पुंडलीक-पुंडलीक, एक पॉपुलर हिंदू ड्रामा, मुंबई शहर की आधी हिंदू आबादी ने फिल्म देख ली है और हम चाहते हैं कि बची हुई आधी हिंदू आबादी भी इस फिल्म को जरूर देखे।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपा फिल्म का प्रमोशनल एड।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपा फिल्म का प्रमोशनल एड।

अखबार में छपे इश्तिहार से फिल्म को फायदा मिला और लोग लगातार इस फिल्म को देखने पहुंचने लगे। भीड़ इतनी थी कि फिल्म 2 हफ्तों तक कोरोनेशन सिनेमाहॉल में लगी रही थी।

भारत के पहले डिस्ट्रीब्यूटर भी हैं दादासाहेब तोर्णे

पहली फिल्म श्री पुंडलिक बनाने के बाद दादासाहेब तोर्णे को उनकी कंपनी ( ग्रीव्स कॉटन इलेक्ट्रिक) ने उनका ट्रांसफर कराची कर दिया। कराची में रहते हुए उनकी मुलाकात बाबूराव पाई नाम के एक शख्स से हुई, जो फिल्मों में रुचि रखता था। दोनों ने मिलकर कराची में एक छोटा सा ऑफिस शुरू किया, जहां वो विदेश से फिल्में मंगवाकर दिखाते थे। समय के साथ उन्होंने कराची, कोल्हापुर समेत कई शहरों में फिल्में डिस्ट्रीब्यूट करना शुरू कर दिया। इस तरह दादासाहेब तोर्णे भारत के पहले फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर बने।

दादासाहेब तोर्णे ने बॉम्बे में शुरू की मूवी कैमरा कंपनी

दादासाहेब इलेक्ट्रिक कंपनी में काम करते थे, लेकिन जब फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन से उनकी कमाई बढ़ने लगी, तो उन्होंने नौकरी छोड़ दी। पहले विश्व युद्ध के समय दादासाहेब तोर्णे की अमेरिकन्स से अच्छी दोस्ती हो गई। उन्होंने अपने कॉन्टैक्ट्स की मदद से भारत में मूवी कैमरा की कंपनी शुरू कर दी।

दादासाहेब तोर्णे की कंपनी से भारत में बढ़ी फिल्ममेकिंग

दादासाहेब फाल्के के बाद भारत में कई अलग-अलग लोग फिल्में बना रहे थे, लेकिन हमेशा फिल्म बनाने के लिए कैमरा और अन्य इक्विपमेंट्स को विदेश से ही मंगवाया जाता था। भारत में मूवी कैमरा कंपनी खुलने से कई लोगों को फिल्में बनाने में मदद मिली और फिल्ममेकिंग को भारत में बढ़ावा मिलने लगा। फिल्म बनाने के लिए हर कोई उस दौर में दादासाहेब तोर्णे से कैमरा खरीदा करता था। फिल्में बनाने का चलन आया तो उनकी कंपनी भी मुनाफे में रही।

1929 में शुरू की फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, करोड़ों में हुई कमाई

मूवी कैमरा कंपनी के साथ-साथ दादासाहेब तोर्णे ने कराची के अपने दोस्त बाबूराव पाई के साथ मिलकर बॉम्बे में भी एक फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन करने वाली फेमस पिक्चर कंपनी शुरू कर दी। ये उस दौर की इकलौती ऑफिशियल डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी थी, जो भारतीय फिल्में डिस्ट्रीब्यूट करती थी। कंपनी देश भर में बनने वाली फिल्मों को थिएटरों तक पहुंचाती थी, टिकट सेलिंग से कंपनी की करोड़ों में कमाई होती थी।

फिल्मों की वैल्यू समझते थे दादासाहेब तोर्णे, बदलते दौर में बोलती फिल्में बनवाईं

दादासाहेब तोर्णे सिनेमा प्रेमी होने के साथ-साथ सिनेमा के महत्व को भी बखूबी जानते थे। उनका मानना था कि इंडस्ट्री तब ही आगे बढ़ती रहेगी, जब इसे नई तकनीकों के साथ अपडेट किया जाएगा। जब हॉलीवुड में बोलती फिल्में बनने लगीं तो वो हिंदी फिल्मों की बजाय हॉलीवुड की बोलती फिल्मों को लोगों को दिखाने लगे।

जब भारतीय साइलेंट फिल्मों से ज्यादा भीड़ विदेश की साउंड फिल्मों में आने लगी, तो दादा साहेब तोर्णे ने लंदन जाकर साउंड रिकॉर्डिंग की ट्रेनिंग ली और मशीनों के साथ भारत लौट आए। दादासाहेब तोर्णे फिल्में बनाना छोड़ चुके थे, ऐसे में उन्होंने अपने दोस्त आर्देशिर ईरानी को भारत की पहली बोलती फिल्म बनाने के लिए राजी कर लिया और उन्हें साउंड रिकॉर्डिंग की मशीनें दे दीं।

2 महीने में तैयार हुई थी देश की पहली साउंड फिल्म आलम आरा

दादासाहेब तोर्णे को डर था कि साउंड तकनीक का पता लगते ही हर कोई साउंड फिल्में बनाने लगेगा। ऐसे में उन्होंने 2 महीने में गुपचुप तरीके से फिल्म आलम आरा बनाई।

भारत की पहली बोलती फिल्म आलम आरा ने इतिहास रच डाला। भारी संख्या में लोग बोलती फिल्म देखने पहुंचे और आर्देशिर इरानी का नाम हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज हुआ। हालांकि, इस समय भी दादासाहेब तोर्णे ने क्रेडिट नहीं लिया। आगे साउंड फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने विदेश से साउंड रिकॉर्डर मंगवाए और उस दौर के हर बड़े स्टूडियो प्रभात, रंजीत, वाडिया में सप्लाई किए।

अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू कर बनाईं 17 फिल्में

दादासाहेब तोरणे ने मनोरंजन की बजाय सामाजिक मुद्दों पर फिल्में बनाने के लिए पुणे में अपना प्रोडक्शन हाउस सरस्वती सिनेटोन शुरू किया। प्रोडक्शन की पहली फिल्म शाम सुंदर जबरदस्त हिट रही। आगे उन्होंने आउत घटाकेछा समेत हिंदी, मराठी भाषा की करीब 17 फिल्में बनाईं।

फिल्म की कॉपीज जलीं, स्टूडियो बिका

बदलते दौर के साथ दूसरे प्रोडक्शन की फिल्में हिट होने लगीं और दादासाहेब तोरणे ने फिल्में बनाना कम कर दीं। उनकी फिल्मों की सिर्फ एक कॉपी हुआ करती थी, जो हर शहरों में घुमाकर दिखाया जाता था, लेकिन ज्यादा फिल्मों की रील्स में आग लगने से वो खत्म हो गईं।

आर्थिक तंगी हुई तो बेचना पड़ा स्टूडियो

पैसों की तंगी होने पर 1944 में दादासाहेब तोरणे ने अपना स्टूडियो अहमद नाम के एक शख्स को बेच दिया। उस शख्स ने ये स्टूडियो चकन ऑइल मिल को बेचा और खुद बंटवारे में पाकिस्तान चला गया। आज उसी जगह कुमार पेसिफिक मॉल है।

बंटवारे और दंगों के बीच मिला धोखा

1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय कई मुस्लिम पाकिस्तान जा रहे थे। इसी दौरान दादा का एक करीबी मुस्लिम दोस्त उनके सारे महंगे इक्विपमेंट चुराकर पाकिस्तान भाग गया। कैमरा और फिल्ममेकिंग इक्विपमेंट से उन्हें इस कदर लगाव था कि उनसे ये सदमा बर्दाश्त नहीं हो सका। उन्हें हार्टअटैक आया और इसके बाद उन्होंने हमेशा के लिए फिल्में बनाना छोड़ दिया। उन्होंने रिटायरमेंट के बाद खुद को फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से भी दूर कर लिया और शिवाजी नगर स्थित घर में अकेले रहने लगे। 19 जनवरी 1960 को दादासाहेब तोर्णे का नींद में ही निधन हो गया।

100 साल बाद शुरू हुई क्रेडिट की जंग

साल 2013 को दादासाहेब तोर्णे के बेटे अनिल तोर्णे, बहू मंगला तोर्णे और मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के एसोसिएट विकास पाटिल ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक पिटिशन फाइल कर उन्हें क्रेडिट दिए जाने की मांग की थी। उनकी पिटिशन को ये कहते हुए खारिज कर दिया गया कि साल 1912 में बनी फिल्म श्री पुंडलीक एक प्ले की रिकॉर्डिंग थी, ऐसे में उसे पहली फीचर फिल्म का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। साथ ही ये भी कहा गया कि उस फिल्म को प्रोसेस के लिए विदेश भेजा गया था और उसका कैमरामैन भी विदेशी था। जबकि दादासाहेब फाल्के की एक साल बाद रिलीज हुई फिल्म राजा हरिश्चंद्र को भारत में ही पूरी तरह बनाया गया था।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दादासाहेब तोरणे को कहा गया हिंदी सिनेमा का जनक

भले ही हिंदी सिनेमा के इतिहास में दादासाहेब फाल्के को हिंदी सिनेमा का जनक कहा गया है, हालांकि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में ये रिकॉर्ड दादासाहेब तोरणे के नाम पर है। ए पिक्चोरियल हिस्ट्री ऑफ इंडियन सिनेमा और मराठी सिनेमा की किताबों में भी इन्हें ही जनक माना गया है।

अगले शनिवार 20 अप्रैल को पढ़िए कहानी एक्ट्रेस जैस्मिन धुन्ना की, जो हॉरर फिल्म वीराना से रातोंरात फेमस हुईं। इन्हें हॉरर फिल्म की सबसे ग्लैमरस एक्ट्रेस में गिना जाता है। ये इतनी खूबसूरत थीं कि अंडरवर्ल्ड के लोगों की भी उन पर नजर थी। चंद फिल्मों के बाद जैस्मिन अचानक लोगों की नजरों से दूर हो गईं। वो कहां हैं और क्या कर रही हैं, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। लोगों का मानना है कि अंडरवर्ल्ड के लोगों ने उन्हें किडनैप किया था।

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पहले हथौड़े से वार किया, फिर फंदे पर लटकाया:कंस्ट्रक्शन वर्कर ने की थी हॉलीवुड एक्ट्रेस एड्रीन की हत्या, उन पर बनी हैं 2 सीरीज और डॉक्यूमेंट्रीज

हॉलीवुड एक्ट्रेस, डायरेक्टर और राइटर एड्रीन की, जिसके कत्ल ने पूरी हॉलीवुड इंडस्ट्री को झकझोर दिया था। एड्रीन महज 40 साल की थीं, जब उनके बाथटब में उनकी लाश मिली थी। हर किसी का मानना था कि उन्होंने आत्महत्या की है, लेकिन महीनों बाद जब उनकी मौत से पर्दा उठा तो हर कोई हैरान था। एड्रीन ने आत्महत्या नहीं की थी, उनकी हत्या हुई थी, वो भी बिल्डिंग में काम करने वाले एक मामूली कारपेंटर के हाथों। आगे पढ़िए..

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मलयाली एक्ट्रेस रानी पद्मिनी, जिनकी घर के 3 नौकरों ने एक बेइज्जती का बदला लेने के लिए हत्या कर दी। उनका शव उनके बाथरूम में ही छिपाया गया था। एक्ट्रेस अपनी मां का सपना पूरा करने के लिए फिल्मों में आई थीं, लेकिन पहली हिंदी फिल्म रिलीज से पहले ही उनकी मौत हो गई। आगे पढ़िए..

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Aaj Ka Rashifal 13 April 2024: आज मतभेद दूर होने से रुके काम बनेंगे, आर्थिक लाभ होगा

Aaj Ka Rashifal 13 April 2024: आज के दिन तुला राशि वाले अपने स्वास्थ्य के कारण कुछ परेशान रह सकते हैं।

By Arvind Dubey

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 05:19 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 05:19 AM (IST)

Aaj Ka Rashifal 13 April 2024: आज मतभेद दूर होने से रुके काम बनेंगे, आर्थिक लाभ होगा
13 अप्रैल 2024, शनिवार का राशिफल

HighLights

  1. मेष: आज परिवार में आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं।
  2. वृषभ: परिवार में मांगलिक कार्य के योग बनेंगे।
  3. मिथुन: रुका हुआ धन प्राप्त होगा।

Aaj Ka Rashifal 13 April 2024: आज दिनांक 13 अप्रैल 2024, शनिवार को विक्रम सम्वत 2081, मास अमांत चैत्र, मास पूर्णिमांत चैत्र और तिथि पंचमी है। यहां पढ़ें सभी 13 राशियों का दैनिक भविष्यफल

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आज का दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर कुछ परेशान रह सकते हैं। व्यापार व्यवसाय में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। विरोधी वर्ग सक्रिय होंगे। परिवार में आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं। पत्नी से वाद विवाद हो सकता है।

Aaj Ka Rashifal: वृषभ दैनिक राशिफल (Taurus Horoscope Right now)

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आज का दिन सामान्य रहेगा। सोचे हुए कार्य पूर्ण होंगे। स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव बना रहेगा। परिवार में मांगलिक कार्य के योग बनेंगे। व्यापार-व्यवसाय में आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है।

Aaj Ka Rashifal: मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Horoscope Right now)

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आज का दिन अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में कोई नया कार्य शुरू करेंगे। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। परिवार-समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार में पैतृक संपत्ति मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

कर्क दैनिक राशिफल (Most cancers Horoscope Right now)

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आज का दिन बहुत अच्छा रहने वाला है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। पत्नी से चल रहे मतभेद दूर होंगे। व्यापार व्यवसाय में लाभ प्राप्त होगा। किसी विशेष व्यक्ति के संपर्क से कोई बड़ा कार्य मिल सकता है। परिवार में मान सम्मान बढ़ेगा। कोई सुखद समाचार परिवार में प्राप्त होगा।

Aaj Ka Rashifal: सिंह दैनिक राशिफल (Leo Horoscope Right now)

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आज के दिन किसी विवाद में फंस सकते हैं। किसी खास काम में बाधा आ सकती हैं। स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। किसी लंबी यात्रा पर जाने का योग बनेगा। वाहन आदि के चलाने में सावधानी बरतें। पैतृक संपत्ति को लेकर परिवार में मतभेद बढ़ सकता है।

Aaj Ka Rashifal: कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Horoscope Right now)

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आज के दिन मानसिक तनाव से गुजर सकते हैं। मित्रों या रिश्तेदारों से वाद विवाद हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय में आपको हानि उठानी पड़ेगी। आर्थिक स्थिति में गिरावट महसूस होगी।

Aaj Ka Rashifal: तुला दैनिक राशिफल (Libra Horoscope Right now)

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आज के दिन स्वास्थ्य के कारण परेशान रह सकते हैं। किसी लंबी यात्रा पर जाने का योग बनेगा। किसी कार्य विशेष के लिए विरोधियों के सामने झुकना पड़ सकता है। व्यापार-व्यवसाय में लाभ प्राप्त होगा।

Aaj Ka Rashifal: वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Horoscope Right now)

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आज के दिन अपनों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य में गिरावट महसूस करेंगे। व्यापार-व्यवसाय में अपने साथियों से धोखा उठाना पड़ सकता है। कोई नया कार्य शुरू न करें। किसी अपरिचित व्यक्ति को उधार ना दें।

Aaj Ka Rashifal: धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Horoscope Right now)

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आज के दिन स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। आप किसी षड्यंत्र का शिकार हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में हानि उठाना पड़ेगी। कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं तो यह समय उपयुक्त नहीं है। परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद की स्थिति बनेगी।

Aaj Ka Rashifal: मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Horoscope Right now)

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आज का दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य में लाभ महसूस करेंगे। किसी अपने का दुखद समाचार प्राप्त होगा। व्यापार व्यवसाय में हानि उठाना पड़ सकती है।

Aaj Ka Rashifal: कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Horoscope Right now)

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आज का दिन अच्छा रहने वाला है। सोचेंगे कार्य पूर्ण होंगे। किसी विशेष व्यक्ति के मिलने से व्यापार क्षेत्र में नया कार्य मिल सकता है। परिवार में मांगलिक कार्य का योग बनेगा। मैं परिवार में सभी आपका सम्मान करेंगे।

Aaj Ka Rashifal: मीन दैनिक राशिफल (Pisces Horoscope Right now)

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आज का दिन समस्याओं से भरा रहेगा। स्वास्थ्य में गिरावट महसूस करेंगे। कोई नया कार्य शुरू करना चाह रहे हैं, तो बाधा उत्पन्न होगी। व्यापार-व्यवसाय में हानि उठाना पड़ सकती है। परिवार में पत्नी का विवाद हो सकता है।