Ambedkar Nagar Constituency: यूपी की अंबेडकर नगर सीट पर 3 दशक से जारी है त्रिकोणीय मुकाबला, 2014 के बाद बदली तस्वीर

वर्ष 1995 में बसपा सरकार ने अंबेडकरनगर जिले का गठन किया तो इसके बाद इसी सीट पर बसपा की पकड़ मजबूत हो गई। साल 2004 तक यहां बसपा का मजबूत पकड़ रही।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 10:13 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 10:14 AM (IST)

Ambedkar Nagar Constituency: यूपी की अंबेडकर नगर सीट पर 3 दशक से जारी है त्रिकोणीय मुकाबला, 2014 के बाद बदली तस्वीर
साल 1951 में फैजाबाद पूर्व के नाम से बने लोकसभा क्षेत्र में शुरुआती दो जीत कांग्रेस के खाते में रही थी।

HighLights

  1. भाजपा ने बीते चुनाव में बसपा से सांसद चुने गए रितेश पांडेय को इस सीट से प्रत्याशी घोषित किया है।
  2. समाजवादी पार्टी ने कटेहरी से विधायक और बसपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे लालजी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है।
  3. बहुजन समाजवादी पार्टी ने नए चेहरे मो. कलाम शाह पर दांव लगाया है।

अभिषेक मालवीय, अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव में जनता को साधने में राजनीतिक दलों की जोर आजमाइश काफी तेज हो गई है और इस बीच कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला भी देखने को मिल रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश की अंबेडकरनगर सीट ऐसा संसदीय क्षेत्र हैं, जहां बीते 3 दशक से जनता की धुरी बसपा, सपा और भाजपा के बीच ही घूम रही है। इस बार के लोकसभा चुनाव में भी Ambedkar Nagar Constituency पर सपा, बसपा और भाजपा के प्रत्याशी मैदान में है और एक-दूसरे को जमकर टक्कर दे रहे हैं।

इस बार ऐसा है मुकाबला

भाजपा ने बीते चुनाव में बसपा से सांसद चुने गए रितेश पांडेय को इस सीट से प्रत्याशी घोषित किया है, वहीं समाजवादी पार्टी ने कटेहरी से विधायक और बसपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे लालजी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा बहुजन समाजवादी पार्टी ने नए चेहरे मो. कलाम शाह पर दांव लगाया है।

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अंबेडकर नगर सीट का इतिहास

साल 1951 में फैजाबाद पूर्व के नाम से बने लोकसभा क्षेत्र में शुरुआती दो जीत कांग्रेस के खाते में रही थी। कांग्रेस को वर्ष 1962 में अकबरपुर सुरक्षित सीट बनने के बाद जनाधार मिला था। इसके बाद साल 1967 में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने कांग्रेस को मात देते हुए जीत हासिल की थी। इसके बाद वर्ष 1971 में कांग्रेस ने दोबारा इस सीट को अपने कब्जे में कर लिया था। साल 1977 और 1980 में जनता पार्टी व जनता पार्टी (सेक्युलर) की जीत हुई। इस सीट पर 1984 में कांग्रेस को आखिरी बार जीत मिली थी। इस सीट से राम प्यारे सुमन कांग्रेस से आखिरी बार सांसद चुने गए थे। इसके बाद वर्ष 1989 व 1991 में जनता दल से राम अवध सांसद चुने गए।

जिला बना तो समीकरण भी बदले

वर्ष 1995 में बसपा सरकार ने अंबेडकरनगर जिले का गठन किया तो इसके बाद इसी सीट पर बसपा की पकड़ मजबूत हो गई। साल 2004 तक यहां बसपा का मजबूत पकड़ रही। बसपा प्रमुख मायावती यहां से सांसद चुनी गई थी, इससे पूर्व भी दो बार जनता ने उन्हें सांसद बनाया था, लेकिन किसी भी कार्यकाल को पूरा नहीं कर पाई। सपा प्रत्याशी शंखलाल माझी ने उपचुनाव में जीत हासिल की। साल 2009 में एक बार फिर से बसपा ने इस सीट पर कब्जा कर लिया। बसपा के राकेश पांडेय ने 22 हजार से अधिक मतों से सपा प्रत्याशी को हराया। भाजपा प्रत्याशी विनय कटियार तीसरे स्थान पर रहे।

वर्ष 2014 में भाजपा की पहली जीत

वर्ष 2014 में मोदी लहर के बीच पहली बार लोकसभा चुनाव में भाजपा को इस सीट से जीत मिली। भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरिओम पांडेय ने 4,32,104 मत हासिल किए थे। इसके बाद साल 2019 में बसपा ने सपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा। बसपा ने राकेश पांडेय के पुत्र रितेश पांडेय को प्रत्याशी बनाया। बसपा प्रत्याशी को 5,64,118 मत मिले थे। भाजपा के मुकुट बिहारी 4,68,238 मतों के साथ दूसरे स्थान पर थे।

Sridevi wished to do a movie with Amar Singh Chamkila | अमर सिंह चमकीला के साथ फिल्म करना चाहती थीं श्रीदेवी: सिंगर ने ठुकरा दिया था ऑफर, कहा था- मेरा 10 लाख रुपए का नुकसान हो जाएगा

7 घंटे पहले

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पंजाबी सिंगर अमर सिंह चमकीला की लाइफ पर बनी फिल्म अमर सिंह चमकीला 12 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो गई है। इसी बीच यह खबर सामने आई है कि दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की दिली ख्वाहिश थी कि वे पंजाबी सिंगर अमर सिंह चमकीला के साथ किसी हिंदी फिल्म में काम करें। लेकिन चमकीला ने उनका यह ऑफर ठुकरा दिया था।

चमकीला का कहना था कि उन्हें हिंदी नहीं आती। तब श्रीदेवी उनके साथ पंजाबी फिल्म करने के लिए तैयार हो गई थीं। हालांकि इसके बाद भी उनका यह सपना अधूरा ही रह गया। इस बात का खुलासा एक इंटरव्यू में चमकीला के करीबी दोस्त स्वर्ण सीविया ने किया था।

श्रीदेवी थीं चमकीला की बहुत बड़ी फैन

स्वर्ण सीविया ने कहा था- श्रीदेवी, अमर सिंह चमकीला की बहुत बड़ी फैन थीं। उन्होंने चमकीला को एक फिल्म में हीरो बनने का ऑफर भी दिया था। लेकिन हिंदी नहीं आने का हवाला देकर चमकीला ने मना कर दिया था। तब श्रीदेवी ने एक महीने में उन्हें हिंदी की ट्रेनिंग दिलाने का ऑफर भी दिया। इसे भी चमकीला ने लेने से इनकार कर दिया और कहा था- उस एक महीने में मेरा 10 लाख रुपए का नुकसान हो जाएगा।

तब श्रीदेवी ने उनके साथ पंजाबी फिल्म में काम करने की इच्छा जताई लेकिन यह भी मुमकिन नहीं हो पाया।

‘चमकीला एक नेकदिल इंसान थे’

सीविया ने आगे कहा- वे एक मानव रत्न थे। पंजाब के लोग उन्हें बहुत प्यार करते थे। अधिकतर लोग उन्हें सिंगर के रूप में जानते थे, लेकिन कम लोगों को ही पता था कि वे एक महान इंसान थे।

1986 में वे घर आए थे। उन्होंने देखा कि मेरी मां बीमार हैं। तब उन्होंने मुझे मां के इलाज के लिए 10 हजार रुपए दिए, जो वाकई बहुत बड़ी रकम थी।

मशहूर फोक सिंगर अमर सिंह चमकीला अपने अलग तरह के गानों से पॉपुलर हुए थे। गानों की लिरिक्स के चलते वो कई बार विवादों में भी रहे। 8 मार्च 1988 को अमर सिंह चमकीला और उनकी पत्नी अमरजोत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके साथ उनके बैंड के दो अन्य साथी भी मारे गए थे।

12 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म

फिल्म अमर सिंह चमकीला 12 अप्रैल को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। इस फिल्म का निर्देशन इम्तियाज अली ने किया है। फिल्म के राइटर और प्रोड्यूसर भी इम्तियाज अली ही हैं। फिल्म में दिलजीत, अमर सिंह चमकीला और परिणीति चोपड़ा उनकी पत्नी अमरजोत के रोल में हैं।

उमरिया स्टेशन के करीब दो हिस्सो में बटी मालगाड़ी, रेलवे फाटक के पास 45 मिनट लगा रहा जाम

मालगाड़ी का आधा हिस्सा आगे निकल गया था और आधा हिस्सा फाटक पर ही पीछे की तरफ सरकने लगा।

By Prashant Pandey

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 09:15 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 09:17 PM (IST)

उमरिया स्टेशन के करीब दो हिस्सो में बटी मालगाड़ी, रेलवे फाटक के पास 45 मिनट लगा रहा जाम

उमरिया। शनिवार की रात लगभग 8बजे बिलासपुर-कटनी रेल खंड के उमरिया रेलवे स्टेशन से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर कटनी की दिशा में सिंगल टोला फाटक पर उमरिया से कटनी की तरफ जा रही लॉन्ग हाल मालगाड़ी दो हिस्सों में बट गई। जिसकी वजह से फाटक पर लगभग 45 मिनट जाम लग रहा। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे वैगन में ओवरलोडिंग के कारण यह स्थिति निर्मित हुई। लान्ग हाल पार्ट होने के कारण मालगाड़ी का आधा हिस्सा आगे निकल गया था और आधा हिस्सा फाटक पर ही पीछे की तरफ सरकने लगा। इसकी वजह से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं हुआ।

जोड़कर किया रवाना

इस मामले में जब रेलवे के अधिकारियों से जानकारी चाही गई तो उन्होंने आनभिज्ञता जाहिर की। हालांकि रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लान्ग हाल के पार्ट होने के बाद रेलवे स्टेशन से तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने फिर से लान्ग हाल को जोड़कर आगे की तरफ रवाना कर दिया। इस दौरान सिंगल टोला रेलवे फाटक पर दोनों ही तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। लोगों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

क्या है लान्ग हाल

लान्ग हाल दो मालगाड़ियों को तीन इंजनों के साथ जोड़कर तैयार किया जाता है, जिसमें एक ही बार में लगभग 120 डिब्बों की मालगाड़ी ज्यादा माल लेकर निकल सकती है। लान्ग हाल का प्रयोग कुछ वर्ष पहले ही शुरू किया गया था और इसे अभी भी प्रयोग के तौर पर चलाया जा रहा है। लान्ग हाल के कारण पहले भी उमरिया और कटनी के बीच इसी तरह की कई घटनाएं हो चुकी है।

इसके कारण अक्सर ट्रेन भी लेट हो जाती हैं। इसकी वजह यह है कि सभी रेलवे स्टेशनों में लान्ग हाल को खड़ा करने की व्यवस्था नहीं है, परिणाम स्वरुप एक बार जब लान्ग हाल मालगाड़ी चलना शुरू करती है तो उसे सिर्फ उन स्टेशनों पर ही रोका जाता है जहां रेलवे ट्रैक की लंबाई दो माल गाड़ियों को एक साथ खड़े करने लायक हो।

रिश्ते सियासी जंग में बदले, पूर्व पति-पत्नी, ननद-भाभी से लेकर ससुर-बहू, इन सीटों पर अपनों में चुनावी मुकाबला

इस बार चुनाव पर कई सीटों सियासी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। यहां एक ही परिवार के सदस्य आमने-सामने हैं। आइए जानते हैं ऐसी कितनी सीटें हैं जहां रिश्तों के बीच राजनीतिक लड़ाई है। ये प्रत्याशी किन पार्टियों से हैं।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 03:38 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 03:38 PM (IST)

रिश्ते सियासी जंग में बदले, पूर्व पति-पत्नी, ननद-भाभी से लेकर ससुर-बहू, इन सीटों पर अपनों में चुनावी मुकाबला
सियासी जंग में रिश्ते।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी। सात चरणों में संपत्र मतदान के बाद 4 जून को नतीजे आएंगे। पहले और दूसरे चरण के नामांकन की प्रक्रिया खत्म हो गई है। पहले चरण में 19 अप्रैल को 102 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी। 26 अप्रैल को दूसरे 89 सीटों पर मतदान होगा। इस बार चुनाव पर कई सीटों सियासी मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। यहां एक ही परिवार के सदस्य आमने-सामने हैं।

आइए जानते हैं ऐसी कितनी सीटें हैं जहां रिश्तों के बीच राजनीतिक लड़ाई है। ये प्रत्याशी किन पार्टियों से हैं।

भाई-बहन के बीच टक्कर

आंध्र प्रदेश की कडप्पा लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने वाईएस शर्मिला को टिकट दिया है। इलेक्शन में शर्मिला के सामने उनके चचेरे भाई वाईएस अविनाश रेड्डी है। अविनाश को वाईएसआर कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा है। शर्मिला पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की बेटी और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख जगह मोहन रेड्डी की बहन हैं। 2019 के चुनाव में अविनाश रेड्डी इस सीट से जीते थे। उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी के आदि नारायण रेड्डी को हराया था।

भाभी-ननद आमने-सामने

महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट पर भाभी-ननद के बीच मुकाबला है। यहां उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को एनसीपी (अजित गुट) ने उम्मीदवार बनाया है। सुनेत्रा पवार के सामने उनकी ननद सुप्रिया सुले मैदान में है। सुप्रिया शरद पवार की बेटी हैं। फिलहाल बारामती लोकसभा सीट से सांसद हैं। 2019 के चुनाल में सुप्रिया सुले ने भाजपा के कंचन राहुल कूल को शिकस्त दी थी।

चौटाला परिवार चुनावी मैदान में

हरियाणा की हिसार सीट पर भाजपा ने रणजीत चौटाला को टिकट दिया है। इंडियन नेशनल लोकदल ने सुनैना चौटाला को मैदान में उतारा है। रणजीत सुनैना के चाचा ससुर हैं। जननायक जनता पार्टी भी ओम प्रकाश चौटाला की बहू नैना चौटाला को टिकट देने की तैयारी में है। यहां मुख्य मुकाबला चौटाला परिवार के बीच होगा।

पूर्व पति-पत्नी एक-दूसरे के खिलाफ

पश्चिम बंगाल की बिष्णुपुर सीट पर पूर्व पति-पत्नी के बीच राजनीतिक मुकाबला है। यहां से बीजेपी सांसद सौमित्र खान मैदान में है। टीएमसी ने उनकी पूर्व पत्नी सुजाता मंडल को उम्मीदवार बनाया है। पूर्व पति-पत्नी के चुनावी मैदान में आने से मुकाबला कड़ा हो गया है। पिछले चुनाव में सौमित्र ने श्यामल संत्रा को हराया था।

Tarak Mehta fame Jennifer Mistry’s sister is on ventilator | TMKOC फेम जेनिफर मिस्त्री की बहन का निधन: एक हफ्ते से वेंटिलेटर पर थीं, एक्ट्रेस ने कहा- मैं पूरी तरह टूट चुकी हूं

30 मिनट पहलेलेखक: किरण जैन

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तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ फेम जेनिफर मिस्त्री की छोटी बहन का निधन हो गया हैं। वे पिछले एक हफ्ते से वेंटिलेटर पर थीं। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान, जेनिफर ने इस बात की पुष्टि की। ​​​​​​जेनिफर ने कहा, ‘जी हां, ये सच हैं। उसकी तबियत में तो सुधार आ रहा था। पता नहीं, अचानक से क्या हो गया। मैं पूरी तरह टूट चुकी हूं।’

बता दे, जेनिफर की बहन जबलपुर के एक सरकारी अस्पताल में एडमिट थी। परिवार के आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें प्राइवेट से सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। बहन के निधन से पहले जेनिफर ने हमसे इस बारे में खुलकर बातचीत की थी।

हमारी फैमिली की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं
जेनिफर ने कहा, ‘एक हफ्ते पहले, जब उन्हें प्राइवेट अस्पताल में एडमिट किया था तब वहां के डॉक्टर्स ने जवाब दे दिया था। उन्होंने मेरी बहन को घर ले जाने तक के लिए कह दिया था। साथ ही हमारी फैमिली की आर्थिक स्थिति सही नहीं। ना मेरी मम्मी के पास पैसे हैं और ना ही मेरे पास। यह भी एक वजह थी की हमने उन्हें सरकारी अस्पताल में एडमिट करने का फैसला लिया।

इसी बीच एक समय ऐसा भी आया जहा उनका पल्स रेट और ब्लड प्रेशर जीरो हो गया था। हम बहुत घबरा गए थे। हालांकि, सरकारी अस्पताल में एडमिट करने के एक दिन बाद ही उनके हालत में सुधार आना शुरू हो गया।’

प्राइवेट अस्पताल में 4 दिन के 1.25 लाख रुपए लग गए
जेनिफर ने आगे बताया, ‘मेरी बहन अभी भी वेंटिलेटर पर हैं। वो क्रिटिकल हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि वो फाइटर हैं। वेंटिलेटर पर होने के बावजूद, वो मुझसे वीडियो कॉल के जरिये बातचीत करने की कोशिश कर रही हैं। मुझे पूरा उम्मीद है कि वो इस जंग को जीत कर दिखाएंगी।

दो दिन से उनके सभी मेडिकल रिपोर्ट्स ठीक आए हैं। प्राइवेट अस्पताल में 4 दिन के 1.25 लाख रुपए लग गए थे। गनीमत हैं कि सरकारी अस्पताल होने की वजह से इसमें पैसे भी कम लग रहे हैं।’

पर्सनल लाइफ में रहे बैकटू-बैक प्रॉब्लम की वजह से थक गई हूं
बातचीत के दौरान, एक्ट्रेस ने बताया की वे अपनी पर्सनल लाइफ में बैक-टू-बैक मुश्किलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘डेढ साल पहले मैंने अपने भाई को खोया। अभी तक मैं इससे उबरी भी नहीं हूं। इसी बीच आसित मोदी और मेरे बीच इशू हो गया। उस मैटर में इंसाफ पाने के लिए मैंने बहुत स्ट्रगल किया।

उसमें जैसे ही थोडी राहत मिली तो अब छोटी बहन की तबियत खराब हो गई। पर्सनल लाइफ में आ रहे बैक-टू-बैक प्रॉब्लम की वजह से थक गई हूं। उम्मीद करती हूं कि जल्द से जल्द सब सही हो जाए।’

खबरें और भी हैं…
Dhar Information: धार में सास-ससुर, बेटे-दामाद मिलकर चला रहे थे अवैध हथियारों की फैक्ट्री, पुलिस ने दबिश देकर पकड़े कट्टे-कारतूस

पुलिस ने धामनोद स्थित अवैध शस्त्र निर्माण फैक्ट्री में दबिश दी, जहां से आरोपितों के कब्जे से अवैध हथियार जब्त कर कार्रवाई की है। आरोपित अपने समधि, सास-ससुर, बेटे-दामाद के साथ गैंग चला रहा था।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 08:46 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 08:46 PM (IST)

Dhar News: धार में सास-ससुर, बेटे-दामाद मिलकर चला रहे थे अवैध हथियारों की फैक्ट्री, पुलिस ने दबिश देकर पकड़े कट्टे-कारतूस
फैक्ट्री में दबिश देकर पकड़े अवैध हथियार

HighLights

  1. फैक्ट्री में दबिश देकर पकड़े अवैध हथियार
  2. आरोपित अपने समधी, सास-ससुर, बेटे-दामाद के साथ चला रहा था गैंग
  3. छह देसी कट्टे, जिंदा कारतूस, देसी पिस्टल, पिस्टल की खाली मैग्जीन, बनाने के उपकरण जब्त

नईदुनिया न्यूज, मनावर: आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आपरेशन प्रहार के तहत अवैध शस्त्र बरामद करने में मनावर पुलिस व सायबर सेल टीम को दूसरी सफलता मिली है। पुलिस ने धामनोद स्थित अवैध शस्त्र निर्माण फैक्ट्री में दबिश दी, जहां से आरोपितों के कब्जे से अवैध हथियार जब्त कर कार्रवाई की है। आरोपित अपने समधि, सास-ससुर, बेटे-दामाद के साथ गैंग चला रहा था। ये आरोपित फैक्ट्री में निर्माण के बाद हथियारों को अन्य राज्यों में बेचते थे।

प्रेस वार्ता में धार एसपी मनोज कुमार ने बताया कि एसडीओपी मनावर, पुलिस टीम व सायबर टीम ने ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो लंबे समय से अवैध शस्त्र बनाकर उसकी तस्करी कर रही थी। पुलिस ने 10 अप्रैल को अवैध शस्त्र की अंतरराज्यीय तस्करी करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

इसमें शामिल अक्षय ने पूछताछ में नानूसिंह भाटिया का नाम बताया था। उसके घर धामनोद में दबिश दी, जहां उसने अवैध हथियार निर्माण की फैक्ट्री बना रखी थी। यहां से अवैध हथियारों का जखीरा पकड़ा है। नानूसिंह अपने समधि पवनसिंह, सास, ससुर, बेटे व दामाद के साथ बड़ी गैंग चलाकर अवैध शस्त्र अन्य राज्यों में बेचते थे। अभी तक चार लोगों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि पूरी गैंग महाराष्ट्र, दिल्ली व राजस्थान में हथियार बेचते थे। आगामी समय में हम पूरी गैंग का पर्दाफाश करेंगे।

इस तरह गैंग तक पहुंची पुलिस

पुलिस टीम ने 17 मार्च 2024 को पूनमचंद पुत्र प्रेमनारायण लौधी निवासी कोदरिया थाना बडगोंदा जिला इंदौर को सेमल्दा फाटे पर घेराबंदी कर एक अवैध देसी 32 बोर पिस्टल, नौ एमएम के 15 जिंदा कारतूस व एक 32 बोर का जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पूनमचंद ने पूछताछ में अवैध हथियार सुरजीत पुत्र नानूसिंह भाटिया निवासी ग्राम सिंघाना से खरीदना बताया था। पुलिस टीम ने सुरजीत सिकलीगर के घर दबिश दी, जहां सुरजीत घर के अंदर अवैध फैक्ट्री लगाकर देशी कट्टे व पिस्टल बनाते मिला। टीम ने सुरजीत व पूनमचंद के कब्जे से चार लाख 57 हजार रुपये कीमत के अवैध हथियार जब्त किए थे।

इसके बाद पुलिस टीम ने 10 अप्रैल को तीन आरोपितों को अवैध हथियारों की अंतरराज्यीय तस्करी करते गिरफ्तार किया था। इसमें शामिल आरोपित अक्षय व सचिन ने हथियार सिंघाना के पवनसिंह पुत्र गुलजारसिंह सिकलीगर व उसके दो अन्य साथियों से खरीदना बताया था। पुलिस ने आरोपित पवनसिंह को उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया था। मौके से आरोपित नानूसिंह व एक महिला फरार हो गई थी। इस पर फरार आरोपित नानूसिंह की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया।

13 अप्रैल को नानूसिंह के घर दबिश देकर अवैध हथियारों की फैक्ट्री सहित गिरफ्तार किया। टीम ने नानूसिंह के कब्जे से छह देशी कट्टे, एक जिंदा कारतूस, एक देसी पिस्टल, एक पिस्टल की खाली मैग्जीन, अवैध शस्त्र बनाने के उपकरण जब्त किए। सुरजीत की पत्नी को भी शुक्रवार को मनावर पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक खाली राउंड जब्त किया है।

Samrat Chaudhary: योगी स्टाइल में माफियाओं को चेतावनी दे रहे सम्राट चौधरी, बोले- गया में कर दूंगा पिंडदान

बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने माफियाओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बालू माफिया, शराब माफिया व जमीन माफिया का गया में पिंडदान कर दूंगा। भ्रष्टाचार करने वाले सिर्फ जेल में ही दिखाई देंगे।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 05:35 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 05:35 PM (IST)

Samrat Chaudhary: योगी स्टाइल में माफियाओं को चेतावनी दे रहे सम्राट चौधरी, बोले- गया में कर दूंगा पिंडदान
सम्राट चौधरी की माफियाओं को चेतावनी।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी कोंच में भाजपा प्रत्याशी सुशील के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने योगी स्टाइल में माफियाओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बालू माफिया, शराब माफिया व जमीन माफिया का गया में पिंडदान कर दूंगा। भ्रष्टाचार करने वाले सिर्फ जेल में ही दिखाई देंगे।

सम्राट चौधरी ने कहा कि राजद के लोगों ने वादा किया है कि वह सरकार में आने के बाद नौकरियां देंगे। युवाओं से रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन ले ली थी। अब एक करोड़ नौकरी देने का वादा किया है, तो उसके बदले भी जमीन ले लेंगे।

पीएम मोदी ने गरीबों को दिए पक्के मकान

सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से सरकार संभाली है, तब से उन्होंने गरीबों का ध्यान रखा है। उन्होंने गरीबों को पक्का मकान दिया, जिससे उनके भी सिर पर छत हो। पांच सौ साल से टेंट में रहे भगवान श्री राम के लिए भव्य राम मंदिर बनाने का काम किया।

Sayaji Shinde underwent angioplasty | सयाजी शिंदे की हुई एंजियोप्लास्टी: सीने में दर्द होने पर भर्ती कराया गया, हालत अभी स्थिर, खुद एक्टर ने वीडियो शेयर कर दी जानकारी

1 मिनट पहले

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एक्टर सयाजी शिंदे की हाल ही में एंजियोप्लास्टी हुई है। पिछले कई दिनों से सयाजी बीमार चल रहे थे। 11 अप्रैल को अचानक सीने में तेज दर्द उठने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई। ये खबर सामने आते ही सयाजी के फैंस परेशान हो गए थे।

सर्जरी के बाद बीते शुक्रवार को सयाजी ने खुद इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया और फैंस को बताया कि अब उनकी हालत स्थिर है।

वीडियो शेयर कर दी हेल्थ अपडेट

सामने आई वीडियो में सयाजी ने मराठी भाषा में हेल्थ अपडेट दी है। उन्होंने कैप्शन में लिखा है- नमस्कार, मैं अभी अच्छा हूं। सभी फैंस जो मुझे प्यार करते हैं, फैंस जो मेरे साथ हैं, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं जल्द ही पर्दे पर आपका मनोरंजन करने आऊंगा। धन्यवाद।

2-3 दिन में डिस्चार्ज हो जाएंगे सयाजी

न्यूज 18 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब सयाजी ने सीने में दर्द की शिकायत की, तब उनके परिवार वाले तुरंत अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज किया। जांच की रिपोर्ट में सयाजी के हार्ट में 99% ब्लॉकेज पाया गया था। हालांकि, अभी सयाजी बिल्कुल ठीक हैं। डॉक्टरों ने बताया है कि अगले 2-3 दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।

सयाजी शिंदे ने शूल, सिंघम, अंतिम जैसी फिल्मों में काम किया है। उन्हें आखिरी बार वेब सीरीज किलर सूप में देखा गया था। सीरीज में मनोज बाजपेयी और कोंकणा सेन शर्मा ने लीड रोल प्ले किया था। सयाजी के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की बात करें तो उनके पास 60 आवर्स, स्ट्रगलर 2023, वायरल गर्ल्स, सत्यम जैसी फिल्में हैं।

काम की खबर: यूएएन, उमंग ऐप, एसएमएस और मिस्ड कॉल से ईपीएफ बैलेंस कैसे चेक करें, जानिए पूरी प्रक्रिया यहां

ईपीएफ योजना के तहत कर्मचारी आंशिक रकम निकाल सकता है। हालांकि पूर्ण निकासी सिर्फ रिटायरमेंट के बाद की जा सकती है। ईपीएफओ खाता इंश्योरेंस कवरेज जैसे अतिरिक्त लाभ प्रदान करता है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 08:07 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 08:07 PM (IST)

How To Examine EPF Stability

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। How To Examine EPF Stability: ईपीएफ सभी कामकाजी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें निवेश करके कोई भी रिटायरमेंट के लिए एक बड़ी राशि तैयार कर सकता है। सेवानिवृत्ति के बाद दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त इनकम जमा हो जाती है। इस लिए इसे रिटायरमेंट स्कीम माना जाता है। ईपीएफओ में कर्मचारी और संस्थान दोनों योगदान करते हैं। अंशदान की राशि वेतन संरचना के अनुसार तय होती है।

ईपीएफ योजना के तहत कर्मचारी आंशिक रकम निकाल सकता है। हालांकि पूर्ण निकासी सिर्फ रिटायरमेंट के बाद की जा सकती है। ईपीएफओ खाता इंश्योरेंस कवरेज जैसे अतिरिक्त लाभ प्रदान करता है। अगर आपका भी ईपीएफ खाता है। आपको नहीं पता अकाउंट का बैलेंस चेक कैसे किया जाता है, तो आपकी सुविधा के लिए यहां ईपीएफ बैलेंस चेक करने के तरीके बताने जा रहे हैं।

ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ईपीएफ खाते का बैलेंस चेक करें

प्रोविडेंट फंड की डिटेल ऑनलाइन देखने के लिए ईपीएफओ सदस्य पासबुक पोर्टल पर जाएं। अब अपने यूएएन नंबर और पासवर्ड डालकर लॉगइन करें। अगर आपको यूएएन नंबर नहीं पता है तो सैलरी स्लिप देखें। अगर पहली बार पोर्टल पर जा रहे हैं तो यूएएन नंबर सक्रिय करना होगा। लॉगइन करने के बाद ईपीएफ अकाउंट के लेनदेन और शेष राशि की जांच करने के लिए पासबुक पर क्लिक करें।

उमंग ऐप पर ईपीएफ बैलैंस चेक करें

ईपीएफ बैलेंस चेक सहित सभी सरकारी सुविधाएं उमंग ऐप पर उपलब्ध हैं। एंड्रॉइड यूजर्स प्ले स्टोर के माध्यम से ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। उमंग ऐप पर ईपीएफओ सेक्शन में जाएं। अब अपने यूएएन नंबर और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगइन करें। वहां अपना बैलैंस और अन्य जानकारी देख सकते हैं।

ऑफलाइन ईपीएफ बैलेंस चेक करने का तरीका

एसएमएस- अपना बैलेंस चेक करने के लिए आपका यूएएन नंबर और मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए। अपने मोबाइल में मैसेज में जाकर ईपीएफओ स्पेस 12 अंक का यूएन नंबर टाइप करें और 7738299899 पर एसएमएस भेज दें।

मिस्ड कॉल- अपने यूएएन नंबर से जुड़े नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल करें। कुछ मिनटों में मोबाइल पर बैलेंस की जानकारी प्राप्त हो जाएगी।

Lok Sabha Election 2024: छिंदवाड़ा में बोले अनुराग ठाकुर, कांग्रेस ‘अबकी बार, 40 पार’ के लिए लड़ रही है

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- आइएनडीए गठबंधन पर साधा निशाना, बोले- आप सबसे बेईमान पार्टी।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 02:18 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 08:19 PM (IST)

Lok Sabha Election 2024: छिंदवाड़ा में बोले अनुराग ठाकुर, कांग्रेस 'अबकी बार, 40 पार' के लिए लड़ रही है
अनुराग ठाकुर ने छिंदवाड़ा में मीडिया से की चर्चा

HighLights

  1. छिंदवाड़ा पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर
  2. नकुल नाथ पर साधा निशाना
  3. कहा- सांसद बनने के बाद कभी छिंदवाड़ा में नहीं दिखे

Lok Sabha Election 2024: नईदुनिया प्रतिनिधि, पांढुर्णा। छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र के पांढुर्णा जिले पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को आप (आम आदमी पार्टी) को ‘सबसे बेईमान पार्टी’ बताया और दावा किया कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव ‘अबकी बार, 40 पार’ के लिए लड़ रही है जबकि भाजपा का लक्ष्य 400 सीटें लेकर सत्ता हासिल करना है।

भाजपा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग कर रही है के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, “सच्चाई यह है कि आप सबसे बेईमान राजनीतिक पार्टी है। यह झूठ बोलने में सबसे आगे है। अगर कोई पूरी तरह से बेईमान व्यक्ति है तो वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं,’ केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री ने कहा कि केजरीवाल भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए राजनीति में आये हैं। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि वह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।

उनके स्वास्थ्य मंत्री, जेल मंत्री, उत्पाद शुल्क मंत्री और उपमुख्यमंत्री जेल में हैं। और बेईमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी जेल में हैं। ठाकुर ने कहा कि आप ने बेईमानी में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है और भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं, उन्होंने दावा किया कि जनता ने केजरीवाल पर विश्वास खो दिया है। छिंदवाड़ा सीट कांग्रेस का गढ़ बताने के सवाल पर उन्होंने कहा, “अगर ऐसा होता तो इतनी बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता भाजपा में क्यों शामिल होते। वह बोले कि कांग्रेस को बड़े पैमाने पर पार्टी छोड़ने वालों ने झटका लगाया है।

यह ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग का गठबंधन है..

अनुराग ठाकुर ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के शनिवार को जारी चुनावी घोषणा पत्र ‘परिवर्तन पत्र’ पर कहा कि जब आइएनडीए गठबंधन एक रैली करता है, तो एक महिला जो राजनेता भी नहीं है, आती है और छह गारंटी की घोषणा करती है, केवल इसलिए क्योंकि वह दिल्ली के भ्रष्ट सीएम अरविंद की पत्नी है।’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपना चुनावी घोषणापत्र लेकर आईं, अब लालू यादव और तेजस्वी यादव अपना घोषणापत्र लेकर आए हैं, यह कैसा गठबंधन है, जहां टुकड़े-टुकड़े में घोषणापत्र जारी किया जाता है टुकड़े गैंग, इनका घोषना पत्र भी टुकड़ों में आ रहा है।’

वह बोले कि न उनकी सोच एक जैसी है, न उनके नेता एक जैसे हैं, न उनके इरादे एक जैसे हैं और उनके इरादों में खोट साफ दिखाई दे रही है। वे ‘टुकड़े-टुकड़े’ गिरोह के सदस्य हैं और उनका घोषणापत्र टुकड़ों में आ रहा है।