Lok Sabha Chunav 2024: सरगुजा का मौसम “कूल-कूल” पर चुनावी गर्मी तेज

चुनावी मैदान में भाजपा ने माह भर पहले टिकट देकर कांग्रेस से आए चिंतामणि महाराज को मैदान में उतार दिया था पर जैसे ही कांग्रेस ने शशि सिंह को उतारा संसदीय क्षेत्र में यह सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया।

By Anang Pal Dixit

Publish Date: Sat, 13 Apr 2024 09:54 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 13 Apr 2024 09:54 PM (IST)

Lok Sabha Chunav 2024:  सरगुजा का मौसम "कूल-कूल" पर चुनावी गर्मी तेज
चलगली के देवी मंदिर में समर्थकों के साथ भाजपा प्रत्याशी चिंतामणि महाराज, महिलाओं के साथ कांग्रेस प्रत्याशी शशि सिंह

HighLights

  1. भाजपा को मोदी पर भरोसा, कांग्रेस को न्याय योजना पर
  2. गोंड़ जनजाति होगी निर्णायक
  3. दल बदल ने भाजपा प्रत्याशी को किया है परेशान

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सरगुजा लोकसभा संसदीय क्षेत्र में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। छत्तीसगढ़ बनने के बाद लगातार लोकसभा चुनाव में मिल रही हार व बीते विधानसभा चुनाव में सुपड़ा साफ होने के बाद कांग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति है। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा लोकसभा क्षेत्र में अभी भी मौसम “कूल-कूल” है। लेकिन चुनावी गर्मी बढ़ने लगी है। भाजपा और कांग्रेस ने मैदान में उतरकर चुनाव प्रचार की सरगर्मी शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ बनने के बाद इस संसदीय सीट में लगातार भाजपा ने बाजी मारी है किंतु इस बार मुकाबला कड़ा नजर आ रहा है। इसके पीछे कारण सिर्फ यही है कि कांग्रेस ने गोंड़ जनजाति के युवा नेत्री को चुनाव मैदान में उतार बड़ा गांव खेल दिया है। चार माह पूर्व विधायक रहे चिंतामणि महराज कंवर जनजाति से हैं जिन्हें भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। इसको लेकर भाजपा में ही अंदरखाने विरोध के स्वर उठ रहे हैं।खुलकर कोई विरोध नहीं कर रहा है पर पूर्व सांसदों व कई पदाधिकारियों ने चुनाव से दूरी बनाई है। हालांकि बैठकों में जरूर नजर आते हैं। भाजपा के प्रत्याशी चिंतामणि महराज ने मोदी की गारंटी और मोदी नाम को लेकर संसदीय क्षेत्र के कोने-कोने तक पहुंच बनाई है पर भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनका कितना साथ देंगे यह तो आने वाले समय बताएगा पर कांग्रेस के हिसाब से इस बार सब कुछ सकारात्मक दिख रहा है।

कांग्रेस की युवा नेत्री शशि सिंह को चुनाव मैदान में उतार कांग्रेस ने बड़ी चुनौती दी है। स्वच्छ छवि का लाभ मिल सकता है।फिलहाल कोई राजनीतिक आरोप नहीं है, इसका लाभ कांग्रेस को मिल सकता है किंतु भाजपाइयों को मोदी नाम से सबसे बड़ी उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली,पानी, सड़क जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं। प्रत्याशियों के साथ भाजपा कांग्रेस के नेताओं को भी इसको लेकर मतदाताओं की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। इन सबको दरकिनार कर प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं।भाजपा के प्रत्याशी चिंतामणि महराज जहां भी जा रहे वहां के मठ, मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं।

सनातन संस्कृति की बातें बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस की प्रत्याशी शशि सिंह महिलाओं के बीच जाकर न्याय योजनाओं की जानकारी दे रहीं हैं। युवा प्रत्याशी होने के कारण युवाओं में उत्साह दिख रहा है जो कांग्रेस को उत्साहित कर रहा है। इस समय कोई बड़ा चुनावी मुद्दा दोनों ही दलों में नजर नहीं आ रहा पर चुनावी शोर गुल तेजी से बढ़ने लगा है। जो राजनीतिक परिदृश्य इस समय सरगुजा लोकसभा सीट पर दिख रहा है उसमें भाजपा को अपनों का डर सता रहा है।कांग्रेस के हिसाब से अभी तक सब ठीक-ठाक दिख रहा है पर संसदीय क्षेत्र के इतिहास पर नजर डालें तो भाजपा को हमेशा सफलता मिली है। इस समय मोदी फैक्टर कांग्रेस पर भारी पड़ सकता है।

भाजपा को मोदी की गारंटी, कांग्रेस न्याय योजना पर भरोसा

दोनों ही प्रत्याशी चुनाव मैदान में पुरजोर तरीके से सुबह से रात तक चुनाव प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के प्रत्याशी जहां मोदी की गारंटी व विष्णु सरकार की महतारी बंदन योजना व केंद्र की बड़ी योजनाओं को बता रहे हैं वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी ने कांग्रेस के घोषणा पत्र में महिलाओं के खाते में प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की न्याय योजना को प्रमुखता से लोगों तक पहुंचाने में लगीं हैं। इन योजनाओं का पर्चा भी मतदाताओं को उपलब्ध करा रही हैं।

गोंड़ जनजाति होगी निर्णायक

सरगुजा लोकसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाता गोंड़ जनजाति के हैं, यही कारण है कि भाजपा ने वर्ष 2009 से लगातार गोंड़ जनजाति के प्रत्याशी को मौका दिया है और सफलता मिली है। इस बार भाजपा ने कंवर जनजाति के चिंतामणि महराज को उतारा है जो लोकसभा क्षेत्र की दूसरी बड़ी जनजाति से आते हैं। कांग्रेस ने गोंड जनजाति की शशि सिंह को चुनाव में उतरकर बड़ा दांव खेला है। चार दिन पूर्व ही गोंड़ जनजाति का सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें न सिर्फ कांग्रेस से जुड़े गोंड़ जनजाति के जनप्रतिनिधि बल्कि भाजपा के पूर्व विधायक पूर्व सांसद भी शामिल हुए और सामाजिक एकता का संकल्प लिया है। यह संकल्प चुनाव में किस करवट लेगा इसे देखना होगा। भाजपा भी इस बैठक को लेकर चिंतित है।

दल बदल ने भाजपा प्रत्याशी को किया है परेशान

चुनावी मैदान में भाजपा ने माह भर पहले टिकट देकर कांग्रेस से आए चिंतामणि महाराज को मैदान में उतार दिया था पर जैसे ही कांग्रेस ने शशि सिंह को उतारा संसदीय क्षेत्र में यह सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया। भाजपा की प्रत्याशी हर जगह जाकर चिंतामणि महराज को कांग्रेसी बता रहीं हैं, वह यह भी कह रहीं हैं कि हम दोनों कांग्रेसी हैं, आपको सच्चे कांग्रेसी को चुनना है। भाजपा प्रत्याशी का दल बदल चुनाव में भारी पड़ रहा है। अब तक हुए चुनाव प्रचार में विकास का मुद्दा एक तरफ और दल बदल का मुद्दा एक तरफ दिख रहा है। यह चुनाव परिणाम पर बड़ा असर डाल सकता है।

इन बड़े नेताओं ने अब तक संभाला है मोर्चा

सरगुजा लोकसभा क्षेत्र में अब तक भाजपा के जिन बड़े नेताओं ने मोर्चा संभाला है उनमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल प्रमुखता से शामिल हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के सरगुजा आने के बाद कांग्रेस सक्रिय नजर आ रही है। सिंहदेव लोकसभा क्षेत्र के तीनों जिले में बैठक ले चुके हैं ,जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल हो चुके हैं ,वहीं अब ब्लाक स्तरीय बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस से बड़े नेताओं के आने की भी चर्चा है।