Chhattisgarh Liquor Rip-off: अनवर और अरविंद के साथ अरुणपति त्रिपाठी को लेकर कोर्ट पहुंची ईओडब्ल्यू

Chhattisgarh Liquor Rip-off: शराब घोटाला मामले में एसीबी और ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आए कारोबारी अनवर ढेबर और अरविंद सिंह की दूसरी रिमांड शुक्रवार को खत्म होने पर दोनों को कोर्ट में पेश किया। एसीबी और ईओडब्ल्यू ने अरुणपति त्रिपाठी को भी कोर्ट में पेश किया।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Fri, 12 Apr 2024 11:36 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 12 Apr 2024 03:29 PM (IST)

Chhattisgarh Liquor Scam: अनवर और अरविंद के साथ अरुणपति त्रिपाठी को लेकर कोर्ट पहुंची ईओडब्ल्यू

रायपुर। Chhattisgarh Liquor Rip-off: शराब घोटाला मामले में एसीबी और ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आए कारोबारी अनवर ढेबर और अरविंद सिंह की दूसरी रिमांड शुक्रवार को खत्म होने पर दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी और ईओडब्ल्यू ने अरुणपति त्रिपाठी को भी कोर्ट में पेश किया। बताया जा रहा है कि दोनों को तीसरी बार रिमांड पर लेने की पूरी तैयारी की गई है, क्योंकि बिहार से अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद उसे भी रिमांड पर लिया जाएगा। तीनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने के संकेत अधिकारियों ने दिए है।

आबकारी विभाग के पूर्व सचिव अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार

इससे पहले छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार को आबकारी विभाग के पूर्व सचिव अरुणपति (एपी) त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है।

त्रिपाठी, बिहार के गोपालगंज के भोरे में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपे थे। गोपालगंज के एसपी स्वर्ण प्रभात ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। रायपुर से गई टीम त्रिपाठी को लेकर देर शाम रायपुर आ गई है। साथ ही उनसे पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। त्रिपाठी दो महीने पहले ही जेल से छूटे थे।

21 से ज्यादा ठिकानों में छापे की कार्रवाई

वहीं, गुरुवार सुबह छह बजे 50 से ज्यादा की टीम ने चार शहर रायपुर, भिलाई, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में 21 से ज्यादा ठिकानों में छापे की कार्रवाई की है। यह सराफा कारोबारी, हवाला कारोबारी से जुड़ी हुई रेड मानी जा रही है। रायपुर के सदर बाजार, समता कालोनी, महावीर नगर और देवेंद्र नगर में कार्रवाई की गई। ईओडब्ल्यू की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि रायपुर में नौ और दुर्ग-भिलाई में सात, राजनांदगांव में एक और बिलासपुर में चार स्थानों पर छापा मारा गया।