मायावती के करीबी आजमगढ़ से लड़ेंगे चुनाव, BSP ने धर्मेंद्र यादव व निरहुआ को फंसाने की बनाई योजना

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने करीबी भीम राजभर को आजमगढ़ लोकसभा सीट से हाथी का चुनाव चिह्न दिया है। वह भाजपा सांसद दिनेश लाल यादव (निरहुआ) व सपा नेता धर्मेंद्र यादव के सामने चुनाव लड़ेंगे। उनको टिकट देकर मायावती ने निरहुआ व धर्मेंद्र यादव को फंसाने की योजना बनाई है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 12 Apr 2024 07:49 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 12 Apr 2024 07:49 PM (IST)

मायावती के करीबी आजमगढ़ से लड़ेंगे चुनाव, BSP ने धर्मेंद्र यादव व निरहुआ को फंसाने की बनाई योजना
बसपा ने आजगढ़ से घोषित किया प्रत्याशी।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने करीबी भीम राजभर को आजमगढ़ लोकसभा सीट से हाथी का चुनाव चिह्न दिया है। वह भाजपा सांसद दिनेश लाल यादव (निरहुआ) व सपा नेता धर्मेंद्र यादव के सामने चुनाव लड़ेंगे। उनको टिकट देकर मायावती ने निरहुआ व धर्मेंद्र यादव को फंसाने की योजना बनाई है।

बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी भीम राजभर बहुत ही सामान्य परिवार से आते हैं। उनका घर मऊ जनपद मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर मुहम्मदपुर बाबूपुर गांव में है। वह बसपा के बहुत पुराने सक्रिय कार्यकर्ता हैं। वह 1985 से पार्टी में हैं। 2020 से 2022 तक उन्होंने बसपा का प्रदेश अध्यक्ष पद भी संभाला था। 2012 व 2022 में बसपा ने उन्हें मऊ से पार्टी का प्रत्याशी भी बनाया था।

कई राज्यों में निभाई चुनाव प्रभारी की भूमिका

भीम राजभर ने एमए-एलएलबी किया है। वह 1985 में पार्टी के बूथ अध्यक्ष हुआ करते थे। वहां से उन्होंने मंडल व जोन कॉर्डिनेटर तक की जिम्मेदारी संभाली। उनको पार्टी ने बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया था।

पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के बेहद करीबियों में उनकी गिनती की जाती है। भीम राजभर अपने मां-बाप की इकलौती संतान हैं। उनका परिवार खेती-किसानी से जीवन यापन करता है। भीम राजभर अपने आपको सामाजिक कार्यकर्ता भी कहना पसंद करते हैं। टिकट मिलने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई पिछले, दलित, शोषित व सर्व समाज के लिए जारी रहेगी। टिकट मिलने के बाद कार्यकर्ता बहुत उत्साहित हैं। बहन जी ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी है। मैं उसको निभाने की कोशिश करूंगा।