‘Bade Miyan Chote Miyan’ Screening | ‘बड़े मियां छोटे मियां’ स्क्रीनिंग: एक्स बॉयफ्रेंड की फिल्म की स्क्रीनिंग में पहुंचीं दिशा पाटनी; रकुल-जैकी और रितेश -जेनेलिया समेत कई स्टार्स दिखे

39 मिनट पहले

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बीती रात अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ स्टारर फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। स्क्रीनिंग में कई सेलेब्स पहुंचे। रितेश देशमुख और जेनेलिया भी स्क्रीनिंग का हिस्सा बनें। कपल इस इवेंट में कैजुअल लुक में दिखाई दिए। हाल ही में शादी के बंधन में बंधे कपल जैकी भगनानी और रकुल प्रीत सिंह को भी स्क्रीनिंग के मौके पर देखा गया। बता दें, ये फिल्म जैकी भगनानी के लिए भी खास है। क्योंकि इस फिल्म के प्रोड्यूसर्स में वो भी शामिल हैं।

फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान शिल्पा शेट्टी, सिद्धार्थ आनंद और विशाल मिश्रा भी शामिल हुए थे। बता दें फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज हो गई है। इसमें अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ, पृथ्वीराज सुकुमारन, अलाया एफ और मानुषी छिल्लर भी नजर आएंगे।

रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी।

रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी।

रितेश देशमुख स्क्रीनिंग में जाते दिखे।

रितेश देशमुख स्क्रीनिंग में जाते दिखे।

स्क्रीनिंग में जाते दिखे टाइगर और दिशा पाटनी।

स्क्रीनिंग में जाते दिखे टाइगर और दिशा पाटनी।

ये भी पढ़ें मूवी रिव्यू- बड़े मियां छोटे मियां:अक्षय-टाइगर की जोड़ी चमकी, दमदार एक्शन, विजुअल इफेक्ट्स शानदार; पृथ्वीराज सुकुमारन सरप्राइज एलिमेंट; बस डायलॉग्स थोड़े घिसे-पिटे

Gwalior Information: रोप-वे न बनने के सवाल पर सांसद बोले-सब जानते हैं कौन जिम्मेदार

सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने बुधवार को अपने पांच साल के कार्यकाल का ब्यौरा मीडिया के सामने रखा। महापौर से लेकर सांसदी की कार्यकाल में रोप-वे का प्रोजेक्ट ग्वालियर में पूरा नहीं हो पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब जानते हैं कि इसका जिममेदार कौन है।

By anil tomar

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 11:10 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 11:10 AM (IST)

Gwalior News: रोप-वे न बनने के सवाल पर सांसद बोले-सब जानते हैं कौन जिम्मेदार

HighLights

  1. सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने अपने सांसद कार्यकाल का ब्यौरा सामने रखा
  2. इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने के सवाल को सांसद टाल गए

Gwalior Information: नईदुनिया प्रतिनिधिद्य ग्वालियर: सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने बुधवार को अपने पांच साल के कार्यकाल का ब्यौरा मीडिया के सामने रखा। महापौर से लेकर सांसदी की कार्यकाल में रोप-वे का प्रोजेक्ट ग्वालियर में पूरा नहीं हो पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब जानते हैं कि इसका जिममेदार कौन है। इस मामले की जांच होना चाहिए कि इसमें कौन अधिकारी दोषी हैं। वहीं इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने के सवाल को सांसद टाल गए और कहा कि रांग नंबर डायल कर रहे हैं।

सांसद ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न योजनाओं व उपलब्धियों को सामने रखा। सांसद ने बताया कि पेयजल की परेशानी को दूर करने के लिए उन्होंने 375 करोड़ रुपये की चंबल परियोजना के साथ रेलवे स्टेशन का 575 की करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण का प्रोजेक्ट बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ 200 करोड़ रुपये की लागत से खेल गांव का निर्माण करने, अंतरराज्यीय बस स्टैंड जैसी योजनाएं भी रहीं। सांसद ने बताया कि सांसद के रूप में वे संसद की कार्यवाही में सदैव मौजूद रहे और समस्यायों को उन्होंने समुचित तरीके से सदन में उठाया। सड़क सुविधाओं के लिये करीब 26 करोड़, एम्बुलेंस, डबरा में डायलिसिस मशीन सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये करीब तीन करोड़, टैंकर व पेयजल सुविधा के लिए करीब दो करोड़, लखेश्वरी व दूधखो तीर्थ क्षेत्र मार्ग सहित अन्य स्थानों पर विद्युतीकरण हेतु एक करोड़ 50 लाख रुपये सहित विभिन्न योजनाएं रहीं।

Chunavi Kissa: दिनकर, अज्ञेय, पंत जैसे साहित्यकारों ने किया प्रचार, फिर भी चुनाव हार गए थे कथा शिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु, जानें ‘चौथी कसम’ का किस्सा

फणीश्वरनाथ रेणु की अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सरयू मिश्रा और सोशलिस्ट पार्टी के लखन लाल कपूर से पुरानी दोस्ती थी।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 10:42 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 10:43 AM (IST)

Chunavi Kissa: दिनकर, अज्ञेय, पंत जैसे साहित्यकारों ने किया प्रचार, फिर भी चुनाव हार गए थे कथा शिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु, जानें ‘चौथी कसम’ का किस्सा
अपनी जीवन की अंतिम सांस तक रेणु अपनी कसम पर अडिग रहे और फिर कभी चुनावी राजनीति में कदम नहीं रखा।

HighLights

  1. साल 1972 में बिहार में अररिया जिले के फारबिसगंज से फणीश्वरनाथ रेणु ने विधानसभा चुनाव लड़ा था।
  2. इन चुनावों उन्हें अपने साथियों से दगा मिला था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
  3. इससे आहत फणीश्वरनाथ रेणु ने कभी चुनाव न लड़ने की चौथी कसम खाई थी।

चुनाव डेस्क, नई दिल्ली। मशहूर कथा शिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु ने उपन्यास ‘मारे गए गुलफाम’ के अलावा भी कई अमर कृतियों की रचना की है। फणीश्वरनाथ रेणु की मुख्य पहचान एक साहित्यकार के रूप में है, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है एक बार फणीश्वरनाथ रेणु ने चुनावी मैदान में भी अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन करारी हार के बाद ऐसी चौथी कसम खाई थी कि उस कसम के किस्से आज भी सियासी गलियारों में होते हैं।

आखिर क्या थी रेणु की ‘चौथी कसम’

फणीश्वरनाथ रेणु के पुत्र डीपी राय इस बारे में विस्तार से बताते हैं। साल 1972 में बिहार में अररिया जिले के फारबिसगंज से फणीश्वरनाथ रेणु ने विधानसभा चुनाव लड़ा था। इन चुनावों उन्हें अपने साथियों से दगा मिला था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इससे आहत फणीश्वरनाथ रेणु ने कभी चुनाव न लड़ने की चौथी कसम खाई थी। अपनी जीवन की अंतिम सांस तक रेणु अपनी कसम पर अडिग रहे और फिर कभी चुनावी राजनीति में कदम नहीं रखा।

दिग्गज साहित्यकारों ने किया था प्रचार

डीपी राय बताते हैं कि फणीश्वरनाथ रेणु चुनावी सभाओं में खूब कहानी-किस्से, भजन और गीत सुनाते थे। उस समय गलियों में नारा गूंजता था, ‘कह दो गांव-गांव में, अबके चुनाव में वोट देंगे नाव में’। रेणु का मुकाबला उस समय कांग्रेस के कद्दावर नेता सरयू मिश्रा से था। तब रेणु के समर्थन में ख्यात साहित्यकारों रामधारी सिंह दिनकर, सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय, सुमित्रा नंदन पंत, रघुवीर सहाय ने भी गली-गली जाकर चुनाव प्रचार किया था।

सरयू मिश्रा से थी रेणु की अच्छी दोस्ती

फणीश्वरनाथ रेणु की अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सरयू मिश्रा और सोशलिस्ट पार्टी के लखन लाल कपूर से पुरानी दोस्ती थी। तीनों दोस्त साल 1942 के आंदोलन में भागलपुर जेल में बंद थे, हालांकि विचारधारा की लड़ाई में विरोध के कारण 1972 में तीनों एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सरयू मिश्रा 48 फीसदी वोटों के साथ जीते थे। चुनाव में रेणु की हार हुई थी, लेकिन इसका हिसाब साल 2010 में उनके बेटे पद्म पराग राय ‘वेणु’ पूरा किया, जब उन्होंने फारबिसगंज से जीत हासिल की।

फणीश्वरनाथ रेणु के तीन बेटों में से सबसे छोटे बेटे दक्षिणेश्वर प्रसाद राय का कहना है कि साल 1972 से ही रेणु परिवार का राजनीति में खूब इस्तेमाल हो रहा है। रेणु के ‘मारे गए गुलफाम’ उपन्यास पर सुपर हिट फिल्म तीसरी कसम बनी थी, जिसमें मुख्य किरदार 3 कसम खाता है। चुनावी हार के बाद आहत फणीश्वरनाथ रेणु चौथी समय खाते हैं। फणीश्वरनाथ रेणु की पुण्यतिथि आज 11 अप्रैल को ही है।

Kartik Aaryan Bhool Bhulaiyaa 3 Kolkata Taking pictures Movies | Howrah Bridge Malik Ghat | कार्तिक ने कोलकाता में की ‘भूल भुलैया 3’ की शूटिंग: रूह बाबा के गेटअप में बाइक चलाते नजर आए, रेस्त्रां में भीड़ ने घेरा

30 मिनट पहले

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कार्तिक आर्यन ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ की शूटिंग शुरू कर दी है। हाल ही में एक्टर ने कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर इस फिल्म का एक सीन शूट किया। एक्टर को वहां शूटिंग करता देख ब्रिज पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर 'भूल भुलैया 3' का सीन शूट करते कार्तिक।

कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर ‘भूल भुलैया 3’ का सीन शूट करते कार्तिक।

ब्रिज पर बाइक राइड के कुछ सीन शूट करने के बाद कार्तिक ने कोलकाता के मलिक घाट फ्लॉवर मार्केट और लाहा बारी में भी कुछ सीन शूट किए।

कार्तिक ने हावड़ा ब्रिज से फोटो शेयर करते हुए यह कैप्शन दिया।

कार्तिक ने हावड़ा ब्रिज से फोटो शेयर करते हुए यह कैप्शन दिया।

फोटो शेयर कर पूछा- ‘कोलकाता How-rah यू’
कार्तिक ने फिल्म से अपने किरदार रूह बाबा के गेटअप में एक फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है। हावड़ा ब्रिज पर ली गई इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक्टर ने कैप्शन में लिखा, ‘कोलकाता How-rah You.’

रेस्त्रां में भी फैंस ने घेरा
शूटिंग के बाद कार्तिक रूह बाबा के गेटअप में ही एक रेस्त्रां में पहुंचे। यहां भी उन्हें भीड़ ने घेर लिया जिसके बाद कार्तिक ने अपने फैंस के साथ फोटोज खिंचवाईं। सोशल मीडिया पर कार्तिक की कोलकाता विजिट के कई फोटोज और वीडियोज वायरल हैं।

कार्तिक रेस्त्रां में भी रूह बाबा के गेटअप में चाय पीते नजर आए।

कार्तिक रेस्त्रां में भी रूह बाबा के गेटअप में चाय पीते नजर आए।

जब वो रेस्त्रां से बाहर निकले तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

जब वो रेस्त्रां से बाहर निकले तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

विद्या की हुई वापसी, माधुरी भी नजर आ सकती हैं
फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ में कार्तिक के अपोजिट तृप्ति डिमरी नजर आएंगी। पहले पार्ट में मंजुलिका के किरदार में नजर आईं एक्ट्रेस विद्या बालन भी फिल्म के इस तीसरे पार्ट का हिस्सा होंगी। इसके अलावा चर्चा है कि माधुरी दीक्षित भी इस फिल्म का हिस्सा बन सकती हैं।

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Dhar Bhojshala ASI Survey: कड़ी सुरक्षा के बीच 21 वें दिन भी जारी है धार की ऐतिहासिक भोजशाला का एएसआई सर्वे

कमाल मौला वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष और मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद खान ने बताया कि अंदर सर्वे का काम अपनी गति से चल रहा है।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 10:21 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 10:21 AM (IST)

Dhar Bhojshala ASI Survey:  कड़ी सुरक्षा के बीच 21 वें दिन भी जारी है धार की ऐतिहासिक भोजशाला का एएसआई सर्वे

HighLights

  1. धार की भोजशाला में आज सर्वे 21 वें दिन भी जारी है।
  2. एएसआई की टीम 18 अधिकारी व कर्मचारी, 22 मजदूरो के साथ सर्वे के लिए पहुंची
  3. एएसआई की टीम अपने साथ आधुनिक उपकरण लेकर पहुंची है

धार। हाई कोर्ट के आदेश के बाद धार की भोजशाला में आज सर्वे 21 वें दिन भी जारी है। आज एएसआई की टीम के 18 अधिकारी व कर्मचारी, 22 मजदूरो के साथ सर्वे के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ सुबह 8 बजे भोजशाला परिसर में पहुंची।

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उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार भोजशाला और भोजशाला के 50 मीटर के दायरे में खनन, जीपीएस, जीपीआर, कार्बन डेटिंग, उच्च स्तरीय फोटोग्राफी, वीडियोेाग्राफी सहित अन्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से लगातार सर्वे का काम जारी है।

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पिछले 4 दिनों से कमाल मौलाना दरगाह परिसर में स्थित अकल कुइयां का सर्वे भी जारी है । अलग-अलग विधाओं के लगभग पांच अधिकारी अकल कुइयां में उतरे थे । भोजशाला के उत्तरी ओर पिछले हिस्से में सर्वे का काम भी लगातार जारी है।

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भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भोजशाला में सर्वे का आज 21 वां दिन है। निश्चित रूप से इस दौरान सर्वे की जो गति थी। वह परिणामकारी थी। आने वाले दिनों में मशीनों का उपयोग बढ़ेगा । ऐसे वैज्ञानिक जो यहां से निकलने वाले साक्ष्य को प्रमाणित करेंगे, ऐसे अधिकारियों की संख्या बढ़ने वाली है। जिस परिणाम को लेकर यह पिटीशन दायर की गई थी उसे हम प्राप्त करेंगे।

हिंदू पक्ष के आशीष गोयल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद से सर्वे का काम बिना अवकाश के लगातार 21 दिनों से जारी है। इस दौरान न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी बिंदुओं पर भोजशाला के अंदर और बाहर 50 मीटर के क्षेत्र में एएसआई ने अपनी तकनीक से उत्खनन, ड्राफ्टिंग, मैपिंग, मेजरमेंट, कार्बन डेटिंग, ब्रशिंग से लेकर सारी विधाओं से सर्वे का काम किया है।

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सर्वे के दौरान निश्चित रूप से अनेक प्रकार के अवशेष और प्रमाण भी मिले हैं जो इस ओर इशारा करते हैं कि यह शाश्वत सत्य है और यह निश्चित ही कानून और संविधान के दायरे में प्रतिपादित होगा कि यह मां सरस्वती का मंदिर भोजशाला ही है। जैसे-जैसे सर्वेक्षण आगे बढ़ते जा रहा है। हमारा विश्वास भी आगे बढ़ रहा है। अंदर मिल रहे अवशेषों से भी हमे सकारात्मक ऊर्जा मिल रही है । साथ ही कहा कि भोजशाला में मां सरस्वती का अभिषेक होता था। उसका जल बाहर की ओर गोमुख के द्वारा ही सरस्वती कूप या अकल कुइयां में जाता था।

कमाल मौला वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष और मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद खान ने बताया कि अंदर सर्वे का काम अपनी गति से चल रहा है। नई टीम आने वाली है। अंदर जो भी शिलालेख और पत्थर मिल रहे हैं , उनकी जांच के लिए जल्दी ही कुछ मशीनें और साइंटिस्ट यहां पहुंचने वाले हैं।

Filmmaking AI Know-how Defined; What Is Digital Double? | क्या बॉडी डबल की जगह लेगा डिजिटल डबल: दिवंगत एक्टर्स को वापस स्क्रीन पर देख पाएंगे; डायरेक्टर कुर्सी पर बैठेगा, सारा काम AI करेगी

मुंबई3 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र/अभिनव त्रिपाठी

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रील टु रियल के नए एपिसोड में हमने फिल्म मेकिंग में AI के बढ़ते प्रभाव, महत्व और दुरुपयोग पर बात की। - Dainik Bhaskar

रील टु रियल के नए एपिसोड में हमने फिल्म मेकिंग में AI के बढ़ते प्रभाव, महत्व और दुरुपयोग पर बात की।

क्या कोई मरा हुआ एक्टर दोबारा पर्दे पर दिख सकता है? साधारण तौर पर इसका जवाब है- नहीं, लेकिन AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में यह संभव है। एक्टर की पुरानी फिल्मों, वीडियोज, फोटोज और पब्लिक अपीयरेंस के विजुअल्स को इकट्ठा कर AI की मदद से एक वर्चुअल मॉडल तैयार किया जा सकता है। फिर इसे फिल्मों में यूज किया जा सकता है।

एक्टर की गैरमौजूदगी में बॉडी डबल उनके हिस्से की शूटिंग करते हैं, AI की मदद से इसकी भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इसकी हेल्प से बॉडी डबल की जगह डिजिटल डबल डेवलप होगा, जो खतरनाक एक्शन सीक्वेंस आसानी से शूट कर देगा।

रील टु रियल के नए एपिसोड में हमने फिल्म मेकिंग में AI के बढ़ते प्रभाव, महत्व और दुरुपयोग पर बात की। इसके लिए दैनिक भास्कर ने VFX कंपनी चलाने वाले डायरेक्टर सैम भट्टाचार्जी से चर्चा की।

बॉडी डबल की जगह लेगा डिजिटल डबल?
आप फिल्मी टर्म में बॉडी डबल का काम तो जानते ही होंगे। बॉडी डबल उसे कहते हैं, जो एक्टर्स की गैरमौजूदगी में उनके हिस्से की शूटिंग करते हैं। सैम के मुताबिक, वो दिन दूर नहीं जब बॉडी डबल की जगह डिजिटल डबल जैसी चीजें सुनने को मिलेंगी। डिजिटल डबल AI के जरिए डेवलप की गई एक टेक्नोलॉजी है, जिसका यूज फिल्मों में किया जा रहा है। हॉलीवुड में इसकी शुरुआत हो चुकी है। आने वाले समय में इंडियन सिनेमा में भी इस टेक्नोलॉजी का यूज किया जाएगा।

अब समझिए, डिजिटल डबल है क्या?
एक्टर के चेहरे और बॉडी को AI की मदद से पहले स्कैन किया जाता है। AI एक्टर के चेहरे से लेकर उनके हाव भाव को समझती है। फोटोगैमेट्री नाम की एक मशीन के जरिए एक्टर की बॉडी को 360 डिग्री तक स्कैन किया जाता है, फिर उससे वर्चुअली एक्टर की तरह दिखने वाला एक हमशक्ल तैयार किया जाता है। यह देखने में बिल्कुल इंसान की तरह दिखेगा, हालांकि उसे छुआ या महसूस नहीं किया जा सकता।

सैम भट्टाचार्जी ने कहा कि हॉलीवुड फिल्मों में AI टेक्नोलॉजी का काफी यूज किया जाता है। एक्शन सीक्वेंस को फिल्माने में इस कॉन्सेप्ट का सबसे ज्यादा यूज किया जाता है। फिल्म एक्स मकिना, द मैट्रिक्स और रोबोट एंड फ्रैंक में इस तकनीक का काफी प्रयोग हुआ है।

यह फिल्म एक्स मकिना का एक सीन है।

यह फिल्म एक्स मकिना का एक सीन है।

एक्टर्स को जवान या उम्रदराज दिखाने के लिए मेकअप की जरूरत नहीं
यह ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो किसी इंसान को 100 साल का बुजुर्ग और 10 साल के बच्चे की तरह भी दिखा सकती है। सैम ने बताया कि पहले इसे मैनुअली किया जाता था, मतलब एक्टर को कम उम्र का दिखाने के लिए मेकअप का यूज किया जाता है। अब AI के आ जाने से मेकअप वगैरह करने की जरूरत ही नहीं है।

डायरेक्टर कुर्सी लगाकर बैठ जाएगा, सारा काम AI करेगी
सैम ने कहा- AI को मैनेज करने वाली कंपनियों का दावा है कि एक समय ऐसा भी आएगा कि डायरेक्टर बस कुर्सी लगाकर बैठ जाएगा। कैमरा वर्क से लेकर स्क्रिप्टिंग तक का सारा काम AI के जरिए हो जाएगा। एक्टर्स की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि उसे ऑलरेडी वर्चुअली बनाया जा चुका होगा।

आप फिलहाल चैट GPT का उदाहरण लीजिए। चैट GPT के जरिए आप जो चाहे वो लिख सकते हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि इसमें ह्यूमन की जरूरत नहीं पड़ेगी। AI को भी मैनेज करने के लिए लोग लगेंगे। AI हमें जो टेक्नोलॉजी डेवलप करके दे रही है, उसकी क्वालिटी चेक के लिए भी मैन पावर की जरूरत पड़ेगी। सैम का कहना है कि AI के आ जाने से VFX का काम कम हो जाएगा।

पुराने एक्टर्स को वापस पर्दे पर देख सकेंगे
सैम के मुताबिक, पुराने एक्टर्स जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं या जो इस दुनिया में नहीं हैं, AI और मशीन लर्निंग की मदद से उन्हें भी फिल्म में दिखा सकते हैं। सैम ने कहा- मान लीजिए X नाम का एक एक्टर है, उसकी उम्र 90 साल है और वो अब फिल्मों में काम नहीं करता। एक जमाने में X बहुत बड़ा सुपरस्टार हुआ करता था।

कोई फिल्ममेकर X को अपनी फिल्म में कुछ देर के लिए दिखाना चाहता है। ऐसे में उसकी पुरानी तस्वीरों और वीडियोज को खंगाला जाएगा। AI उन वीडियोज के जरिए उसके फेशियल एक्सप्रेशन और बातचीत का लहजा पकड़ेगी और हूबहू वैसा ही कैरेक्टर तैयार करके दे देगी।देखने में वो रियल लगेगा और उसे फिल्म में यूज कर लिया जाएगा।

यहां बस समझाने के लिए गांधी जी और स्वामी विवेकानंद की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। AI की मदद से सालों पुरानी इन दोनों फोटोज को मूविंग बनाया गया है।

यहां बस समझाने के लिए गांधी जी और स्वामी विवेकानंद की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। AI की मदद से सालों पुरानी इन दोनों फोटोज को मूविंग बनाया गया है।

सैम ने बताया कि हॉलीवुड में ऐसा कई सालों से होता आया है, लेकिन कुछ एक्टर्स ने अब इस पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि बिना परमिशन उनकी आवाज या चेहरे को यूज नहीं किया जा सकता।

दिवंगत एक्टर को फिल्म में कास्ट करने की तैयारी
सैम ने बताया कि आने वाले वक्त में वे एक प्रोजेक्ट पर काम करने वाले हैं। उस प्रोजेक्ट में वो एक ऐसे एक्टर को कास्ट करेंगे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। सैम ने उस एक्टर का नाम तो नहीं बताया, लेकिन इतना कहा कि वे पहले उस मरहूम कलाकार के परिवार वालों से इसकी इजाजत लेंगे। कानूनी तौर पर लाइसेंस मिलने के बाद उस एक्टर की आवाज और चेहरे को यूज करेंगे।

सैम ने कहा कि फिल्म में उनका रोल 5 से 6 मिनट का होगा। यह सिर्फ और सिर्फ AI टेक्नोलॉजी की वजह से ही संभव है। इससे फायदा यह है कि उस एक्टर के परिवार वालों को इससे कुछ पैसे भी मिल जाएंगे। सैम ने कहा कि बिना परमिशन किसी के चेहरे और आवाज को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ये खुद में एक क्राइम है।

सैम ने कहा कि हॉलीवुड में पुराने एक्टर्स और सिंगर्स को रॉयल्टी मिलती है, लेकिन इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा नहीं है। उदाहरण के लिए, 1997 में रिलीज हुई फिल्म टाइटैनिक आज यानी 2024 में कोई बिजनेस करेगी तो इसमें काम करने वाले सभी कलाकारों को कमाई का कुछ हिस्सा रॉयल्टी के तौर पर मिलेगा।

फिल्म बड़े मियां छोटे मियां की भी कहानी AI पर बेस्ड
आज रिलीज हुई अक्षय कुमार-टाइगर श्रॉफ स्टारर फिल्म बड़े मियां छोटे मियां की भी कहानी AI पर बेस्ड है। फिल्म मे विलेन बने एक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन AI की मदद से रोबोट बना लेते हैं। यह रोबोट आर्मी ऑफिसर्स के क्लोन मतलब उनके हमशक्ल होते हैं। पृथ्वीराज सुकुमारन का कैरेक्टर इसकी मदद से भारत पर अपने लोगों के जरिए ही अटैक कराना चाहता है। AI का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है, फिल्म की स्टोरीलाइन यही बताती है।

फिल्म आज ही सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।

फिल्म आज ही सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।

AI के खिलाफ सड़क पर उतरे थे हॉलीवुड कलाकार
सैम ने बताया कि फिल्म मेकिंग में AI टेक्नोलॉजी का बहुत बड़ा यूज है। हालांकि इसके कुछ नुकसान भी हैं, जो हम आए दिन देख रहे हैं। उन्होंने पिछले साल लॉस एंजिल्स में हुए हॉलीवुड राइटर्स की हड़ताल का उदाहरण दिया। दरअसल, लॉस एंजिल्स में पिछले साल (2023) नेटफ्लिक्स के ऑफिस के बाहर 1.71 लाख राइटर्स और एक्टर्स ने प्रोटेस्ट किया था।

उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हॉलीवुड में नए आइडिया, स्टोरी लाइन, डायलॉग और स्क्रिप्ट राइटिंग जैसे काम हो रहे हैं। इसकी वजह से राइटर्स को काम नहीं मिल रहा है, साथ ही उन्हें बर्खास्त भी किया जा रहा है।

हॉलीवुड की कई दिग्गज हस्तियों ने इस प्रोटेस्ट को अपना समर्थन दिया था। इसमें जॉर्ज क्लूनी, मार्क रफालो, जेनिफर लॉरेंस, चार्लिज थेरोन, ओलिविया वाइल्ड जैसे बड़े कलाकार शामिल थे।

स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड (SAG) की मांग थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए जेनरेटेड फेस और आवाज को एक्टर्स के रिप्लेसमेंट के तौर पर यूज न किया जाए।

स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड (SAG) की मांग थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए जेनरेटेड फेस और आवाज को एक्टर्स के रिप्लेसमेंट के तौर पर यूज न किया जाए।

डीपफेक वीडियोज भी चिंता का विषय
AI का एक नुकसान और है, जो हम डीपफेक वीडियोज के रूप में देख रहे हैं। सेलिब्रिटीज के फेस को उठाकर किसी और की बॉडी पर चिपका दिया जा रहा है। पिछले दिनों रश्मिका मंदाना का ऐसा ही एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था।

असलियत में वो वीडियो बॉडी ब्रिटिश मूल की मॉडल जारा पटेल की थी, लेकिन AI के मिसयूज की वजह से उनकी बॉडी पर रश्मिका मंदाना का फेस लगा दिया गया था। यह देखने में काफी आपत्तिजनक था। अमिताभ बच्चन सहित कई बड़े एक्टर्स ने इसका विरोध भी किया था।

खुद जारा पटेल (बाएं) ने कन्फर्म किया था कि वीडियो में दिख रही महिला रश्मिका नहीं वो हैं।

खुद जारा पटेल (बाएं) ने कन्फर्म किया था कि वीडियो में दिख रही महिला रश्मिका नहीं वो हैं।

AI तकनीक पर बनने वाली भारत की पहली फिल्म
सैम भट्टाचार्जी ने एक फिल्म बनाई है, जिसका टाइटल है- आयरा (IRAH)। यह भारत की पहली फिल्म है, जो सिर्फ AI टेक्नोलॉजी की मदद से बनाई गई है। फिल्म का सब्जेक्ट भी AI से रिलेटेड ही है। सैम ने हमें अपने ऑफिस पिकल VFX का टूर भी कराया, जहां कई फिल्मों के VFX पर काम हो रहा था।

ग्राफिक्स- विपुल शर्मा

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Khandwa Information: तांत्रिक क्रिया के लिए चमगादड़ ले जा रहे थे, पुलिस ने चार पारदी को किया गिरफ्तार

पुछताछ में आरोपियों ने बताया कि हम भीलखेड़ी से कालीभीत जंगल में तांत्रिक के पास गए थे। तांत्रिक नहीं मिलने पर वापस आते समय वन विभाग की टीम ने हमे मेढ़ापानी में पकड़ लिया।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 09:05 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 09:05 AM (IST)

Khandwa News:  तांत्रिक क्रिया के लिए चमगादड़ ले जा रहे थे, पुलिस ने चार पारदी को किया गिरफ्तार
वन विभाग की टीम द्वारा पकड़े गए आरोपित और जब्त कार व वन्य प्राणी।

HighLights

  1. भाजपा नेता के पदनाम की कार और धावड़ा गोंद भी जब्त
  2. आशापुर-बैतूल मार्ग के ग्राम मेढ़ापानी फाटे पर कार्रवाई
  3. वन्यप्राणी को तांत्रिक क्रिया के लिए ले जाने की बात आरोपितों ने कही है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा । वन परिक्षेत्र सिंगाजी और परिक्षेत्र खालवा के वन अमले द्वारा गश्त के दौरान आशापुर-बैतूल मार्ग के ग्राम मेढ़ापानी फाटे पर एक कार से वन्य प्राणी और प्रतिबंधित धावड़ा गोंद जब्त किेया है। इसमें चार लोग सवार थे। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष की प्लेट लगी कार में चार लोग सवार थे। वन्यप्राणी को तांत्रिक क्रिया के लिए ले जाने की बात आरोपितों ने कही है।

वन विभाग को खालवा वन परिक्षेत्र से वनप्राणी की तस्करी की सूचना मिली थी। इस पर सिंगाजी और खालवा वन विभाग के अमले ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर वाहन कमांक एमपी12 जेडए 0527 को रोक कर तलाशी ली गई। वाहन से वन्यप्राणी चमकादड़ पांच जीवित अवस्था में तथा धावड़ा गोंद आठ किलोग्राम अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा है।

वन विभाग द्वारा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 और वनोपज व्यापार अधिनियम 1969 के तहत कार्रवाई कर वन अपराध पंजीबद्ध किया है। जिसमें कार में सवार पारदी समुदाय के 37 वर्षीय सूरज पुत्र सरपिया निवासी सराय थाना पिपलोद जिला खंडवा, 42 वर्षीय नरसुसिंह पुत्र नत्थूसिंह निवासी भीलखेड़ी थाना पिपलोद, 40 वर्षीय सतीश पुत्र सतुकलाल निवासी भीलखेड़ी थाना पिपलोद और 30 वर्षीय विकास पुत्र अजनलाल निवासी भीलखेडी थाना पिपलोद जिला खंडवा को गिरफ्तार किया गया।

पुछताछ में आरोपियों ने बताया कि हम भीलखेड़ी से कालीभीत जंगल में तांत्रिक के पास गए थे। तांत्रिक नहीं मिलने पर वापस आते समय वन विभाग की टीम ने हमें मेढ़ापानी में पकड़ लिया। घटना में प्रयुक्त वाहन को भी अपनी अभिरक्षा में लेकर परिक्षेत्र कार्यालय छनेरा लाया गया।

उपवनमंडलाधिकारी पूर्व कालीभीत और वनमंडलाधिकारी खंडवा सामान्य के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी सिंगाजी रमेश गेहलोत, वन परिक्षेत्र अधिकारी पश्चिम कालीभीत ए भदोरिया,परिक्षेत्र अधिकारी खालवा अरविंद चौहान, परिक्षेत्र दक्षिण आशापुर सहायक शिवराम पाटिल, बीटगार्ड राजेश सोनारे, राजपाल सिंह चौहान, वनरक्षक जितेंद्र खिंची द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई।

Monsoon Replace: समय से पहले दस्तक देगा मानसून, ला नीना इफेक्ट दिखाएगा असर, झमाझम होगी बारिश

परंपरागत मानसून ढांचे के विपरीत IOD और ला नीना प्रभाव का एक साथ निर्मित होना एक दुर्लभ घटना है, जो मौसम विज्ञानियों और जलवायु वैज्ञानिकों को मौसम के पैटर्न की अपनी समझ को गहरा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 08:41 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 08:41 AM (IST)

Monsoon Update: समय से पहले दस्तक देगा मानसून, ला नीना इफेक्ट दिखाएगा असर, झमाझम होगी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि ये परस्पर जुड़ी गतिशीलता दक्षिण-पश्चिम मानसून को विशेष रूप से प्रभावित करेगी।

HighLights

  1. इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है और झमाझम बरस सकता है।
  2. La Nina impact के कारण मानसून समय से पहले आ सकता है।
  3. हिंद महासागर डिपोल (IOD) और ला नीना स्थितियों के एक साथ सक्रिय होने से इस साल का मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। मौसम वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है और झमाझम बरस सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि Indian Ocean Dipole और La Nina impact के कारण मानसून समय से पहले आ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि हिंद महासागर डिपोल (IOD) और ला नीना स्थितियों के एक साथ सक्रिय होने से इस साल का मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है।

क्या है ला नीना इफेक्ट

गौरतलब है कि ला नीना इफेक्ट एक आवर्ती मौसम की घटना है, जो मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में औसत से अधिक ठंडे समुद्री सतह के तापमान और हिंद महासागर डिपोल (IOD), हिंद महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बनता है।

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मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि ये परस्पर जुड़ी गतिशीलता दक्षिण-पश्चिम मानसून को विशेष रूप से प्रभावित करेगी। इस दौरान शोधकर्ताओं को गतिशील मॉडल को परिष्कृत करने के साथ-साथ बारिश से संबंधित सांख्यिकीय विश्लेषण करने के लिए डेटा इकट्ठा करने का शानदार अवसर भी मिलेगा। परंपरागत मानसून ढांचे के विपरीत IOD और ला नीना प्रभाव का एक साथ निर्मित होना एक दुर्लभ घटना है, जो मौसम विज्ञानियों और जलवायु वैज्ञानिकों को मौसम के पैटर्न की अपनी समझ को गहरा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है।

Mahesh Bhatt had full religion in director Imtiaz Ali | फिल्म हाईवे को लेकर आलिया ने किया खुलासा: बोलीं- वो मेरे करियर का टर्निंग पॉइंट था; पिता महेश भट्ट को इम्तियाज अली पर भरोसा था

42 मिनट पहले

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करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से आलिया भट्ट ने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में अपनी एक्टिंग से दर्शकों को भले ही आलिया भट्ट नहीं इम्प्रे्स कर पाई, लेकिन इम्तियाज अली की फिल्म ‘हाईवे’ से उन्होंने साबित कर दिया कि अगर अच्छे मौके मिले तो वो चैलेंजिंग भूमिकाएं बखूबी निभा सकती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान आलिया भट्ट ने बताया कि जब वो फिल्म कर रही थी तो पिता महेश भट्ट का फिल्म को लेकर कैसा रिएक्शन था।

आलिया भट्ट ने कहा -फिल्म हाइवे को लेकर डैडी (महेश भट्ट) बहुत उत्साह थे। हर दिन वह मुझे फोन करते थे और कहते थे कि तुम अच्छी लग रही हो, इम्तियाज को मेरा प्यार दो, वह तुम्हें बदल देगा। डैडी की कही यह बात सच साबित हुई। मैं मानती हूं कि हाइवे की वीरा त्रिपाठी का किरदार मेरे लिए मील का पत्थर साबित हुई।

आलिया भट्ट ने कहा- इम्तियाज मुझसे मिलने मेरे घर आए तो डैडी वहीं थे। वे मेरे डैडी को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। इम्तियाज ने मुझे स्क्रिप्ट सौंपी, मैं उत्साह से कांप रही थी। डैडी ने कहा कि अपने कमरे में जाकर इसे पढ़ना शुरू करो। उन्होंने कहा कि अगर कोई डायरेक्टर रात 10 बजे तुम्हारे घर आता है तो तुम्हें फिल्म जरूर करनी चाहिए।

आलिया भट्ट के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो ‘जिगरा’ में नजर आएंगी। इस फिल्म का निर्माण आलिया भट्ट ने खुद अपने प्रोडक्शन इटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस और करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस के साथ किया है। इसके अलावा वो संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर और वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की फिल्म में नजर आएंगी। वहीं, बात करें इम्तियाज अली की तो 12 अप्रैल को उनकी फिल्म अमर सिंह चमकीला प्रीमियर नेटफ्लिक्स पर होगा।

CG Liquor Rip-off: शराब घोटाले में दर्ज हुआ नया केस, मनी लांड्रिंग का केस खारिज होने के बाद ED ने दर्ज किया ईसीआइआर

Chhattisgarh Sharab Ghotala: छत्तीसगढ़ में दो हजार करोड़ के शराब घोटाला मामले में मंगलवार को नया इनफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज करने की बात सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मनी लांड्रिंग का केस खारिज होने के बाद ईडी ने ईसीआइआर दर्ज की है।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 08:29 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 08:32 AM (IST)

CG Liquor Scam: शराब घोटाले में दर्ज हुआ नया केस, मनी लांड्रिंग का केस खारिज होने के बाद ED ने दर्ज किया ईसीआइआर

HighLights

  1. – शराब घोटाला मामले में नया इनफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज
  2. – शराब घोटाला मामले में मनी लांड्रिंग की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया था रद
  3. – ईडी ने आइएएस अफसर सहित 70 लोगों पर दर्ज किया है नया ईसीआइआर

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। Chhattisgarh Sharab Ghotala: छत्तीसगढ़ में दो हजार करोड़ के शराब घोटाला मामले में मंगलवार को नया इनफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज करने की बात सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मनी लांड्रिंग का केस खारिज होने के बाद ईडी ने ईसीआइआर दर्ज की है। हालांकि इस बात की अब तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए शराब मामले में मनी लांड्रिंग की कार्रवाई को यह कहते हुए रद कर दिया था कि एजेंसी के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आगे बढ़ने के लिए कोई अनुसूचित अपराध स्थापित नहीं हुआ है। इसके बाद ईडी द्वारा शराब घोटाला मामले में नया ईसीआइआर दर्ज किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक ईडी ने जो नया ईसीआइआर दर्ज किया है, वह 17 जनवरी को एसीबी और ईओडब्ल्यू में दर्ज की गई एफआइआर पर आधारित है। इसमें सेवानिवृत आइएएस अफसर अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा सहित कई कांग्रेस नेताओं, नौकरशाहों और व्यापारियों सहित 70 लोगों को दो हजार करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार में नामजद किया गया है।

शराब घोटाले में एसीबी कर रही जांच

सरकार बदलने के बाद राज्य की एजेंसी ने जांच शुरू की राज्य में नई सरकार के गठन होने के बाद एसीबी और ईओडब्ल्यू ने शराब घोटाले को लेकर एफआइआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। एफआइआर में तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा, आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव और छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के एमडी अरुण पति त्रिपाठी, पूर्व नौकरशाह विवेक ढांढ, कांग्रेस नेता अनवर ढेबर सहित 70 लोगों के नाम शामिल हैं।

नए सिरे से पूछताछ

शराब मामले में ईडी ईसीआइआर दर्ज की है। इस पूरे मामले को लेकर ईडी एक बार फिर से आरोपितों से नए सिरे से पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा ईडी मामले की नए सिरे से जांच करेगी। ईडी ने पूर्व में वर्ष 2023 में कोर्ट में जो आरोप पत्र दाखिल की थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है, उसमें ईडी ने आरोप लगाया है कि अनवर ढेबर द्वारा एकत्र किए गए दो हजार 161 करोड़ रुपये में से 776 करोड़ रुपये राजनीतिक व्यक्तियों के अलावा अधिकारियों को दिए गए हैं।

अनवर और अरविंद रिमांड पर कारोबारी अनवर ढेबर और अरविंद सिंह को एसीबी ने गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। दो बार आरोपितों की रिमांड ली गई है। हालांकि जानकारी के अनुसार आरोपित पूछताछ में किसी भी तरह का जवाब नहीं दे रहे हैं।