Monsoon Replace: समय से पहले दस्तक देगा मानसून, ला नीना इफेक्ट दिखाएगा असर, झमाझम होगी बारिश
परंपरागत मानसून ढांचे के विपरीत IOD और ला नीना प्रभाव का एक साथ निर्मित होना एक दुर्लभ घटना है, जो मौसम विज्ञानियों और जलवायु वैज्ञानिकों को मौसम के पैटर्न की अपनी समझ को गहरा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है।
By Sandeep Chourey
Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 08:41 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 08:41 AM (IST)
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HighLights
- इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है और झमाझम बरस सकता है।
- La Nina impact के कारण मानसून समय से पहले आ सकता है।
- हिंद महासागर डिपोल (IOD) और ला नीना स्थितियों के एक साथ सक्रिय होने से इस साल का मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। मौसम वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है और झमाझम बरस सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि Indian Ocean Dipole और La Nina impact के कारण मानसून समय से पहले आ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि हिंद महासागर डिपोल (IOD) और ला नीना स्थितियों के एक साथ सक्रिय होने से इस साल का मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है।
क्या है ला नीना इफेक्ट
गौरतलब है कि ला नीना इफेक्ट एक आवर्ती मौसम की घटना है, जो मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में औसत से अधिक ठंडे समुद्री सतह के तापमान और हिंद महासागर डिपोल (IOD), हिंद महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बनता है।
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मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि ये परस्पर जुड़ी गतिशीलता दक्षिण-पश्चिम मानसून को विशेष रूप से प्रभावित करेगी। इस दौरान शोधकर्ताओं को गतिशील मॉडल को परिष्कृत करने के साथ-साथ बारिश से संबंधित सांख्यिकीय विश्लेषण करने के लिए डेटा इकट्ठा करने का शानदार अवसर भी मिलेगा। परंपरागत मानसून ढांचे के विपरीत IOD और ला नीना प्रभाव का एक साथ निर्मित होना एक दुर्लभ घटना है, जो मौसम विज्ञानियों और जलवायु वैज्ञानिकों को मौसम के पैटर्न की अपनी समझ को गहरा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है।

