Gwalior Information: इंदौर जीआरपी को बच्चा लौटाने वाले दंपति ने किया था अपहरण, तीन गिरफ्तार

दंपति ने बेटे की चाहत में दो माह के नमन का अपहरण कर लिया था और ललितपुर स्टेशन पर उतर गए थे। बाद में डरकर उन्होंने इंदौर जीआरपी को बच्चा यह कहते हुए सुपुर्द कर दिया था कि वह लावारिस हालत में मिला था।

By Paras Pandey

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 10:49 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 10:49 PM (IST)

Gwalior News: इंदौर जीआरपी को बच्चा लौटाने वाले दंपति ने किया था अपहरण,  तीन गिरफ्तार
बेटे की चाहत में मालवा एक्सप्रेस से किया था अगवा

ग्वालियर, (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वैष्णो देवी के दर्शन कर मालवा एक्सप्रेस से लौट रहे छतरपुर निवासी उमेश अहिरवार के दो माह के बच्चे नमन का अपहरण इंदौर के दंपति ने ही किया था। इस मामले में ग्वालियर जीआरपी ने दंपति के साथ ही महिला की बड़ी बहन को भी गिरफ्तार कर लिया उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया गया है, जबकि पुरुष को पांच दिन की रिमांड पर भेजा गया है।

दंपति ने बेटे की चाहत में दो माह के नमन का अपहरण कर लिया था और ललितपुर स्टेशन पर उतर गए थे। बाद में डरकर उन्होंने इंदौर जीआरपी को बच्चा यह कहते हुए सुपुर्द कर दिया था कि वह लावारिस हालत में मिला था।

जीआरपी से मिली जानकारी के मुताबिक माता वैष्णो देवी के दर्शन कर वापस लौट रहे छतरपुर निवासी उमेश अहिरवार का दो माह का बेटा नमन मालवा एक्सप्रेस से गायब हो गया था। उमेश अपनी पत्नी व दो माह के नमन के साथ छह अप्रैल की रात ट्रेन के स्लीपर कोच में सवार थे।

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ग्वालियर से डबरा के बीच रात दो से ढाई बजे के बीच नींद खुली, तो बीच की बर्थ पर सो रही पत्नी के पास से बच्चा गायब था। बच्चे के गायब होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक रेल मृगाखी डेका के निर्देश पर जीआरपी थाना प्रभारी ने एक टीम का गठन किया, लेकिन उससे पहले ही महू निवासी अमर सिंह चौहान अपनी पत्नी इंदू चौहान के साथ इंदौर जीआरपी थाने पहुंचे। वहां बच्चा यह कहते हुए सुपुर्द किया कि उन्हें यह बच्चा ट्रेन में लावारिस हालत में मिला है।

ग्वालियर से इंदौर पहुंची जीआरपी की टीम को संदेह हुआ, तो सख्ती से पूछताछ की गई। इस पर दंपति ने बताया कि वे आगरा से मालवा एक्सप्रेस के एस-2 कोच में सवार हुए थे। उनके साथ पत्नी की बड़ी बहन रंजना चनाल व बेटी भी थी। ट्रेन में उनकी वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं होने पर वे एक बर्थ खाली होने पर उस पर बैठ गए।

उन्होंने देखा कि बच्चा अकेला है, तो वह उसे उठाकर ललितपुर स्टेशन पर उतर गए। वहां से बस से भोपाल और भोपाल से एक टैक्सी कर सीधे इंदौर पहुंच गए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बेटे की चाहत के लिए ऐसा किया था, लेकिन बाद में डरकर बच्चे को जीआरपी को सौंप दिया।

इसके बाद जीआरपी ने आरोपित अमर सिंह चौहान पुत्र जगदीश चौहान निवासी महू, इंदू चौहान पति अमर सिंह चौहान निवासी महू, रंजना चनाल पति स्व. सुनील चनाल निवासी रेेलवे कालोनी इंदौर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों महिलाओं को जेल भेजने व अमर सिंह चौहान को पांच दिन की रिमांड पर जीआरपी को सौंपा है।

इनकी रही भूमिका

निरीक्षक पंकज दीवान, उपनिरीक्षक सदा गोविंद, आरक्षक शिवकुमार, अनुज सिंह, अमर सिंह, हरिशंकर, रक्षपाल, राघवेन्द्र, जितेन्द्र सिंह, रुचि दुबे, आरपीएफ उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह राजावत, सहायक उपनिरीक्षक देवेश कुमार।

दो दिन से थाने में इंतजार कर रहे माता-पिता

अपहरण की वारदात का राजफाश हो चुका है, तो वहीं अपना बच्चा लेने के लिए इंदौर आए दंपति दो दिनों से जीआरपी थाने में इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल बच्चे को संजीवनी आश्रम में रखा गया है। शुक्रवार को महिला बाल विकास विभाग का दल जांच कर कलेक्टर से अनुमोदन लेकर इस बारे में कोई निर्णय लेगा।

बुधवार को बच्चे की पहचान कर चुके दंपति गुरुवार को भी बच्चे की सुपुर्दगी के लिए जीआरपी थाने के चक्कर लगाते रहे। पिता उमेश अहिरवार ने बताया कि बुधवार को पुलिस ने बच्चे को संजीवनी आश्रम में दिखाया था। बच्चा हमारा ही है, लेकिन अब तक हमें नहीं सौंपा गया है। हम परेशान हो रहे हैं।

जीआरपी टीआई संजय शुक्ला ने बताया कि बच्चे की सुपुर्दगी बाल कल्याण समिति द्वारा की जानी है, लेकिन वह भंग है। ऐसे में कलेक्टर आशीष सिंह के हस्तक्षेप के बाद भी निर्णय होगा।

बाल कल्याण समिति सदस्य गजेंद्र तोमर ने बताया कि समिति के दो लोगों का सेवाकाल समाप्त हो चुका है। ऐसे में शुक्रवार को महिला बाल विकास विभाग के दल द्वारा जांच की जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट के साथ कलेक्टर का अनुमोदन पत्र लिया जाएगा। इसके बाद ही बच्चे की सुपुर्दगी को लेकर निर्णय होगा।