World Homeopathy Day 2024: कैंसर, अप्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी का इलाज हो रहा होम्योपैथी से
विश्व होम्योपैथी दिवस, शहर में इस पैथी से इलाज के लिए अन्य प्रदेश गुजरात, राजस्थान, बिहार, झारखंड आदि से भी मरीज आने लगे हैं।
By Sameer Deshpande
Publish Date: Wed, 10 Apr 2024 08:07 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 10 Apr 2024 08:07 AM (IST)

HighLights
- होम्योपैथी से इलाज को लेकर आज भी लोगों में कई प्रकार की भ्रांतियां हैं।
- उन्हें ऐसा लगता है कि यह पैथी स्लो है और इससे मरीज को ठीक होने में समय लग जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है।
- एलोपैथी, आयुर्वेद के साथ ही अब इस पैथी से भी इलाज करवाने वालों की संख्या बढ़ रही है।
World Homeopathy Day 2024: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। होम्योपैथी से इलाज को लेकर आज भी लोगों में कई प्रकार की भ्रांतियां हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि यह पैथी स्लो है और इससे मरीज को ठीक होने में समय लग जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। एलोपैथी, आयुर्वेद के साथ ही अब इस पैथी से भी इलाज करवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। कोरोनाकाल के बाद होम्योपैथी के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ने लगा है।

मरीजों के स्वस्थ होने की बानगी
डेढ़ साल के बच्चे का अप्लास्टिक एनीमिया हुआ ठीक
बिहार दरभंगा के डेढ़ वर्षीय शिवांश को अप्लास्टिक एनीमिया था। स्वजन कई डाक्टरों से इलाज करवा चुके थे, लेकिन आराम नहीं मिल रहा था। बच्चे का होम्योपैथी से उपचार चलने के बाद अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है। अब उसे दवाएं भी नहीं लेनी पड़ रही है।
प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित 81 वर्षीय मरीज हुए स्वस्थ
81 वर्षीय बुजुर्ग को प्रोस्टेट कैंसर की शिकायत थी। जिसके कारण वह लंबे समय से परेशान थे। इसके बाद किसी की राय के बाद होम्योपैथी पद्धति से इलाज करवाया। वह धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगे और अब वह सामान्य जीवन जी रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
होम्योपैथी से इलाज लेने वाले मरीजों की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। खासकर कोरोना के बाद मधुमेह के मरीज भी इस पैथी से इलाज करवाने लगे हैं। साइड इफेक्ट से बचाव के लिए इस पैथी से इलाज करवाने के लिए मरीज आ रहे हैं। खासबात है कि अब बच्चों का इलाज करवाने के लिए स्वजन लाने लगे हैं।
– डा. शालिनी तिवारी, होम्योपैथ
कोरोना के बाद होम्योपैथी से इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। शहर में देशभर से मरीज अब इलाज करवाने के लिए आने लगे हैं। पहले जहां बुजुर्ग इस पैथी से इलाज करवाते थे, लेकिन अब बच्चे और बड़ी संख्या में युवा भी इस पैथी को अपनाने लगे हैं।
– डा. एके द्विवेदी, होम्योपैथ

