MP Politics: गजब के अजब सिंह, पांच महीने में तीसरी बार मुरैना में कांग्रेस के पूर्व विधायक ने बदला दल, फिर BJP में आए
सुमावली विधानसभा से 2020 के उप चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने अजब सिंह कुशवाह ने बीते साढ़े पांच महीने में तीसरी बार पार्टी बदली है। नवंबर 2023 में विधानसभा का टिकट काटकर कुलदीप सिकरवार को मिल गया था, इससे भड़के अजब सिंह ने कमल नाथ तक को जमकर खरीखोटी कहीं और उसी दिन बसपा की सदस्यता ले ली।
By Paras Pandey
Publish Date: Mon, 08 Apr 2024 05:02 PM (IST)
Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 10:31 AM (IST)

HighLights
- कांग्रेस की राह और हुई मुश्किल
- तीन महीने में कांग्रेस के दो पूर्व विधायक भाजपा के हुए
मुरैना, नईदुनिया प्रतिनिधि। चुनाव से पहले ही कांग्रेस के सामने जो संकट खड़ा था वह चुनावी समर में और विकराल हो गया। मुरैना के एक और पूर्व विधायक ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली। सुमावली के पूर्व विधायक अजब सिंह कुशवाह ने सोमवार को मामचौन गांव में हुई सभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने भाजपा की सदस्यता ले ली। इससे पहले जनवरी में मुरैना के पूर्व विधायक राकेश मावई कांग्रेस छोड़ भाजपा के हुए थे।
#WATCH मुरैना, मध्य प्रदेश: पूर्व कांग्रेस नेता अजब सिंह कुशवाह ने भाजपा में शामिल होने पर कहा, “भाजपा की जो योजना है… भाजपा द्वारा जो विकास किया गया है… उससे प्रभावित होकर हमने सोचा कि भाजपा का साथ देना चाहिए और भाजपा में शामिल होना चाहिए।” (08.04) https://t.co/WM56rvmaCO pic.twitter.com/uGz0VaJ8t3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 9, 2024
VIDEO | Right here’s what BJP chief Ajab Singh mentioned on his choice to depart the Congress forward of the Lok Sabha elections.
“Even Lord Ram was in exile for 14 years. I’ve additionally returned to my household now by being impressed by the event completed by this household (BJP).”… pic.twitter.com/PIkQqGTjg1
— Press Belief of India (@PTI_News) April 9, 2024
सुमावली विधानसभा से 2020 के उप चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने अजब सिंह कुशवाह ने बीते साढ़े पांच महीने में तीसरी बार पार्टी बदली है। नवंबर 2023 में विधानसभा का टिकट काटकर कुलदीप सिकरवार को मिल गया था, इससे भड़के अजब सिंह ने कमल नाथ तक को जमकर खरीखोटी कहीं और उसी दिन बसपा की सदस्यता ले ली।
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एक सप्ताह बाद ही कांग्रेस ने कुलदीप का टिकट निरस्त कर अजब सिंह को दिया तो वह तत्काल कांग्रेस में वापस आ गए। लोकसभा चुनाव में भी अजब सिंह कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, यह टिकट सुमावली से ही पूर्व विधायक रहे सत्यपाल नीटू सिकरवार को मिला तो अब अजब सिंह ने एक बार फिर कांग्रेस छोड़कर छह साल बाद एक बार फिर भाजपा की सदस्यता ले ली।इसके पीछे उनका तर्क है कि कांग्रेस ने जिसे लोकसभा प्रत्याशी बनाया था, उन नीटू सिंह ने विधानसभा चुनाव में विरोध कर हरवाया था।
भाजपा, कांग्रेस और बसपा से लड़ चुके विधायक चुनाव
साल 2008 और 2013 का विधानसभा चुनाव अजब सिंह बहुजन समाज पार्टी के टिकट से लड़ा था और दोनों बार हारे। 2018 के विधानसभा चुनाव में अजब सिंह को भाजपा ने टिकट देकर सुमावली से उतारा, तब भी कांग्रेस के ऐंदल सिंह कंषाना से हार गए।
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कमल नाथ सरकार में मंत्री नहीं बनाने पर ऐंदल सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली, इसके बाद 2020 में हुए उपचुनाव में ऐंदल सिंह भाजपा से लड़े तो अजब सिंह कांग्रेस का टिकट ले आए। इस चुनाव में पहली बार अजब सिंह को जीत मिली। बीता विस चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लड़ा, जिसमें भाजपा के ऐंदल सिंह से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

