Lok Sabha Chunav 2024: मनोज यादव बोले- मीरा ने जानबूझकर गलती नहीं की, भाजपा ने साजिश की
Lok Sabha Election 2024 : समाजवादी पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष बोले- साजिश करके सपा प्रत्याशी को चुनाव से बाहर किया।
By shashi tiwari
Publish Date: Wed, 10 Apr 2024 04:00 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 10 Apr 2024 04:00 AM (IST)

HighLights
- खजुराहो सीट पर अब आरबी प्रजापति का करेंगे समर्थन।
- साजिश करके मीरा दीपक यादव को चुनाव से बाहर कराया गया है।
- हमारी पहली प्राथमिकता संगठन का विस्तार बूथ स्तर तक करना है।
Lok Sabha Election 2024: शशिकांत तिवारी, भोपाल। खजुराहो लोकसभा सीट की इन दिनों प्रदेश भर में चर्चा है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने पहले इस सीट पर डा. मनोज यादव को प्रत्याशी घोषित किया था लेकिन 48 घंटे में ही उन्हें बदलकर मीरा दीपक यादव को प्रत्याशी बना दिया गया। उन्होंने नामांकन पत्र में हस्ताक्षर ही नहीं किया, जिससे वह चुनाव से बाहर हो गईं। इस पर सपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डा. मनोज यादव का कहना है कि साजिश करके मीरा दीपक यादव को चुनाव से बाहर कराया गया है और इस साजिश के पीछे सत्ताधारी भाजपा है।
उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि मीरा दीपक यादव लोकसभा चुनाव ही नहीं लड़ना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने जानबूझकर नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर न करने की गलती की। सच तो यह है कि उन्होंने चुनाव लड़ने में रुचि दिखाई इसीलिए ही मेरी जगह उन्हें मौका दिया गया। प्रस्तुत हैं नईदुनिया से मनोज यादव की बातचीत के प्रमुख अंश-
खजुराहो में आपकी प्रत्याशी ने नामांकन पत्र में हस्ताक्षर नहीं किए थे। चर्चा थी कि वह चुनाव लड़ना ही नहीं चाहती थीं?
जवाब : भाजपा की तानाशाही के चलते यह सब हुआ। निर्वाचन आयोग उनके एजेंट की तरह काम कर रहा है। अचानक टिकट बदलने की वजह से नामांकन पत्र भरने का समय कम मिला था। कलेक्टर गलती पकड़कर ठीक कराते हैं, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। जब दूसरा सेट जमा करने के लिए प्रत्याशी निर्धारित समय से 10 मिनट पहले गया तो उन्होंने मना कर दिया कि अब नहीं कर सकते। साजिश की गई। भाजपा को लग रहा था कि सपा यह सीट जीत रही है तो उन्होंने प्रत्याशियों को डराने-धमकाने का भी काम किया।

लंबी माथापच्ची के बाद पार्टी ने आपका नाम तय किया पर 48 घंटे बाद ही बदल दिया। विधानसभा चुनाव में भी आपके साथ ऐसा हुआ था क्यों?
जवाब : ऐसी बात नहीं थी। पहले मेरा टिकट घोषित हुआ था, मीरा दीपक यादव की यहां से लड़ने में रुचि थी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर लड़ते हैं। उम्मीदवार मैं हो जाती हूं आप सभी को सहयोग करना है। यह कहना भी ठीक नहीं है कि कांग्रेस ने आपत्ति की थी कि मनोज यादव कमजोर प्रत्याशी हैं, इसलिए बदला गया। यह सीट सपा को मिली थी, इसलिए प्रत्याशी चयन अखिलेश यादव को करना था, कांग्रेस को नहीं। कांग्रेस की सहमति थी। जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह से मेरी बात हुई थी, वह भी सहमत थे। मीरा दीपक यादव ने रुचि दिखाई। वह बेहतर विकल्प थीं, इसलिए मेरी जगह उन्हें टिकट दिया गया। यह सब राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर हुआ था। यह कहना ठीक नहीं है कि मीरा दीपक यादव लड़ना नहीं नहीं चाहती, उन्हें जबरदस्ती लड़ाया जा रहा था।
खजुराहो में अब आपका प्रत्याशी नहीं है, ऐसे में सपा अब किसका समर्थन करेगी। क्या रणनीति रहेगी?
जवाब : यहां आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक के प्रत्याशी सेवानिवृत आइएएस अधिकारी आरबी प्रजापति का ‘आइएनडीआइए’ में शामिल सभी दल समर्थन करेंगे। आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक भी ‘आइएनडीआइए’ का हिस्सा है। वह ईमानदार अधिकारी रहे हैं?
सपा का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं। संगठन के सामने क्या चुनौतियां हैं?
जवाब : पार्टी का संगठन बीच में लगभग साढ़े तीन वर्ष भंग रहा, इस कारण संगठन का विस्तार कम हुआ। इस अवसर पर हमारे कुछ कार्यकर्ता घर बैठ गए या दूसरे दलों में चले गए थे। अब सभी की घर वापसी होगी। सभी को नई जिम्मेदारी देंगे। अच्छे लोगों को जोड़ेंगे। पार्टी की 17 विंग हैं। सभी में नए सिरे नियुक्ति होगी। संगठन के विस्तार को लेकर 12 अप्रैल को खजुराहो में बैठक रखी गई है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए हमारे पास साढ़े चार वर्ष हैं। हमारी पहली प्राथमिकता संगठन का विस्तार बूथ स्तर तक करना है।
क्या वजह है कि मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी का जनाधार लगातार खिसक रहा है?
जवाब : जिस तरह से काम होना चाहिए था, वैसा पिछले पांच-10 वर्षों में नहीं हुआ। इसमें हमारे संगठन की कहीं न कहीं कमी थी, पर अब राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की इच्छा और कोशिश है कि मप्र में समाजवादी पार्टी तीसरा विकल्प बने।
कहा जाता के समाजवादी पार्टी में परिवारवाद चलता है। एक समाज के लोगों को संगठनों में प्रमुख जिम्मेदारी मिलती है?
जवाब : ऐसा कहना बिल्कुल सही नहीं है। हमसे पहले रामायण पटेल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। नारायण त्रिपाठी, रघु ठाकुर, सहित कई नेता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। समाजवादी विचारधारा में पार्टी सभी को साथ लेकर चलती है। जब लोगों को मुद्दे नहीं मिलते तो ऐसी बातें कहते हैं।

