Dhar Bhojshala ASI Survey: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग टीम सर्वे के लिए भोजशाला पहुंची, आज हनुमान चालीसा और पूजा का दिन
सर्वे टीम ने कल अकल कुई का व्यापक सर्वे किया। तीन नए स्थान पर खोदाई शुरू की गई। समय सीमा में सर्वे पूरा करने के लिए मशीनों की मदद ली जाएगी
By Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 08:49 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 08:54 AM (IST)

HighLights
- एएसआई ने 22 मार्च को धार भोजशाला परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण शुरू किया था।
- भोजशाला में आज हनुमान चालीसा और पूजा का दिन भी है।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने तीन नए स्थान पर खोदाई शुरू की।
#WATCH मध्य प्रदेश: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(ASI) की एक टीम सर्वेक्षण के लिए धार में भोजशाला परिसर पहुंची।
ASI ने 22 मार्च को धार भोजशाला परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण शुरू किया था। pic.twitter.com/YwNeIkg3fH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 9, 2024
धार की ऐतिहासिक भोजशाला के सर्वे के तहत कल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने तीन नए स्थान पर खोदाई शुरू की। इसके साथ ही परिसर में स्थित अकल कुई का व्यापक स्तर पर सर्वे किया गया।
यह देखा जा रहा है कि कूप किस पाषाण का बना हुआ है और उसकी वास्तु शैली किस काल की है। जानकारी के अनुसार आगामी एक-दो दिनों में और नई मशीन आएगी।
उल्लेखनीय है कि 8 अप्रैल 2003 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा एक आदेश जारी किया गया था। इसी के चलते पहली बार हिंदू समाज के लोगों को 21 साल पहले 8 अप्रैल 2003 को मंगलवार के दिन पूजाअर्चना की अनुमति मिली थी।
इस आदेश में शुक्रवार को नमाज की अनुमति के साथ शेष पांच दिन पर्यटकों के लिए खोल जाने का प्रविधान किया था। 21 साल से प्रति मंगलवार को अखंडित रूप से यहां पर पूजा अर्चना की जा रही है।
हिंदू समाज के लोग 2003 के पहले भोजशाला के बाहरी दरवाजे तक पहुंचकर देहरी पूजन करके ही लौट आते थे, क्योंकि हिंदू समाज के लिए ताले लगे हुए थे। इस संबंध में हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा ने बताया कि 21 साल बहुत ही गौरवशाली हैं। इसमें आंदोलन में हमारे तीन कार्यकर्ता शहीद भी हुए थे। उन सबको हमने नमन किया है। इस तरह से जो भी इस आंदोलन के पीछे रहे हैं, उनका योगदान कभी नहीं बुलाया जा सकता।

