Surya Grahan Time 2024: शुरु हुआ साल का पहला सूर्य ग्रहण, आदित्य एल-1 होगा सबसे करीब

इस वर्ष का प्रथम सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल की रात भारतीय मानक समय अनुसार रात 10.10 बजे से शुरु हो गया है। यह मध्य रात्रि 1.24 बजे तक रहेगा। यह पूर्ण सूर्यग्रहण है। पूर्णता की स्थिति रात 11.47 बजे थी।

By Ekta Sharma

Publish Date: Mon, 08 Apr 2024 12:57 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 08 Apr 2024 11:55 PM (IST)

Surya Grahan Time 2024: शुरु हुआ साल का पहला सूर्य ग्रहण, आदित्य एल-1 होगा सबसे करीब
यह सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा।

HighLights

  1. पूर्णता की स्थिति रात 11.47 बजे होगी।
  2. ये एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है।
  3. चंद्रमा दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा करता है।

धर्म डेस्क, इंदौर। Surya Grahan Timing 2024: इस वर्ष का प्रथम सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल की रात भारतीय मानक समय अनुसार रात 10.10 बजे से शुरु हो गया है। यह मध्य रात्रि 1.24 बजे तक रहेगा। यह पूर्ण सूर्यग्रहण है। पूर्णता की स्थिति रात 11.47 बजे थी। 4 मिनट 30 सेकंड तक पूर्ण अवस्था को दिखेगा। विशेष बात ये है कि भारत में ये पूर्ण सूर्यग्रहण दिखाई नहीं देगा। ये सिर्फ हवाई द्वीप, उत्तरी एवं मध्य अमेरिका, ग्रीनलैंड और आइसलैंड में बहुत साफ देखा जा सकेगा।

आदित्य एल-1 ग्रहण के दौरान सूर्य के करीब

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान, नैनीताल के निदेश और आदित्य एल-1 साइट ग्रुव कमेटी व आउटरीच विभाग के सह अध्यक्ष प्रोफेसर दीपांकर बनर्जी ने बताया कि इस बार पूर्ण सूर्यग्रहण कई मायनों में स्पेशल होगा। ग्रहण के दौरान सूरज की अनसुलझी गुत्थियां सुलझ सकती है। उन्होंने कहा, ‘आदित्य एल-1 सूर्य के करीब होगा। ऐसे में ग्रहण की तस्वीरों को हम तक पहुंचाएगा।’ प्रो. बनर्जी के अलावा सौर विज्ञानी डॉ. एस कृष्णा प्रसाद, इंजीनियर टीएस कुमार टेक्सास और पूर्व विज्ञानी आरसी कपूर सूर्य ग्रहण का अध्ययन करेंगे।

कितने अवधी की रहेगी सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण की अवधि चार मिनट 27 सेकंड तक है। भारतीय विज्ञानियों को आदित्य एल-1 द्वारा खींची गई तस्वीरों का इंतजार रहेगा। ये फोटोज दुनियाभर के सौर विज्ञानिकों के लिए स्टेडी में मददगार साबित होगी। इस सूर्य ग्रहण को ग्रेट नार्थ अमेरिकन टोटल सोलर एक्लिप्स नाम दिया गया। ग्रहण उत्तर यूएस से शुरू होगा।

सौर विज्ञानी वहाबउद्दीन के अनुसार, मैक्सिको में सूर्यग्रहण की अधिकतम अवधि चार मिनट 27 सेकेंड रहेगी। ग्रहण का अधिकांश हिस्सा आबादी वाले शहरों की भूमि पर पड़ेगा, जो यूएस और कनाडा से गुजरता है। इससे पहले 2009 में डॉ वहाबउद्दीन पूर्ण सूर्यग्रहण का अध्ययन करने चीन गए थे।

भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण का समय

भारतीय तारा भौतिकी संस्थान बेंगलुरु के पूर्व विज्ञानी आरसी कपूर ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार सोमवार रात 9 बजकर 12 बजे ग्रहण शुरू होगा और 9 अप्रैल को मध्यरात्रि 2 बजकर 22 बजे तक रहेगा।

इस कारण होता है सूर्यग्रहण

जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डा. राजेन्द्रप्रकाश गुप्त के अनुसार, ये एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के मध्य होता है। जैसा कि विदित है कि चंद्रमा दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा करता है, जिससे वह कभी पृथ्वी के पास की स्थिति में होता है, तो कभी पृथ्वी से दूर। पूर्ण ग्रहण की स्थिति तब होती है, जब चंद्रमा पृथ्वी से पास की स्थिति में सूर्य तथा पृथ्वी के मध्य होता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’ ,