Bhopal Information: आरटीई के तहत दूसरे चरण की लाटरी अप्रैल के अंतिम सप्ताह में निकाली जाएगी
आरटीई के तहत दूसरे चरण की लाटरी में करीब 38 हजार आवेदन होंगे शामिल
By Anjali rai
Publish Date: Mon, 08 Apr 2024 01:55 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 08 Apr 2024 03:45 PM (IST)

HighLights
- सीबीएसई स्कूलों के संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी
- मामले में अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी
- कक्षा की 25 फीसद सीटों पर सरकार द्वारा प्रवेश दिया जाता है
Bhopal Information: नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शिक्षा का अधिकार अधिनियम(आरटीई) के तहत दूसरे चरण की लाटरी सोमवार को घोषित होने वाली थी, लेकिन आरटीई को लेकर इंदौर हाईकोर्ट के स्टे के बाद प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। पहले चरण में आवंटित सीटों पर भी कई स्कूल बच्चों का प्रवेश नहीं ले रहे हैं। आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया का प्रदेश के कई सीबीएसई स्कूल विरोध कर रहे है।मामले को लेकर सीबीएसई स्कूलों के संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। मामले में अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। इसके बाद राज्य शिक्षा केंद्र दूसरे चरण के लाटरी की घोषणा करेगा। अब दूसरे चरण की लाटरी अप्रैल के अंत में घोषित की जाएगी। इसमें पहले चरण में मनपसंद सीटों पर प्रवेश नहीं ले पाए करीब 10 हजार विद्यार्थी भी शामिल होंगे।वहीं इस सत्र में प्रदेश भर के 23 हजार निजी स्कूलों में 1.12 लाख सीटों पर 84 हजार 795 बच्चों को लाटरी निकालकर उन्हें स्कूल आवंटित किया गया था, लेकिन 73 हजार ने ही प्रवेश लिया है।अब भी 27 हजार 205 सीटें खाली है। दूसरे चरण में करीब 38 हजार आवेदक शामिल होंगे। बता दें, कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों की पहली या प्रारंभिक कक्षा की 25 फीसद सीटों पर सरकार द्वारा प्रवेश दिया जाता है। इनकी फीस सरकार द्वारा वहन की जाती है। कई जिलों में आरटीई के तहत विद्यार्थियों के अभिभावक कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करने पहुंच रहे हैं। कई स्कूलों ने इंदौर हाईकोर्ट के आए स्टे के बाद बच्चों को प्रवेश देने से मना कर दिया है।
29 अप्रैल को होना है सुनवाई
आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया का प्रदेश के कई सीबीएसई स्कूल विरोध कर रहे है। मामले को लेकर सीबीएसई स्कूलों के संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने विवाद की स्थिति को देखते हुए राज्य शिक्षा केंद्र के 21 फरवरी के जारी आदेश पर अगली सुनवाई तक स्टे दिया है। हालांकि याचिकाकर्ता स्कूलों को आरटीई के प्रविधानों पर अमल करने के निर्देश दिए है।अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।

