उज्जैन में पहली बार लगे व्यापार मेले में बिके 22 हजार वाहन, ग्राहकों को 100 करोड़ की छूट
धर्मधानी उज्जैन में ग्वालियर मेले की तर्ज पर पहली बार लगा ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ मिल का पत्थर साबित हुआ। मेले ने रोजगार संग उन्नति के द्वार खोले। 39 दिनों में 22 हजार से अधिक वाहनों की रिकार्ड बिक्री हुई।
By Anurag Mishra
Publish Date: Mon, 08 Apr 2024 11:07 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 08 Apr 2024 11:10 PM (IST)

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। धर्मधानी उज्जैन में ग्वालियर मेले की तर्ज पर पहली बार लगा ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ मिल का पत्थर साबित हुआ। मेले ने रोजगार संग उन्नति के द्वार खोले। 39 दिनों में 22 हजार से अधिक वाहनों की रिकार्ड बिक्री हुई। 39 दिनों में कुल 6 हजार मोटरसाइकिल और 15900 कार बिकी। मेले में वाहन खरीदने पर परिवहन विभाग ने पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट का आफर दिया था, जिसका लोगों ने खूब लाभ उठाया।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) संतोष कुमार मालवीय ने बताया कि दशहरा मैदान पर 1 मार्च से लगे व्यापार मेले में 8 अप्रैल की दोपहर 2 बजे तक 1000 करोड़ से अधिक कीमत के वाहन बिके है। पंजीयन शुल्क के रूप में परिवहन विभाग को 100 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है, और इतनी ही राशि की छूट ग्राहकों ने पाई है। मंगलवार को मेला समाप्त हो जाएगा। रात 12 बजे के पहले डीलर ने पंजीयन शुल्क जमा नहीं किया तो बाद में पूरा शुल्क चुकाना पड़ेगा। समय सीमा में पंजीयन शुल्क न जमा करने पर आटोमोबाइल डीलर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बाद की स्थिति में संपूर्ण शुल्क जमा करने की जवाबदारी डीलर की होगी। इस संबंध में सभी डीलरों को नोटिस जारी किया है।
एक करोड़ से अधिक कीमत की 27 कार बिकी
मेले में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की मोस्ट प्रीमियम सेगमेंट की 27 कार बिकी। तीन करोड़ 30 लाख रुपये कीमत की एक बीएमडब्ल्यू सीरीज की कार भी बिकी। 25 लाख रुपये कीमत तक की मोटर साइकिलें भी बिकी। विशेष बात ये है कि वाहन संपूर्ण मध्यप्रदेश के लोगों ने खरीदे, क्योंकि 10 लाख की कार पर पंजीयन शुल्क में 45 हजार रुपये तक की छूट ग्राहकों को मिल रही थी। इसके अलावा डीलर की ओर से भी जबर्दस्त लुभावने आफर दिए गए थे।
ग्वालियर मेले में 67 दिन में बिके थे 27319 वाहन
इस वर्ष 67 दिन लगे ग्वालियर मेले में 13593 दोपहिया और 13726 चौपहिया वाहन, कुल 27319 वाहन बिके थे। इन आंकड़ों में 87 लाख से एक करोड़ 38 लाख तक की 13 कारें भी शामिल थीं। पिछले साल 11948 दोपहिया और 10457 चार पहिया, कुल 22405 वाहन बिके थे। बता दे कि ग्वालियर व्यापार मेले की शुरूआत तत्कालीन महाराज माधोराव सिंधिया ने 1905 में की थी।
ये भी जानिये
– उज्जयिनी व्यापार मेला दशहरा मैदान पर 1 मार्च को प्रारंभ हुआ था।
– मेले में आटोमोबाइल सहित इलेक्ट्रिक, हस्तशिल्प उत्पाद एवं खान-पान की 450 दुकानें लगाई गई थीं, जिससे नगर निगम को दो करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई।
– वाहन खरीदने को ऋण मुहैया कराने को मेले में बैंकों ने अपने स्टाल भी लगाए।
– मेले में खरीदी-बिक्री करने वाले लोगाें को पर्यटन विभाग ने विशिष्ट मेहमान मानकर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कराने और अपनी होटलों में रहने के लिए कमरे रियायती दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था के लिए विशेष कूपन जारी किए थे। कुपून में स्पष्ट किया था कि पर्यटन विभाग के होटल में दो रात्रि ठहरने पर एक रात्रि का ही किराया लिया जाएगा। ये कूपन सितंबर- 2024 तक के लिए मान्य है।

