निजी स्कूल गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों से खाने, गाड़ी व अन्य एक्टिविटी की फीस मांग रहे हैं। कुछ स्कूलों ने हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के स्टे पर विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया रोक दी है।
By Lalit Katariya
Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 09:39 PM (IST)
Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 09:39 PM (IST)
HighLights
- दोनों स्कूलों को जारी किया गया नोटिस
- कलेक्टर के पास पहुंची शिकायत
- दूसरे चरण की लाटरी आज निकाली जाएगी
Bhopal Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पहले चरण में आवंटित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। वहीं कुछ बड़े निजी स्कूल प्रवेश लेने से इन्कार कर रहे हैं तो कुछ ने पहले से प्रवेशित बच्चों को भी पढ़ाने से मना कर दिया है। जिला परियोजना समन्वयक के पास सागर पब्लिक स्कूल व सेंट फ्रांसिस स्कूल की शिकायत पहुंची है। मामले में स्कूल के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। निजी स्कूल गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों से खाने, गाड़ी व अन्य एक्टिविटी की फीस मांग रहे हैं। कुछ स्कूलों ने हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के स्टे पर विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया रोक दी है।
बता दें कि आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया का प्रदेश के कई सीबीएसई स्कूल विरोध कर रहे हैं। मामले को लेकर सीबीएसई स्कूलों के संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। मामले में अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। इधर, अभिभावकों ने मामले की शिकायत जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय में की है। दरअसल, आरटीई के तहत निजी स्कूलों की पहली या प्रारंभिक कक्षा की 25 फीसद सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। इनकी फीस सरकार द्वारा वहन की जाती है। इस सत्र में प्रदेश भर के 23 हजार निजी स्कूलों में 1.12 लाख सीटों पर 84 हजार 795 बच्चों को लाटरी निकालकर उन्हें स्कूल आवंटित किया गया है। अब भी 27 हजार 205 सीटें खाली हैं।
कलेक्टर के पास पहुंची शिकायत
आरटीई में प्रवेश लेने वाले गरीब व वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के अभिभावक अब कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करने पहुंच रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा खाने, गाड़ी व अन्य एक्टिविटी की फीस मांगी जा रही है।
दूसरे चरण की लाटरी आज निकाली जाएगी
आरटीई के तहत दूसरे चरण की लाटरी सोमवार को निकाली जाएगी। इसमें पहले चरण में प्रवेश नहीं ले पाए 10 हजार 192 आवेदक भी शामिल होंगे। वहीं, पहले चरण में जिनका नाम लाटरी प्रक्रिया में नहीं आया था, वे बच्चे भी शामिल होंगे। पहले चरण की लाटरी में एक लाख एक हजार आवेदकों को सीटें आवंटित की गई थी। इनमें करीब 74 हजार विद्यार्थियों ने अपने मनपसंद स्कूलों में प्रवेश लिया था। 10 हजार 192 विद्यार्थियों ने आवंटित स्कूलों में प्रवेश नहीं लिया।
इनका कहना है
सागर पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों के अभिभावकों ने शिकायत की है कि स्कूल बच्चों को पढ़ाने से इन्कार कर रहे हैं। वहीं सेंट फ्रांसिस स्कूल ने बच्चों को प्रवेश देने से इन्कार कर दिया है। दोनों स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है।
– आरके यादव, जिला परियोजना समन्वयक।





