मरीजों को एक ही छत के नीचे हृदय से जुड़ी सर्जरी से लेकर परामर्श तक की मिलेगी सुविधा।
By mukesh vishwakarma
Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 07:17 PM (IST)
Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 08:43 PM (IST)
HighLights
- पांचवें प्रस्ताव के बाद पूरा विभाग होगा शिफ्ट
- प्रबंधन ने इसके लिए चिकित्सा संचालनालय को प्रस्ताव भेजा है
- जिससे अब मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा
मुकेश विश्वकर्मा, भोपाल। राजधानी के कमला नेहरू अस्पताल में एडवांस कार्डियक सेंटर बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे यहां आने वाले मरीजों को एक ही छत के नीचे हृदय से जुड़ी सर्जरी से लेकर परामर्श तक की सुविधा मिल सकेगी। गांधी मेडिकल कालेज (जीएमसी) प्रबंधन ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
बता दें कि सबसे पहले कैथ लैब को हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग के तीसरे माले पर शिफ्ट करने का विचार था, लेकिन इंजीनियरों ने यहां इसकी मंजूरी नहीं दी। इसके बाद मौजूदा स्थान पर जहां कैथ लैब है, उसे वहीं रहने देने और रैंप के जरिये नया रास्ता बनाने की बात कही गई, लेकिन इस पर विभाग तैयार नहीं हुआ। तीसरे प्रस्ताव में इमरजेंसी एंड ट्रामा बिल्डिंग को खाली कर पूरा हृदय रोग विभाग एक जगह ही करने की बात कही गई। इसके बाद कमला नेहरू अस्पताल में कैथ लैब को शिफ्ट करने की योजना तैयार हुई। अब पांचवें प्रस्ताव के तहत कैथ लैब समेत पूरे हृदय रोग विभाग को शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
शिफ्ट होने में लगेगा लंबा समय
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते कैथ लैब को एक से दूसरी जगह शिफ्ट करने में चार से पांच महीने का समय लग सकता है। वहीं पूरे विभाग को शिफ्ट करने में यह समय और लंबा हो सकता है। बता दें कि वर्तमान कैथ लैब में रोजाना तीन से चार सर्जरी होती हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी न हो, इसको लेकर शिफ्टिंग के लिए योजना बनाना अभी बाकी है। गांधी मेडिकल कालेज के डीन डा. सलिल भार्गव का कहना है कि विभाग से जुड़ी सभी सुविधाएं एक स्थान पर होंगी तो इसका लाभ मरीजों को होगा। उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। इसी को देखते हुए यह योजना तैयार की गई है। इससे दिल के मरीजों को पूर्ण इलाज एक ही स्थान पर मिलेगा, लेकिन इसकी शिफ्टिंग में अभी समय लग सकता है।





