Photo voltaic Eclipse: साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को, भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा

साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल, सोमवार चैत्र अमावस्या पर लगने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।जिसे खग्रास सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है। यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा।

By anil tomar

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 12:37 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 12:37 PM (IST)

Solar Eclipse: साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को, भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा

Photo voltaic Eclipse: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल, सोमवार चैत्र अमावस्या पर लगने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।जिसे खग्रास सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है। यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा। भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को रात 9 बजकर 12 मिनट से शुरू हो जाएगा और इसका समापन रात 2 बजकर 20 मिनट पर होगा। इसकी अवधि 05 घंटे 08 मिनट की होगी। ज्योतिष के अनुसार, इसका प्रभाव आम व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। यह सूर्य ग्रहण मीन राशि और रेवती नक्षत्र में लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है, जिससे सूर्य की दृष्टि पूरी तरह या आंशिक रूप से अवरुद्ध हो जाती है।

यह सूर्य ग्रहण कहां कहां दिखाई देगा

यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। कनाडा, उत्तरी अमेरिका, मैक्सिको में दिखाई देगा। इसके अलावा कोस्टा रिका, क्यूबा, डोमिनिका, फ्रेंच पोलिनेशिया, जमैका, आयरलैंड, इंग्लैंड के उत्तर पश्चिम क्षेत्र, पश्चिमी यूरोप, पेसिफिक, अटलांटिक, आर्कटिक में ये ग्रहण दिखेगा।

भारत मे लोग इस दिन क्या करें

  • 8 अप्रैल को दिखने वाला सूर्य ग्रहण को लेकर कई लोग सोच रहे हैं कि सूर्य ग्रहण लगने से क्या पूजा-पाठ जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं? क्योंकि सूर्य ग्रहण के अगले दिन से चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो रही है। इस कारण से नवरात्रि का व्रत करने वाले लोग टेंशन में हैं लेकिन ज्योतिषों के अनुसार अमेरिका में लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा और लोग बाकी दिनों की तरह ही अपनी दिनचर्या के अनुसार काम कर सकते हैं।
  • सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण दोनों एक खगोलीय घटना है। ज्योतिष शास्त्र में दोनों ही ग्रहण का बहुत महत्व है। लेकिन आपको सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण से घबराना नहीं चाहिए। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान आपको गायत्री मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। वहीं, सूर्य ग्रहण के दौरान आप सूर्य के बीज मंत्र ओम घृणि सूर्याय नम: का जाप भी कर सकते हैं। इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव आप पर नहीं पड़ता।