Madgaon Specific Avinash Tiwary Interview; Amitabh Bachchan Khakee Film | ‘खाकी’ के चंदन महतो अविनाश तिवारी: मडगांव एक्सप्रेस में पहली बार रियल लुक में दिखे; बिग बी को कोहनी मारी तो लगा करियर खत्म
मुंबई15 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी
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अविनाश तिवारी कई फिल्मों और सीरीज में अलग-अलग किरदार निभा चुके हैं। इन फिल्मों में उनके लुक के साथ काफी एक्सपेरिमेंट हुए। पहली बार वे मडगांव एक्सप्रेस में अपने रियल लुक में नजर आएं। अविनाश तिवारी अपने आपको सौभाग्यशाली मानते हैं कि शुरू से ही उन्हें अच्छे फिल्म मेकर्स के साथ काम करने का मौका मिला है। वे मानते हैं कि जब आपके पास अच्छी फिल्में और अच्छे फिल्म मेकर्स हों तो काम अपने आप बेहतर होने लगता है।
अविनाश तिवारी ने एक टीवी शो में अमिताभ बच्चन के साथ काम किया था। एक्शन सीक्वेंस फिल्माने के दौरान उनकी कोहनी बिग बी को लग गई थी। अविनाश काफी डर गए थे, उन्हें लगा कि अब करियर खत्म हो गया। दैनिक भास्कर से इंटरव्यू के दौरान अविनाश तिवारी ने फिल्म मडगांव एक्सप्रेस और अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अपने एक्सपीरियंस शेयर किए।
फिल्म मडगांव एक्सप्रेस में दिव्येंदु शर्मा और प्रतीक गांधी का कॉमिक किरदार है जबकि आप थोड़े सीरियस रोल में दिखे हैं, इस बारे में कुछ बताएं?
मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि इतने शानदार कलाकारों के बीच मैंने भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा ली है। फिल्म देखने के बाद मैंने अपने आप को छोटी सी शाबाशी भी दी। दोनों एक्टर्स की तुलना में मेरे पास कम जोक्स थे, इसके बावजूद मैंने अपनी प्रेजेंस दिखाई। यह मेरे लिए बड़ी बात थी।

फिल्म 22 मार्च को रिलीज हुई थी।
इस बात का बुरा नहीं लगा कि सारे अच्छे डायलॉग्स बाकी दोनों एक्टर्स को मिल गए?
नहीं ऐसा नहीं है, फेशियल एक्सप्रेशन से ही मैंने काफी कुछ काम कर दिया है। जब आपके पास इतने अच्छे को-स्टार्स हों तो सारी चीजें आसान लगने लगती हैं।
अपनी जर्नी के बारे में बताइए।
मेरा जन्म बिहार के गोपालगंज में हुआ था। हालांकि मेरी परवरिश मुंबई में हुई है। मैंने मुंबई में ही स्कूलिंग की। इसके बाद दिल्ली में एक्टिंग कोर्स किया। इसके बाद न्यूयॉर्क में जाकर एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। न्यूयॉर्क से लौटा तो लगा कि दरवाजे खुल गए हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बहुत संघर्ष के बाद अब लग रहा है कि मेहनत रंग ला रही है।
एक्टिंग की शुरुआत कैसे हुई?
मैं 2003 में थिएटर करता था। इसके बाद डीडी नेशनल पर दो शोज किए। थोड़े पैसे आने शुरू हुए तो लगा कि अब यही मंजिल है। हालांकि तुरंत समझ में आया कि जीवन में यहीं नहीं रुकना है। यही सोचकर मैंने टीवी इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया। हालांकि इसी बीच 2012 में मुझे अमिताभ बच्चन के साथ एक शो ‘युद्ध’ करने का मौका मिला।
मिस्टर बच्चन के साथ स्क्रीन शेयर करना अपने आप में बहुत बड़ी बात थी। इस शो की शूटिंग के दौरान एक दिलचस्प वाकया हुआ। एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान मेरी कोहनी उन्हें लग गई। मुझे उसी वक्त लगा कि करियर खत्म हो गया। मैं डर गया लेकिन बच्चन साहब ने बड़ा दिल दिखाया और इस बात को जाने दिया।

अविनाश पिछले एक दशक से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें असल पहचान पिछले कुछ सालों में मिली है।
अमिताभ बच्चन को जब आपने पहली बार देखा तो कैसा लगा?
पहले मुझे लगा कि उन्हें एक को-स्टार की तरह ट्रीट करूंगा। हालांकि जब वो सामने आए तो लग गया कि अमिताभ बच्चन आए हैं। सब लोग अपनी चेयर से उठ गए। मैं भी उन्हें देखकर खड़ा हो गया। फिर एहसास हुआ कि अमिताभ बच्चन एक नॉर्मल को-स्टार नहीं हैं। उनका औरा सबसे अलग है।

अमिताभ बच्चन के साथ एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग करते अविनाश तिवारी।
पहली बार मडगांव एक्सप्रेस में रियल लुक में नजर आएं। इससे पहले की फिल्मों और सीरीज में आपके लुक के साथ एक्सपेरिमेंट होता आया है?
जी, मुझे एक शख्स ने कॉल करके कहा कि पहली बार किसी ने तुम्हारे लुक के साथ जस्टिस किया है। मैंने उससे कहा कि मडगांव एक्सप्रेस में मेरे लुक के साथ जस्टिस हुआ है, लेकिन पिछली फिल्मों में मेरे टैलेंट के साथ जस्टिस हुआ था।
खाकी-द बिहार चैप्टर में चंदन महतो के किरदार में आपने काफी प्रभावित किया था। क्या कहेंगे?
मैं हमेशा अपनी स्क्रिप्ट पिताजी को भी शेयर करता हूं। उन्हें लगा कि ये स्क्रिप्ट मेरे लिए सही नहीं है। हालांकि डायरेक्टर नीरज पांडे को काफी यकीन था कि मैं इसे बेहतर तरीके से निभा पाऊंगा। मैंने बिहार में जितना टाइम बिताया था, वो सारे अनुभव मैंने चंदन महतो के किरदार को निभाने में लगा दिए। बाद में लोगों का रिएक्शन भी बहुत गजब था। काफी लोगों ने कहा कि मैंने जिस अंदाज में किरदार को निभाया है, शायद कोई और नहीं कर सकता था।

