Lok Sabha Election: भरोसे के ‘भंवर’ में फंसा राजनांदगांव का मुकाबला, कांग्रेस को भूपेश तो भाजपा मोदी पर भरोसे

कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उम्मीदवारी से प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जा रही राजनांदगांव में पूरा मुकाबला भरोसे के भंवर में फंसता दिख रहा है। चुनाव प्रचार में अब मात्र 18 दिन का ही समय शेष रह गया है। भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेता प्रचार के मैदान में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं।

By MIthlesh Dewangan

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 04:22 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 04:22 AM (IST)

Lok Sabha Election: भरोसे के 'भंवर' में फंसा राजनांदगांव का मुकाबला, कांग्रेस को भूपेश तो भाजपा मोदी पर भरोसे
भरोसे के ‘भंवर’ में फंसा राजनांदगांव का मुकाबला

HighLights

  1. भरोसे के ‘भंवर’ में फंसा राजनांदगांव का मुकाबला
  2. कांग्रेस को भूपेश तो भाजपा को मोदी के भरोसे वाली पतवार पर ही भरोसा
  3. पिछला लोकसभा चुनाव यहां 1.12 लाख के अंतर से जीता था भाजपा ने

मिथलेश देवांगन, राजनांदगांव (नईदुनिया)। कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उम्मीदवारी से प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जा रही राजनांदगांव में पूरा मुकाबला भरोसे के भंवर में फंसता दिख रहा है। पिछला लोकसभा चुनाव 1.12 लाख के अंतर से जीतने वाली भाजपा को चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव के हिसाब से मात्र 30 हजार 599 मतों की बढ़त थी। ऐसे में प्रत्याशी संतोष पांडेय की नैया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भरोसे वाली पतवार पर टिक गई है। उधर, कांग्रेस को भूपेश बघेल पर ही पूरा भरोसा है। विधानसभा चुनाव में जिन पांच सीटों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, उसे न केवल बनाए रखने की बल्कि बल्कि बढ़त को बढ़ाने की भी बड़ी चुनौती है।

भाजपा ने पंडरिया 26 हजार 398, कवर्धा 39 हजार 592 व राजनांदगांव सीट 45 हजार 84 मतों से अंतर से जीता था। अर्थात विधानसभा की इन चारों सीटों पर भाजा ने कुल एक लाख 11 हजार 74 मतों से विजय पाई थी। दूसी ओर, कांग्रेस ने पांच सीटें जीतकर कुल 80 हजार 475 मतों का बढ़त लिया था। इसमें खैरागढ़ में 5,634, डोंगरगढ़ में 14 हजार 367, डोंगरगांव से 2,789, खुज्जी से 25 हजार 944 व मोहला-मानपुर से 31 हजार 741 मतों की बढ़त थी।

चुनाव में ग्रामीण मतदाता होंगे निर्णायक

लोकसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता निर्णायक हो सकते हैं। संसदीय क्षेत्र में कुल 18 लाख 65 हजार 175 मतदाता है। इनमें 10 लाख से अधिक गांवों में रहते हैं। यही कारण है कि दोनों दलों का जोर अब तक गांवों में ही है। विशेषकर भूपेश का प्रचार अभियान का केंद्र ही गांव है। शहरी मतदाताओं को भी साधने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

हालांकि दो दिन पहले जारी न्याय संकल्प (घोषणा पत्र) अभी जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। कांग्रेस की ओर से महंगाई, बेरोजगारी व केंद्रीय एजेसियों के दुरुपयोग का मुद्दा जोर-शोर से उठाया जा रहा है। भाजपा का पूरा फोकस कमजोर ग्रामीण बूथों के अलावा कम बढ़त वाले शहरी क्षेत्रों पर भी हैं। मैदानी टीम के द्वारा महतारी वंदन, धान का समर्थन मूल्य, दो वर्ष का बकाया बोनस प्रधानमंत्री आवास के साथ ही मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई जा रही है।

आरोप-प्रत्यारोपों में स्थानीय मुद्दे भूले

चुनाव प्रचार में अब मात्र 18 दिन का ही समय शेष रह गया है। भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेता प्रचार के मैदान में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। स्टार प्रचारकों का दौरा भी शुरू होने जा रहा है। अब तक आरोप-प्रत्यारोपों में ही पूरा प्रचार अभियान केंद्रित है। स्थानीय मुद्दों की कोई बात ही नहीं कर रहा। क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार व यात्री सेवा में बढ़ोतरी के अलावा उच्च शिक्षा, रोजगार, सिंचाई, राजनांदगांव को संभाग का दर्जा, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य व खेल से जुड़ी प्रमुख मांगों को दोनों दल भूल ही गए हैं। दोनों दलों के नेता या तो अपनी उपलब्धियां गिना रहे हैं या फिर दूसरे के खिलाफ आरोपों की बौछार कर रहे हैं।

अगले सप्ताह से गहराएगा चुनावी रंग

नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद नौ अप्रैल से चुनाव प्रचार का रंग गहराने लगेगा। अब तक ब्लाक व जिला स्तर के ही नेता संगठन की गतिविधियों और प्रचार में हाईकमान की रणनीतियों पर काम करते दिखे। अंतिम दिनों में प्रचार का स्वरूप भी तीखा होने का अनुमान है। भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, हेमा मालिनी, स्मृति ईरानी जैसे स्टार प्रचारकों की सभा व रैली कराने की तैयारी में हैं। वहीं, कांग्रेस ने राहुल गाधी, प्रियंका वाड्रा, सचिन पायलट के अलावा कई शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।

महिला मतदाता साढ़े आठ हजार अधिक

संसदीय क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से 8,508 अधिक है। खैरागढ़, डोंगरगढ़ व डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र को छोड़ शेष पांच में महिला मतदाता पुरुषों की तुलना में अधिक हैं। पंडरिया में कुल मतदाता तीन लाख 18 हजार 235 में पुरुष एक लाख 58 हजार 978 हैं जबकि महिला मतदाता एक लाख 59 हजार 257 है। कवर्धा में तीन लाख 34 हजार 288 मतदाता है। इनमें पुरुष एक लाख 65 हजार 915 व महिला एक लाख 68 हजार 371 हैं।

ASI Survey of Bhojshala: भोजशाला के अंदर खोदाई शुरू, एएसआइ टीम ने किले पर पहुंचकर देखा शिलालेख

बरसों पहले भोजशाला में खोदाई के दौरान मिली साम्रगी रखी हुई है संग्राहलय में।

By Prashant Pandey

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 04:00 AM (IST)

ASI Survey of Bhojshala: भोजशाला के अंदर खोदाई शुरू, एएसआइ टीम ने किले पर पहुंचकर देखा शिलालेख
बरसों पहले भोजशाला में खोदाई के दौरान मिली साम्रगी रखी हुई है संग्राहलय में।

HighLights

  1. भोजशाला में लगे हुए शिलालेखों के ही समान तीन शिलालेख किला परिसर स्थित संग्रहालय में रखे हुए हैं।
  2. धार की ऐतिहासिक भोजशाला का सर्वे जारी है, 16 दिन लगातार सर्वे हो चुका है।
  3. भोजशाला में मुख्य प्रवेश द्वार के बाई ओर दीवार पर शिलालेख लगे हुए हैं।

ASI Survey of Bhojshala: नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। ऐतिहासिक भोजशाला के सर्वे करने वाली भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम के कुछ सदस्य अकस्मात रूप से शनिवार शाम को धार के प्राचीन किले के संग्रहालय पहुंचे। मुख्य रूप से इस दल के कुछ सदस्यों ने भोजशाला से बरसों पहले खोदाई में मिली मूर्तियां और शिलालेखों को देखा है।

भोजशाला में लगे हुए शिलालेखों के ही समान तीन शिलालेख किला परिसर स्थित संग्रहालय में रखे हुए हैं। प्राकृत भाषा में लिखे हुए इस शिलालेख को पढ़वाने के लिए विशेषज्ञों को बुलवाया जा सकता है। वहीं माना जा रहा है कि यह टीम विशेष रूप से संग्रहालय की गैलरी में भोजशाला में बरसों पहले हुई खोदाई में रखी मूर्तियों की जानकारी भी ली।

धार की ऐतिहासिक भोजशाला का सर्वे जारी है। 16 दिन लगातार सर्वे हो चुका है। इस सर्वे के तहत पहली बार धार जिले के किले में स्थित प्राचीन संग्रहालय में टीम ने प्रवेश किया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की पूरी टीम तो किले में नहीं गई लेकिन टीम के कुछ सदस्य आकस्मिक रूप से वहां पहुंचे हैं। इसमें माना जा रहा है की टीम के लीडर डाक्टर आलोक त्रिपाठी व विशेषज्ञ डाक्टर विक्रम भुवन जैसे विशेषज्ञ पहुंचे हैं।

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जब यह टीम अंदर पहुंची तो किले में जाने वाले पर्यटकों को रोक दिया गया। हालांकि शाम होते ही वैसे भी किले में प्रवेश निषेध कर दिया जाता है। लेकिन यहां के धार्मिक स्थान पर जाने वाले लोगों को भी रोक दिया गया। सर्वे के दौरान गोपनीयता बनी रहे और सुरक्षा की दृष्टि से भी इस तरह का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया था।

सारे दस्तावेजों को खंगाला

इधर सबसे अहम बात यह है कि भोजशाला में मुख्य प्रवेश द्वार के बाई ओर दीवार पर शिलालेख लगे हुए हैं। यह शिलालेख राजा भोज के काल के बताए जाते हैं। ऐसे ही शिलालेख धार की किले में रखे हुए हैं। इस बारे में बताया गया कि टीम ने शिलालेख के कुछ हिस्सों को संग्रहालय में देखा है। संग्रहालय में देखने के बाद इसकी सूक्ष्मता से परख की गई है।

ये प्राचीन बताए गए हैं और इन शिलालेखों में जो जानकारी दर्ज है, उन जानकारी के बारे में विशेषज्ञ को बुलाया जाएगा। प्राकृत भाषा जानने वाले लोगों से उसे पढ़वाया जा सकता है। साथ ही इन टुकड़ों के मिलान की स्थिति भी बन सकती है। इस तरह से एक बहुत बड़ी कवायद पहली बार धार के किला स्थित संग्रहालय में की गई है।

उल्लेखनीय है की धार के किले में एक बहुत ही प्राचीन संग्रहालय है। जो मध्य प्रदेश का सबसे प्राचीन संग्रहालय होने का दर्जा रखता है। इसकी वजह यह है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभाजन के बाद धार का संग्रहालय ही ऐसा है जो करीब 110 वर्ष पहले अंग्रेजों के समय स्थापित हुआ था। मध्य प्रदेश अविभाजित था तब प्रदेश को प्राचीन संग्रहालय का दर्जा रायपुर को प्राप्त था। उल्लेखनीय कि यहां संग्रहालय में अलग-अलग विथिका है।

इसमें विशेष रूप से भोजशाला से प्राप्त अभिलेखों को रखा गया है। इसके तीन हिस्से वहां होने की जानकारी मिलती है। ऐसे में अब इनका अध्ययन किया जाएगा। यह जानकारी भारतीय पुरातत्व विभाग ले रहा है कि यह खोदाई में कब मिले। कैसे मिले और उस समय का जो रिकॉर्ड है, उसकी प्रति यह टीम अपने साथ रख सकती है। हालांकि यह सर्वे पूर्ण रूप से गोपनीय रहा। विभाग या अन्य कोई ने भी इस बात की पुष्टि नहीं की है।

व्यवसायी के रुपये लेकर भागा ड्राइवर, सट्टे व कार खरीदने में उड़ा दी रकम

तखतपुर थाना प्रभारी हरिशचंद्र टांडेकर ने बताया कि नर्मदा नगर में रहने वाले कैलाशचंद्र अग्रवाल व्यवसायी हैं। तखतपुर क्षेत्र के खम्हरिया बाइपास के पास उनकी राइस मिल है।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 01:14 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 01:14 AM (IST)

व्यवसायी के रुपये लेकर भागा ड्राइवर, सट्टे व कार खरीदने में उड़ा दी रकम

नईदुनिया न्यूज,बिलासपुर। तखतपुर स्थित राइस मिल से व्यवसायी की कार और 11 लाख रुपये लेकर फरार ड्राइवर को पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से चोरी के रुपयों से खरीदी गई कार, एप्पल मोबाइल, बाइक और तीन लाख रुपये जब्त किया गया है, शेष रकम वह सट्टा में हार गया। आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है।

तखतपुर थाना प्रभारी हरिशचंद्र टांडेकर ने बताया कि नर्मदा नगर में रहने वाले कैलाशचंद्र अग्रवाल व्यवसायी हैं। तखतपुर क्षेत्र के खम्हरिया बाइपास के पास उनकी राइस मिल है। व्यवसायी छह मार्च को बैग में 11 लाख रुपये लेकर राइस मिल आए। इस दौरान रुपयों से भरा बैग कार में ही छूट गया। इधर कार का ड्राइवर वेदप्रकाश सिंह राजपूत निवासी तालापारा रुपये से भरा बैग और कार लेकर फरार हो गया। थोड़ी ही देर में व्यवसायी ने ड्राइवर को काल किया तो उसका मोबाइल बंद था। उन्होंने इसकी जानकारी तखतपुर पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने कार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी। कुछ ही घंटे बाद पता चला कि कार कोटा रोड में लावारिस खड़ी है। इस पर पुलिस ने कार जब्त कर लिया। पुलिस की टीम आरोपित की तलाश कर रही थी। साइबर सेल के सहारे पता चला कि आरोपित ड्राइवर वेदप्रकाश सिंह राजपूत रायपुर के प्रेरणा होटल में रह रहा है। इस पर पुलिस की टीम ने रायपुर स्थित होटल में दबिश दी। आरोपित को गिरफ्तार कर पुलिस की टीम थाने ले आई। यहां पूछताछ में आरोपित ने बस से कोटा जाना बताया। इसके बाद वह किराए पर कार लेकर कोरबा चला गया। कोरबा में आटो डील से कार खरीदकर वह मध्यप्रदेश के मंडला में रह रहा था, बाद में वह रायपुर में आकर रहने लगा। आरोपित के कब्जे से चोरी के रुपयों से खरीदी गई कार, एप्पल मोबाइल, बाइक और तीन लाख रुपये जब्त किया है। आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है।

सट्टे में लगाई रकम, एप्पल का मोबाइल और कार भी खरीदा

आरोपित वेदप्रकाश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह बस से कोटा तक गया। इसके बाद वह किराए पर कार लेकर कोरबा पहुंच गया। कोरबा में उसने अपने लिए 48 हजार में एप्पल का मोबाइल और आटो डील से छह लाख 51 हजार में इनोवा कार खरीदा। कार का रजिस्ट्रेशन अपने नाम पर कराने के बाद वह मध्यप्रदेश के मंडला में जाकर रहने लगा। वहां पर आरोपित सट्टे में तीन लाख रुपये हार गया। इसके बाद उसने अपने मोबाइल को बेच दिया। इसके बाद वह रायपुर आ गया। यहां उसने इनोवा कार मुनुरूद्दीन के पास दो लाख 40 हजार में बेच दिया। यहीं पर उसने सट्टे में चार लाख रुपये जीतकर एप्पल का मोबाइल और एक लाख आठ हजार में बाइक खरीद लिया।

Indore Mandi Bhav: मटर का जहाज मुंद्रा पहुंचने से चने में लेवाली घटी, तुवर में फिर तेजी

इंदौर में चना कांटा घटकर नीचे में 5800 तथा ऊपर में 5900, विशाल 5650-5800 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।

By Lokesh Solanki

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 02:05 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 02:05 AM (IST)

Indore Mandi Bhav: मटर का जहाज मुंद्रा पहुंचने से चने में लेवाली घटी, तुवर में फिर तेजी

Indore Mandi Bhav: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पीली मटर का जहाज (वेसल) एमवी सेमर्ट स्काइ फाइव 5 अप्रैल को कनाडा से मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच चुका है। इसमें 59 हजार 306 टन पीली मटर होने की जानकारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने पीली मटर के आयात के समय सीमा की 30 जून तक बढ़ा दिया है। मार्च अंत तक देश में 7.80 लाख टन पीली मटर का आयात हो चुका है। आयात की अच्छी संभावना से चना कांटा में फिलहाल लेवाली कुछ कमजोर देखने को मिल रही है। इसके चलते चना कांटा के दामों में आंशिक गिरावट रही। चना कांटा घटकर नीचे में 5800 तथा ऊपर में 5900, विशाल 5650-5800 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।

व्यापारियों का कहना है कि मटर आयात सीमा बढ़ने के कारण चने में अब लंबी तेजी की संभावना कम बताई जा रही है। हालांकि आगे वैवाहिक सीजन होने से चने से बने उत्पादन चना दाल और बेसन में मांग बढ़ने पर बाजार में कुछ मजबूत हो सकते है। अफ्रीका की फसल के नुकसान से बर्मा तुवर के भाव को समर्थन मिलने लगा है और पिछले कुछ दिनों से बर्मा की तुवर में एकतरफा तेजी की स्थिति बनी हुई है। यह वजह है कि बर्मा से माल मंगाने पर कोई आयात पड़ता नहीं है, चेन्नई में भी ज्यादा माल नहीं है। महाराष्ट्र की फसल फेल हो गई है।

पोर्ट पर अफ्रीकन तुवर की उपलब्धता भी कमजोर पड़ने के साथ ही भारतीय बाजारों में तुवर दाल में पूछपरख बराबर बनी हुई है। इसके चलते मिलर्स की तुवर में मांग समय-समय पर बढ़ रही है। इसके चलते शनिवार को तुवर के दामों में पुन: तेजी देखने को मिली है। तुवर महाराष्ट्र सफेद 10700-10900, कर्नाटक 10900-11100, निमाड़ी तुवर 9000-10300 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। इसके चलते तुवर दाल में भी करीब 10 रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई। पैक तुवर दाल के दाम बढ़कर 160 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए है।

आयातित मसूर की आवक का दबाव बढ़ने और लेवाल सुस्त होने के कारण भाव में नरमी रही। मसूर घटकर 6000-6025 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। अन्य दाल-दलहन में कारोबार सामान्य भाव में कोई खास परिवर्तन नहीं रहा। उड़द दाल ओर मोगर में भी उपभोक्ता मांग का दबाव बढ़ने के कारण भाव में 100 रुपये की तेजी रही।कंटेनर में डॉलर चना बढ़कर 40/42 11900, 42/44 11700, 44/46 11400, 58/60 9400, 60/62 9300, 62/64 9200 रुपये क्विंटल पर पहुंच गया।

दलहन के दाम – चना कांटा 5800-5900, विशाल 5650-5800, डंकी 5300-5500, मसूर 6000-6025, तुवर महाराष्ट्र सफेद 10700-10900, कर्नाटक 10900-11100, निमाड़ी तुवर 9000-10300, मूंग 9000-9200, बारिश का मूंग नया 9200-10000, एवरेज 7000-8000, उड़द बेस्ट 8800-9200, मीडियम 7000-8000, हल्की उड़द 3000-5000, गेहूं मिल क्वालिटी 2400-2460, मालवराज गेहूं 2200-2400, लोकवन 2650-2800, पूर्णा 2650-2960 रुपये क्विंटल।

दालों के दाम – चना दाल 7800-7900, मीडियम 8000-8100, बेस्ट 8200-8300, मसूर दाल 7250-7350, बेस्ट 7450-7550, मूंग दाल 10550-10650, बेस्ट 10750-10850, मूंग मोगर 11450-11550, बेस्ट 11650-11750, तुवर दाल 13800-13400, मीडियम 14300-14400, बेस्ट 15100-15200, ए. बेस्ट 16100-16300, पैक तुवर दाल नई 16500, उड़द दाल 11200-11300, बेस्ट 11400-11500, उड़द मोगर 11600-11700, बेस्ट 11800-11900 रुपये प्रति क्विंटल।

इंदौर चावल भाव – दयालदास अजीतकुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11500-12500, तिबार 10000-11000, बासमती दुबार पोनिया 8500-9500, मिनी दुबार 7500-8500, मोगरा 4500-7000, बासमती सेला 7000-9500 कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, दुबराज 4500-5000, परमल 3200-3400, हंसा सेला 3400-3600, हंसा सफेद 2800-3000, पोहा 4300-4700 रुपये क्विंटल।

Edible Oil Value in Indore: आपूर्ति तंग होने से सोया और मूंगफली तेल के दाम में फिर आया उछाल

इंदौर में शनिवार को सोयाबीन तेल आंशिक सुधरकर 980-985, पाम तेल 1032 और मूंगफली तेल इंदौर 10 रुपये बढ़कर 1520-1540 रुपये प्रति दस किलो पर पहुंच गया।

By Lokesh Solanki

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 02:15 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 02:15 AM (IST)

Edible Oil Price in Indore: आपूर्ति तंग होने से सोया और मूंगफली तेल के दाम में फिर आया उछाल

Edible Oil Value in Indore: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सीबाट में इस हफ्ते एक प्रतिशत की गिरावट के बाद शार्ट-कवरिंग देखी गई। शुक्रवार को सोयाबीन के दाम फिर तेजी के साथ बंद हुए। यूक्रेन-रूस के बीच बढ़ते तनाव से कृषि-उत्पादकों की सप्लाई की चिंता के कारण भी सेंटीमेंट को सपोर्ट मिला है। तेजी का एक कारण यह भी है कि क्रूड आइल के भाव में बढ़ोतरी और काले सागर क्षेत्र में बढ़ता तनाव है। इसके चलते भारतीय बाजारों में भी सोयाबीन की आवक कमजोर होने के कारण सोयाबीन की कीमतों में तेजी रही। प्लांट खरीदी सोयाबीन के दाम करीब 20-25 रुपये तक ऊंचे बोले गए।

इधर, खाद्य तेलों की सप्लाई टाइट होने और सीमित रूप से मांग बराबर बनी रहने के कारण खाद्य तेलों की कीमतों में पुन: सुधार देखने को मिली है। शनिवार को सोयाबीन तेल आंशिक सुधरकर 980-985, पाम तेल 1032 और मूंगफली तेल इंदौर 10 रुपये बढ़कर 1520-1540 रुपये प्रति दस किलो पर पहुंच गया। सीबॉट को देखते हुए अर्जेंटीना से सोया ऑयल के एफओबी भाव में भी बढ़त देखने को मिली है। हालांकि यूएसडीए की कमजोर एक्सपोर्ट की रिपोर्ट से लंबी तेजी की उम्मीद कम है। सोयाबीन 4600-4650, सरसों निमाड़ी 5800, एवरेज 5400-5600, राइया 4600-4800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

लूज तेल के दाम – (प्रति दस किलो के भाव) मूंगफली तेल इंदौर 1520-1540, मुंबई मूंगफली तेल 1530, इंदौर सोयाबीन तेल रिफाइंड 980-985, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 940, इंदौर पाम 1032, मुंबई सोया रिफाइंड 980, सोया डीगम 900, मुंबई पाम तेल 975, राजकोट तेलिया 2400, गुजरात लूज 1500, कपास्या तेल इंदौर 940 रुपये।

सोयाबीन प्लांट खरीदी भाव – अवी एग्रो 4700, बंसल मंडीदीप 4750, बैतूल आइल तलना 4830, बैतूल 4800, धानुका नीमच 4825, दिव्य ज्योति 4740, पचोर 4740, हरिओम रिफाइनरी 4825, केएन एग्री इटारसी 4720, खंडवा आइल 4750, लिविंग फूड शूजालपुर 4770, मित्तल सोया देवास 4775, एमएस साल्वेक्स नीमच 4800, नीमच प्रोटीन 4825, पतंजलि फूड 4700, प्रकाश 4750, प्रेस्टीज ग्रुप देवास 4775, रामा फास्पेट धरमपुर 4700, आरएच साल्वेक्स सिवनी 4800, सांवरिया इटारसी 4775 रुपये प्रति क्विंटल।

कपास्या खली – (60 किलो भरती) इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1825, बुरहानपुर 1825, अकोला 2800 रुपये।

जेल से छूटते ही रेलवे कर्मी के सूने मकान को बनाया निशाना, आरोपित गिरफ्तार

तोरवा थाना प्रभरी भारती मरकाम ने बताया कि सिरगिट्टी के आश्रय परिसर में रहने वाले के उमेश रेलवे में टेक्नीशियन हैं।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 01:18 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 01:18 AM (IST)

जेल से छूटते ही रेलवे कर्मी के सूने मकान को बनाया निशाना, आरोपित गिरफ्तार
सिरगिट्टी पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

नईदुनिया न्यूज,बिलासपुर। सिरगिट्टी पुलिस ने रेलवे कर्मी के सूने मकान में चोरी करने वाले आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित कुछ ही दिन पहले जेल से छूटकर आया है। उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज है। आरोपित के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर जब्त किया गया है। उसे न्यायालय के आदेश पर जेल दाखिल कराया गया है।

तोरवा थाना प्रभरी भारती मरकाम ने बताया कि सिरगिट्टी के आश्रय परिसर में रहने वाले के उमेश रेलवे में टेक्नीशियन हैं। गुरुवार की सुबह आठ बजे वे ड्यूटी पर चले गए। उनकी दीदी दुर्गारानी घर पर अकेली थी। कुछ देर बाद दुर्गारानी मकान में ताला लगाकर अपने काम पर व्यापार विहार चली गई। दोपकर करीब तीन बजे रेलवे कर्मी लंच पर घर आए। इस दौरान उनके मकान का ताला टूटा था। अंदर कमरे में सामान बिखरा हुआ था। ताला तोड़कर घुसे चोरों ने आलमारी से सोने का लाकेट, सोने की अंगुठी, सोने की चेन पार कर दिया था। रेलवेकर्मी की शिकायत पर पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान पता चला कि सिरगिट्टी में रहने वाला आदतन बदमाशा बबलू सिंह (25) चोरी के मामले में जेल से छूटकर आया है। संदेह के आधार पुलिस की टीम ने उससे पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने रेलवे कर्मी के सूने मकान में चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपित की निशानदेही पर चोरी के जेवर जब्त कर लिया गया है।

Raigarh Accident Information: सुरक्षाकर्मी की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चार घंटे चक्काजाम

प्रशासनिक अधिकारी आधी रात को मौके पर आए और उचित आश्वासन और तत्कालीन सहायता राशि देने के बाद चक्काजाम खत्म करवाया ।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 12:30 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 12:36 AM (IST)

Raigarh Accident News: सुरक्षाकर्मी की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चार घंटे चक्काजाम

HighLights

  1. ट्रक से कुचलकर गई सुरक्षाकर्मी की जान
  2. आधीरात मे जूटमिल थाना क्षेत्र में मचा हलचल, मुआवजा कार्रवाई की मांग पर हुआ आंदोलन
  3. जूटमिल पुलिस ने ट्रक चालक पर अपराध दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रायगढ़ जिले में दुर्घटनाओं का सिलसिला अनवरत चल रहा है पुलिस तथा यातायात विभाग की तमाम कोशिश के बाद भी इस पर लगाम नही लग पा रहा है। आलम यह नेशनल हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों में दुर्घटनाएं से लोग सहमे हुए हैं। इस बीच रात्रि में गार्ड की नौकरी करने के लिए जा रहे हैं ग्रामीण को डाला बड़ी ट्रक के रौंदकर मौत के घाट उतारने का मामला सामने आया है। सड़क दुर्घटना के बाद जूटमिल पुलिस ने ट्रक चालक पर अपराध दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

जानकारी के मुताबिक गढउमरिया, ब्राम्हण पारा थाना जूटमिल रायगढ बालक राम गुप्ता अनुपम पण्डा के गोदाम में प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के पद पदस्थ था। बालक राम प्रतिदिन के भांति शाम करीब 06:00 बजे घर से अपने सायकल पर ड्यूटी के लिए गोदाम जा रहे था। तभी ग्राम गढउमरिया पुसौर रोड पर पुसौर की ओर से आ रही ट्रक क्र.सीजी 04 जेसी 6947 चालक के द्वारा वाहन को तेज व लापरवाही पूर्वक चलाकर गार्ड को रौंद दिया। इस दुर्घटना ग्रामीण की मौके पर दर्दनाक तरीके से मौत हो गई। इधर दुर्घटना की जानकारी ग्रामीण जनों को लगाते हुए आंदोलन का रूख अख्तियार कर लिए और गांव के प्रमुख मार्ग को बंद करते हुए चक्का जाम कर दिए।

इधर रास्ते की जानकारी मिलते ही जूटमिल पुलिस टीम बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों को समझाइए देने लगी परंतु इसका असर उन पर नहीं हुआ स्थिति यह बन गई कि ग्रामीणों द्वारा मुआवजा ट्रक चालक पर कार्रवाई की मांग करने लगे। तत्पश्चात प्रशासनिक अधिकारी आधी रात को मौके पर आए और उचित आश्वासन और तत्कालीन सहायता राशि देने के बाद चक्काजाम खत्म करवाया ।

Korba Information: पानी के लिए खदान प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने बर्तन रख कर किया प्रदर्शन

यदि जल्द ही समस्या का निदान नहीं किया जाता है तो एसईसीएल सीजीएम मुख्य कार्यालय के सामने बर्तन मटकी लेकर बैठने की तैयारी करेंगे।

By Pradeep Barmaiya

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 12:06 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 12:06 AM (IST)

Korba News: पानी के लिए खदान प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने बर्तन रख कर किया प्रदर्शन

HighLights

  1. समस्या निराकरण नहीं होने पर महाप्रबंधक कार्यालय में करेंगे आंदोलन
  2. एसईसीएल के मुख्य कार्यालय पर बर्तन- मटकी लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।
  3. गर्मी में तापमान लगातार बढ़ने लगा है और पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया है।

कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गेवरा से प्रभावित ग्राम अमगांव के ग्रामीणों ने पानी की समस्या को लेकर बर्तन रख घंटों प्रदर्शन किया। इस दौरान एसईसीएल प्रबंधन से समस्या निराकरण की मांग की। साथ ही कहा कि मांग पूरी नहीं की जाती है तो एसईसीएल के मुख्य कार्यालय पर बर्तन- मटकी लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।

गर्मी में तापमान लगातार बढ़ने लगा है और पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया है। अभी मई-जून माह बचा हुआ है। एसईसीएल गेवरा दीपका के उत्पादन क्षमता में लगातार विस्तार किया जा रहा है और इन खदानों के वजह से क्षेत्र के प्रभावित ग्रामों में जल की समस्या विकराल होते जा रही है। खदान के गांव के नजदीक पहुंचने से जल का स्रोत कम होते जा रहा है। शुद्ध पेयजल व निस्तारी के लिए ग्रामीणों में परेशानी झेलनी पड़ रही है। एसईसीएल द्वारा प्रतिवर्ष निविदा जारी कर कार्य किया जाता है, पर प्रभावित ग्रामों में शुद्ध पेयजल व निस्तारी मुहैया करने में असमर्थ साबित हो रही है। इससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल व निस्तारी की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अमगांव ग्राम इकाई संयोजक अमृता यादव ने बताया कि अमगांव पंचायत को एसईसीएल गेवरा द्वारा अर्जन किया गया है और दीपका को खनन कार्य के लिए दिया गया है। पानी की मांग को लेकर पिछले दिनों एसईसीएल गेवरा सभागार में प्रबंधन के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, इसमें प्रबंधन ने पानी की उत्तम व्यवस्था करने की बात कही थी लेकिन अब अपने बातों से मुकरते हुए कह रहे हैं कि अमगांव पंचायत को पानी दीपका प्रबंधन व्यवस्था करेगी। पानी नहीं मिलने की वजह से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को गांव में बर्तन लेकर घंटों प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि यदि जल्द ही समस्या का निदान नहीं किया जाता है तो एसईसीएल सीजीएम मुख्य कार्यालय के सामने बर्तन मटकी लेकर बैठने की तैयारी करेंगे।

Korba Http Information: छुरी सबस्टेशन में आई खराबी, कोरबा समेत पांच जिले में ब्लैक आउट

ट्रांसमिशन कंपनी के तकनीकी कर्मियों द्वारा सुधार किए जाने पर लगभग तीन घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।

By Pradeep Barmaiya

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 11:45 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 11:45 PM (IST)

Korba Http News: छुरी सबस्टेशन में आई खराबी, कोरबा समेत पांच जिले में ब्लैक आउट

HighLights

  1. एचटीपीसी की 220 केवी लाइन जुड़ी हैं मोपका व छुरी सबस्टेशन से
  2. तीन घंटे बाद स्थिति हुई सामान्य
  3. गर्मी से आमजनों को उठानी पड़ी परेशानी

कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छुरी स्थित 220 केवी स्वीच यार्ड में खराबी आ गई। इससे हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीपी) कोरबा पश्चिम से निकली मोपका व छुरी सबस्टेशन की 220 केवी लाइन झटका (जर्क) में लगा। इससे कोरबा, विश्रामपुर व सरगुजा संभाग के कुछ अन्य जिलों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। ट्रांसमिशन कंपनी के तकनीकी कर्मियों द्वारा सुधार किए जाने पर लगभग तीन घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।

विद्युत उत्पादन कंपनी के कोरबा स्थित 1340 मेगावाट के एचटीपीपी संयंत्र से 220 केवी क्षमता का तीन लाइनि निकली है। इसमें एक लाइन मोपका (बिलासपुर) तथा दो लाइन छुरी स्थित 220 केवी क्षमता वाले स्वीच यार्ड (सबस्टेशन) से जुड़ी हैं। यहां 132 केवी लाइन में परिवर्तित कर विभिन्न क्षेत्रों में बिजली सप्लाई की जाती है। शनिवार की दोपहर 12.30 बजे एकाएक छुरी स्वीचयार्ड में लाइन में खराबी आ गई और झटका लगने से स्वीचयार्ड में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बताया जा रहा है कि लाइन के डिस्टेंस रिले में खराबी आई थी। इसका असर स्वीच यार्ड पर पड़ा और कोरबा जिला, बिलासपुर समेत सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में बिजली आपूर्ति बंद होने से ब्लैक आउट हो गया। जानकारी मिलते ही एचटीपीपी के अधिकारी संयंत्र पहुंचे और लाइन को पुन: चालू करने जुट गए। वहीं ट्रांसमिशन कंपनी की टीम भी सक्रिय हो गई। ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा आवश्यक सुधार कार्य शुरू किया गया। लगभग तीन घंटे बिजली आपूर्ति धीरे- धीरे बहाल की गई। सुखद यह रहा कि झटका लगने के बाद भी एचटीपीपी की इकाइयों पर कोई असर नहीं पड़ा और यूनिट चालू रही। केवल लाइन में खराबी आने की वजह से संयंत्र के अधिकारियों को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। ट्रांसमिशन लाइन को पुन: चार्ज कर चालू किया और तीनों लाइन में 4.40 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल कर ली गई। बिजली बंद होने का असर शनिवार को भी एसईसीएल की खदानों पर पड़ा और प्रथम पाली में कामकाज प्रभावित रहा। एचटीपीपी के कार्यपालक निदेशक संजय शर्मा ने बताया कि छुरी सबस्टेशन में खराबी आने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। स्थिति सामान्य कर ली गई है।

लगातार दूसरे दिन हुई घटना

खराबी आने की वजह से बिजली बंद होने की लगातार दूसरे दिन घटना हुई। शुक्रवार को दोपहर कोरबा पूर्व संयंत्र परिसर स्थित स्वीच यार्ड में खराबी आने से डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र की दोनों इकाइयां बंद हो गई थी और कोरबा जिला समेत बिलासपुर व सरगुजा संभाग के सभी जिलों में ब्लैक आऊट हो गया था। वहीं शनिवार को पुन: यह घटना हुई, हालांकि इस बार ज्यादा असर नहीं पड़ा। ट्रांसमिशन कंपनी दोनों दिन नुकसान उठाना पड़ा है।

घटना के वक्त संयंत्र में बैठक ले रहे थे एमडी

घटना के वक्त विद्युत उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार दूसरे दिन भी कोरबा प्रवास पर रहे।बताया जा रहा है कि जिस वक्त घटना हुई, उस वक्त एचटीपीपी संयंत्र में कार्यपालक निदेशक संजय शर्मा सेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा कर रहे थे। खराबी आने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ ही लाइन पुन: चालू कराने कहा। स्थिति सामान्य होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

ओवहरलोड का पड़ रहा असर

गर्मी ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है और तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। ऐसी स्थिति में विद्युत की मांग भी बढ़ गई है और इसका असर लाइनों पर पड़ रहा है। विद्युत कंपनी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि लाइन में ओवहरलोड होने की वजह से स्थिति बिगड़ी और झटका लगा। इससे सबस्टेशन से बिजली आपूर्ति बंद हो गई। हालांकि ट्रांसमिशन कंपनी के तकनीकी अमले ने सुधार कार्य कर लाइन चालू कर ली।

गर्मी से आमजनों को उठानी पड़ी परेशानी

लाइन में खराबी शनिवार को दोपहर के वक्त आई और बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इस दौरान सूर्य की किरणें भी तेज हो गई थी और गर्मी से बचने लोग अपने घर व कार्यालयीन स्थल पर एसी, पंखा व कूलर का उपयोग कर रहे थे, इसी दौरान बिजली बंद होने से लोग परेशान हो गए। पूरी तरह तीन घंटे तक लोगों को गर्मी में पसीना बहाना पड़ा और बाहर की गर्म हवा में किसी तरह समय गुजारना पडा। बिजली आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

Omkareshwar Information: ओंकारेश्वर में ट्रांसफार्मर में लगी आग, मकान आया चपेट में, नगर परिषद के फायर ब्रिगेड ने किया काबू

थाना प्रभारी अनोख सिंह सिंदया ने पुलिस टीम भेज कर व्यवस्था संभाली। वही नगर परिषद सीएमओ संजय गीते ने सूचना मिलते ही नगर परिषद के फायर ब्रिगेड को तत्काल मौके पर पहुंचाया। ट्रांसफार्मर से उठने वाली आग की लपटे तेजी से फैलने पर पार्षद भाजपा नेता के मकान को भी चपेट में ले लिया।

By Paras Pandey

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 11:03 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 11:03 PM (IST)

Omkareshwar News: ओंकारेश्वर में ट्रांसफार्मर में लगी आग, मकान आया चपेट में, नगर परिषद के फायर ब्रिगेड ने किया काबू
ओंकारेश्वर के रहवासी क्षेत्र में जलता बिजली का ट्रांसफार्मर।

ओंकारेश्वर नईदुनिया न्यूज। ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर के मुख्य मार्ग वार्ड क्रमांक आठ में बिजली के ट्रांसफार्मर में आग लगने से अफरातफ़री मच गई। आग की चपेट में एक मकान भी आ गया। रात लगभग आठ बजे लगी आग को करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। आग लगने से कोई बड़ी जनहानि या नुकसानी नहीं हुई है । आग की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों ने तत्काल क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी।

थाना प्रभारी अनोख सिंह सिंदया ने पुलिस टीम भेज कर व्यवस्था संभाली। वही नगर परिषद सीएमओ संजय गीते ने सूचना मिलते ही नगर परिषद के फायर ब्रिगेड को तत्काल मौके पर पहुंचाया। ट्रांसफार्मर से उठने वाली आग की लपटे तेजी से फैलने पर पार्षद भाजपा नेता के मकान को भी चपेट में ले लिया। कलेक्टर अनूप कुमार सिंह व एसडीएम शिवम प्रजापति को सूचना देने के बावजूद एनएचडीसी का फायर ब्रिगेड आग नियंत्रित होने के बाद पहुंचा।

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रविवार और सोमवती अमावस्या पर्व होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का ओंकारेश्वर आगमन हो रहा है। भाजपा नेता पार्षद पति कालूराम केवट, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष लीलाधर खंडेलवाल ,समाजसेवी ललित दुबे, घनश्याम माहिल्या जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वार्ड क्रमांक आठ के मुख्य मार्ग पर लगी पुरानी डीपी को उस स्थान से हटाकर अन्यत्र लगाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।

मध्य प्रदेश विद्युत कंपनी के कनिष्ठ अभियंता आरएस ठाकुर ने कर्मचारियों को तत्काल मौके पर भेजकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुट गए। ओंकारेश्वर के वार्ड क्रमांक आठ के निवास करने वाले आनंद व्यास , मोहन व्यास, मनोहर सिंह चौहान ने कहा पिछले 40 वर्षों से यह डीपी यहां लगी है। इसे हटाने के लिए विद्युत कंपनी ओर संबंधी विभागों की लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति बनी। वार्डवासियों ने डीपी को हटाने की मांग की है।