Lok Sabha Election: भरोसे के ‘भंवर’ में फंसा राजनांदगांव का मुकाबला, कांग्रेस को भूपेश तो भाजपा मोदी पर भरोसे
कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उम्मीदवारी से प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जा रही राजनांदगांव में पूरा मुकाबला भरोसे के भंवर में फंसता दिख रहा है। चुनाव प्रचार में अब मात्र 18 दिन का ही समय शेष रह गया है। भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेता प्रचार के मैदान में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं।
By MIthlesh Dewangan
Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 04:22 AM (IST)
Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 04:22 AM (IST)
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HighLights
- भरोसे के ‘भंवर’ में फंसा राजनांदगांव का मुकाबला
- कांग्रेस को भूपेश तो भाजपा को मोदी के भरोसे वाली पतवार पर ही भरोसा
- पिछला लोकसभा चुनाव यहां 1.12 लाख के अंतर से जीता था भाजपा ने
मिथलेश देवांगन, राजनांदगांव (नईदुनिया)। कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उम्मीदवारी से प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जा रही राजनांदगांव में पूरा मुकाबला भरोसे के भंवर में फंसता दिख रहा है। पिछला लोकसभा चुनाव 1.12 लाख के अंतर से जीतने वाली भाजपा को चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव के हिसाब से मात्र 30 हजार 599 मतों की बढ़त थी। ऐसे में प्रत्याशी संतोष पांडेय की नैया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भरोसे वाली पतवार पर टिक गई है। उधर, कांग्रेस को भूपेश बघेल पर ही पूरा भरोसा है। विधानसभा चुनाव में जिन पांच सीटों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, उसे न केवल बनाए रखने की बल्कि बल्कि बढ़त को बढ़ाने की भी बड़ी चुनौती है।
भाजपा ने पंडरिया 26 हजार 398, कवर्धा 39 हजार 592 व राजनांदगांव सीट 45 हजार 84 मतों से अंतर से जीता था। अर्थात विधानसभा की इन चारों सीटों पर भाजा ने कुल एक लाख 11 हजार 74 मतों से विजय पाई थी। दूसी ओर, कांग्रेस ने पांच सीटें जीतकर कुल 80 हजार 475 मतों का बढ़त लिया था। इसमें खैरागढ़ में 5,634, डोंगरगढ़ में 14 हजार 367, डोंगरगांव से 2,789, खुज्जी से 25 हजार 944 व मोहला-मानपुर से 31 हजार 741 मतों की बढ़त थी।
चुनाव में ग्रामीण मतदाता होंगे निर्णायक
लोकसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता निर्णायक हो सकते हैं। संसदीय क्षेत्र में कुल 18 लाख 65 हजार 175 मतदाता है। इनमें 10 लाख से अधिक गांवों में रहते हैं। यही कारण है कि दोनों दलों का जोर अब तक गांवों में ही है। विशेषकर भूपेश का प्रचार अभियान का केंद्र ही गांव है। शहरी मतदाताओं को भी साधने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
हालांकि दो दिन पहले जारी न्याय संकल्प (घोषणा पत्र) अभी जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। कांग्रेस की ओर से महंगाई, बेरोजगारी व केंद्रीय एजेसियों के दुरुपयोग का मुद्दा जोर-शोर से उठाया जा रहा है। भाजपा का पूरा फोकस कमजोर ग्रामीण बूथों के अलावा कम बढ़त वाले शहरी क्षेत्रों पर भी हैं। मैदानी टीम के द्वारा महतारी वंदन, धान का समर्थन मूल्य, दो वर्ष का बकाया बोनस प्रधानमंत्री आवास के साथ ही मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई जा रही है।
आरोप-प्रत्यारोपों में स्थानीय मुद्दे भूले
चुनाव प्रचार में अब मात्र 18 दिन का ही समय शेष रह गया है। भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेता प्रचार के मैदान में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। स्टार प्रचारकों का दौरा भी शुरू होने जा रहा है। अब तक आरोप-प्रत्यारोपों में ही पूरा प्रचार अभियान केंद्रित है। स्थानीय मुद्दों की कोई बात ही नहीं कर रहा। क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार व यात्री सेवा में बढ़ोतरी के अलावा उच्च शिक्षा, रोजगार, सिंचाई, राजनांदगांव को संभाग का दर्जा, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य व खेल से जुड़ी प्रमुख मांगों को दोनों दल भूल ही गए हैं। दोनों दलों के नेता या तो अपनी उपलब्धियां गिना रहे हैं या फिर दूसरे के खिलाफ आरोपों की बौछार कर रहे हैं।
अगले सप्ताह से गहराएगा चुनावी रंग
नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद नौ अप्रैल से चुनाव प्रचार का रंग गहराने लगेगा। अब तक ब्लाक व जिला स्तर के ही नेता संगठन की गतिविधियों और प्रचार में हाईकमान की रणनीतियों पर काम करते दिखे। अंतिम दिनों में प्रचार का स्वरूप भी तीखा होने का अनुमान है। भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, हेमा मालिनी, स्मृति ईरानी जैसे स्टार प्रचारकों की सभा व रैली कराने की तैयारी में हैं। वहीं, कांग्रेस ने राहुल गाधी, प्रियंका वाड्रा, सचिन पायलट के अलावा कई शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।
महिला मतदाता साढ़े आठ हजार अधिक
संसदीय क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से 8,508 अधिक है। खैरागढ़, डोंगरगढ़ व डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र को छोड़ शेष पांच में महिला मतदाता पुरुषों की तुलना में अधिक हैं। पंडरिया में कुल मतदाता तीन लाख 18 हजार 235 में पुरुष एक लाख 58 हजार 978 हैं जबकि महिला मतदाता एक लाख 59 हजार 257 है। कवर्धा में तीन लाख 34 हजार 288 मतदाता है। इनमें पुरुष एक लाख 65 हजार 915 व महिला एक लाख 68 हजार 371 हैं।










