Vastu Suggestions: घर में लगाएं इन पक्षियों की तस्वीर, पलट जाएगी आपकी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में इन पक्षियों की तस्वीरें लगाएं, तो जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।

By Ekta Sharma

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 02:22 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 02:22 PM (IST)

Vastu Tips: घर में लगाएं इन पक्षियों की तस्वीर, पलट जाएगी आपकी किस्मत

HighLights

  1. वास्तु के अनुसार घर में कुछ तस्वीरें लगाना बहुत शुभ होता है।
  2. कुछ पक्षियों की तस्वीरें घर में सकारात्मकता लाती है।
  3. घर में हंस की तस्वीर लगाने से आपके भाग्य में वृद्धि होती है।

धर्म डेस्क, इंदौर। Vastu Suggestions: वास्तु शास्त्र में ऐसी कई चीजें बताई गई हैं, जो आपकी किस्मत बदल सकती हैं। ऐसे में अगर आप ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में इन पक्षियों की तस्वीरें लगाएं, तो जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि वास्तु के अनुसार, घर में कौन-सी तस्वीर लगाना बेहद शुभ होता है।

हंस एक बहुत ही सुंदर पक्षी होता है, वास्तुशास्त्र में इसे उतना ही शुभ माना जाता है। ऐसे में अपने घर में हंस की तस्वीर लगाने से आपके भाग्य में वृद्धि होती है। वास्तु शास्त्र में हंस की तस्वीर दक्षिण-पूर्वी दिशा यानी आग्नेय कोण में लगानी चाहिए। यह सबसे अच्छा माना जाता है। इससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है और आर्थिक तंगी भी दूर हो जाती है।

मोर

धार्मिक महत्व के अलावा वास्तु शास्त्र में भी मोर को विशेष महत्व दिया गया है। मोर की खूबसूरती बेहद आकर्षक होती है। ऐसे में अगर आप मोर की तस्वीर अपने घर में लगाते हैं, तो इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। मोर को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इतना ही नहीं, घर में मोर की तस्वीर लगाने से वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। वास्तु के अनुसार घर की पूर्वी दीवार पर मोर की तस्वीर लगानी चाहिए।

नीलकंठ

यदि आप वास्तु के हिसाब से घर में नीलकंठ की तस्वीर लगाते हैं, तो आपको कई सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगते हैं। वास्तु के अनुसार, नीलकंठ की तस्वीर लगाने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण सर्वोत्तम माना जाता है। इससे घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है और पैसों की कमी नहीं होती।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’