UPI ATM Money Deposit: अब एटीएम कार्ड रखने से मिलेगा छुटकारा, यूपीआई से कर सकेंगे पैसे जमा

यदि आप यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं तो आपको जल्द ही बड़ी सुविधा मिलने वाली है। इस सुविधा के तहत यूपीआई का इस्तेमाल कर बैंक खाते में पैसा जमा कर सकेंगे।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 05:45 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 05:48 PM (IST)

UPI ATM Money Deposit

HighLights

  1. भारतीय रिजर्व बैंक ने लिया बड़ा फैसला।
  2. एटीएम में पैसा जमा करवाने के लिए डेबिट कार्ड की जरूरत नहीं होगी।
  3. रिजर्व बैंक ने यूपीआई से पैसा जमा करवाने की सुविधा जोड़ दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। UPI ATM Money Deposit: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यूपीआई को लेकर बड़ा फैसला लिया है। यदि आप यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं तो आपको जल्द ही बड़ी सुविधा मिलने वाली है। इस सुविधा के तहत यूपीआई का इस्तेमाल कर बैंक खाते में पैसा जमा कर सकेंगे। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, जल्द ही UPI के जरिए नगद जमा कर सकेंगे।

कैश जमा करने नहीं जाना पड़ेगा बैंक

उन्होंने कहा कि इस सुविधा से ग्राहकों को सहुलियत मिलेगी। पैसा जमा करने के लिए बैंक नहीं जाना पड़ेगा। साथ यूपीआई के जरिए कै जमा कर सकेंगे। प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स कार्डधारकों को पेमेंट की सुविधा मिलेगी। थर्ड पार्टी के यूपीआई एप के माध्यम से भुगतान करने की सुविधा देने का प्रस्ताव है।

डेबिट कार्ड रखने की जरूरत नहीं

यूपीआई से कैश डिपॉजिट की सुविधा आने से डेबिट कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे एटीएम कार्ड रखने और खोने की समस्या से छूटकारा मिल जाएगा। अगर एटीएम कार्ड चोरी या गुम जाता है तो उसे ब्लॉक करवाने के बाद पैसा जमा करने में कोई परेशानी भी नहीं होगी।

इस कदम से क्या फायदा होगा?

फिलहाल कैश डिपॉजिट या निकासी के लिए डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। यूपीआई की नई सुविधा आने पर डेबिट कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिजर्व बैंक एटीएम मशीन पर नई सुविधा जोड़ देगी। इसके बाद थर्ड पार्टी पेमेंट एप के इस्तेमाल से एटीएम मशीन में पैसा जमा कर सकेंगे। भुगतान सेवाओं में वैश्विक अग्रणी वर्ल्डलाइन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत डिजिटल पेमेंट में सबसे आगे है। यूपीआई के माध्यम से लेनदेन में पिछले साल की अवधि की तुलना में 56 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो 2023 की दूसरी छमाही में 65.77 बिलियन लेनदेन तक पहुंच गई।