Kota Kidnapping Case: नर्सिंग की छात्रा काव्या धाकड़ ने कोर्ट में दिए बयान, प्रेमी अभी भी पुलिस हिरासत में
फर्जी अपहरण: अपहरण की साजिश कर 30 लाख रुपये फिरौती मांगने वाली छात्रा काव्या धाकड़ ने कोटा जिला कोर्ट में कथन दर्ज करवाए।
By Sameer Deshpande
Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 11:43 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 11:43 AM (IST)

HighLights
- काव्या ने स्वीकारा की हर्षित के साथ मिलकर साजिश की थी।
- दोनों एक दूसरे से प्रेम करते हैं और सालों से साथ ही रह रहे थे।
- कोटा पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और धारा 164 के तहत कोर्ट के समक्ष कथन दर्ज करवाए।
Kota Kidnapping Case: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अपहरण की साजिश कर 30 लाख रुपये फिरौती मांगने वाली छात्रा काव्या धाकड़ ने गुरुवार को कोटा जिला कोर्ट में कथन दर्ज करवाए। काव्या ने स्वीकारा की हर्षित (प्रेमी) के साथ मिलकर साजिश की थी। वह पढ़ाई के लिए रूस जाना चाहती थी। दोनों एक दूसरे से प्रेम करते हैं और सालों से साथ ही रह रहे थे।
बैराड़ (शिवपुरी) निवासी काव्या को अपराध शाखा ने शिवजी राम वाटिका (देवगुराड़िया) से हर्षित यादव के साथ बरामद किया था। कोटा के विज्ञान नगर थाना में काव्या के अपहरण का केस दर्ज है। कोटा पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और गुरुवार को धारा 164 के तहत कोर्ट के समक्ष कथन दर्ज करवाए।

काव्या ने कहा कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। माता-पिता उसे पढ़ाना चाहते थे। पढ़ाई में कमजोर थी। उसने हर्षित के साथ साजिश की और सोचा पिता रघुवीर से फिरौती लेकर रूस चली जाएगी। यहां से नर्सिंग की डिग्री लेकर बता देगी की पढ़ाई कर ली है। दोनों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन भी दे दिया। पुलिस ने इसके बाद काव्या को छोड़ दिया, लेकिन हर्षित को हिरासत में ही रखा है।
अमृतसर में लंगर खाकर दिन बिता रहे थे युवक-युवती
काव्या ने यह भी बताया कि वह कभी कोटा नहीं पढ़ी। फिरौती के लिए उसने स्वयं के नाम से सिम खरीदी थी। दोस्त के भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित रूम पर मुंह व हाथ पैर बांधकर फोटो खिंचवाए और नए नंबरों से पिता को भेज दिए। इसके बाद मैसेज कर रुपये मांगे। काव्या ने बताया कि 18 मार्च को फिरौती मांगी और 19 को दोनों अमृतसर (पंजाब) भाग गए। उनके पास रुपये नहीं थे। बगैर टिकट ट्रेन में बैठे और गुरुद्वारा में लंगर में खाना खाया।
मकान मालिक से की पूछताछ
क्राइम ब्रांच और खुड़ैल पुलिस काव्या व हर्षित को रूम किराये पर देने वाले मकान मालिक सुरेंद्र से भी पूछताछ कर रही है। मूसाखेड़ी में रहने वाले सुरेंद्र का देवगुराड़िया में मकान है। उसने किराये से देने का बोर्ड लगा रखा था।अमृतसर से लौटने के बाद दोनों ने बोर्ड पढ़कर सुरेंद्र से बात की और रूम ले लिया।

