Gwalior Climate Replace: धूप ने बढ़ाई दिन में गर्मी, लू चलने को लेकर प्रशासन ने की एडवायजरी जारी
दो दिन तेज धूप से गर्मी बढ़ेगी जिससे दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। गर्म हवा चलने से एक से दो डिग्री तापमान रात का भी बढ़ सकता है।
By Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Thu, 04 Apr 2024 07:13 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 04 Apr 2024 07:13 AM (IST)

HighLights
- पिछले पांच दिन से कम हो रहा था तापमान अब बढ़ने लगा
- जन-समुदाय लू के प्रकोप से बचाव के लिये करे उपाय
- गर्मी से हो सकती परेशानी इसलिए रखें बचाव
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। आसमान साफ हाेते ही धूप ने दिन में असर दिखाना शुरू कर दिया। जिसके कारण दिन के तापमान 2 डिग्री बढ़ गया। तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। रात का तापमान स्थिर बना हुआ है। इधर गर्मी बढ़ने और मौसम विभाग द्वारा लू चलने का अलर्ट जारी करते ही प्रशासन ने भी एडवाइजरी जारी कर दी। जिसमें आमजन,पशु,पक्षी से लेकर हर विभाग के अफसर और कर्मचारियों को लू से बचाव के समुचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम वैज्ञानिक हुकुम सिंह का कहना है कि दो दिन तेज धूप से गर्मी बढ़ेगी जिससे दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। गर्म हवा चलने से एक से दो डिग्री तापमान रात का भी बढ सकता है। हालांकि चार दिन बाद आने वाले पश्चिमी विक्षोभ बढ़ते तापमान पर ब्रेक लगाने का काम करेगा और दिन व रात के तापमान में कमी ला सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का असर 6 से 7 अप्रैल को ग्वालियर चंबल अंचल में असर दिखाई देगा । जिससे आसमान में बादल छाएंगे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी करा सकते हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर 10 अप्रैल तक रह सकता है।
सुबह के समय आसमान साफ रहा जिसके कारण धूप ने अपनी तीव्रता का अहसास कराया। दिन जैसे जैसे आगे बढ़ा वैसे वैसे तापमान भी बढ़ने लगा और सुबह साढ़े 11 बजे तापमान 34 डिग्री पार कर गया। दिन में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री दर्ज किया गया जो बीते रोज से 2 डिग्री अधिक रहा। जबकि रात का तापमान स्थिर रहा और 18.5 डिग्री दर्ज किया गया। हवा में सुबह के समय नमी 49 फीसद दर्ज की गई जबकि दोपहर में नमी 28 फीसद रही।
मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि पिछले पांच दिन से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी। उसका कारण था कि पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण आसमान में बादलों ने डेरा जमा रखा था। जिससे हर दिन धूप की तीव्रता कमजोर पड़ रही थी। लेकिन अब जैसे ही आसमान से बादलों का धनत्व कमजोर हुआ तो दिन का तापमान फिर से बढ़ने लगा।
भारतीय मौसम विभाग ने चल रहे मौसमी दृष्टिकोण को देखते हुए प्रदेश सहित समस्त मध्य भारत में अप्रैल-मई-में औसत तापमान से अधिक होने की संभावना व्यक्त की है। जिससे ग्वालियर चंबल अंचल में लू (तापघात) की स्थिति निर्मित हो सकती है। मौसम विभाग ने लू के प्रभाव, लक्षण और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी है। गृह विभाग के मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस संबंध में प्रदेश स्तर पर विभिन्न विभागों और जिलों को आवश्यक कार्रवाई के लिये निर्देश जारी किये हैं।
सूर्य दाह ,त्वचा पर लाल चकता, सूजन, फफोले, बुखार, सिरदर्द आदि प्रभावित व्यक्ति को बार-बार नहलाएं। यदि फफोले निकल आएं हों, तो स्टरलाइज,ड्रेसिंग करें और चिकित्सक का परामर्श लें।ताप के कारण पैरों, पेट की मांसपेशियों अथवा शरीर के बाहरी भागों में तकलीफ, शरीर में ऐंठन और अत्यधिक पसीना आए तो डाॅक्टर से परामर्श लें। शीतल जल, छाछ अथवा पना पिलाएं। यदि उल्टी आ रही हो, तो शीतल पेय पिलाना बंद कर दें तथा तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र पर ले जाएं।
इसी तरह स्कूल में कक्ष में शीतलता बनाए रखने के उपाय करें, और बच्चों को ओआरएस का घोल व शीतल जल उपलब्ध रखें। इसी तरह से अन्य विभाग भी अपने अपने स्तर पर लू से बचाव के उपाय सुनश्चित करें तथा पर्यटन विभाग गर्मी से बचाव को लेकर प्रचार प्रसार करे। क्योंकि गर्मी के कारण अत्यधिक बुखार, अत्यधिक गर्म एवं सूखी त्वचा, तेज नब्ज और बेहोशी हो सकती है।वन विभाग पशु पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करे।


