सिंगल डोज आयरन इंजेक्शन से एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं का इलाज होगा। इस इंजेक्शन का दिल्ली एम्स में सफल ट्रायल हो गया है।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Thu, 04 Apr 2024 09:47 PM (IST)
Up to date Date: Thu, 04 Apr 2024 09:47 PM (IST)
HighLights
- राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 के अनुसार देश में 52.2 प्रतिशत गर्भवती एनीमिया से पीड़ित
- छह से सात माह में गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को मिलने लगेगा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Anemia Therapy: देश में एक बहुत बड़ी आबादी एनीमिया से पीड़ित है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं है। प्रेगनेंसी में एनीमिया एक बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम है। इस बीच राहत की बात सामने आई है। सिंगल डोज आयरन इंजेक्शन से एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं का इलाज होगा। इस इंजेक्शन का दिल्ली एम्स में सफल ट्रायल हो गया है। अब इसे राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल करन की तैयारी है।
देश में महिलाओं में एनीमिया
एम्स के डॉक्टरों को उम्मीद है कि नैनो मालिक्यूल पर आधारित इंजेक्शन एनीमिया को नियंत्रित करेगा। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 5 के अनुसार, 52.2% गर्भवती महिलाएं देश में एनीमिया से पीड़ित होती है। जिनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा 11 ग्राम प्रति डेसी लीटर से कम होती है। 10 से 20 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं मध्यम स्तर के एनीमिया से पीड़ित होती हैं। वहीं, 3 फीसदी प्रेग्नेंट औरतें गंभीर एनीमिया से पीड़ित होती हैं। उनके खून में हीमोग्लोबिन सात मिलीग्राम से कम होता है।
पांच से छह इंजेक्शन नहीं लगाने पड़ेंगे
दिल्ली एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. कपिल यादव ने कहा कि गंभीर एनीमिया में ब्लड चढ़ाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को आयरन से पांच से छह इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। हर हफ्ते एक इंजेक्शन लगता है। देश में महिलाओं में एनीमिया की समस्या को ध्यान में रखकर इसका ट्रायल किया गया है। डॉ. यादव ने कहा, ‘यह सिंगल इंजेक्शन महिलाओं के लिए असरदार पाया गया है। इसके मालिक्यूल में बदलाव कर तैयार कर लिया गया है। इसकी कीमत 300 रुपये है। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को निशुल्क लगाया जाएगा।’



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