अयोध्या की तर्ज पर ओरछा श्री रामराजा सरकार मंदिर में गूंजेंगे 180 किलो वजनी नगाड़े, 28 दिन में किए तैयार

ओरछा स्थित श्री राम राजा सरकार मंदिर में 180 किलो वजनी दो नगाड़े लगाए गए है, जिन्हें आरती के दौरान बजाया जाएगा।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Wed, 03 Apr 2024 12:21 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 03 Apr 2024 12:21 PM (IST)

अयोध्या की तर्ज पर ओरछा श्री रामराजा सरकार मंदिर में गूंजेंगे 180 किलो वजनी नगाड़े, 28 दिन में किए तैयार
श्री राम राजा सरकार मंदिर में लाए गए नगाड़े

HighLights

  1. श्रीरामराजा सरकार मन्दिर में लगाए 180 वजनी नगाड़े
  2. आरती के दौरान बजाए जाएंगे नगाड़े
  3. नगाड़ों को 28 दिन में किया गया है तैयार

Shree Ram Raja Mandir नईदुनिया प्रतिनिधि, ओरछा। बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाली श्री रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में स्थित श्रीरामराजा सरकार मन्दिर में अब आरती के समय गुजरात से बने हुए 180 किलो वजनी नगाड़े गूंजेंगे। ओरछा में आए नगाड़े जिन शिल्पकारों द्वारा बनाए गए हैं, उन्होंने पहले अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के लिए नगाड़े बनाये थे। सुनहरे रंग के नगाड़ों को मंगलवार को श्री रामराजा मंदिर प्रबंधन ओरछा को सौंपा गया।

बताया गया कि मंगलवार दोपहर 1 बजे मंदिर प्रबंधन के लोगों की उपस्थिति में निजी संस्था के झांसी ब्रांच के प्रमुख सुलभ अग्रवाल और पंडित वीरेंद्र कुमार बिदुआ ने विधि विधान से पूजन कर नगाड़ों को रामराजा सरकार के दरबार के दालान के दाएं ओर स्थापित कराया।

28 दिन में किया है तैयार

श्री रामराजा सरकार के गर्भगृह के बाहर के दालान में रखे गए नगाड़े गुजरात के दरियापुर में 28 दिन में तैयार किए गए हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज ने बताया कि नगाड़ों को रोजाना आरती के साथ-साथ मंदिर के शुभ अवसरों पर आयोजित कार्यक्रम में बजाया जाएगा।

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

    पत्रकारिता क …

Taiwan Earthquake: भूकंप के बाद सुनामी आएगी या नहीं, जानें कैसे जारी होता है अलर्ट, भारत में ये है व्यवस्था

भारत दुनिया के उन चुनिंदा 5 देशों में शामिल है, जिनके पास उन्नत Tsunami warning system (TWS) है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Wed, 03 Apr 2024 11:58 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 03 Apr 2024 12:02 PM (IST)

Taiwan Earthquake: भूकंप के बाद सुनामी आएगी या नहीं, जानें कैसे जारी होता है अलर्ट, भारत में ये है व्यवस्था
ऐसे में साल 2004 की घटना से सबक लेते हुए साल 2005 में जापान के कोबे शहर में इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन आयोजित किया गया था।

HighLights

  1. बड़े भूकंप के बाद तटीय देशों में सुनामी की आशंका काफी बढ़ जाती है।
  2. साल 2004 में हिंद महासागर में भयावह सुनामी आई थी तो इस प्राकृतिक आपदा में करीब 2.5 लाख लोग मारे गए थे।
  3. साल 2004 तक हिंद महासागर में सुनामी अलर्ट जारी करने को लेकर कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। ताइवान के तटीय क्षेत्रों में बुधवार सुबह 7.5 की तीव्रता वाला भूकंप आया है और इसके बाद ताइवान में सुनामी आने की भी चेतावनी जारी की है, लेकिन जापान के मौसम विभाग के सुनामी की अटकलों को टाल दिया है। किसी बड़े भूकंप के बाद तटीय देशों में सुनामी की आशंका काफी बढ़ जाती है और इसमें भारी जानमाल का नुकसान होता है। ऐसे में हम यहां आपको सुनामी के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। कब और कैसे इसको लेकर अलर्ट जारी किया जाता है।

जानें क्या होती है Tsunami warning system (TWS)

जब अलग-अलग महासागरों में जब भी अधिक तीव्रता वाला भूकंप आता है तो Tsunami warning system तत्काल अलर्ट हो जाता है और सबसे पहले भूकंप की तीव्रता के आधार पर सुनामी आएगी या नहीं आएगी, इसका मूल्यांकन किया जाता है। पूरी दुनिया में सुनामी का अलर्ट जारी करने के लेकर अलग-अलग व्यवस्था है।

प्रशांत महासागर को लेकर अमेरिका देता है अलर्ट

प्रशांत महासागर में यदि भूकंप आता है तो इससे जुड़ी हुई सुनामी की चेतावनी Pacific Tsunami Warning Heart (PTWC) की ओर से जारी जाती है। यह सेंटर अमेरिका द्वारा संचालित किया जाता है। इसके अलावा अलास्का, मेक्सिको की खाड़ी या उत्तरी अमेरिका के लिए सुनामी की चेतावनी Nationwide Tsunami Warning Heart (NTWC) की ओर से जारी की जाती है। इसी प्रकार दुनिया में अलग-अलग महासागरों के लिए सुनामी के चेतावनी जारी करने की जिम्मेदारी भी अलग-अलग सेंटर व देशों के पास है।

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हिंद महासागर में सुनामी का अलर्ट

साल 2004 में हिंद महासागर में भयावह सुनामी आई थी तो इस प्राकृतिक आपदा में करीब 2.5 लाख लोग मारे गए थे। साल 2004 तक हिंद महासागर में सुनामी अलर्ट जारी करने को लेकर कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में साल 2004 की घटना से सबक लेते हुए साल 2005 में जापान के कोबे शहर में इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन आयोजित किया गया था और हिंद महासागर के लिए सुनामी चेतावनी केंद्र स्थापित करने पर सहमति बनी। हिंद महासागर में ऐसी गतिविधियों पर नज़र रखने की जिम्मेदारी विशेष तौर पर भारत, जापान और इंडोनेशिया जैसे देशों पर है।

भारत के पास है उन्नत प्रणाली

भारत दुनिया के उन चुनिंदा 5 देशों में शामिल है, जिनके पास उन्नत Tsunami warning system (TWS) है। साल 2004 के तबाही के बाद भारत में इस दिशा में तेजी से काम किया है। भारत में Indian Nationwide Centre for Ocean Data Companies (INCOIS) इससे संबंधित गतिविधियों पर नजर रखता है। यह सेंटर हर 5 मिनट के अंतराल के बाद समुद्र में आने वाले ज्वार भाटे के डेटा को प्राप्त करता है। यह 17 अन्य भूकंपीय स्टेशनों, हिमालय जोन की गतिविधियों पर नजर रखने वाले रिसर्च सेंटर और 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मौसम स्टेशनों से भी जानकारी एकत्रित करता है। यह स्टेशन भारत के आसपास के करीब 5000 किमी क्षेत्र की समुद्री व मौसमी गतिविधियों पर नज़र रखता है।

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    कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्

Rahul Gandhi Asset: 2004 में 55 लाख से बढ़कर 2019 में 15 करोड़ रुपये हो गई थी राहुल गांधी की कुल संपत्ति, करीब 28 गुना बढ़ोतरी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संपत्ति में साल 2004 से 2019 तक करीब 28 गुना वृद्धि हुई है। इसके साथ ही राहुल गांधी पर कर्ज भी बढ़ा है।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Wed, 03 Apr 2024 11:04 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 03 Apr 2024 11:04 AM (IST)

Rahul Gandhi Asset: 2004 में 55 लाख से बढ़कर 2019 में 15 करोड़ रुपये हो गई थी राहुल गांधी की कुल संपत्ति, करीब 28 गुना बढ़ोतरी
2004 से 2019 के दौरान करीब 28 गुना बढ़ी राहुल गांधी की सं‍पत्ति

HighLights

  1. करीब 28 गुना बढ़ी राहुल गांधी की संपत्ति
  2. 2004 में 55 लाख रुपये थी कुल संपत्ति
  3. 2019 में बढ़कर 15 करोड़ रुपये तक पहुंची संपत्ति

Rahul Gandhi Asset इलेक्‍शन डेस्क, नई दिल्ली। पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वे आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। बीते लोकसभा चुनाव में उनके द्वारा नामांकन में दी गई संपत्तियों की जानकारी पर नजर डालें तो साल 2004 के मुकाबले 2019 में उनकी संपत्ति करीब 28 गुना बढ़ी है।

राहुल गांधी ने अपना पहला लोकसभा चुनाव साल 2004 में अमेठी से लड़ा। तब उनकी कुल संपत्ति (चल और अचल) 55 लाख 38 हजार 123 रुपये थी। जो 2019 तक तक बढ़ते हुए 15 करोड़ 88 लाख 77 हजार 63 रुपये तक पहुंच गई। हालांकि इस दौरान राहुल गांधी पर देनदारियां भी बढ़ी। जहां 2004 में उन पर कोई देनदारी नहीं थी, तो वहीं 2019 में देनदारियां 72 लाख 1 हजार 904 रुपये तक पहुंच गई।

2004 में इतनी थी संपत्ति

2004 में राहुल गांधी की ओर से चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार राहुल गांधी की चल संपत्ति 45 लाख 52 हजार 123 रुपये और अचल संपत्ति 9 लाख 86 हजार रुपये यानी कुल संपत्ति 55 लाख 38 हजार 123 रुपये थी। इस दौरान उन पर कोई देनदारी नहीं थी।

2019 में 15 करोड़ के पार संपत्ति

2019 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की न सिर्फ संपत्ति बढ़ी, बल्कि उन पर कर्ज भी बढ़ा। इस दौरान उनकी चल संपत्ति 5 करोड़ 80 लाख 58 हजार 779 रुपये और अचल संपत्ति 10 करोड़ 8 लाख 18 हजार 284 रुपये यानी कुल संपत्ति 15 करोड़ 88 लाख 77 हजार 63 रुपये थी। राहुल गांधी पर इस दौरान करीब 72 लाख रुपये का कर्ज था।

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2009 और 2014 में भी बढ़ा कर्ज

2004 से 2019 के दौरान न सिर्फ राहुल गांधी की संपत्ति बढ़ी, बल्कि इस दौरान उन पर कर्ज भी बढ़ा। हालांकि 2014 में जरूर उन पर कर्ज कम हुआ था, लेकिन 2019 में यह चार गुना बढ़ गई। 2009 में राहुल गांधी पर कुल कर्ज 23 लाख 35 हजार रुपये था, जो 2014 में घटकर 18 लाख रुपये तक पहुंच गया। हालांकि 2019 में राहुल गांधी पर फिर कर्ज बढ़कर 72 लाख रुपये तक पहुंच गया।

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

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Bade Miyan Chote Miyan; Ali Abbas Zafar | Amitabh Bachchan Govinda | ‘बड़े मियां छोटे मियां’ का अमिताभ-गोविंदा की फिल्म से कनेक्शन!: डायरेक्टर अली अब्बास जफर बोले- प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने सजेस्ट किया था टाइटल

19 मिनट पहले

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डायरेक्टर अली अब्बास जफर की अगली फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ है जो 10 अप्रैल को रिलीज होनी है। 1998 में इसी टाइटल के साथ अमिताभ बच्चन और गोविंदा स्टारर एक कॉमेडी फिल्म भी रिलीज हुई थी।

हाल ही में दिए एक इंटरव्य में अली ने बताया कि उन्होंने अपनी एक्शन फिल्म के लिए इस 26 साल पुरानी क्लासिक कॉमेडी फिल्म का टाइटल क्यों रिटेन किया।

1998 में रिलीज हुई अमिताभ और गोविंदा स्टारर 'बड़े मियां छोटे मियां' को जैकी भगनानी के पिता वाशु भगनानी ने प्रोड्यूस किया था।

1998 में रिलीज हुई अमिताभ और गोविंदा स्टारर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को जैकी भगनानी के पिता वाशु भगनानी ने प्रोड्यूस किया था।

अली बोले- दोनों फिल्मों में है कनेक्शन
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में अली ने कहा, ‘दोनों ही फिल्मों के बीच एक कनेक्शन है जो हमने अपनी फिल्म में दिखाया है। तो जब आप थिएटर में यह फिल्म देखेंगे तब आपको पता चलेगा कि हमने इसका टाइटल ‘बड़े मियां छोटे मियां’ क्यों रखा है।’

कॉल करके जैकी ने दिया था ऑफर: अली
अली ने आगे बताया कि प्रोड्यूसर जैकी भगनानी ने उन्हें काॅल करके इस फिल्म को डायरेक्ट करने का ऑफर दिया था। अली बोले- ‘मैं अबू धाबी में शूटिंग कर रहा और जैकी भगनानी ने मुझे कॉल करके बोला कि सोचिए अगर हम एक एक्शन फिल्म पर अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ को साथ लेकर आएं तो कैसा रहेगा ? मुझे लगा कि किसी भी एक्शन फिल्म लवर के लिए तो यह ड्रीम कॉम्बिनेशन की तरह है।’

BMCM के ट्रेलर लॉन्च इवेंट पर वाशु भगनानी, अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ के साथ डायरेक्टर अली अब्बास जफर।

BMCM के ट्रेलर लॉन्च इवेंट पर वाशु भगनानी, अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ के साथ डायरेक्टर अली अब्बास जफर।

‘टाइटल के हिसाब से हुए स्क्रिप्ट में बदलाव’
अली ने कहा- ‘इस बातचीत के एक हफ्ते बाद जैकी ने मुझे फिर कॉल किया और कहा कि यह मेरे पापा (वाशु भगनानी) का सपना है कि हम इस फिल्म को ‘बड़े मियां छोटे मियां’ बुलाएं। बाद में हमने इस टाइटल के हिसाब से स्क्रिप्ट में भी बदलाव किए। तो अब जब आप फिल्म देखेंगे तो समझेंगे कि इसे ये टाइटल क्यों दिया गया।’

कमिटमेंट्स के चलते फिल्म नहीं कर पाईं कटरीना
वहीं एक इंटरव्यू में अली ने बताया कि उन्होंने अपनी ज्यादातर फिल्मों की तरह इस फिल्म में एक्ट्रेस कटरीना कैफ को कास्ट क्यों नहीं किया। अली ने कहा, ‘कटरीना आमतौर पर मेरी हर फिल्म का हिस्सा होती हैं। जब कभी मैं उनके बिना कोई फिल्म बनाता हूं तो वो मुझे कॉल करके सीधा पूछ भी लेती हैं कि मैंने उन्हें कास्ट क्यों नहीं किया?

रहा सवाल BMCM का तो वो इसमें अपने दूसरे कमिटमेंट्स के चलते काम नहीं कर पाईं। पर मुझे उम्मीद है कि मेरी अगली फिल्म के लिए वो अपनी डेट्स फ्री रखेंगी।’

अली और कटरीना अब तक 'मेरे ब्रदर की दुल्हन', 'टाइगर जिंदा है' और 'भारत' पर साथ काम कर चुके हैं।

अली और कटरीना अब तक ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’, ‘टाइगर जिंदा है’ और ‘भारत’ पर साथ काम कर चुके हैं।

अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ, पृथ्वीराज सुकुमारन, मानुषी छिल्लर और अलाया एफ स्टारर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ईद पर थिएटर्स में रिलीज होगी। इस फिल्म का क्लैश अजय देवगन स्टारर ‘मैदान’ से होगा।

खबरें और भी हैं…
Elephant Assault Ambikapur: महुआ बीनने गई महिला को हाथियों ने कुचलकर मार डाला

क्षेत्र में नौ हाथी विचरण कर रहे है। चिनिया गांव की सीमा से लगे कन्हर नदी को पार कर रात को हाथियों का दल झारखंड पहुंच गया था।

By Asim Sen Gupta

Publish Date: Wed, 03 Apr 2024 11:16 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 03 Apr 2024 11:16 AM (IST)

Elephant Attack Ambikapur:  महुआ बीनने गई महिला को हाथियों ने कुचलकर मार डाला
फाइल फोटो

HighLights

  1. ग्रामीणों के सहयोग से जंगल से बाहर निकाला गया शव
  2. क्षेत्र में अभी भी नौ हाथी विचरण कर रहे हैं।
  3. जंगल में उसका शव मिला। हाथियों ने बुरी तरह से शव को कुचल दिया था।

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमा पर बलरामपुर जिले के ग्राम चिनिया से लगे जंगल में महुआ बीनने गई महिला को हाथियों ने कुचल कर मार डाला। महिला अपने पति के साथ महुआ बीनने गई थी। पति लौट आया था। शाम तक महिला के वापस नहीं आने पर पता चला कि हाथी के हमले से उसकी मौत हो गई है। ग्रामीणों के सहयोग से महिला के क्षत विक्षत शव को जंगल से बाहर निकाल लिया गया है। क्षेत्र में अभी भी नौ हाथी विचरण कर रहे हैं।

रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चिनिया की पूर्व सरपंच कलावती सिंह (60) मंगलवार को पति लक्ष्मण सिंह के साथ महुआ बिनने गांव से लगे जंगल गई थी। पति सुबह लौट आया था। कलावती सिंह अपने साथ खाना एवं पानी लेकर गई थी। दिनभर महुआ बीनने के बाद उसे शाम तक वापस लौटना था। क्षेत्र में हाथियों की उपस्थिति की जानकारी भी नहीं थी। शाम तक कलावती सिंह वापस नहीं लौटी तो घरवाले जंगल गए। जंगल में उसका शव मिला। हाथियों ने बुरी तरह से शव को कुचल दिया था।

चिनिया क्षेत्र झारखंड से लगा है। सिर्फ कनहर नदी पार करना होता है। क्षेत्र में नौ हाथी विचरण कर रहे है। चिनिया गांव की सीमा से लगे कन्हर नदी को पार कर रात को हाथियों का दल झारखंड पहुंच गया था। वहां से दल सुबह फिर से चिनिया के जंगल में लौट आया एवं शिवपुर क्षेत्र में डटा हुआ है। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को जंगल न जाने की सलाह दी जा रही है। हाथियों का यह दिल पिछले कई दिनों से छत्तीसगढ़ और झारखंड के सीमावर्ती इलाके में ही विचरण कर रहा है।

बताया जा रहा है कि इस दल में एक दंतैल हाथी भी है यह बीच-बीच में दल से अलग होकर अकेले ही विचरण करता है। इसी हाथी द्वारा महिला को कुचलकर मारने की संभावना जताई जा रही है। अभी भी जंगल में हाथियों की उपस्थिति है। इस कारण ग्रामीणों को जंगल नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। बताते चलें कि पिछले दिनों अंबिकापुर शहर से लगे एक गांव में भी महुआ बीनने गई महिला को हाथियों ने घायल कर दिया था। इस सीजन में जंगल जाकर महुआ बीनना खतरनाक होता है तेंदूपत्ता संग्रहण के समय भी हाथियों के कारण ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ती है।

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    वर्ष 2010 में गुरु घासीदास विश्‍वविद्यालय, बिलासपुर से ग्रेजुएशन किया है। तत्पश्चात शिक्षा एवं कार्य को आगे बढ़ते हुए मैं दैनिक प्रजापति, इवनिंग टाइम्स एवं लोकस्वर में पत्रकारिता करियर की शुरुआत की 2012—13 मैंन

Ranveer Singh noticed on the airport carrying a masks | एयरपोर्ट पर मास्क लगाए स्पॉट हुए रणवीर सिंह: सोशल मीडिया पर यूजर्स दे रहे रिएक्शन, कहा- एक्टर डॉन 3 का लुक छुपा रहे हैं

1 घंटे पहले

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आज यानी बुधवार की सुबह रणवीर सिंह मुंबई एयरपोर्ट पर नजर आए। रणवीर विंटर आउटफिट पहने चेहरे पर मास्क लगाए दिखाई दिए। उनका ये अवतार देखकर सोशल मीडिया पर यूजर्स रिएक्शन दे रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि शायद रणवीर अपनी अपकमिंग फिल्म ‘डॉन 3’ के लुक को रिवील नहीं करना चाहते हैं। लोगों का कहना है कि अपना लुक छुपाने के लिए रणवीर ने मास्क का सहारा लिया।

‘डॉन 3’ में रणवीर को कास्ट करने से शाहरुख के फैंस कुछ खास खुश नहीं थे। लेकिन अब लोगों के अंदर फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट बढ़ रही है। फिल्म का डायरेक्शन फरहान अख्तर करेंगे। ‘डॉन 3’ में रणवीर के साथ कियारा आडवाणी बतौर लीड एक्ट्रेस नजर आएंगी।

बता दें, ‘डॉन’ की पहली पार्ट 2006 में आई थी और इसमें शाहरुख खान के साथ प्रियंका चोपड़ा, अर्जुन रामपाल और करीना कपूर खान नजर आए थे। 2011 में ‘डॉन 2’ का सीक्वल आया था। इस बार शाहरुख खान की जगह रणवीर सिंह नए ‘डॉन’ होंगे।

रणवीर सिंह का एयरपोर्ट लुक।

रणवीर सिंह का एयरपोर्ट लुक।

रणवीर आदित्य धर की ‘शक्तिमान’ में भी नजर आ सकते हैं। हाल ही में एक्टर मुकेश खन्ना ने रणवीर के ‘शक्तिमान’ बनने पर ऐतराज जताया था। इसके अलावा रणवीर रोहित शेट्टी की ‘सिंघम अगेन’ में भी दिखाई देगें। बता दें, आखिरी बार रणवीर ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में नजर आए थे।

Sheopur Information: टूटे सपने, बेटी के हाथों में रचनी थी मेहंदी, अब कर्जा लेकर करनी पड़ेगी शादी, यह है वज‍ह

किसान इंद्रेश मीणा ने बताया कि, 22 बीघा में गेहूं की फसल बोई गई थी। 2-4 दिन में फसल कटने वाली थी, लेकिन आग लगने से पूरी फसल जलकर नष्ट हो गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Wed, 03 Apr 2024 10:19 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 03 Apr 2024 10:43 AM (IST)

Sheopur News:  टूटे सपने, बेटी के हाथों में रचनी थी मेहंदी, अब कर्जा लेकर करनी पड़ेगी शादी, यह है वज‍ह
बचे हुए गेहूं के दानो को बीनती मां-बेटी।

HighLights

  1. सोंईकलां, गोपालपुरा गांव में गेहूं की फसल में आग लगने से कई किसानों के पास खाने तक नही बचा अन्न का दाना तक
  2. तहसीलदार ने टीम के साथ खेतों में पहुंचकर किया सर्वे।
  3. प्रशासन के सर्वे में सोंईकलां हल्के में 148 और गोपाल हल्के में 80 बीघा फसल में हुआ नुकसान।

देवेंद्र गौड़, साेंईकलां। सोंईकलां, गोपालपुरा के खेतों में गेहूं की फसल में आग लगने से किसानों के सपने टूटकर बिखर गए हैं, क्योंकि कई किसानों के घर में बेटे-बेटियों शादी होने वाली थी, लेकिन अब उनको शादी टालनी पड़ रही है, या फिर कर्जा लेकर करनी पड़ेगी। यहां तक कई किसान ऐसे हैं जिनके पास खाने के लिए अन्न का दाना तक नहीं बचा है।

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने 24 घंटे में ही नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यही वजह है कि तहसीलदार हेमलता पाल ने आरआइ विनोद दंडौतिया, हल्का पटवारी हर्ष उपाध्याय, राहुल शर्मा, पुरूषोत्तम राठौर, दीपेंद्र जादौन, राजेंद्र कुशवाह, लक्ष्मण शर्मा, चौकीदार सत्यनारायण नायक, रमेश, ओमप्रकाश के साथ एक-एक खेत में पहुंचकर नुकसान सर्वे कराया। प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में सोंईकलां हल्के में 33 खोतदार किसानों की 148 बीघा और गोपालपुरा 16 खातेदार किसानों की 80 बीघा में नुकसान हुआ है।

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बता दें कि, अज्ञात कारणों के चलते सोमवार की दोपहर अचानक सोंईकलां व गोपालपुरा गांव में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। भीषण तरीके से लगी आग ने 2 घंटे में 400 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलाकर राख कर दी।

बड़ी मुश्किल से किसानों व दमकल वाहन की मदद से आग पर काबू पाया गया, ले‍किन तब तक सैकड़ों फसल जलकर नष्ट हो गई। अब पीड़ित किसानों की मदद के लिए समाजसेवी आगे हाथ बढ़ा रहे हैं। ये समाजसेवी ऐसे किसान जिनकी पुरी फसल जल गई और खाने के लिए कुछ नहीं बचा है उनको गेहूं एकत्रित देंगे और घर में शादी है तो उसके लिए घर-घर से चंदा एकत्रित कर मदद करेंगे। उधर सरपंच संगठन ने भी मीटिंग कर पीड़ित किसानों की मदद करने का निर्णय लिया है, क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत से चंदा एकत्रित कर पीड़ित किसानों की मदद की जाएगी।

10 मई को उठनी थी बेटी की डोली

सोंईकलां निवासी किसान रामराज मीणा ने बताया कि, आग लगने से 4 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई है। 10 मई को मेरी बेटी मुस्कान की शादी होनी है, बेटी की शादी धूमधाम से करने के लिए कई सपने देखे थे, लेकिन खेत में खड़ी फसल जलने के साथ ही मेरे सारे सपने भी जल गए हैं। अब किसी तरह बेटी की शादी तो करनी पड़ेगी, शादी करने के लिए कर्जा लेना पड़ेगा। पहले ही केसीसी, बिजली का बिल और बाजार उधार लिए खाद-बीज कर्जा भी चुकाना है।

अब टालनी पड़ेगी बेटे की शादी

किसान इंद्रेश मीणा ने बताया कि, 22 बीघा में गेहूं की फसल बोई गई थी। 2-4 दिन में फसल कटने वाली थी, लेकिन आग लगने से पूरी फसल जलकर नष्ट हो गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। 10 मई को मेरी बेटी की शादी होनी है, फसल बेचने से जो पैसा मिलता उससे बड़े धूमधाम से बेटी की शादी करता, लेकिन अब बेटी की शादी कैसे करूगां, इसलिए शादी टालनी पड़ रही है।

खाने के लिए नहीं बचा अन्न का एक भी दाना

आगजनी की घटना में किसान मुकेश मीणा की 5 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई है। अब किसान मुकेश के पास खाने के लिए अन्न का एक दाना भी नही बचा है। आग बुझने के बाद सुबह जब उसकी पत्नी ओर बेटी खेत पर पहुंची तो जले हुए गेहूं के दाने देखकर उनकी आंखों से आंसू निकल आए। दोनों मां-बेटी रोते-रोते खेत से जले हुए दानों को बिनकर एकत्रित करने में जुट गई।

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    प्रिंट मीडिया में कार्य का 33 वर्ष का अनुभव। डिजिटल मीडिया में पिछले 9 वर्ष से कार्यरत। पूर्व में नवभारत इंदौर और दैनिक जागरण इंदौर में खेल संपादक और नईदुनिया इंदौर में संपादकीय विभाग में अहम जिम्‍मेदारियों का

Mumbai Indians: लगातार हार के बाद हार्दिक पांड्या से छीन सकती है कमान, रोहित शर्मा को फिर मिल सकती है कप्तानी

पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी का मानना है कि आईपीएल में हार्दिक पांड्या के नेतृत्व में मिल रही लगातार हार के बाद मुंबई इंडियंस फिर रोहित शर्मा को सौंप सकती है कप्तानी।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Wed, 03 Apr 2024 10:25 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 03 Apr 2024 10:25 AM (IST)

Mumbai Indians: लगातार हार के बाद हार्दिक पांड्या से छीन सकती है कमान, रोहित शर्मा को फिर मिल सकती है कप्तानी
हार्दिक की जगह रोहित को फिर मिल सकती है कप्तानी।

Mumbai Indians: स्पोर्ट्स डेस्क, इंदौर। आईपीएल में धीमी शुरुआत के लिए ख्यात हो चुकी मुंबई इंडियंस की टीम एक बार फिर हार झेल रही है, लेकिन इस बार यह कुछ अलग है। नए कप्तान हार्दिक पांड्या की रणनीति अभी तक कारगर नहीं हो सकी है। चाहे वह टीम को जीत दिलाने की बात हो या मैदान में दर्शकों को प्रभावित करने की। साल 2015 के सत्र में मुंबई इंडियंस को पहले चार मैचों में लगातार पराजय का सामना करना पड़ा था। इसके बाद लगातार छह मैच जीतकर टीम प्लेआफ में पहुंची और इसके बाद मुंबई इंडियंस ने खिताब पर कब्जा जमाया था। लेकिन उस समय टीम की कमान रोहित शर्मा के हाथों में थी। इस बार कप्तानी हार्दिक पांड्या के हाथों में है और टीम को दर्शकों से भी सहयोग नहीं मिल रहा है। ऐसे में मुंबई की टीम के सामने डगर बहुत मुश्किल दिखाई दे रही है।

मुंबई इंडियंस को 2024 में अभी तक लगातार तीन हार मिली है। टीम को अब अपना अगला मैच 7 अप्रैल को रायल चैलेंजर्स बेंगलोर से खेलना है। ऐसे में टीम के पास स्थितियों को सुधारने का मौका है। भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी का मानना है कि इस बीच मुंबई फ्रेंचाइजी को सख्त कदम उठाने होंगे और रोहित को फिर से टीम की कमान सौंपना चाहिए। उनका मानना है कि हार्दिक पर कप्तानी का दबाव साफ तौर दिखाई दे रहा है और यह इस बात से साबित होता है कि राजस्थान रायल्स के खिलाफ मैच में उन्होंने गेंदबाजी ही नहीं की।

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पिछले साल दिसंबर में चोट से वापसी करने के बाद फ्रेंचाइजी ने हार्दिक को रोहित की जगह कप्तानी थमा दी थी। मनोज ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा, पहले दो मैचों में गेंदबाजी करने के बाद जिस पिच पर तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, उसमें गेंदबाजी नहीं करना यह दर्शाता है कि हार्दिक दबाव में हैं। मुझे लगता है कि अगले मैच से पहले फ्रेंचाइजी हार्दिक की जगह रोहित शर्मा को फिर से कप्तानी सौंप सकती है। यह एक बड़ा निर्णय हो सकता है। जहां तक मैं फ्रेंचाइजी व इनके मालिकों को जानता हूं, वह बड़े निर्णय लेने से चूकते नहीं हैं। वह पहले टीम को पांच बार खिताब दिला चुके रोहित से कप्तानी छीनकर ऐसा कर चुके हैं। नई कप्तानी में लगातार चूक हो रही है और वह एक भी मैच नहीं जीत पाया है। ऐसे वह एक बार कप्तानी छीनकर रोहित को दे सकते हैं।

चेन्नई के साथ भी हो चुका है ऐसा

साल 2022 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। सत्र की शुरुआत से पहले उसने रवींद्र जडेजा को कप्तानी सौंपी थी। लगातार पांच हार मिलने के बाद चेन्नई से फिर से महेंद्रसिंह धौनी को कप्तान बना दिया था।

हार्दिक की औसत कप्तानी

मनोज तिवारी ने कहा कि हार्दिक पांड्या ने कई बार गलत निर्णय लिए। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुंबई इंडियंस लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। हालाकि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन उनके कई निर्णय गलत हो गए। हार्दिक ने गेंदबाजी की शुरुआत की और अपने शीर्ष गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अंत तक बचाए रखा। साथ ही उन्होंने टीम के मध्य क्रम बल्लेबाजी को बदल दिया। तिवारी का मानना है कि क्रिकेटीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो कप्तानी बदली जानी चाहिए। साथ ही टीम में इस समय महौल भी अच्छा दिखाई नहीं दे रहा है।

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    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव

Sitapur Lok Sabha Constituency: लगातार पंचर हो रही ‘साइकिल’ तो सपा ने मैदान छोड़ा, पहले बसपा तो अब कांग्रेस को थमाई

अब I.N.D.I.A. गठबंधन के तहत कांग्रेस और सपा के बीच सीटों का बंटवारा हुआ है तो सीतापुर सीट कांग्रेस के हिस्से आ गई है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Wed, 03 Apr 2024 09:05 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 03 Apr 2024 09:06 AM (IST)

Sitapur Lok Sabha Constituency: लगातार पंचर हो रही ‘साइकिल’ तो सपा ने मैदान छोड़ा, पहले बसपा तो अब कांग्रेस को थमाई
साल 2019 के चुनावों में बसपा से गठबंधन किया था तो सपा ने सीतापुर सीट अपने पास नहीं रखी।

HighLights

  1. समाजवादी पार्टी के गठन के बाद से अभी तक 6 आम चुनावों में ‘साइकिल’ ने रेस लगाई है।
  2. 2004 और 2009 में ही मुख्य मुकाबले में आ सकी।
  3. साल 1998, 1999 और 2014 में लोकसभा चुनावों में सपा प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा।

जगदीप शुक्ल, सीतापुर। उत्तर प्रदेश की सीतापुर सीट के मतदाताओं ने समाजवादी पार्टी का स्वागत ऐसे किया था, जैसी किसी नई नवेली दुल्हन का स्वागत किया था। दरअसल 1992 में समाजवादी पार्टी के गठन के बाद 1996 में आम चुनाव हुए थे तो सीतापुर संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने सपा को शानदार जीत दिलाई थी। साल 1996 में हुए आम चुनाव में समाजवादी प्रत्याशी के प्रत्याशी मुख्तार अनीस सीतापुर से सांसद चुने गए थे, लेकिन उसके बाद सीतापुर के मतदाताओं को मन ऐसा बदला कि उन्होंने सपा पर कभी भरोसा नहीं जताया।

सीतापुर में अब तक 6 चुनाव लड़ी सपा

समाजवादी पार्टी के गठन के बाद से अभी तक 6 आम चुनावों में ‘साइकिल’ ने रेस लगाई है, लेकिन 2004 और 2009 में ही मुख्य मुकाबले में आ सकी। साल 1998, 1999 और 2014 में लोकसभा चुनावों में सपा प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा। अपनी स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद शायद यही कारण था कि साल 2019 के चुनावों में बसपा से गठबंधन किया था तो सपा ने सीतापुर सीट अपने पास नहीं रखी। इन चुनावों में भी बसपा प्रत्याशी से भाजपा से करारी शिकस्त खानी पड़ी थी।

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अब कांग्रेस के हिस्से आई सीतापुर सीट

अब I.N.D.I.A. गठबंधन के तहत कांग्रेस और सपा के बीच सीटों का बंटवारा हुआ है तो सीतापुर सीट कांग्रेस के हिस्से आ गई है। लगातार हार के कारण सपा ने यह सीट अपने पास रखना मुनासिब नहीं समझा। 1996 में हुए चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी को इस सीट पर कभी जीत नहीं मिली।

ऐसा है सीतापुर सीट का सियासी इतिहास

साल 1996 में हुए चुनाव में सपा प्रत्याशी मुख्तार अनीस ने भाजपा के जनार्दन मिश्र को मात दी थी। इन चुनावों में मुख्तार को 1,48,252 और जनार्दन मिश्र को 1,38,206 मत मिले। हालांकि अगली बार 1998 में जब चुनाव हुए तो जनार्दन मिश्र सांसद चुने गए। चुनाव नतीजों में सपा को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। जनार्दन मिश्र को 2,16,876, बसपा के प्रेमनाथ वर्मा को 1,88,954 और सपा के मुख्तार अनीस को 1,68,055 मत मिले। इसके बाद 1999 में बहुजन समाज पार्टी के राजेश वर्मा ने भाजपा के जनार्दन मिश्र को हराया। राजेश को 2,11,120 व जनार्दन को 1,74,759 मत मिले। 1,31,650 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2014 में भाजपा के राजेश वर्मा सीतापुर सीट से शानदार जीत मिली। इन चुनावों में राजेश वर्मा को 4,17,546 और बसपा की कैसर जहां को 3,66,519 मत मिले। सपा के भरत त्रिपाठी सिर्फ 1,56,170 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे।

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    कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्

Priyanka Chopra Brother Engagement Images; Siddharth Chopra Neelam Upadhyay | प्रियंका चोपड़ा के भाई सिद्धार्थ ने की सगाई: पति निक और बेटी मालती के साथ शामिल हुईं एक्ट्रेस

कुछ ही क्षण पहले

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प्रियंका चोपड़ा के भाई सिद्धार्थ चोपड़ा ने साउथ की एक्ट्रेस नीलम उपाध्याय से सगाई कर ली है। कपल ने मंगलवार को अपनी इंगेजमेंट सेरेमनी की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए इसकी अनाउंसमेंट की।

इन तस्वीरों में प्रियंका चाेपड़ा भी अपने पति निक जोनस और बेटी मालती के साथ नजर आ रही हैं। प्रियंका के अलावा उनकी मां मधु चोपड़ा और नीलम के फैमिली मेंबर्स भी साथ नजर आ रहे हैं।

सिद्धार्थ ने रोका सेरेमनी के लिए पिंक कुर्ता, जैकेट और व्हाइट पजामा चूज किया। वहीं नीलम पर्पल आउटफिट्स में नजर आईं।

सिद्धार्थ ने रोका सेरेमनी के लिए पिंक कुर्ता, जैकेट और व्हाइट पजामा चूज किया। वहीं नीलम पर्पल आउटफिट्स में नजर आईं।

कपल ने सेरेमनी से फैमिली मेंबर्स के साथ भी कई फोटोज शेयर किए हैं।

कपल ने सेरेमनी से फैमिली मेंबर्स के साथ भी कई फोटोज शेयर किए हैं।

प्रियंका ने इंस्टा स्टोरी पर दी बधाई
इन तस्वीरों को नीलम ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। इसके बाद प्रियंका ने भी अपनी इंस्टा स्टोरी पर इस सेरेमनी की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए भाई को बधाई दी। एक्ट्रेस ने लिखा, ‘बधाई हो सिद्धार्थ और नीलम। आपको हमारा प्यार और दुआएं #rokafied’

प्रियंका ने सोशल मीडिया पर यह स्टोरी शेयर कर भाई को बधाई दी।

प्रियंका ने सोशल मीडिया पर यह स्टोरी शेयर कर भाई को बधाई दी।

फंक्शन के दौरान प्रियंका रेड साड़ी में नजर आईं। वहीं निक व्हाइट कुर्ता-पजामा और जैकेट में नजर आए।

फंक्शन के दौरान प्रियंका रेड साड़ी में नजर आईं। वहीं निक व्हाइट कुर्ता-पजामा और जैकेट में नजर आए।

काफी वक्त से डेट कर रहे सिद्धार्थ-नीलम
नीलम और सिद्धार्थ एक दूसरे को काफी वक्त से डेट कर रहे हैं। नीलम इससे पहले कई फंक्शंस में चोपड़ा फैमिली के साथ नजर आ चुकी हैं। पिछले साल नीलम के बर्थडे पर भी सिद्धार्थ और उनकी मां मधु चोपड़ा एक्ट्रेस के साथ नजर आए थे।

सिद्धार्थ ने पिछले साल अक्टूबर में नीलम के बर्थडे पर यह फोटो शेयर किया था। इसमें नीलम के दोस्तों के साथ सिद्धार्थ की मां मधु चोपड़ा भी नजर आ रही हैं।

सिद्धार्थ ने पिछले साल अक्टूबर में नीलम के बर्थडे पर यह फोटो शेयर किया था। इसमें नीलम के दोस्तों के साथ सिद्धार्थ की मां मधु चोपड़ा भी नजर आ रही हैं।

कौन हैं नीलम उपाध्याय?
नीलम बीते 9 साल से साउथ इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी पहली फिल्म 2010 में रिलीज होने वाली थी पर वो टल गई। इसके बाद नीलम ने 2012 में तेलुगु फिल्म ‘मिस्टर 7’ से डेब्यू किया। इसी साल उन्होंने फिल्म ‘उन्नोदु ओरू नाल’ से तमिल डेब्यू भी किया। वो आखिरी बार 2018 में रिलीज हुई तेलुगु फिल्म ‘तमाशा’ में नजर आई थीं।

2019 में हुई इशिता और सिद्धार्थ की सगाई के दौरान प्रियंका भी मौजूद थीं।

2019 में हुई इशिता और सिद्धार्थ की सगाई के दौरान प्रियंका भी मौजूद थीं।

2019 में इशिता कुमार से सगाई कर चुके थे सिद्धार्थ
सिद्धार्थ इससे पहले 2019 में इशिता कुमार से सगाई कर चुके हैं। इस फंक्शन में प्रियंका और निक दोनों ही शामिल हुए थे। सिद्धार्थ और इशिता अप्रैल 2019 में शादी करने वाले थे पर दोनों अलग हो गए। 2021 में इशिता ने किसी और से शादी कर ली।

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