Shivpuri Information: मंदिर के पुजारी के भतीजे ने चढ़ोत्तरी के बंटबारे पर हुए विवाद में तोड़ी थी प्रतिमा
पोहरी थानांतर्गत ग्राम झिरी में पखवाड़ा भर पहले अज्ञात व्यक्ति द्वारा गढ़ी माता मंदिर पर तोड़ी गई प्रतिमा के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
By anil tomar
Publish Date: Tue, 02 Apr 2024 12:17 PM (IST)
Up to date Date: Tue, 02 Apr 2024 12:17 PM (IST)

Shivpuri Information पोहरी (नईदुनिया न्यूज)। पोहरी थानांतर्गत ग्राम झिरी में पखवाड़ा भर पहले अज्ञात व्यक्ति द्वारा गढ़ी माता मंदिर पर तोड़ी गई प्रतिमा के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रतिमा मंदिर के पुजारी के भतीजे ने चढ़ोततरी को लेकर हुए विवाद के चलते तोड़ी थी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि 16 मार्च को ग्राम झिरी में गढ़ी माता मंदिर की प्रतिमा किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हथौड़े से तोड़ दी गई थी। इस प्राचीन मंदिर की प्रतिमा टूटने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश की स्थिती निर्मित हो गई थी और 17 मार्च को ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराते हुए चक्काजाम की स्थिती निर्मित कर दी थी। जनाक्रोश को काबू करने के लिए एसडीओपी सुजीत भदौरिया ने ग्रामीणों से दस दिन में मामले का खुलासा करने की बात कही। इसके बाद हर कोण से मामले की जांच की गई। एसडीओपी सुजीत भदौरिया के अनुसार जांच के दौरान पता चला कि घटना वाले दिन मंदिर के पास मंदिर के पुजारी दयागिरी का भतीजा महेंद्र उर्फ टकले घूमता हुआ देखा गया था। पुलिस को पता चला कि महेंद्र गांव में स्मैक बेचने के साथ-साथ नशा भी करता है। इसी आधार पर पुलिस ने जब महेंद्र से पूछताछ की तो उसने प्रतिमा तोड़ने की बात स्वीकार ली। उनके अनुसार आरोपित ने बताया कि मंदिर पर उसके ताऊ दयागिरी व उसका भाई जितेंद्र पूजा अर्चना करते हैं। इसी क्रम में मंदिर से लगी करीब 150 बीघा जमीन पर खेती के बंटवारे के लिए उन्होंने यह व्यवस्था बना रखी है कि एक साल दयागिरी फसल करेंगे और एक साल प्रेमगिरी। इसके अलावा मंदिर पर आने वाली छोटी मोटी चढ़ोत्तरी दयागिरी की रहेगी क्योंकि वह मंदिर संभालते हैं। इसी क्रम में घटना से दो दिन पूर्व 14 मार्च को मंदिर पर एक परिवार ने बड़ा भंडारा करवाया था। उक्त भंडारे में अच्छी चढ़ात्तरी आई थी। उसी चढ़ाेत्तरी के बंटवारे को लेकर दयागिरी और प्रेमगिरी में विवाद हो गया। इसी बात पर महेंद्र उर्फ टकले ने गुस्से में आकर प्रतिमा तो़ड़ दी कि, अब न मंदिर रहेगा और न चढ़ोत्तरी का कोई विवाद। इस मामले का खुलसा करने में निरी. रविशंकर कौशल, उनि. रामेश्वर शर्मा, प्रआर कौशलेन्द्र सिंह तोमर, प्रराजीव छारी, आरक्षक कुलदीप शर्मा, मुकेश परमार, मुनेश धाकड़, दीपक राणा, राघवेन्द्र यादव की सराहनीय भूमिका रही।


