Jabalpur Information : 5 निजी अस्पतालों का पंजीयन समाप्त, मरीजों की भर्ती पर रोक, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश,
मुख्य स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आदेश जारी कर दिए हैं। इन अस्पतालों के पास उपचार से संबंधित अर्हता से जुड़े कुछ अभिलेख नहीं हैं।
By Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Tue, 02 Apr 2024 06:27 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 02 Apr 2024 06:28 AM (IST)

HighLights
- अस्पतालों में मरीजों की भर्ती रोक लगाई गई है।
- आदेश मुख्य स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से जारी किए गए हैं।
- अस्पतालों के पास उपचार से संबंधित अर्हता से जुड़े कुछ अभिलेख नहीं है।
जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को शहर के पांच निजी अस्पतालों का पंजीयन समाप्त कर दिया है। इन अस्पतालों में मरीजों की भर्ती रोक लगाई गई है। इसके आदेश मुख्य स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से जारी किए गए हैं। इन अस्पतालों के पास उपचार से संबंधित अर्हता से जुड़े कुछ अभिलेख नहीं हैं।
पंजीयन नवीनीकरण की प्रक्रिया के प्रति अस्पताल लापरवाह थे। मप्र रूजोपचार्य गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 की धारा 6(2) के अंतर्गत अलग-अलग कारणों से रजिस्ट्रेशन समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। पांचों अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि भर्ती मरीजों का समुचित उपचार पूर्ण कर उन्हें डिस्चार्ज करने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को प्रेषित करें। 1 अप्रैल से कोई भी नया मरीज भर्ती ना करें।
इन पर गाज…
– आदित्य सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल- फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं है।
– आकांक्षा हॉस्पिटल- पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया।
– ग्रोवर मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल- पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया।
– श्रीरावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल- फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं है।
– स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल- पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है।
इनका कहना है
निर्धारित मापदंडों को पूर्ण नहीं करने के कारण पांच अस्पतालों का पंजीयन समाप्त किया गया है। इसमें कुछ अस्पतालों ने पंजीयन नवीनीकरण का आवेदन नहीं किया था।0 आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च थी। इस संबंध में संबंधित अस्पतालों को नोटिस भी भेजा गया था। इसके बाद भी कुछ अस्पताल ने आवेदन नहीं किया। कुछ ने अपूर्ण अभिलेश प्रस्तुत किए है। आवेदन परीक्षण उपरांत कार्रवाई की गई है।
– डा. संजय मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
प्रत्येक अस्पताल को निर्धारित मापदंड पूरे करने पर ही मरीजों के उपचार की अनुमति प्रदान किया जाना चाहिए। मापदंड पूरे नहीं होने पर स्वस्थ्य विभाग की कार्रवाई स्वाभाविक है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंजीयन समाप्त होने से पहले नोटिस दिए जाने की भी जानकारी है। जिन अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है उनमें से ज्यादातर एसोसिएशन में सम्मिलित नहीं है।
डाॅ. अमरेंद्र पांडेय, अध्यक्ष, नर्सिंग होम एसोसिएशन


