Pandit Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा के सिर में लगी चोट, नीमच के मनासा में होने वाली कथा हुई कैंसिल
नीमच जिले के मनासा में आयोजित होने वाली प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा निरस्त। पं. मिश्रा के ब्रेन में चोट की वजह से कथा नहीं कर पाएंगे, मनासा पहुंच खेद जताया।
By Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 05:35 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 05:48 PM (IST)

HighLights
- आष्टा में होली उत्सव के दौरान किसी गुलाल की जगह नारियल फेंक दिया।
- नारियल पंडित प्रदीप मिश्रा के सिर में लगा और उनके मस्तिष्क में सूजन आ गई।
- डाक्टरों ने उन्हें चोट ठीक होने तक कथा नहीं करने की सलाह दी है।
Pandit Pradeep Mishra Injured: नईदुनिया प्रतिनिधि, नीमच। नीमच जिले के मनासा में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा निरस्त हो गई है। सोमवार को कथावाचक पंडित मिश्रा कुछ देर के लिए मनासा में मंच पर आए और फिर श्रध्दालुओं से रूबरू होकर खेद जताया और चले गए।
उल्लेखनीय है कि जिले के मनासा में एक से सात अप्रैल तक सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन मनासा के राठौर परिवार द्वारा किया जा रहा था। इसमें प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से कथा होनी थी। पूर्व में भी कथा की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कथा की अनुमति को निरस्त कर दिया था।
इसके बाद सर्व समाज व क्षेत्रिय विधायक सहित जनप्रतिनिधियों ने व्यवस्थाओं का जिम्मा उठाते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया था। इसके बाद कथा की वापस अनुमति दी गई थी। हालांकि इस दौरान पुलिस प्रशासन ने भी काफी मेहनत की।
सोमवार को प्रख्यात कथावाचक पंडित मिश्रा ने मंच से सभी भक्तों को संबोधित करते हुए कहां कि 29 मार्च को आष्टा में आयोजित होली समारोह में नारियल की सिर में चोट लग गई। जिससे मेरे ब्रेन में सूजन आ गई है।
डाक्टरों ने कथा करने से मना किया है। अस्पताल से छुट्टी लेकर में यहां पहुंचा हूं। मैं सभी भक्तों से क्षमा चाहता हूं। स्वास्थ्य सही नहीं होने से कथा नहीं हो सकेगी। अगर स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो आगामी कथा होगी। अन्यथा वे भी निरस्त होगी।
अगले वर्ष मनासा में कथा का आयोजन होगा। कथा के यजमान भी यहीं रहेंगे। कथा का पूरा खर्चा विट्ठलेश सेवा समिति ही उठाएगी। उन्होंने मंच से सभी का धन्यवाद किया। सभी व्यवस्थाओं के लिए आभार भी जताया। इस दौरान लाखों की संख्या में भक्त मौजूद रहे। इसके बाद मिश्रा पुनः चले गए।


