IPL 2024: अनफिट धोनी ने खेली तूफानी पारी, दर्द से परेशान माही की तस्वीरें हुईं वायरल

हेंद्र सिंह धोनी ने दिल जीत लिया। वह 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए, लेकिन धाकड़ बल्लेबाजी कर 37 रनों की पारी खेल दी। इस मैच के बाद उनकी कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर हो गईं। इन तस्वीरों से साफ दिख रहा है कि धोनी अभी अनफिट हैं।

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 07:12 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 07:12 PM (IST)

IPL 2024: अनफिट धोनी ने खेली तूफानी पारी, दर्द से परेशान माही की तस्वीरें हुईं वायरल
चोट से परेशान धोनी।

खेल डेस्क, इंदौर। चेन्नई सुपरकिंग्स रविवार को दिल्ली कैपिटल्स से मैच हार गई, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी ने दिल जीत लिया। वह 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए, लेकिन धाकड़ बल्लेबाजी कर 37 रनों की पारी खेल दी। इस मैच के बाद उनकी कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर हो गईं। इन तस्वीरों से साफ दिख रहा है कि धोनी अभी अनफिट हैं।

एमएस धोनी ने 16 गेंदों का सामना कर नाबाद 37 रन की पारी खेली। 42 साल की उम्र में भी उन्होंने 230 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। धोनी इस आइपीएल में पहली बार बैटिंग करने उतरे थे। यह देख मैदान में मौजूद फैंस काफी खुश नजर आए। इस दौरान सीएसके काफी मुश्किल में थी, क्यों कि दो ओवर में जीत के लिए 46 रन बनाने थे। धोनी और जडेजा ने क्रीज पर रहकर अपनी तरफ से पूरी कोशिश की कि मैच को जीत को ओर लेकर जाएं।

एनरिक नॉर्टजे ने आखिरी ओवर करवाया था। इसकी पहली गेंद पर धोनी शानदार चौका लगाया था। उसके बाद दूसरी गेंद पर छक्का लगाया। चौथी गेंद को फिर सीमा रेखा के पार कर चौका लगाया। आखिरी गेंद पर उन्होंने शानदार सिक्स लगाकर नॉर्टजे को परेशान कर दिया।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

Dewas Information: अज्ञात कारणों से घर में लगी आग, तीन झुलसे

आगजनी की घटना के बारे में जब झुलसे लोगों और उनके स्वजन से जानकारी लेनी चाही तो वे अलग-अलग बातें बताते रहे। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची, जहां बारूद की गंध आने की बात भी सामने आई। मौके पर आतिशबाजी के काम आने वाला अनार भी दिखाई दिया। साथ ही दस्ताने भी दिखाई दिए।

By Paras Pandey

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 06:49 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 06:49 PM (IST)

Dewas News: अज्ञात कारणों से घर में लगी आग, तीन झुलसे
देवास शहर के मुख्य भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र के अलंकार मार्केट में एक बहुमंजिला मकान में अचानक आग लग गई।

HighLights

  1. बहुमंजिला मकान में ऊपर बने कमरे में लगी थी आग
  2. घर में आतिशबाजी के काम आने वाला अनार व दस्ताने दिखाई दिए

देवास, (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देवास शहर के मुख्य भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र के अलंकार मार्केट में एक बहुमंजिला मकान में अचानक आग लग गई। आग के चलते मकान में मौजूद एक महिला और दो पुरुष बुरी तरह झुलस गए। तीनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें स्वजन निजी अस्पताल लेकर चले गए। आग लगने के पीछे भी मौके पर अलग-अलग कारण लोग बताते रहे। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के अमले को मकान के उपरी हिस्से में जाने से यह कहकर रोक दिया गया कि आग मामूली थी और बुझा दी गई।

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आगजनी की घटना के बारे में जब झुलसे लोगों और उनके स्वजन से जानकारी लेनी चाही तो वे अलग-अलग बातें बताते रहे। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची, जहां बारूद की गंध आने की बात भी सामने आई। मौके पर आतिशबाजी के काम आने वाला अनार भी दिखाई दिया। साथ ही दस्ताने भी दिखाई दिए।

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आशंका यह भी जताई गई कि मौके पर बारूद से कुछ काम हो रहा था। हालांकि इसको लेकर किसी ने पुष्टि नहीं की। देर शाम तक इस संबंध में अधिकारी भी सही जानकारी नहीं दे पाए। तहसीलदार और एसडीएम से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, परन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इसके पूर्व घटना की जानकारी मिलते ही निगम का दमकल वाहन भी मौके पर पहुंचा लेकिन वहां मौजूद लोगों ने यह कहकर दमकल को रवाना कर दिया कि मामूली आग थी, जिसे उन्होनें ही बुझा दिया था।

मामले को लेकर कोतवाली थाना पुलिस और फारेंसिक टीम को भी जांच के लिए भेजा गया। फायर अधिकारी जितेंद्रसिंह सिसोंदिया ने बताया कि उनकी टीम सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंची थी, परन्तु कर्मचारियों को उपर नहीं जाने दिया गया और यह बताया गया कि आग बुझा दी गई है।

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जानकारी के अनुसार हादसे में वहां मौजूद शहजाद, फैजान और आरजू बुरी तरह झुलस गए। तीनों को गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां से उन्हें स्वजन प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल लेकर चले गए। जिला चिकित्सालय में घायलों का प्राथमिक उपचार करने वाले चिकित्सक ने बताया कि तीनों करीब 50 प्रतिशत झुलसे थे।

दूसरी तरफ आग के संबंध में कोई भी सही जानकारी नहीं दे पा रहा था। एक व्यक्ति ने खाना बनाते समय आग लगने की बात बताई, जबकि एक अन्य ने शार्ट सर्किट से आग लगने की जानकारी दी। आगजनी से कपड़े, घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया।

Unique Interview: पूर्व चुनाव आयुक्त SY कुरैशी का EVM पर खुलासा, बोले- गड़बड़ी की गुंजाइश होती, तो कांग्रेस सत्ता से न होती बाहर

SY Quraishi Unique Interview दैनिक जागरण ने विशेष साक्षात्कार में देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी से बात की। उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय दी। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता व ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों का भी जवाब दिया। चुनाव में एआई और डीपफेक के खिलाफ कदम उठाने की सलाह दी।

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 04:56 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 04:56 PM (IST)

Exclusive Interview: पूर्व चुनाव आयुक्त SY कुरैशी का EVM पर खुलासा, बोले- गड़बड़ी की गुंजाइश होती, तो कांग्रेस सत्ता से न होती बाहर
पूर्व चुनाव आयुक्त SY कुरैशी का इंटरव्यू।

चुनाव डेस्क, इंदौर। चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व होता है। यह पर्व 5 साल बाद एक बार फिर आया है। चुनाव आयोग की लगातार कोशिश होती है कि वह चुनावों में सुधार कर सके, लेकिन उसको उतनी सफलता नहीं मिल पाती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें राजनीति में लगातार गिरावट आती आ जा रही है। यही कारण है कि युवा मतदाता मतदान को प्राथमिकता नहीं देता है।

आज के दौर में डीप पेक का खतरा सबसे बड़ा है। इसका गलत इस्तेमाल चुनावों के समय में भी हो सकता है, जिससे निपटने की चुनाव आयोग के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में लोकतंत्र को मजबूती से बनाए रखना, मतदाताओं का नेताओं के ऊपर विश्वास कैसे बढ़ें, मौकापरस्त नेताओं पर कैसे लगाम लगे? कई सवालों को लेकर दैनिक जागरण गुरुग्राम के मुख्य संवाददाता आदित्य राज ने देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी से विस्तृत बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के मुख्य अंश…

सवाल: आपका मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर लंबा अनुभव है। अन्य लोकसभा चुनावों से इस बार का चुनाव कितना अलग मान रहे हैं?

जवाब: चुनाव की प्रक्रिया एक जैसी होती है। इसमें कोई अंतर नहीं होता है। बस फर्क मतदाताओं की संख्या का होता है। चुनाव आयोग के सामने समस्या इस बात की है कि मतदाताओं की संख्या जितनी तेजी से बढ़ रही है, उस तेजी से मत प्रतिशत नहीं बढ़ रहा है। चुनाव आयोग लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। इसके पीछे का कारण राजनीतिक दलों के प्रति मतदाताओं की निराशा है। नेताओं के ऊपर विश्वास कम हो रहा है। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। नेताओं को जनता से किए वादे निभाने होंगे, तभी जनता का भरोसा उनके ऊपर बढ़ेगा।

सवाल: विपक्ष आरोप लगा रहा है कि पूरा तंत्र केंद्र सरकार के साथ है, ऐसे में चुनाव आयोग के सामने निष्पक्षता को बरकरार रखना कितना चुनौतीपूर्ण है?

जवाब: इस तरह के आरोप का चुनाव आयोग हर बार सामना करता है। जब भी कोई पार्टी विपक्ष में होती है, वह इसी तरह के आरोप लगाती है। जहां तक चुनाव आयोग की निष्पक्षता की बात, तो इसे बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। गलती होने पर दंड जरूर देना चाहिए। फिर सामने प्रधानमंत्री ही क्यों न हों।

सवाल: विपक्ष लगातार ईवीएम पर सवाल उठा रहा है। क्या सच ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है, अगर किसी भी तरह की गुंजाइश है, तो कैसे? चुनाव आयोग क्या प्रयास कर सकता है, जिससे गड़बड़ी न हो सके?

जवाब: मेरा सवाल यह है कि कांग्रेस के शासन काल में ईवीएम का इस्तेमाल होना शुरू हुआ। अगर, इसमें गड़बड़ी की जा सकती, तो कांग्रेस कभी सत्ता से बाहर ही नहीं होती। गड़बड़ी अगर हो सकती, तो भाजपा पंजाब, बंगाल व कर्नाटक का चुनाव कैसे हार जाती। सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए कि ईवीएम में गड़बड़ी नहीं हो सकती, नहीं हो सकती, नहीं हो सकती है। हार को हिम्मत के साथ स्वीकार करना चाहिए।

सवाल: युवा ऑनलाइन वोटिंग के बारे में बात कर रहे हैं। चुनाव आयोग इस बारे में क्यों नहीं सोच रहा है। यह अनुमान लगाया गया है कि ऑनलाइन वोटिंग होने पर मतप्रतिशत बढ़ जाएगा। बाहर रहने वाले लोग भी अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे।

जवाब: ऑनलाइन वोटिंग में गड़बड़ी की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। उदाहरण के तौर पर अगर बैंक में लूट हो जाए तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन चुनाव के लुट जाने से भयंकर समस्या हो जाएगी। अभी इस देश में ईवीएम पर ही सवाल उठाए जा रहे हैं, तो ऑनलाइन वोटिंग पर बात करना ठीक नहीं होगा। आपको अपने राष्ट्र के प्रति यदि प्रेम होगा तो आप अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करेंगे। जिस व्यवस्था का आप उपयोग कर रहे हैं, उसी की मजबूती में सहायक बनने के लिए शर्तें क्यों? मतदान के दिन लाइन में लगकर मतदान करने में क्या हर्ज है। क्या हम कुछ मिनट अपने राष्ट्र की मजबूती के लिए नहीं निकाल सकते?

सवाल: वन नेशन, वन इलेक्शन पर आपका क्या सोचना है? क्या इस पर अमल करना सही है, इसको लागू करने के लिए क्या-क्या कोशिश की जानी चाहिए?

जवाब: एक बात सीधी है कि अगर जनता और नेताओं की इस पर आम सहमति है, तो किसी भी तरह की समस्या नहीं है। अभी मेरा इस विषय पर समर्थन नहीं है। सरकार इस पर आगे बढ़ रही है। इस पर तर्कों के साथ डिबेट होनी चाहिए। इस विषय पर एक तर्क दिया जाता है कि चुनाव पर खर्चा बहुत होता है। खर्च को कम करने के लिए दो काम करने चाहिए।

पहला यह है कि उम्मीदवारों पर खर्च की सीमा तय की गई है, तो पार्टियों को इससे बाहर क्यों रखा गया है। पार्टियों को इस दायरे में लेकर आना चाहिए, क्यों कि वह किसी भी उम्मीदवार पर कितना भी खर्च कर सकती है। दूसरा मल्टी फेज में चुनाव को बंद किया जाए। यह व्यवस्था उस समय के लिए जब जब देश में बूथ कैप्चरिंग होती थी। चुनाव के समय कई इलाकों में हिंसा की जाती थी। अब इस तरह की स्थिति खत्म हो गई है। अब सिंगल फेज में चुनाव करना चाहिए। एक ही बार में जितनी फोर्स की आवश्यकता हो, लगाकर चुनाव कर दिया जाए। समय के साथ खर्च भी कम हो जाएगा।

सवाल: लोकसभा चुनाव में इस बार सबसे बड़ी चुनौती डीप फेक की है। कओई भी व्यक्ति किसी भी बड़े नेता का चेहरा लगाकर उसकी आवाज में मतदाताओं को प्रभाविक कर सकता है। इस खतरे से निपटने के लिए चुनाव आयोग कहां तक सक्षम है?

जवाब: मैं इस बार चुनाव नहीं लड़ने जा रहा हूं, आप मेरे सहयोगी को वोट दे सकते हैं। इस तरह का मैसेज सामने आने के बाद नेता को काफी डैमेज हो जाएगा, क्यों कि सच्चाई का पता लगते-लगते काफी देर हो जाएगी। इस समस्या को रोकने के लिए उत्तम तकनीक की जरूरत होगी। अभी यह हमारे पास नहीं है, इसलिए यह समय की मांग है कि सरकार इस पर विशेष रूप से ध्यान दे।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

MP के संत ने की अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत, राज्यसभा सांसद बनाने के नाम पर लाखों रुपये लिए

डा. आशुतोष महाराज पहुंचे नरसिंहपुर एसपी कार्यालय, अरविंद केजरीवाल पर लगाया लाखों रुपये लेने का आरोप।

By Prashant Pandey

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 06:20 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 06:24 PM (IST)

MP के संत ने की अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत, राज्यसभा सांसद बनाने के नाम पर लाखों रुपये लिए
डा. आशुतोष महाराज ने पुलिस से की शिकायत।

Arvind Kejriwal: नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के बरमान के रहने वाले डा. आशुतोष महाराज ने नरसिंहपुर एसपी कार्यालय पहुंचकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और वर्तमान में शराब घोटाले में जेल की हवा खा रहे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी है। डा. आशुतोष ने बताया, कि वे कुछ साल पहले नरसिंहपुर से दिल्ली में निवास करने लगे थे और अन्ना हजारे के साथ आंदोलनों में जुड़े हुए थे।

जब केजरीवाल सहित अन्य लोगों ने आम आदमी पार्टी का गठन किया, तब वे भी इसमें शामिल हो गए। उत्तर प्रदेश से इन्होंने लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन मोदी की लहर के कारण वे चुनाव हार गए। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने इन्हे राज्यसभा सांसद बनाने का आश्वासन दिया था और इसके एवज में वे डा. आशुतोष से लगभग डेढ़ लाख की रकम ले चुके थे। वहीं इनके अनुयायियों से भी केजरीवाल ने लाखों रूपए वसूले थे।

लेकिन आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने इन्हे धोखा देते हुए संजय सिंह को राज्यसभा का सांसद बना दिया। जिसके बाद इन्होंने जब केजरीवाल से इस संबंध में चर्चा की तो वह भड़क गए और इन्हे पार्टी से निष्कासित कर दिया।

अपने साथ हुए इस छलावे से आहत होकर इन्होंने राजनीति छोड़ दी और नरसिंहपुर आकर निवास करने लगे, बावजूद इसके बार-बार अपने रूपये वापिस मांगे जाने पर भी जब इन्हें नहीं मिले तो फिर सोमवार को वे नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत एसपी से की है। वही पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने शिकायत लेकर मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014

तिहाड़ के बाहर केजरीवाल समर्थकों ने काटा बवाल; दिल्ली के CM पर 24 घंटे CCTV से होगी निगरानी

कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वह अब तिहाड़ के जेल नंबर 2 में रहेंगे। इस दौरान उन पर 24 घंटे सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 05:56 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 05:56 PM (IST)

तिहाड़ के बाहर केजरीवाल समर्थकों ने काटा बवाल; दिल्ली के CM पर 24 घंटे CCTV से होगी निगरानी
केजरीवाल समर्थकों ने काटा बवाल।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वह अब तिहाड़ के जेल नंबर 2 में रहेंगे। इस दौरान उन पर 24 घंटे सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। सोमवार को केजरीवाल की ईडी की कस्टडी खत्म होने पर कोर्ट लाया गया था। कोर्ट ने उन्हें 15 अप्रैल तक के लिए तिहाड़ जेल में भेजने का फैसला सुना दिया। उसके बाद केजरीवाल के समर्थक बौखला गए। वह सब तिहाड़ के सामने इकट्ठा हो गए। केजरीवाल को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट से बाहर निकाला गया।

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Pandit Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा के सिर में लगी चोट, नीमच के मनासा में होने वाली कथा हुई कैंसिल

नीमच जिले के मनासा में आयोजित होने वाली प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा निरस्त। पं. मिश्रा के ब्रेन में चोट की वजह से कथा नहीं कर पाएंगे, मनासा पहुंच खेद जताया।

By Prashant Pandey

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 05:35 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 05:48 PM (IST)

Pandit Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा के सिर में लगी चोट, नीमच के मनासा में होने वाली कथा हुई कैंसिल
कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा

HighLights

  1. आष्टा में होली उत्सव के दौरान किसी गुलाल की जगह नारियल फेंक दिया।
  2. नारियल पंडित प्रदीप मिश्रा के सिर में लगा और उनके मस्तिष्क में सूजन आ गई।
  3. डाक्टरों ने उन्हें चोट ठीक होने तक कथा नहीं करने की सलाह दी है।

Pandit Pradeep Mishra Injured: नईदुनिया प्रतिनिधि, नीमच। नीमच जिले के मनासा में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा निरस्त हो गई है। सोमवार को कथावाचक पंडित मिश्रा कुछ देर के लिए मनासा में मंच पर आए और फिर श्रध्दालुओं से रूबरू होकर खेद जताया और चले गए।

उल्लेखनीय है कि जिले के मनासा में एक से सात अप्रैल तक सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन मनासा के राठौर परिवार द्वारा किया जा रहा था। इसमें प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से कथा होनी थी। पूर्व में भी कथा की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कथा की अनुमति को निरस्त कर दिया था।

इसके बाद सर्व समाज व क्षेत्रिय विधायक सहित जनप्रतिनिधियों ने व्यवस्थाओं का जिम्मा उठाते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया था। इसके बाद कथा की वापस अनुमति दी गई थी। हालांकि इस दौरान पुलिस प्रशासन ने भी काफी मेहनत की।

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सोमवार को प्रख्यात कथावाचक पंडित मिश्रा ने मंच से सभी भक्तों को संबोधित करते हुए कहां कि 29 मार्च को आष्टा में आयोजित होली समारोह में नारियल की सिर में चोट लग गई। जिससे मेरे ब्रेन में सूजन आ गई है।

डाक्टरों ने कथा करने से मना किया है। अस्पताल से छुट्टी लेकर में यहां पहुंचा हूं। मैं सभी भक्तों से क्षमा चाहता हूं। स्वास्थ्य सही नहीं होने से कथा नहीं हो सकेगी। अगर स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो आगामी कथा होगी। अन्यथा वे भी निरस्त होगी।

अगले वर्ष मनासा में कथा का आयोजन होगा। कथा के यजमान भी यहीं रहेंगे। कथा का पूरा खर्चा विट्ठलेश सेवा समिति ही उठाएगी। उन्होंने मंच से सभी का धन्यवाद किया। सभी व्यवस्थाओं के लिए आभार भी जताया। इस दौरान लाखों की संख्या में भक्त मौजूद रहे। इसके बाद मिश्रा पुनः चले गए।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014

Arvind Kejriwal: केजरीवाल ने दो मंत्रियों का लिया नाम, बोले- मुझे नहीं इन दोनों को रिपोर्ट करता था विजय नायर

आबकारी नीति घोटाले में अब दिल्ली सरकार के दो और मंत्रियों की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आतिशी और सौरभ भारद्वाज का नाम लिया है। उन्होंने कहा है कि विजय नायर आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करते थे।

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 05:15 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 05:15 PM (IST)

Arvind Kejriwal: केजरीवाल ने दो मंत्रियों का लिया नाम, बोले- मुझे नहीं इन दोनों को रिपोर्ट करता था विजय नायर
केजरीवाल के दो मंत्री फंसे।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। आबकारी नीति घोटाले में अब दिल्ली सरकार के दो और मंत्रियों की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आतिशी और सौरभ भारद्वाज का नाम लिया है। उन्होंने कहा है कि विजय नायर आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करते थे।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

Ratlam Information: रतलाम जिले में लापता बेटी के पिता ने कार्रवाई नहीं होने पर फांसी लगाई, चौकी प्रभारी निलंबित

Ratlam Information: नाराज स्वजन व लोगों ने साढ़े सात घंटे तक शव फंदे से नहीं उतारने दिया।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 12:41 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 05:11 PM (IST)

Ratlam News: रतलाम जिले में लापता बेटी के पिता ने कार्रवाई नहीं होने पर फांसी लगाई, चौकी प्रभारी निलंबित
कालूखेड़ा थाना क्षेत्र में शख्‍स ने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली

HighLights

  1. पिता ने फांसी लगाकर की आत्‍महत्‍या
  2. बेटी की गुमशुदगी के बाद उठाया कदम
  3. कालूखेड़ा थाना क्षेत्र का मामला

Ratlam Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। कालूखेड़ा थाना क्षेत्र की मावता पुलिस चौकी के तहत आने वाले ग्राम रानीगांव के एक व्यक्ति द्वारा अपनी लापता बेटी के संबंध में शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने से नाराज होकर खुदकुशी कर ली। खबर मिलने पर स्वजन, लोग तथा पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

स्वजन व लोगों ने पुलिस के खिलाफ नाराजी व्यक्त करते हुए न्याय करने की मांग कर शव नहीं उतारने दिया।करीब साढ़े सात घंटे बाद पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद शव उतराने दिया गया। मामले में एसपी ने लापरवाही बरतने पर मावता चौकी प्रभारी (एसआइ) प्रतापसिंह भदौरिया को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार छह मार्च 2024 को 39 वर्षीय मृतक रामगोपाल पुत्र गंगाराम सांसरी निवासी रानीगांव की 16 वर्षीय बेटी लापता हो गई थी। स्वजन ने खोजबीन की लेकिन वह नहीं मिली।स्वजन ने मावता चौकी पर गुमशुदगी दर्ज कराते हुए एक युवक पर उसे ले जाने की शंका जताई थी। पुलिस ने मामले में अपहरण का प्रकरण दर्ज किया था। वहीं 31 मार्च को रामगोपाल ने रानीगांव-ठिकरिया मार्ग पर जंगल में पेड़ पर रस्सी का फंदा बांधकर फांसी लगा ली।

इससे उसकी मौत हो गई। शाम करीब साढ़े चार बजे उसके फांसी लगाने की खबर तेजी से फैली तो स्वजन व बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे।पुलिस भी मौके पर पहुंचे और शव नीचे उतारने का प्रयास किया तो स्वजन व लोग नाराज हो गए तथा पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग करने लगे।

स्वजन व लोगों का आरोप था कि कई बार रामगोपाल पुलिस चौकी गया लेकिन चौकी प्रभारी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।चौकी प्रभारी, उसकी बेटी को ले जाने वाले तथा उसकी मदद करने वालों के साथ कार्रवाई करें, तब शव उतारने दिया जाएगा।

रात 12.10 बजे उतारने दिया शव

जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मों व कालूखेड़ा थाना प्रभारी संतोष चौरसिया भी मौके पर पहुंचे तथा स्वजन व लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने इसी बीच किशोरी को ले जाने वाले युवक की मदद करने वालों को नाम बताने पर दो लोगों को हिरासत में लिया।

इसके बाद रात 12.10 बजे सीएसपी ने मौके पर स्वजन को बताया कि जिन दो लोगों पर शंका जताई थी, उन्हें हिरासत में ले लिया गया।पूरे मामले की बारिकी से जांच की जाएगी और जिस की लापरवाही सामने आएंगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद स्वजन ने शव उतराने दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। सोमवार को पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव रामगोपाल के स्वजन को सौंप दिया।

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

    पत्रकारिता क …

Khargone Information: मां से मिलने की चाह में पैदल निकल पड़ी तीन बेटियां, 35 किलोमीटर करी यात्रा

मां से मिलने की चाह में तीनों बेटियां गांव के बस स्टैंड पहुंची, लेकिन बसें बंद होने के कारण पैदन ही नानी के घर जाने का निर्णय लिया।इधर बच्चियों की जानकारी पुलिस को दी गई।घटना में टीआइ दिनेश सिंह सोलंकी ने बताया कि रंगपंचमी पर बसे नहीं चलने से तीन बच्चियां ग्राम सेहजला (मछलगांव) से पैदल पैदल चलकर घुघरियाखेड़ी तक आ गई थी।

By Paras Pandey

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 04:05 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 04:24 PM (IST)

Khargone News: मां से मिलने की चाह में पैदल निकल पड़ी तीन बेटियां, 35 किलोमीटर करी यात्रा
तीनों नाबालिग बच्चियों के साथ आरक्षक महिला शिवि बघेल।

HighLights

  1. ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों ने स्वजनों की जानकारी ले, पहुंचाया घर

गोगावां, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्राम सहेजला की तीन बालिका आपनी मां शारदा बाई से मिलने की चाह लिए 35 किमी दूर ग्राम रूपखेड़ा के लिए पैदल ही निकल पड़ी। घटना शनिवार रंग पंचमी की है। जानकारी अनुसार सहैजला निवासी राध्या की तीनों बटियां छह वर्षीय ऋतु पुत्री राध्या, सात वर्षीय राशि पुत्र राध्या और पांच वर्षीय कविता पुत्री राध्या रंगपंचमी के दिन बसें बंद होने के कारण पैदल ही अपनी मां शारदा बाई से मिलने के लिए रुपखेड़ा के लिए निकल पड़ी।

जब वे घुघ्रीयाखेड़ी फाटे पर पहुंची तो तीनों बच्चियों को फाटे पर बैठा देख ग्राम रक्षा समिति के मधु तिवारी, भारत सिंह निवासी नागझिरी ने उनके स्वजनों की जानकारी प्राप्त की। जिसमें बच्चियों ने मां का माईका, नानी का घर रुपखेड़ा में होना बताया। उन्हेंने बताया कि मां पंचमी के एक दिन पहले उनकी मां नानी के घर चली गई थी।

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उससे मिलने की चाह में तीनों बेटियां गांव के बस स्टैंड पहुंची, लेकिन बसें बंद होने के कारण पैदन ही नानी के घर जाने का निर्णय लिया।इधर बच्चियों की जानकारी पुलिस को दी गई।घटना में टीआइ दिनेश सिंह सोलंकी ने बताया कि रंगपंचमी पर बसे नहीं चलने से तीन बच्चियां ग्राम सेहजला (मछलगांव) से पैदल पैदल चलकर घुघरियाखेड़ी तक आ गई थी।

गांव वालों से सूचना मिलने पर प्रधान आरक्षक दिनेश मंडलोई, महिला आरक्षक शिवि बघेल को लेकर तत्काल ग्राम घुघ्रीयाखेडी पहुंचाया गया। महिला आरक्षक ने बच्चों से पूछताछ कर बच्चियों से उनके स्वजनों की जानकारी ली। बच्चियों उनकी मां शारदाबाई एवं नानी के सुपुर्द किया गया। ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों और सरपंच बालम बाल्के एवं अन्य लोगों के समक्ष बच्चियों को स्वजनों को सौंपा गया।

रोहतक में कांग्रेस के लिए आगे कुआं-पीछे खाई, लोकसभा जीते तो राज्यसभा सीट से धोना पड़ेगा हाथ, ऐसे हैं सियासी समीकरण

रोहतक लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी की रेस में राज्‍यसभा सदस्‍य दीपेंद्र हुड्डा का नाम आगे चल रहा है। लेकिन यदि वे चुनाव जीत जाते हैं, तो उनकी राज्‍यसभा की सदस्‍यता खत्‍म हो जाएगी और विधायकों की संख्या के लिहाज से यह सीट भाजपा के खाते में जा सकती है।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 03:14 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 03:14 PM (IST)

रोहतक में कांग्रेस के लिए आगे कुआं-पीछे खाई, लोकसभा जीते तो राज्यसभा सीट से धोना पड़ेगा हाथ, ऐसे हैं सियासी समीकरण
कांग्रेस के सामने रोहतक सीट पर पेंच फंस रहा है

HighLights

  1. रोहतक में दीपेंद्र हुड्डा का नाम प्रत्याशी की रेस में आगे
  2. लोकसभा जीतने पर खत्म हो जाएगी राज्यसभा की सदस्यता
  3. कांग्रेस के सामने फंसा पेंच

Lok Sabha Chunav 2024 डिजिटल डेस्क, रोहतक। देश की कई सीटों पर कांग्रेस को प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं, प्रत्याशी मिल भी रहे हैं, तो पेंच फंस रहा है। ऐसी ही स्थिति कांग्रेस के सामने रोहतक लोकसभा क्षेत्र में खड़ी हो गई है। जहां कांग्रेस को प्रत्याशी तो नजर आ रहा है, लेकिन उसे घोषित करने के लिए पार्टी को काफी सोच विचार करना पड़ रहा है।

दरअसल, रोहतक लोकसभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके है, ऐसे में इस सीट से राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा का नाम सबसे आगे चल रहा है। दीपेंद्र 2019 का चुनाव भी इसी सीट से लड़ चुके हैं, लेकिन तब उन्‍हें अरविंद शर्मा ने 7 हजार मतों के अंतर से हराया था। वहीं अब एक बार फिर दीपेंद्र हुड्डा का नाम इसी सीट से लोकसभा चुनाव के लिए चल पड़ा है।

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राज्‍यसभा सीट पर खतरा

हालांकि दीपेंद्र हुड्डा को प्रत्याशी बनाया जाए या नहीं, इस सवाल ने कांग्रेस को चिंता में डाल दिया है। कांग्रेस दीपेंद्र हुड्डा को प्रत्याशी बनाती है और वे जीत जाते हैं, तो इसका इसका असर राज्यसभा में पड़ेगा और वहां कांग्रेस का सदस्य कम हो जाएगा और यहां भाजपा को संख्या बल में फायदा होगा। दीपेंद्र चूंकि वर्तमान में राज्यसभा सदस्य है, ऐसे में लोकसभा चुनाव जीतते ही उनकी राज्यसभा की सदस्‍यता खत्‍म हो जाएगी और विधायकों की संख्या के लिहाज से यह सीट भाजपा के खाते में चली जाएगी। ऐसे में कांग्रेस लोकसभा सीट पाकर राज्यसभा सीट से हाथ धो बैठेगी।

अरविंद शर्मा बड़ी चुनौती

बताया जाता है कि दीपेंद्र हुड्डा खुद भी लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, ताकि वे प्रदेश की राजधानी हुड्डा परिवार की तरफ मोड़ सके। इसके अलावा भाजपा भी रोहतक सीट को लेकर गंभीर है, यहां मौजूदा भाजपा सांसद डा. अरविंद शर्मा करनाल, सोनीपत और रोहतक से सांसद ले चुके हैं। ऐसे में दीपेंद्र हुड्डा के सामने अरविंद शर्मा बड़ी चुनौती है।

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

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