Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के तहखाने में पूजा रुकवाने की याचिका पर मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पार्डीवाला और मनोज मिश्रा की खंडपीठ वाराणसी में कथित ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख कर रही अंजुमन मसाजिद इंतजामिया कमेटी की याचिका पर सुनवाई करेगी।
By Arvind Dubey
Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 07:38 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 07:38 AM (IST)

HighLights
- जिला अदालत के बाद हाई कोर्ट ने भी दी थी पूजा की अनुमति
- अब मसाजिद इंतजामिया कमेटी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
- हिंदू पक्ष की आपत्तियों का जवाब भी देगा मुस्लिम पक्ष
एजेंसी, नई दिल्ली। वाराणसी स्थित ज्ञानवापी तहखाने में हिंदू पक्ष की पूजा के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने याचिका दायर की है। इस पर सोमवार को सुनवाई होना है। अंजुमन मसाजिद इंतजामिया कमेटी ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है।
व्यास जी के तहखाने में हिंदू कर रहे पूजा
बता दें, पहले वाराणसी जिला अदालत और फिर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विवादित ढांचे के दक्षिणी छोर पर स्थित व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी है।
26 फरवरी को हाई कोर्ट ने पूजा की अनुमति दी थी। इसके बाद रातों-रात पूजा की व्यवस्था की गई और तब से पूजा जारी है।
मुलायम सिंह यादव ने बंद करवाई थी पूजा
काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर से नामित हिंदू पुजारी और याचिकाकर्ता शैलेंद्र कुमार पाठक का कहना है कि उनके परनाना सोमनाथ व्यास दिसंबर, 1993 तक इस तहखाने में पूजा-अर्चना करते थे। छह दिसंबर, 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने तहखाने में पूजा बंद करवा दी थी।
सुनवाई अदालत के समक्ष मुस्लिम पक्ष का दावा था कि तहखाने में कभी कोई मूर्ति थी ही नहीं। इसलिए 1993 तक वहां पूजा होने का सवाल ही नहीं उठता है।


