Gwalior Information: सिलेंडर फटने से झुलसे अवधेश ने भी दम तोड़ा
Gwalior Information: सिलेंडर फटने से झुलसे अवधेश प्रजापति ने रविवार को दम तोड़ दिया। उसकी पत्नी गुड्डी देवी उर्फ रामबेटी की बीती रात ही सांसें थम गई थी। पत्नी की मौत की खबर के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
By anil tomar
Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 08:45 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 08:45 AM (IST)

HighLights
- पत्नी की रात में थम गई थी सांसें, बच्चे जिंदगी-मौत से लड़ रहे
- दपंती की मौत के बाद प्रशासन ने एंबुलेंस से शव गांव भिजवाए
Gwalior Information: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिलेंडर फटने से झुलसे अवधेश प्रजापति ने रविवार को दम तोड़ दिया। उसकी पत्नी गुड्डी देवी उर्फ रामबेटी की बीती रात ही सांसें थम गई थी। पत्नी की मौत की खबर के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। रात को अवधेश को सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी और आखिर वह जिंदगी की जंग हार गया। दंपती की मौत हो चुकी है और तीनों बच्चे जिंदगी-मौत से लड़ रहे हैं। इनकी भी हालत गंभीर बनी हुई है। अग्निकांड की दिल दहला देने वाली घटना से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्वालियर में जहां वह रहते थे, वहां आसपास के लोग भी गमगीन थे। दपंती की मौत के बाद प्रशासन ने एंबुलेंस से शव गांव भिजवाए और 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अंतिम संस्कार के लिए मुहैया करवाई गई।
सिंधिया नगर में रहने वाले अवधेश प्रजापति के घर में सिलेंडर लीक होने के बाद आग लगी और परिवार बचने के लिए घर से बाहर भाग पाता, इससे पहले ही सिलेंडर फट गया। पूरा परिवार गंभीर रूप से झुलस गया था। अवधेश की पत्नी गुड्डी देवी उर्फ रामबेटी की रात को मौत हो गई थी। उनका 90 प्रतिशत से अधिक शरीर जल चुका था। वहीं अवधेश का शरीर भी 65 से 70 प्रतिशत जल चुका था। पत्नी की मौत होने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। आक्सीजन सपोर्ट पर भी रखा गया, लेकिन शरीर में संक्रमण फैल चुका था, जिससे अवधेश की रविवार को मौत हो गई। अवधेश के तीनों बच्चे रोशनी, कुसुमा और यश की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इनका इलाज जारी है।
यह लोग मूल रूप से भिंड के मडेयन गांव के रहने वाले थे। यहां रहकर अवधेश टिक्की का ठेला लगाता था। इनकी मौत के बाद दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया। सीएसपी हिना खान, एसडीएम विनोद सिंह भी यहां पहुंचे। शवों को भिजवाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। दोनों के शव गांव भिजवाए गए। अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता भी दी। तीनों बच्चों के इलाज के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार डाक्टरों के संपर्क में हैं।


