Bhopal Information: मंत्री पुत्र की गुंडागर्दी से डरे रेस्टोरेंट संचालक दंपती, बोले- पीछे ही उनका घर, अब कारोबार चलाना मुश्किल
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे की गुंडागर्दी से भाजपा हाईकमान नाराज है।
By Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 07:46 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 10:16 PM (IST)

HighLights
- थाने पहुंचे तो मंत्री का बेटा भी पहुंच गया और धमकाने लगा।
- दंपती ने कहा कि किसी तरह हमें मेडिकल के लिए भेजा गया।
- मंत्री का बेटा पुलिसवालों के साथ भी झूमाझटकी करने लगा था।
Bhopal Information: नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। रंगपंचमी (शनिवार) की रात करीब सवा आठ बजे शाहपुरा थाना इलाके में त्रिलंगा स्थित अम्मा-बाबूजी रेस्टोरेंट में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे अभिज्ञान और उसके साथियों द्वारा मचाए उत्पात से रेस्टोरेंट संचालक डेनिस मार्टिन (33) और उनकी पत्नी अलीशा सक्सेना (31) डरे हुए हैं। सोमवार को नवदुनिया से बात करते अनीशा फूट-फूटकर रोने लगीं। उनका कहना है कि अब कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा। रेस्टोरेंट के पीछे ही मंत्री का घर है। उस रात सिर्फ मारपीट करने से रोकने पर ही उन्होंने मेरे पति का सिर फोड़ दिया।
मंत्री के बेटे को पावर का इतना नशा था कि वह जानवर बन गया था। हम रेस्टोरेंट में काम कर रहे थे, तभी देखा एक युवक को दो-तीन लोग बुरी तरह पीट रहे हैं। मुझसे रहा नहीं गया तो दुकान के अंदर से ही उन्हें मारपीट न करने को कहा तो उधर से कहा गया कि तुम्हें भी उठाकर फेंक दूंगा… जानती नहीं हो, मैं मंत्री का बेटा हूं।
डेनिस मार्टिन उर्फ सोनू ने बताया कि जब हम थाने पहुंचे तो मंत्री का बेटा भी पहुंच गया और हमें धमकाने लगा, पुलिसवालों के साथ भी झूमाझटकी करने लगा। थोड़ी देर में सैकड़ों लोग जमा हो गए। पुलिस ने बचाने के लिए मुझे मेरी पत्नी के साथ कार में और हमारे कुक को टेबल के नीचे छिपा दिया। किसी तरह हमें मेडिकल के लिए भेजा गया।
अलीशा ने बताया कि पुलिस ने पति के सिर में गंभीर चोट लगने के बाद भी हत्या के प्रयास की एफआइआर दर्ज नहीं की। आरोपितों ने मेरे साथ अभद्रता, छेड़खानी, मारपीट की, लेकिन एफआइआर मामूली धाराओं में दर्ज की गई। उधर, मीडियाकर्मी विवेक सिंह (जिनसे मंत्री के बेटे का विवाद हुआ था) ने बताया कि पुलिस उनकी एफआइआर करना नहीं चाह रही है।

मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी नहीं, पुलिस दे रही है नोटिस
अब तक मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी नहीं होने के बारे में भोपाल पुलिस उपायुक्त प्रियंका शुक्ला का कहना था कि जिन धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है, उनमें गिरफ्तारी का नोटिस दिया जा रहा है। जब यह पूछा गया कि दंपती की शिकायत पर हत्या के प्रयास और छेड़खानी की धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं तो उनका कहना था कि एफआइआर कराते समय उन्होंने छेड़खानी जैसी बात नहीं बताई थी, हत्या के प्रयास की धाराओं के लिए फिर चिकित्सक की सलाह मांगी गई है।
मीडियाकर्मी की शिकायत पर अलग से एफआइआर दर्ज नहीं करने के बारे में उन्होंने कहा कि घटना की शुरुआत जहां से हो रही है, उस पर दंपती की एफआइआर में उनकी शिकायत शामिल कर ली गई है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में लापरवाही के आरोप में शाहपुरा थाने के एसआइ जयसिंह, एएसआइ कन्हैयालाल, आरक्षक आशीष त्यागी एवं नरेश गुर्जर को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ जांच भी चल रही है।
जांच तक जारी रहेगा निलंबन
इस मामले में पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त प्रियंका शुक्ला ने शाहपुरा थाने के एसआइ जयकुमार सिंह, एएसआइ कन्हैयालाल, आरक्षक आशीष त्यागी एवं नरेश गुर्जर को निलंबित कर दिया है। चारो पुलिसकर्मियों की थाने से रवानगी भी दे दी गई है। जब तक मामले की जांच जारी रहेगी, इनका निलंबन भी जारी रहेगा। इस मामले में पक्ष जानने के लिए लगातार तीसरे दिन मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
मंत्री पुत्र की गुंडागर्दी से भाजपा हाईकमान नाराज, मामले की जानकारी तलब
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे की गुंडागर्दी से भाजपा हाईकमान नाराज है। सोमवार को दिल्ली में घोषणा पत्र समिति की बैठक में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी पार्टी हाईकमान ने पूरे मामले की जानकारी ली है। हाईकमान ने मामले में प्रदेश संगठन से रिपोर्ट मांगी है। मंत्री पटेल ने शाहपुरा थाना पहुंचकर पुलिस कर्मियों से अभद्रता कर वर्दी तक उतरवाने की धमकी दी थी। वहीं, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने मंत्री को जमकर फटकार लगाई है।
गुंडागर्दी का अधिकार किसी के पास नहीं : शर्मा
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि गुंडागर्दी का अधिकार किसी के पास नहीं है। कानून अपना काम कर रहा है। जिसने गलत किया, उस पर कार्रवाई होगी। प्रदेश अध्यक्ष ने मंत्री पटेल से यह भी कहा है कि पहली बार विधायक और फिर मंत्री बने हो, ऐसी हरकतों से संगठन को कड़े निर्णय लेने पड़ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डा. यादव ने मंत्री के मामले की पूरी जानकारी पार्टी के केंद्रीय संगठन को दी और संगठन स्तर पर निर्णय लेने की बात कही है। बताया जा रहा है कि घटना के समय मंत्री थाने में थे तो मुख्यमंत्री निवास से एक फोन आया और वे वहां से रवाना हो गए थे।


