Barwani Information: 20 फीट ऊंची बल्ली पर चढ़कर युवाओं की टोली ने उतारी गुड़ की पोटली, 100 साल पुरानी अनोखी परंपरा का किया निर्वाह

आयोजन में गोट (सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया। इसमें प्रत्येक घर से अनाज एकत्रित कर भोजन बनाया गया और उसका वितरण किया गया

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Mon, 01 Apr 2024 08:43 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 01 Apr 2024 09:17 AM (IST)

Barwani News: 20 फीट ऊंची बल्ली पर चढ़कर युवाओं की टोली ने उतारी गुड़ की पोटली, 100 साल पुरानी अनोखी परंपरा का किया निर्वाह
20 फीट ऊंची बल्ली पर चढ़कर गुड़ तोड़ने का प्रयास करता हुआ युवक और आसपास लगी महिलाओं की भीड़।

HighLights

  1. बड़वानी जिले के मंडवाड़ा के मुंडियापुरा में हुआ आयोजन
  2. इस परंपरा के तहत बीस फीट की एक मोटी बल्ली जमीन में गाढ़ दी जाती है
  3. सबसे ऊपरी छोर पर कपड़े में गुड़ बांध दिया जाता है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंडवाड़ा/बड़वानी । मंडवाड़ा के समीप स्थित ग्राम मुंड‍ियापुरा में बरसों पुरानी परंपरा का निर्वाह किया गया। पुरानी पीढ़ी की इस परंपरा को नई पीढ़ी के युवाओं ने जीवंत रखते हुए पूरा किया। रंगपंचमी के उपलक्ष्य में यहां पर गुड़ तोड़ने की परंपरा का निर्वाह करते हुए युवाओं की टोली ने करीब 20 फीट की बल्ली पर चढ़कर गुड़ तोड़ा।

वहीं ग्रामीणों ने गोट (सामूहिक भोज) का भी आयोजन किया। गांव के बुजुर्गों के मार्गदर्शन में चली आ रही बरसों पुरानी परंपरा को नई पीढ़ी के युवाओं व ग्रामीणों के द्वारा निर्वाह किया।

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गांव के बीच प्रमुख मार्ग पर ऊंचाई पर गुड़ रखा गया जिसे युवाओं ने तोड़ा। जनपद सदस्य राधेश्याम बर्डे ने बताया कि यह परंपरा बरसों पुरानी है। जिसका निर्वहन किया गया है।

बल्ली पर चढ़ते युवाओं पर बरसाते हैं पानी

मुंडियापुरा गांव के क्षत्रिय भिलाला समाज एकजुट होकर यह विशेष पर्व मनाते हैं। यहां पर आदिवासी समाज के करीब 450 घर है। युवाओं पर लकड़ी से वार और पानी की बौछार की गई।

ऐसे निभाते हैं परंपरा

इस परंपरा के तहत बीस फीट की एक मोटी बल्ली जमीन में गाढ़ दी जाती है और उसके सबसे ऊपरी छोर पर कपड़े में गुड़ बांध दिया जाता है। इस पोटली को लेने युवा बल्ली पर सात बार चढ़ते हैं तो उनके ऊपर पानी सोंटा और गुलाल बरसाया जाता है। साथ ही महिलाएं हरी लड़कियों से वार करती है और पानी की बौछार भी की जाती है। इस पोटली को कुल सात बार उतारा जाता है और इस पोटली में बंधे गुड़ की प्रसादी वितरित की जाती है। गुड़ तोड़ने की होड़ लग जाती है। फिसलन के बीच युवाओं ने गुड़ तोड़ा।

प्रत्येक घर से अनाज लेकर की गोट

आयोजन में गोट (सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया। इसमें प्रत्येक घर से अनाज एकत्रित कर भोजन बनाया गया और उसका वितरण किया गया। साथ ही दोपहर बाद पुराने छात्रवास में मटकी भी फोड़ी गई। इस दौरान आयोजन में ग्रामीण सहित महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रही।

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    प्रिंट मीडिया में कार्य का 33 वर्ष का अनुभव। डिजिटल मीडिया में पिछले 9 वर्ष से कार्यरत। पूर्व में नवभारत इंदौर और दैनिक जागरण इंदौर में खेल संपादक और नईदुनिया इंदौर में संपादकीय विभाग में अहम जिम्‍मेदारियों का