Lok Sabha Elections: उद्धव ठाकरे ने नितिन गडकरी को दिया ऑफर, क्या MVA हो जाएंगे शामिल

पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को महाविकास अघाड़ी में शामिल होने का ऑफर दिया है। इस ऑफर के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक सियासी तूफान मचा हुआ है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 04:52 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 08 Mar 2024 04:52 PM (IST)

Lok Sabha Elections: उद्धव ठाकरे ने नितिन गडकरी को दिया ऑफर, क्या MVA हो जाएंगे शामिल
उद्धव ठाकरे का नितिन गडकरी को ऑफर।

एजेंसी, मुंबई। पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को महाविकास अघाड़ी में शामिल होने का ऑफर दिया है। इस ऑफर के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक सियासी तूफान मचा हुआ है। सुप्रिया सुले ने भी नितिन गडकरी को बड़ा नेता बताया है।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

Rupali Ganguly starrer ‘Anupama’ continues to be at primary, know that are the highest 5 reveals | TV TRP रिपोर्ट: रुपाली गांगुली स्टारर ‘अनुपमा’ लगातार पहले नंबर पर, जानिए कौन से हैं टॉप 5 शोज

30 मिनट पहलेलेखक: किरण जैन

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इस हफ्ते की BARC TRP रिपोर्ट आ गई है। रूपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ टीआरपी चार्ट में टॉप पर है। शो में अनुज और अनुपमा की स्टोरी लाइन ने ऑडियंस का ध्यान खींचा है। वहीं, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ ने भी टॉप 5 में अपनी जगह बरकरार रखी है।

चलिए, इस हफ्ते, कौन-सा शो टॉप पर रहा और कौन-सा पीछे, डालते हैं एक नजर:

1. अनुपमा

पिछली बार की तरह इस बार भी सीरियल ‘अनुपमा’ को 2.6 मिलियन व्यूअरशिप इंप्रेशंस मिले हैं। अनुपमा और अनुज का सेपरेशन ट्रैक ऑडियंस पसंद आ रहा हैं ये शो पिछले काफी हफ्तों से टॉप पोजीशन पर है।

2. गुम है किसी के प्यार में

शक्ति अरोड़ा और भाविका शर्मा स्टारर ‘गुम है किसी के प्यार में’ दूसरे पोजीशन पर है। इस हफ्ते शो को 2.4 मिलियन व्यूअरशिप इंप्रेशंस मिले हैं।

3. झनक / ये रिश्ता क्या कहलाता है

हिबा नवाब और क्रुशाल आहूजा स्टारर ‘झनक’ को ऑडियंस की तरफ से खूब प्यार मिल रहा है। वहीं, समृद्धि शुक्ला और शहजादा धामी स्टारर ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में ऑडियंस को लीड एक्टर्स के बीच की केमिस्ट्री पसंद आ रही है। इन दोनों शोज को 2.3 मिलियन व्यूअरशिप इंप्रेशंस मिले हैं।

4. तेरी मेरी डोरियां

हिमांशी पाराशर और विजयेंद्र कुमेरिया स्टारर ‘तेरी मेरी डोरियां’ चौथे स्थान पर है। शो को मिलियन व्यूअरशिप इंप्रेशंस मिले हैं।

5. पंड्या स्टोर / तारक मेहता का उल्टा चश्मा

प्रियांशी यादव स्टारर ‘पंड्या स्टोर’ की कहानी भी काफी चर्चा में है। यह शो काफी समय से टॉप 5 में शामिल है। वहीं, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ पिछले हफ्ते से फिर से टॉप 5 में आ गया। ऑडियंस को एक बार फिर से कॉमेडी शो पसंद आने लगा है। इन दोनों शोज को 1.8 मिलियन व्यूअरशिप इंप्रेशंस मिले हैं।

BARC कैसे चेक करती हैं TRP?

ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) कई हजार फ्रीक्वेंसी का डाटा लेकर पूरे टीवी चैनल्स की TRP का अनुमान लगाती है। यह एजेंसी TRP को मापने के लिए एक स्पेशल गैजेट इस्तेमाल करती है। TRP को मापने के लिए कुछ जगहों पर बैरो मीटर लगाए जाते हैं। ये बैरो मीटर कुछ विशेष फ्रीक्वेंसी के द्वारा ये पता लगाते हैं कि कौन-सा प्रोग्राम या चैनल कितनी बार और सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।

इस मीटर के द्वारा एक-एक मिनट TV की जानकारी को मॉनिटरिंग एजेंसी तक पहुंचा दिया जाता है।ये टीम बैरो मीटर से मिली जानकारी का विश्लेषण कर तय करती है कि किस चैनल या प्रोग्राम की TRP कितनी है।

टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (TRP) के हिसाब से सबसे ज्यादा पॉपुलर चैनल्स की लिस्ट बनाई जाती है और फिर वीकली या महीने के हिसाब से टॉप 10 टीआरपी टीवी सीरियल, टीवी न्यूज चैनल का डेटा सार्वजनिक किया जाता है।

कितनी जरूरी है TRP?

विज्ञापनदाताओं के लिए TRP बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इससे विज्ञापनदाताओं को बड़ी आसानी से यह पता लग जाता है कि किस चैनल पर विज्ञापन देने से उनके प्रोडक्ट्स या सर्विसेस को ज्यादा से ज्यादा फायदा होगा। हर विज्ञापनदाता सबसे ज्यादा TRP वाले चैनल पर विज्ञापन देना पसंद करता है।

केदारनाथ में स्थापित ‘ॐ’ चिह्न PM मोदी का आइडिया, 60 क्विंटल है पूरा वजन, समझें इंस्टालेशन तक का काम

आज महाशिवरात्रि के पर्व पर देश में सनातन धर्म को पूजने वाले महादेव की भक्ति में लीन हैं। भगवान शिव की पूजा के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ है। केदारनाथ में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 04:09 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 08 Mar 2024 04:09 PM (IST)

केदारनाथ में स्थापित 'ॐ' चिह्न PM मोदी का आइडिया, 60 क्विंटल है पूरा वजन, समझें इंस्टालेशन तक का काम
केदारनाथ में स्थापित ‘ॐ’ चिह्न

डिजिटल डेस्क, धमेंद्र ठाकुर। आज महाशिवरात्रि के पर्व पर देश में सनातन धर्म को पूजने वाले महादेव की भक्ति में लीन हैं। भगवान शिव की पूजा के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ है। केदारनाथ में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। चारों और बर्फीले पहाड़ों से घिरा केदारनाथ बेहद खूबसूरत लगता है, लेकिन मंदिर परिसर से 300 मीटर आगे 60 क्विंटल के ‘ॐ’ की आकृति की स्थापना की गई है। यह मंदिर की भव्यता को और बढ़ाती है।

पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि केदारनाथ सुंदर और सुरक्षित बने। यह उनके ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसी के तहत केदारनाथ मंदिर से 300 मीटर आगे पहले संगम के ऊपर गोल प्लाजा पर ‘ॐ’ की आकृति की स्थापना की गई है। यह भगवान शिव का प्रिय प्रतीक है। गुजराती जागरण की टीम ने इस प्रोजेक्ट को समझने के लिए क्यूरेटर सचिन कालुस्कर से बात की। उन्होंने इस बातचीत में आइडिया जेनरेशन और इंस्टालेशन के बारे में बताया।

अहमदाबाद की कंपनी को मिली जिम्मेदारी

सचिन कालूस्कर ने आकृति पर बातचीत कर कहा कि केदारनाथ में आपदा आई थी। उसके बाद केदारनाथ का पूरा मास्टर प्लान तैयार हो रहा था। यह विचार किया जा रहा था कि कैसे केदारनाथ को दोबारा भव्य और सुंदर बनाया जाए। इसके मास्टर प्लान की जिम्मेदारी अहमदाबाद की कंपनी आईएनआई डिजाइन स्टूडियो को दी गई। वे संपूर्ण केदारनाथ का मास्टर प्लान बना रहे हैं।

पीएम मोदी के विचार से लगा ‘ॐ’

उन्होंने कहा कि इसके भीतर डेवलपमेंट होने पर इसे ओम चौक (पहले डमरू चौक) कहा जा रहा था। यह संगम के बाद आता है। जब इसे डेवलप करने की बात आई तो वहां क्या रखा जाए और कैसा स्ट्रकचर खड़ा किया जाए, इसके लिए कई तरह के डिजाइन दिए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि ओम लगाना चाहिए, इसलिए पीएम के सुझाव के बाद ओम लगाने का विचार आया।

केदारनाथ में काम करना मुश्किल

उन्होंने हमें इसलिए चुना क्योंकि हमने पहले देहरादून हवाई अड्डे पर कलाकृति बनाई थी। तो उत्तराखंड में काम करने का अनुभव था। तो हमें मौका मिला। यह दिखने में आसान लगता है, लेकिन इसे बनाना इतना आसान नहीं था। इस जगह की भौगोलिक स्थिति के कारण केदारनाथ 6 महीने बंद रहता है और छह महीने यह स्थान बहुत अधिक बर्फ से ढका रहता है। इसलिए ऐसा स्ट्रकचर बनाने के लिए कहा गया, जो मौसम की मार झेल सके।

8 महीने का समय लगा

साल 2022 के जनवरी-फरवरी महीने में ओम को रखने का विचार आया था। हमने इसे अप्रैल 2023 में स्थापित किया। इसकी योजना बनाने में हमें 8 महीने लगे, क्योंकि, इसकी सामग्री की वीएनआईटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिलीप पेशवा ने अलग-अलग जगहों पर टेस्टिंग की।

जर्मनी के मटेरियल से बना ‘ॐ’

उन्होंने बताया कि ओम को बनाने में डेढ़ से दो महीने का समय लगा। सबसे महत्वपूर्ण बात थी योजना बनाना कि किस मटेरियल का उपयोग करना है। सामग्री डिस्पेंस होगा या नहीं। अगर पीतल बनाना है तो पीतल का कंपोजीशन कितना होना चाहिए। वहां बर्फ होता है तो कितना ऑक्सीकरण होगा, कितना स्लो होगा, इन सबका हमने अध्ययन किया, हमने उस हिसाब से मटेरियल का चयन किया। यह पीतल का बना है, परंतु इसकी संरचना पीतल की है। यह बहुत जरूरी है। इसमें निकेल, जिंक और तांबा कितना होना चाहिए? जब इसे अंतिम रूप दिया गया, तो हमने इसे जर्मनी से आयात किया। फिर यह ओम बना।

200 लोगों की मदद से पार्ट्स पहुंचे केदारनाथ

यह ओम कुल 6000 किलोग्राम से बना है। ओम के अंदर स्टेनलेस स्टील की प्लेटिंग है यानी स्टेनलेस स्टील स्ट्रकचर और उपर पर पूर्ण पीतल प्लेटिंग है। इसे हमने कुल 17 भागों में बनाया है। हमारा स्टूडियो वडोदरा में है। वहां से सोनप्रयाग पहुंचाया गया। वहां से केदारनाथ तक कोई मोटर योग्य सड़क नहीं है। सोनप्रयाग से पैदल चलना पड़ता है। हम 200 लोगों की मदद से केदारनाथ पहुंचे। ये लोग सारे पार्ट्स सिर पर लेकर पहुंचे। अलग-अलग हिस्सों का वजन 150 किलोग्राम से लेकर 400 किलोग्राम तक था।

22-24 लोगों ने काम कर बनाया ओम

उन्होंने कहा कि इन पार्ट्स को वहां तक पहुंचाना बहुत कठिन था, क्योंकि बारिश हो रही थी, बर्फबारी भी जारी थी। उस समय केदारनाथ यात्रा शुरू नहीं हुई थी। चारों तरफ बर्फ थी। उस वक्त हम सभी पार्ट्स लेकर पहुंचे थे। जब मंदिर के कपाट खुले तो हमने स्थापना की। तीन कलाकारों ने डिजाइन किया। करीब 10-12 जितने वर्क्स ने काम किया। अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग समय पर काम किया था।

कुछ लोगों ने बफिंग का काम किया, जबकि 3 लोगों ने पॉलिशिंग का काम किया। इसे बनाने वाले तीन मुख्य कलाकार थे। इनमें काम करने वाले, वेल्डर (3 लोग मुंबई से आए) थे। कुल 22-24 लोगों ने काम किया। वहां तक ले जाने में 200 लोगों थे।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

Ayushmann Khurrana sang Shiv Kailash Bhajan on Mahashivratri | महाशिवरात्रि पर आयुष्मान खुराना ने शिव कैलाश भजन गाया: पिता की इच्छा पूरी की, सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया

34 मिनट पहले

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आज महाशिवरात्रि के मौके पर आयुष्मान खुराना ने अपने सोशल मीडिया पर शिव कैलाश भजन गाया। उन्होंने कैप्शन लिखा- महाशिवरात्रि हमेशा हमारे घर में बहुत खास तरह से मनाई जाती थी। पापा, मम्मी, अपारशक्ति खुराना और मैं बचपन में हर साल सेक्टर-6 पंचकुला मंदिर जाते थे।

पिछले साल जब मेरे पिता को बीमारी का पता चला था, तब भी उनके अंदर अकेले मंदिर जाने का साहस था। वे भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे। उनके बिना ये हमारी पहली शिवरात्रि है। अपने अंतिम दिनों के दौरान, उन्होंने मुझसे ये भजन गाने के लिए कहा था। जब भी पापा ये भजन सुनते थे तब कहते थे कि बेटा आपकी आवाज में ये बहुत अच्छा लगता है।

फैंस को ये वीडियो बहुत पसंद आया
आयुष्मान का ये भजन लोगों को भी काफी पसंद आया। जहां एक यूजर ने लिखा- आपके पिता को आप पर बहुत गर्व होगा। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा- आपकी आवाज में ये भजन बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे उम्मीद है आपके पिता जहां कहीं भी होंगे, आपको आशीर्वाद दे रहे होंगे।

शादी के वक्त आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे आयुष्मान खुराना
फिल्म ‘विक्की डोनर’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले एक्टर आयुष्मान खुराना का जन्म 14 सितंबर, 1984 को पंजाब के चंडीगढ़ में हुआ। स्कूलिंग के बाद उन्होंने इंग्लिश लिटरेचर से ग्रैजुएशन और मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स डिग्री ली है। ग्लैमर इंडस्ट्री में आने से पहले वो स्थानीय थिएटर में 5 साल तक काम कर चुके थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात पत्नी ताहिरा से हुई थी। आयुष्मान के अनुसार, ताहिरा उनकी लाइफ की पहली और आखिरी लड़की हैं। एक इंटरव्यू के दौरान आयुष्मान ने यह कबूला था कि जब उनकी शादी ताहिरा से हुई, तब वे आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। उस वक्त उनके अकाउंट में केवल दस हजार रुपए थे।

‘विक्की डोनर’ से किया बॉलीवुड डेब्यू
2012 में फिल्म ‘विक्की डोनर’ से आयुष्मान ने फिल्मों में एंट्री ली। स्पर्म डोनेशन पर बेस्ड इस फिल्म को काफी पसंद किया गया और साथ ही आयुष्मान की एक्टिंग भी। फिल्म में उन्होंने एक गाना (पानी दा रंग) भी गाया था।

इस फिल्म के लिए उन्होंने फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल डेब्यू और गाने के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर जीता था। हालांकि, ‘विक्की डोनर’ के बाद आयुष्मान की फिल्में ‘नौटंकी साला’, ‘बेवकूफियां’, ‘हवाईजादा’ बॉक्सऑफिस पर असफल साबित हुई। लेकिन फिल्म ‘दम लगा के हईशा’, ‘बरेली की बर्फी’, ‘बधाई हो’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘बाला’, ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’, ‘ड्रीम गर्ल 2’ में शानदार एक्टिंग दिखाकर आयुष्मान ने ऑडियंस और क्रिटिक्स की वाहवाही लूटी।

आयुष्मान खुराना के आने वाले प्रोजेक्ट्स
आयुष्मान खुराना जल्द ही ‘बधाई हो 2’ में दिखाई देंगे। अमित शर्मा की डायरेक्शन में बनने वाली ये फिल्म इस साल के आखिर में रिलीज की जाएगी।

VIDEO: राजस्थान के कोटा में शिव बारात के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आए 14 बच्चे

बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस तथा प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।

By Arvind Dubey

Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 01:37 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 08 Mar 2024 01:44 PM (IST)

VIDEO: राजस्थान के कोटा में शिव बारात के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आए 14 बच्चे

एजेंसी, कोटा। राजस्थान के कोटा में महाशिवरात्रि के दिन बड़ा हादसा हो गया। यहां शिव बारात के दौरान करंट लगने से 14 बच्चे झुलस गए। बच्चों को सरकार अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

जानकारी के मुताबिक, महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव बारात का आयोजन किया गया था। बारात कोटा के प्रसिद्ध कुन्ही थर्मल चौराहे से शुरू होना थी। जैसे ही जुलूस शुरू हुआ, ऊपर से गुजर रहे तार से सम्पर्क में आने से करंट फैल गया।

बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस तथा प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

India GDP Development: अर्थव्यवस्था के लिए खुशखबरी, तीसरी तिमाही में 8.4 फीसदी रही जीडीपी ग्रोथ

India GDP Development: भारत की आर्थिक वृद्धि 2023-24 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 8.4 प्रतिशत हो गई। जिसका मुख्य कारण विनिर्माण, खनन और निर्माण क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Thu, 29 Feb 2024 06:35 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 29 Feb 2024 06:35 PM (IST)

India GDP Development: तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.4 फीसदी रही।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। India GDP Development: केंद्र सरकार ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में जीडीपी के आंकड़े जारी कर दिए। जो इस बात का सबूत है कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। दरअसल, तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.4 फीसदी की दर से हुई। ये आंकड़े पूर्वानुमान से ज्यादा है। मैन्युफैक्चरिंग और सरकारी खर्च में बढ़ोतरी के बाद जीडीपी की रफ्तार में गति आई है।

अनुमान से बेहतर जीडीपी के आंकड़े

भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। इसकी तारीफ विश्व बैंक और आईएमएफ ने भी की है। अब तीसरी तिमाही के आंकड़े सामने आए हैं, वो इकोनॉमी की तेज रफ्तार को दशा रहे है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद तेजी से बढ़ी है। यह दर 2022 की दूसरी तिमाही के बाद मजबूत बढ़ोतरी है, जो 6.6% के पूर्वानुमान से ज्यादा है।

India’s GDP progress is 8.4 p.c in Q3 of 2023-24, says the federal government. https://t.co/fPRyUi566B

— ANI (@ANI) February 29, 2024

एनएसओ का पूर्वानुमान

भारत की इकोनॉमी की रफ्तार को देखते हुए एनएसओ ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ग्रोथ रेट 7.6% रहने का अनुमान लगाया है। इससे पहले जनवरी 2024 में जीडीपी ग्रोथ रेथ 7.3 फीसदी का अनुमान लगाया था। एनएसओ ने 2022-23 जीडीपी वृद्धि को संशोधित कर 7 प्रतिशत कर दिया, जबकि पहले का अनुमान 7.2 प्रतिशत था।

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    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह

IND vs ENG fifth Check: धर्मशाला में चली भारतीय बल्लेबाजों की आंधी, इंग्लैंड के गेंदबाज हुए बेबस, बने कई रिकॉर्ड्स

IND vs ENG fifth Check: रोहित शर्मा ने टेस्ट करियर का 12वां शतक जड़ा। शुभमन गिल का चौथा शतक रहा। इंटरनेशनल करियर में रोहित का यह 48वां शतक है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 03:39 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 08 Mar 2024 03:39 PM (IST)

IND vs ENG 5th Test: धर्मशाला में चली भारतीय बल्लेबाजों की आंधी, इंग्लैंड के गेंदबाज हुए बेबस, बने कई रिकॉर्ड्स
IND vs ENG fifth Check

खेल डेस्क, इंदौर। IND vs ENG fifth Check: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला धर्मशाला में खेला जा रहा है। इस मुकाबले के दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों के आगे इंग्लैंड के बल्लेबाज बेबस नजर आए। कप्तान रोहित शर्मा (103) और शुभमन गिल (110) ने शतक लगाए। टीम के लिए यशस्वी जायसवाल (57), देवदत्त पडिक्कल (65) और सरफराज खान (56) ने अर्धशतकीय पारी खेली।

रोहित शर्मा ने क्रिस गेल को पछाड़ा

रोहित शर्मा ने टेस्ट करियर का 12वां शतक जड़ा। शुभमन गिल का चौथा शतक रहा। इंटरनेशनल करियर में रोहित का यह 48वां शतक है। इनमें से 43 शतक उन्होंने बतौर ओपनर जड़े हैं। रोहित शर्मा बतौर ओपनर इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने के मामले में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के क्रिस गेल को पीछे कर दिया। जिन्होंने बतौर ओपनर 42 शतक लगाए हैं।

रोहित ने सुनील गावस्कर की बराबरी की

रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट शतक लगाने वाले भारतीय ओपनर्स की सूची में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर आ गए हैं। उन्होंने पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर की बराबरी की। सुनील ने बतौर ओपनर इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट शतक ठोके थे। वहीं, रोहित शर्मा के नाम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने WTC में 9 शतक जड़े हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ सर्वाधिक टेस्ट शतक (भारतीय ओपनर)

सुनील गावस्कर- 4

रोहित शर्मा- 4

विजय मर्चेंट- 3

मुरली विजय- 3

केएल राहुल- 3

इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक शतक (ओपनर)

डेविड वॉर्नर- 49

सचिन तेंदुलकर- 45

रोहित शर्मा- 43

क्रिस गेल-42

सनथ जयसूर्या- 41

मैथ्यू हेडन- 40

धर्मशाला टेस्ट के लिए भारत और इंग्लैंड की प्लेइंग 11

भारत

यशस्वी जयसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जड़ेजा, सरफराज खान, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह।

इंग्लैंड

जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, बेन स्टोक्स (कप्तान), जॉनी बेयरस्टो, बेन फॉक्स (विकेटकीपर), टॉम हार्टले, शोएब बशीर, मार्क वुड, जेम्स एंडरसन

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    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह

R Madhavan’s performing overshadowed Ajay, the movie was made on a brand new idea, positively watch it as soon as. | मूवी रिव्यू- शैतान: अजय पर भारी पड़ी आर माधवन की एक्टिंग, काले जादू की थीम का स्क्रीनप्ले कमजोर

3 घंटे पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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अजय देवगन और आर माधवन जैसे मंझे हुए कलाकारों से सजी फिल्म शैतान के ट्रेलर के आते ही ये उम्मीद लगाई जा रही थी कि फिल्म में दम जरूर होगा। काले जादू, वशीकरण और अंधविश्वास की अलग ही डरावनी दुनिया में ले जाने वाले ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा बटोरी थी, लेकिन क्या ये फिल्म दर्शकों के उम्मीदों पर खरी उतर पाई कि नहीं ये इस रिव्यू में जानते हैं।

फिल्म की लेंथ 2 घंटे 12 मिनट है। फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है।

फिल्म की कहानी क्या है?
फिल्म शैतान में दिखाया गया है कि कबीर (अजय देवगन) अपने परिवार में पत्नी ज्योति (ज्योतिका), बेटी जानवी (जानकी बोडीवाला) और बेटे ध्रुव (अंगद राज) के साथ हंसी खुशी जिंदगी जी रहा होता है। लेकिन अचानक से उनकी जिंदगी में भूचाल आ जाता है। एक दिन वे छुट्टियां मनाने के लिए अपने फार्महाउस जाने की प्लानिंग करते हैं, रास्ते में एक ढाबे में उनकी मुलाकात वनराज (आर माधवन) से होती है। वनराज एक सरल और भरोसेमंद इंसान दिखता है और कबीर के परिवार का भरोसा जीतने में कामयाब हो जाता है।

यहीं से कबीर और उसके परिवार की मुश्किलें शुरू हो जाती हैं। वनराज जानवी को एक खास तरह का लड्डू खिलाकर अपने वश में कर लेता है। यही नहीं वो जबरदस्ती कबीर के फार्महाउस में भी घुस जाता है। अब वनराज काले जादू के दम पर जानवी से जानलेवा हरकतें कराने लगता है। क्या कबीर वनराज के मायावी चंगुल से अपनी बेटी को बचा पाता है या नहीं फिल्म की कहानी का क्लाइमैक्स इसी तरफ रुख करता है।

स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?
आर माधवन इस फिल्म के सबसे बड़े सरप्राइजिंग एलीमेंट हैं, उन्हें इस तरह के किरदार में देखना एक अलग ही अनुभव है। माधवन ने पूरी फिल्म अपने कन्धों पर उठाई है। अजय देवगन के फैन्स थोड़े निराश होंगे क्योंकि उन्हें माधवन के मुकाबले उतना दमदार रोल नहीं मिला है फिर भी उन्होंने अपने रोल के साथ न्याय किया है।

लंबे समय के बाद फिल्म में दिखाई देने वाली ज्योतिका का काम भी ठीक है। लेकिन माधवन के बाद जिसने सबसे ज्यादा असर डाला है वो अजय की बेटी का किरदार निभाने वाली जानकी बोडीवाला हैं। उनकी अदाकारी दर्शकों को हिला कर रख देगी।

डायरेक्शन कैसा है?

विकास बहल निर्देशित यह फिल्म 2023 में रिलीज हुई गुजराती साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ‘वश’ का रीमेक है जिसे काफी सराहा गया था। विकास बहल का डायरेक्शन अच्छा है, लेकिन स्क्रीनप्ले में कमियां है जिसकी वजह से ये फिल्म वो कमाल करने में असफल हुई जितनी इससे उम्मीद की जा रही थी।

हालांकि फिल्म में एक्टर्स को बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल करने में डायरेक्टर कामयाब रहे हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक सिहरन पैदा करता है, वहीं सुधाकर रेड्डी और एकांती की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के थ्रिल को बरकरार रखती है।

फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं?
फिल्म की शुरुआत बहुत रोमांचक है और माधवन के प्रदर्शन से दर्शकों को हैरानी होगी। हालांकि, सेकंड हाफ कमजोर है खासकर फिल्म का क्लाइमैक्स हल्का लग सकता है और कुछ सीन बचकाने लगते हैं। फिल्म में काले जादू और वशीकरण का इंटरेस्टिंग एंगल है और जो लोग हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं उनके लिए ये फिल्म वन टाइम वाच जरूर हो सकती है।

Sudha Murthy Profile: इंजीनियरिंग कॉलेज में अकेली लड़की थी सुधा मूर्ति, खुद की ऐसे बनाई पहचान

Sudha Murthy Profile सुधा मूर्ति कन्नड़, मराठी और अंग्रेजी भाषा में कई किताबें लिख चुकी है। उनकी कई किताबें युवाओं में काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 01:33 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 08 Mar 2024 01:59 PM (IST)

Sudha Murthy Profile: इंजीनियरिंग कॉलेज में अकेली लड़की थी सुधा मूर्ति, खुद की ऐसे बनाई पहचान
सुधा मूर्ति ने देवदासी कुप्रथा के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। तब उन पर कुछ लोगों ने चप्पल व टमाटर भी फेंके थे।

HighLights

  1. सुधा मूर्ति कन्नड़, मराठी और अंग्रेजी भाषा में कई किताबें लिख चुकी है।
  2. उनकी कई किताबें युवाओं में काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं।
  3. सुधा मूर्ति का जन्म 19 अगस्त 1950 को कर्नाटक में हावेरी के शिग्गांव में हुआ था।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। मशहूर समाज सेविका और महिलाओं के लिए उल्लेखनीय कार्य वाली सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है। सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जताई है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि मुझे खुशी है कि भारत के राष्ट्रपति ने उनका नामांकन किया है। सुधा मूर्ति जी सामाजिक कार्य, परोपकार और शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायक रहा है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति हमारी ‘नारी शक्ति’ का एक शक्तिशाली प्रमाण है, जो हमारे देश की नियति को आकार देने में महिलाओं की ताकत और क्षमता का उदाहरण है। उनके सफल संसदीय कार्यकाल की कामना करता हूं।

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सुधा मूर्ति का उपलब्धियों भरा जीवन

सुधा मूर्ति एक समाज सेविका होने के साथ-साथ एक और पहचान भी रखती है। वे विख्यात बिजनेसमैन और इन्फोसिस के चेयरमैन नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति होने के साथ-साथ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास भी हैं। Sudha Murthy ने महिलाओं के उत्थान के लिए लंबे समय से काम कर रही है।

कॉलेज में थी अकेली इंजीनियरिंग की छात्रा

Sudha Murthy अपने छात्र जीवन में कॉलेज की अकेली इंजीनियरिंग छात्र थी। तब कॉलेज के लड़के भी उन्हें एक अजूबे के रूप में देखते थे, क्योंकि उस दौरान इंजीनियरिंग को लड़कों का क्षेत्र माना जाता था। एक इंटरव्यू में सुधा मूर्ति ने बताया था कि कुछ लड़कों को यह सहन नहीं होता था कि वह लड़की होकर इंजीनियरिंग कैसे कर सकती है? बाद में जब कॉलेज में टॉपर बनी तो मुझे स्वीकार कर लिया गया।

देवदासी प्रथा के विरोध में उठाई आवाज

सुधा मूर्ति ने देवदासी कुप्रथा के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। तब उन पर कुछ लोगों ने चप्पल व टमाटर भी फेंके थे, लेकिन फिर भी वे लगातार संघर्ष करती रही। उनके प्रयासों से करीब 3000 देवदासियों को मुक्त कराया।

कई किताबें लिख चुकी हैं सुधा मूर्ति

सुधा मूर्ति कन्नड़, मराठी और अंग्रेजी भाषा में कई किताबें लिख चुकी है। उनकी कई किताबें युवाओं में काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं। सुधा मूर्ति का जन्म 19 अगस्त 1950 को कर्नाटक में हावेरी के शिग्गांव में हुआ था। वह देशस्थ माधवा ब्राह्मण परिवार से हैं। अपने उल्लेखनीय कार्यों के कारण अब तक कई पुरस्कारों व अवार्ड से सम्मानित की जा चुकी हैं।

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    कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्

LPG Charges March 2024: मार्च के पहले दिन महंगाई का झटका, 25.50 रुपये महंगा हुआ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर

LPG Charges March 2024: बढ़ी हुई कीमतें आज से ही लागू हो गई हैं। अब दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम 1795 रुपए हो गया है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Fri, 01 Mar 2024 07:45 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 01 Mar 2024 08:29 AM (IST)

लोकसभा चुनाव से पहले रसोई गैस दामों में कमी की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

HighLights

  1. एक बार फिर बढ़े कमर्शियल सिलेंडर के दाम
  2. लोकसभा चुनाव से पहले थी राहत की उम्मीद
  3. नहीं बढ़े घरेलू सिलेंडर के दाम

एजेंसी, नई दिल्ली। सरकारी तेल कंपनियां महीने की पहली तारीख को रसोई गैस के दामों की समीक्षा करती हैं। ताजा खबर यह है कि 1 मार्च हुए समीक्षा में महंगाई जा झटका लगा है। 19 किलो वाले कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम 25.50 रुपए बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

लोकसभा चुनाव से पहले उम्मीद की जा रही थी कि सरकार रसोई गैस के दामों में कटौती कर सकती है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ।

मार्च 2024 में कमर्शियल सिलेंडर के दाम

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बढ़ी हुई कीमतें आज से ही लागू हो गई हैं। अब दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम 1795 रुपए हो गया है, जबकि कोलकाता में 1911 रुपए, मुंबई में 1749 रुपए और चेन्नई में 1960 रुपए कीमत हो गई है।

इससे पहले फरवरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 14 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं जनवरी में भी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 1.50 रुपये का इजाफा किया गया था।

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की