Umaria Crime: महुआ फूल के लिए बहा दिया भाई का खून, कुल्हाड़ी मारकर कर दी हत्या

घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने सभी लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। कई दिनों से विवादबताया गया है कि महुआ के एक पेड़ को लेकर गोपाल सिंह और उसके हत्यारे भाई परसादी सिंह के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था।

By Paras Pandey

Publish Date: Fri, 29 Mar 2024 04:44 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 29 Mar 2024 04:44 PM (IST)

Umaria Crime: महुआ फूल के लिए बहा दिया भाई का खून, कुल्हाड़ी मारकर कर दी हत्या
भाई ने दूसरे भाई का खून बहा दिया।

HighLights

  1. छोटे भाई परसादी सिंह ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था।
  2. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो यह स्थिति नहीं होती।

उमरिया, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले के नौरोजाबाद में महुआ फूल के लिए एक भाई ने दूसरे भाई का खून बहा दिया। बेहरम छोटे भाई ने बड़े भाई की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है और कार्रवाई में जुट गई है। यह सनसनी खेज घटना जिले के नौरोजाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बघवार में हुई है। शुक्रवार की सुबह हुई इस घटना में मरने वाले भाई का नाम गोपाल सिंह बताया गया है।

naidunia_image

गोपाल सिंह पर उसके छोटे भाई परसादी सिंह ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। डॉक्टरों ने किया मृत घोषित बताया गया है कि सुबह हुई इस घटना के बाद मृतक गोपाल सिंह को अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल ले जाने तक वह सांस ले रहा था लेकिन जैसे ही उसे अस्पताल पहुंचाया गया और डॉक्टरों ने उसे देखा तो मृत घोषित कर दिया। गोपाल सिंह को मृत घोषित करने के बाद असपताल में ही उसका पीएम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।

naidunia_image

घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने सभी लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। कई दिनों से विवादबताया गया है कि महुआ के एक पेड़ को लेकर गोपाल सिंह और उसके हत्यारे भाई परसादी सिंह के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। पेड़ से गिरने वाले महुए के संग्रहण के लिए दोनों के बीच कई बार गाली-गलौच भी हो चुकी थी।

गोपाल सिंह के पुत्र विजय सिंह का कहना है कि इस विवाद को लेकर वे पुलिस के पास भी गए थे लेकिन पुलिस को यह विवाद बहुत साधारण नजर आ रहा था। यही कारण है कि नौरोजाबाद पुलिस ने इस मामले में कोई हस्ताक्षेप करना जरूरी नहीं समझा और फरियादी को वापस लौटा दिया। विजय सिंह का कहना है कि अगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो यह स्थिति नहीं होती।