Dumka Constituency 2024: सीता सोरेन के निशाने पर होगा शिबू का पूरा कुनबा, जेठानी को जवाब देगी देवरानी कल्पना सोरेन

Dumka Constituency 2024 सोरेन परिवार से जुड़ा होने के कारण झामुमो के नेता और कार्यकर्ता भी अब सीता सोरेन पर सीधा प्रहार करने से बच रहे हैं।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Thu, 28 Mar 2024 09:29 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 28 Mar 2024 10:04 AM (IST)

Dumka Constituency 2024: सीता सोरेन के निशाने पर होगा शिबू का पूरा कुनबा, जेठानी को जवाब देगी देवरानी कल्पना सोरेन
झारखंड में झामुमो और कांग्रेस का पूरा जोर अपने आदिवासी वोट बैंक को सुरक्षित करना है।

HighLights

  1. सीता सोरेन के मैदान में उतरने के बाद सोरेन परिवार का पारिवारिक कलह मैदान में आ गया है।
  2. झामुमो हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को दुमका सीट पर उतार सकती है।
  3. कल्पना सोरेन को गांडेय विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

प्रदीप सिंह, रांची। बिहार और झारखंड की सियासत में बीते 50 साल से शिबू सोरेन के परिवार की धमक कायम हैं, लेकिन अब शिबू सोरेन के परिवार में ही सियासी जंग शुरू हो गई है। शिबू परिवार की लड़ाई अब रूठने मनाने के दौर से बाहर निकलकर चुनावी मैदान तक पहुंच गई है। शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन परिवार के वर्चस्व वाली पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई है, वहीं भाजपा ने भी लगे हाथ सीता सोरेन को दुमका सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

दुमका सीट पर झामुमो का प्रभुत्व

दुमका सीट के सियासी इतिहास की बात की जाए तो तो 1980 के बाद एक या दो चुनावों में ही झामुमो का इस सीट पर कब्जा नहीं रहा। झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन खुद दुमका सीट से 8 बार सांसद रहे हैं। साल 2019 में भाजपा प्रत्याशी सुनील सोरेन ने शिबू सोरेन को करारी शिकस्त दी थी। भाजपा इस सीट से पहले सुनील सोरेन को प्रत्याशी घोषित कर चुकी थी, लेकिन अब बाद में सीता सोरेन को टिकट दे दिया।

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क्या सीता के सामने होगी देवरानी कल्पना ?

सीता सोरेन के मैदान में उतरने के बाद सोरेन परिवार का पारिवारिक कलह मैदान में आ गया है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद अब झामुमो हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को दुमका सीट पर उतार सकती है। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि कल्पना सोरेन को गांडेय विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है। ऐसे में दुमका सीट पर दोनों ही मोर्चों पर देवर-भाभी और देवरानी-जेठानी का मुकाबला हो सकता है।

आदिवासी वोट बैंक पर ध्यान

झारखंड में झामुमो और कांग्रेस का पूरा जोर अपने आदिवासी वोट बैंक को सुरक्षित करना है। साल 2019 के चुनाव में मोदी लहर के बावजूद गठबंधन ने 2 सीट राज महल और सिंहभूम पर जीत दर्ज की थी। वहीं दूसरी ओर खूंटी व लोहरदगा सीट में कम अंतर से हार हुई थी। इस बार आदिवासी वोट हासिल करने में सीता सोरेन भाजपा के लिए मददगार साबित हो सकती है।

झामुमो की रणनीति

सोरेन परिवार से जुड़ा होने के कारण झामुमो के नेता और कार्यकर्ता भी अब सीता सोरेन पर सीधा प्रहार करने से बच रहे हैं। झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने अपने बयान को सधे शब्दों के साथ रखा और उन्होंने कहा कि पति दुर्गा सोरेन के निधन के बाद परिवार व पार्टी में सीता सोरेन को पूरा सम्मान दिया गया।

खुद शिबू सोरेन उन्हें मनाने की कोशिश की। कल्पना सोरेन ने बी अपनी पोस्ट के जरिए बड़े भाई के साथ हेमंत के स्नेह और आदर के रिश्ते का उल्लेख किया। लेकिन सीता सोरेन ने जवाब दिया कि दुर्गा सोरेन के नाम पर लोग घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें। उन्होंने व उनके बच्चों ने मुंह खोला तो भयावह सच्चाई सामने आ जाएगी।

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    कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्